Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

भारत में ब्रॉडबैंड: परिदृश्य, नीतियाँ और डिजिटल विभाजन (UPSC विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)

भारत में ब्रॉडबैंड के परिदृश्य, ग्रामीण विस्तार, सरकारी योजनाओं जैसे BharatNet, PM-WANI, राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन, 5G विस्तार और 2024-26 के नवीनतम अपडेट को कवर करने वाली UPSC गाइड।

ब्रॉडबैंड वह अदृश्य आधारभूत संरचना है जिस पर आधुनिक भारत चलता है — UPI लेनदेन और आधार प्रमाणीकरण से लेकर टेलीमेडिसिन और DIKSHA कक्षाओं तक। चूँकि यह सामाजिक-आर्थिक विकास, रोजगार और अंतिम छोर तक सेवा वितरण की नींव है, इसलिए ब्रॉडबैंड UPSC सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र III (बुनियादी ढाँचा, डिजिटल अर्थव्यवस्था) और डिजिटल इंडिया पर निबंध प्रश्नपत्रों में बार-बार उठने वाला विषय बन गया है। परीक्षार्थियों को केवल आँकड़े नहीं, बल्कि उन नीतिगत विकल्पों — स्पेक्ट्रम मूल्य निर्धारण, राइट-ऑफ-वे नियम, सैटेलाइट इंटरनेट नियमन — को भी समझना होगा जो तय करते हैं कि ब्रॉडबैंड असमानता को बढ़ाता है या घटाता है।

ब्रॉडबैंड और उसकी श्रेणियाँ

ब्रॉडबैंड (Broadband) का अर्थ है सदैव सक्रिय, उच्च गति वाली इंटरनेट कनेक्टिविटी। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) वर्तमान में ब्रॉडबैंड को 2 Mbps या उससे अधिक की डेटा कनेक्शन के रूप में परिभाषित करता है, हालाँकि इस सीमा को ऊपर संशोधित किए जाने की तैयारी है। तीन प्रमुख वितरण माध्यम हैं:

भारत का ब्रॉडबैंड परिदृश्य

भारत में लगभग 85 करोड़ कनेक्शनों के साथ विश्व के सबसे बड़े ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ता आधारों में से एक है और औसत मासिक मोबाइल डेटा उपयोग 25 GB को पार कर चुका है — जो विश्व स्तर पर प्रति उपयोगकर्ता सर्वाधिक उपभोग में से एक है। 2015 से 2023 के बीच प्रति उपयोगकर्ता डेटा उपभोग 80 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक दर से बढ़ा, जिसे सस्ते स्मार्टफोन, Jio के नेतृत्व में 4G विस्तार और महामारी काल में शिक्षा, कार्य और मनोरंजन के ऑनलाइन होने से बल मिला।

मोबाइल-नेतृत्व वाला बाज़ार

कुल ब्रॉडबैंड कनेक्शनों में से लगभग 98 प्रतिशत मोबाइल ब्रॉडबैंड हैं। 4G अभी भी मुख्य माध्यम है, परंतु 5G — जो अक्टूबर 2022 में वाणिज्यिक रूप से लॉन्च हुआ — 2024 के अंत तक 4,00,000 से अधिक बेस स्टेशनों तक विस्तारित हो चुका है, जिससे भारत उपयोगकर्ताओं की संख्या के आधार पर विश्व का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाज़ार बन गया है।

ग्रामीण विस्तार

पुरानी धारणाओं के विपरीत, डिजिटल विभाजन (Digital Divide) सिकुड़ रहा है। ग्रामीण भारत अब लगभग 45 प्रतिशत ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ताओं और लगभग आधे कुल मोबाइल डेटा उपभोग के लिए जिम्मेदार है। BharatNet जैसी फाइबर-समर्थित परियोजनाओं ने 2 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक कनेक्टिविटी पहुँचाई है।

फिक्स्ड-लाइन की कमी

केवल लगभग 12 प्रतिशत भारतीय परिवारों के पास फिक्स्ड ब्रॉडबैंड है। इनमें से FTTH की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से कम है। सिविल कार्यों की लागत, असीमित मोबाइल डेटा से प्रतिस्पर्धा और उच्च-स्तरीय फिक्स्ड योजनाओं की कमज़ोर माँग — ये सब फिक्स्ड विकास को सीमित करते हैं।

गुणवत्ता में कमी

भारत मोबाइल ब्रॉडबैंड गति में विश्व स्तर पर लगभग 120वें स्थान पर और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में लगभग 70वें स्थान पर है। स्पेक्ट्रम संकुलन, अपर्याप्त फाइबराइजेशन (केवल लगभग 35 प्रतिशत टावर फाइबर-समर्थित हैं), बिजली आपूर्ति व्यवधान और नेटवर्क क्षमता की बाधाएँ — सभी इसमें योगदान करते हैं।

विस्तार में बाधाएँ

वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति

अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) के ICT विकास सूचकांक और Cable.co.uk रैंकिंग में भारत प्रति GB मूल्य निर्धारण में (विश्व में सबसे सस्ते में से एक) बेहतर स्थिति में है, परंतु गति और फिक्स्ड प्रवेश में पिछड़ा है। नीतिगत महत्वाकांक्षा अब सुधर रही है — भारत 6G विज़न अगली पीढ़ी के बदलाव में प्रारंभिक नेतृत्व का लक्ष्य रखता है।

सरकारी कदम

नैतिक और नीतिगत चिंताएँ

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

UPSC प्रासंगिकता

प्रीलिम्स के लिए परीक्षार्थियों को प्रमुख एजेंसी (DoT), मुख्य योजनाएँ (BharatNet, PM-WANI, NBM) और TRAI नियमों के तहत ब्रॉडबैंड की परिभाषा याद रखनी चाहिए। GS III मुख्य परीक्षा के लिए ब्रॉडबैंड बुनियादी ढाँचा, समावेशी विकास, डिजिटल शासन और साइबर सुरक्षा से जुड़ता है। निबंध और नीतिशास्त्र प्रश्नपत्र डिजिटल विभाजन, डेटा संरक्षण और निगरानी की जाँच कर सकते हैं। ब्रॉडबैंड नीति AI और क्वांटम युग में भारत की नेतृत्व क्षमता को भी आकार देती है, जिससे यह विषय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतर्राष्ट्रीय संबंध (ITU, WSIS) और आर्थिक विकास से जुड़ता है।

सामान्य प्रश्न

भारत में ब्रॉडबैंड की TRAI परिभाषा क्या है?

TRAI वर्तमान में ब्रॉडबैंड को 2 Mbps या उससे अधिक की डेटा कनेक्शन के रूप में परिभाषित करता है, हालाँकि इसे ऊपर संशोधित किए जाने की तैयारी है।

BharatNet क्या है?

BharatNet विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण ब्रॉडबैंड कार्यक्रम है जो ऑप्टिकल फाइबर के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों को जोड़ने का लक्ष्य रखता है।

PM-WANI योजना क्या है?

PM-WANI (Wi-Fi Access Network Interface) सार्वजनिक डेटा कार्यालयों द्वारा संचालित सार्वजनिक Wi-Fi हॉटस्पॉट को सक्षम बनाने वाली योजना है।

भारत वैश्विक ब्रॉडबैंड रैंकिंग में कहाँ है?

भारत प्रति GB मूल्य में सर्वश्रेष्ठ में से एक है, परंतु मोबाइल गति में लगभग 120वें और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में लगभग 70वें स्थान पर है।

डिजिटल विभाजन क्या चुनौतियाँ प्रस्तुत करता है?

ग्रामीण-शहरी, लैंगिक और आय संबंधी अंतराल बने हुए हैं। महिलाओं का मोबाइल इंटरनेट उपयोग पुरुषों से 30 प्रतिशत अंक पीछे है और लगभग 40 प्रतिशत भारतीय अभी भी इंटरनेट का सार्थक उपयोग नहीं करते।