Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

भारत में रोजगारविहीन विकास (Jobless Growth) — कारण, प्रभाव और UPSC नोट्स

UPSC के लिए भारत में रोजगारविहीन विकास गाइड: उच्च GDP वृद्धि के बावजूद रोजगार क्यों नहीं बढ़ता, PLFS डेटा, श्रम बाजार संरचना और नीतिगत समाधान।

रोजगारविहीन विकास (Jobless Growth) वह स्थिति है जब किसी अर्थव्यवस्था की GDP तेजी से बढ़ती है, परंतु रोजगार सृजन उसी गति से नहीं होता। भारत में 2000 के दशक से यह एक गंभीर चिंता बनी हुई है — उच्च आर्थिक वृद्धि के बावजूद बड़े पैमाने पर युवा बेरोजगारी बनी रहती है।

रोजगारविहीन विकास के कारण

संरचनात्मक कारण

नीतिगत कारण

PLFS डेटा और रोजगार स्थिति

आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (Periodic Labour Force Survey — PLFS) के अनुसार:

समाधान की दिशा

नीतिअपेक्षित प्रभाव
श्रम सुधार (श्रम संहिताएँ 2020)नियुक्ति और समाप्ति में लचीलापन; औपचारिकीकरण
PLI योजनाएँविनिर्माण में उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन; रोजगार सृजन
स्किल इंडिया मिशनकौशल बेमेल कम करना
MSME समर्थनछोटे उद्यमों में रोजगार वृद्धि
कृषि-व्यापार विविधीकरणग्रामीण गैर-कृषि रोजगार

UPSC के लिए प्रासंगिकता

GS III में रोजगारविहीन विकास भारतीय अर्थव्यवस्था, श्रम बाजार, औद्योगिक नीति और समावेशी विकास के अंतर्गत आता है। श्रम बल भागीदारी दर, बेरोजगारी के प्रकार (संरचनात्मक, चक्रीय, छिपी), और श्रम संहिताएँ 2020 — ये सभी परीक्षा में बारम्बार पूछे जाते हैं।