भारत में रोजगारविहीन विकास (Jobless Growth) — कारण, प्रभाव और UPSC नोट्स
UPSC के लिए भारत में रोजगारविहीन विकास गाइड: उच्च GDP वृद्धि के बावजूद रोजगार क्यों नहीं बढ़ता, PLFS डेटा, श्रम बाजार संरचना और नीतिगत समाधान।
रोजगारविहीन विकास (Jobless Growth) वह स्थिति है जब किसी अर्थव्यवस्था की GDP तेजी से बढ़ती है, परंतु रोजगार सृजन उसी गति से नहीं होता। भारत में 2000 के दशक से यह एक गंभीर चिंता बनी हुई है — उच्च आर्थिक वृद्धि के बावजूद बड़े पैमाने पर युवा बेरोजगारी बनी रहती है।
रोजगारविहीन विकास के कारण
संरचनात्मक कारण
- पूँजी-गहन (Capital-intensive) विकास: IT, BFSI, दूरसंचार जैसे उच्च-वृद्धि क्षेत्र कम लोगों को रोजगार देते हैं।
- विनिर्माण की कमजोरी: भारत में श्रम-गहन विनिर्माण क्षेत्र (वस्त्र, फुटवियर, इलेक्ट्रॉनिक्स) अपेक्षाकृत छोटा है।
- स्वचालन (Automation): तकनीकी बदलावों से बड़े पैमाने पर रोजगार प्रतिस्थापन।
- अनौपचारिक क्षेत्र का प्रभुत्व: भारत के 93% श्रमिक अनौपचारिक क्षेत्र में हैं, जहाँ कम मजदूरी और असुरक्षा है।
नीतिगत कारण
- कठोर श्रम कानून (Industrial Disputes Act) — बड़े उद्यमों को नियुक्ति से हतोत्साहित करते हैं।
- कौशल बेमेल (Skill Mismatch) — शिक्षा प्रणाली और उद्योग की माँग में खाई।
- MSME क्षेत्र को पर्याप्त समर्थन का अभाव।
PLFS डेटा और रोजगार स्थिति
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey — PLFS) के अनुसार:
- श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में बहुत कम है।
- 15-29 वर्ष आयु वर्ग में बेरोजगारी दर (UPSS आधार) 10-12% के आसपास।
- शहरी बेरोजगारी ग्रामीण से अधिक।
समाधान की दिशा
| नीति | अपेक्षित प्रभाव |
|---|---|
| श्रम सुधार (श्रम संहिताएँ 2020) | नियुक्ति और समाप्ति में लचीलापन; औपचारिकीकरण |
| PLI योजनाएँ | विनिर्माण में उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन; रोजगार सृजन |
| स्किल इंडिया मिशन | कौशल बेमेल कम करना |
| MSME समर्थन | छोटे उद्यमों में रोजगार वृद्धि |
| कृषि-व्यापार विविधीकरण | ग्रामीण गैर-कृषि रोजगार |
UPSC के लिए प्रासंगिकता
GS III में रोजगारविहीन विकास भारतीय अर्थव्यवस्था, श्रम बाजार, औद्योगिक नीति और समावेशी विकास के अंतर्गत आता है। श्रम बल भागीदारी दर, बेरोजगारी के प्रकार (संरचनात्मक, चक्रीय, छिपी), और श्रम संहिताएँ 2020 — ये सभी परीक्षा में बारम्बार पूछे जाते हैं।