Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

भू-स्थानिक डेटा और GIS: राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 और UPSC विज्ञान-प्रौद्योगिकी नोट्स

भारत में भू-स्थानिक डेटा और GIS — राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022, सर्वे ऑफ इंडिया, निजी मानचित्रण, CORS, DEM, UPSC GS III नोट्स।

हर वह डिलीवरी ऐप जो आपका घर ढूँढती है, हर वह आपदा अलर्ट जो सही जिले तक पहुँचता है, हर वह PM Gati Shakti परियोजना जो समय पर स्वीकृत होती है — सब एक कच्चे माल पर निर्भर हैं: भू-स्थानिक डेटा (Geospatial Data)। 2021 तक, इस डेटा का उत्पादन और वितरण किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था में सबसे अधिक विनियमित गतिविधियों में से एक था। फरवरी 2021 में सरकार ने भू-स्थानिक क्षेत्र को उदार बनाया और दिसंबर 2022 में राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति (NGP) 2022 अधिसूचित की। UPSC GS III के लिए यह विषय विज्ञान, शासन, अवसंरचना, राष्ट्रीय सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था का संगम है।

भू-स्थानिक डेटा क्या है?

भू-स्थानिक डेटा (Spatial Data) वह डेटा है जो पृथ्वी की सतह पर या उसके निकट किसी वस्तु, घटना या परिघटना का स्थान-सहित विवरण देता है। हर रिकॉर्ड में दो भाग होते हैं:

तीन मूलभूत प्रौद्योगिकियाँ:

राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 — मुख्य बिंदु

उद्देश्य

उदारीकरण के कदम

भूमिकाएँ और जिम्मेदारियाँ

भू-स्थानिक डेटा के अनुप्रयोग

शासन और अवसंरचना

कृषि

आपदा प्रबंधन

पर्यावरण और जलवायु

अर्थव्यवस्था और निजी क्षेत्र

रक्षा और सुरक्षा

भारत का भू-स्थानिक डेटा पारितंत्र

उदारीकरण के लाभ

चिंताएँ

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

UPSC प्रासंगिकता

प्रारंभिक परीक्षा: राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022; नोडल: DST; SOI — राष्ट्रीय सीमाओं का संरक्षक; GDPDC; Bhuvan — ISRO; DEM लक्ष्य: 2030।

मुख्य परीक्षा (GS III): “राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 को डिजिटल अर्थव्यवस्था के चालक के रूप में विश्लेषण करें।” | “भू-स्थानिक डेटा के उदारीकरण को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ संतुलित करना।” | “PM Gati Shakti में भू-स्थानिक डेटा की भूमिका।”

भू-स्थानिक डेटा वह अवसंरचना है जो सभी अवसंरचनाओं के नीचे है। NGP 2022 ने नियम फिर से लिखे; अगले पाँच वर्ष कैडस्ट्रल, एलिवेशन और इमेजरी स्टैक बनाने के बारे में हैं जो राशन कार्ड से लेकर रॉकेट लॉन्च तक सब कुछ संचालित करते हैं।

सामान्य प्रश्न

राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 क्या है?

दिसंबर 2022 में अधिसूचित NGP 2022 भारत में भू-स्थानिक डेटा उत्पादन और वितरण को उदार बनाती है। भारतीय निजी कंपनियाँ उच्च-रिज़ॉल्यूशन मानचित्र बना सकती हैं। DST नोडल विभाग है, SOI सीमाओं का संरक्षक। 2030 तक देशव्यापी DEM का लक्ष्य।

CORS नेटवर्क क्या है?

CORS (Continuously Operating Reference Stations) — SOI द्वारा संचालित स्थायी GPS/GNSS संदर्भ स्टेशनों का नेटवर्क जो सेंटीमीटर-स्तर की स्थितिगत सटीकता प्रदान करता है। यह सर्वेक्षण, निर्माण और भू-स्थानिक अनुप्रयोगों की नींव है।

PM Gati Shakti में GIS की क्या भूमिका है?

PM Gati Shakti राष्ट्रीय मास्टर प्लान एकल GIS परत पर रेलवे, राजमार्ग, बंदरगाह, विद्युत और दूरसंचार को एकीकृत करता है। इससे अवसंरचना परियोजनाओं की समन्वित योजना, मंजूरी और निष्पादन में तेजी आती है।

भू-स्थानिक डेटा उदारीकरण से क्या जोखिम हैं?

मुख्य चिंताएँ: उच्च-रिज़ॉल्यूशन मानचित्रों से गोपनीयता उल्लंघन; सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा; बड़ी तकनीकी कंपनियों का डेटा एकाधिकार; छोटे खिलाड़ियों के लिए डिजिटल विभाजन। DPDP अधिनियम 2023 आंशिक समाधान प्रदान करता है।