Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

APJ अब्दुल कलाम: मिसाइल मैन और जनता के राष्ट्रपति (UPSC विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)

ISRO, DRDO और परमाणु कार्यक्रम में डॉ. कलाम के योगदान, उनके राष्ट्रपति कार्यकाल और UPSC के लिए उनकी प्रासंगिकता को कवर करने वाला व्यापक गाइड।

डॉ. अवुल पकीर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति, एक विशिष्ट एयरोस्पेस वैज्ञानिक और इक्कीसवीं सदी के सबसे लोकप्रिय सार्वजनिक व्यक्तित्वों में से एक थे। “जनता के राष्ट्रपति” (2002-07) के रूप में सेवा करने से पहले, कलाम ने ISRO, DRDO और परमाणु हथियार कार्यक्रम में ऐतिहासिक योगदान के माध्यम से भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यक्रम की आधारशिला रखी। UPSC के लिए वे GS प्रश्नपत्र III (विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा), नीतिशास्त्र (केस स्टडी, आदर्श व्यक्तित्व) और निबंध प्रश्नपत्रों के लिए एक मौलिक व्यक्तित्व हैं।

प्रारंभिक जीवन और करियर

भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में योगदान

भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-III)

1980 के दशक में भारत विदेशी प्रक्षेपकों पर निर्भर था। कलाम ने SLV-III परियोजना में परियोजना निदेशक के रूप में कार्य किया। 1980 में रोहिणी उपग्रह को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया, जिससे भारत अंतरिक्ष क्लब में शामिल हुआ। यह सफलता भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का एक महत्वपूर्ण पड़ाव थी।

इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP)

1983 में कलाम ने IGMDP की परिकल्पना की और उसका नेतृत्व किया, जिसने पाँच मिसाइल प्रणालियाँ विकसित कीं:

IGMDP ने भारत को मिसाइल प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनाया और कलाम को “मिसाइल मैन ऑफ इंडिया” की उपाधि दिलाई।

पोखरण-II (1998)

कलाम ने ऑपरेशन शक्ति — पोखरण परमाणु परीक्षण श्रृंखला — में मुख्य भूमिका निभाई। इस सफलता के साथ भारत एक परमाणु-सशस्त्र राज्य घोषित हुआ। परीक्षणों के बाद लगाए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों को भारत ने रक्षा और वाणिज्यिक कार्यक्रमों में स्वदेशी क्षमता का निर्माण करके पार किया।

प्रौद्योगिकी विज़न 2020

1998 में कलाम और Y.S. Rajan ने “India 2020” पुस्तक में प्रौद्योगिकी विज़न 2020 प्रस्तुत किया, जिसमें भारत को 2020 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने का रोडमैप दिया गया। इसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे और रणनीतिक उद्योगों में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर जोर था।

राष्ट्रपति के रूप में (2002-2007)

कलाम राष्ट्रपति भवन को “जनता का भवन” मानते थे। उनके कार्यकाल की विशेषताएँ:

पुरस्कार और सम्मान

प्रमुख पुस्तकें

UPSC प्रासंगिकता

GS III के लिए कलाम का योगदान — SLV-III, IGMDP, पोखरण-II — अंतरिक्ष, रक्षा और परमाणु प्रौद्योगिकी के प्रश्नों में सीधे उपयोगी है। नीतिशास्त्र के लिए, वे एक आदर्श सिविल सेवक और नेता के उदाहरण हैं — ईमानदारी, सादगी, दृष्टि और समर्पण के प्रतीक। निबंध में “विज्ञान और समाज”, “युवा नेतृत्व” या “आत्मनिर्भर भारत” जैसे विषयों पर उनका उल्लेख अत्यंत प्रासंगिक है।

सामान्य प्रश्न

APJ अब्दुल कलाम को ‘मिसाइल मैन’ क्यों कहा जाता है?

IGMDP के तहत अग्नि, पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल और नाग मिसाइलों के विकास में उनके नेतृत्व के कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ कहा जाता है।

कलाम को कौन-कौन से पुरस्कार मिले?

उन्हें पद्म भूषण (1981), पद्म विभूषण (1990) और भारत रत्न (1997) से सम्मानित किया गया।

SLV-III क्या था?

SLV-III भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान था। 1980 में इसने रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया।

PURA की अवधारणा क्या है?

PURA (Providing Urban Amenities to Rural Areas) कलाम की परिकल्पना थी जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों को भौतिक, इलेक्ट्रॉनिक और ज्ञान संपर्क देकर ग्रामीण-शहरी विभाजन को पाटने की योजना थी।

कलाम का राष्ट्रपति कार्यकाल कब था?

APJ अब्दुल कलाम 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे।