Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

भूजल प्रदूषण — कारण, स्वास्थ्य प्रभाव और UPSC नोट्स

भारत में ग्रामीण पेयजल का 85% और 60% से अधिक सिंचाई भूजल पर निर्भर है। आर्सेनिक, फ्लोराइड, नाइट्रेट और भारी धातुओं से इसका प्रदूषण एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट है।

भारत में ग्रामीण पेयजल का लगभग 85% और 60% से अधिक सिंचाई भूजल पर निर्भर है। अर्थात् जलभृत (aquifer) का प्रदूषण पर्यावरणीय समस्या से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल है। दशकों के औद्योगिक अपशिष्ट निर्वहन, लैंडफिल रिसाव और उर्वरकों-कीटनाशकों के विसरित रिसाव ने बड़े भूभाग में आर्सेनिक, फ्लोराइड, नाइट्रेट, लोहा, यूरेनियम और भारी धातुओं को सुरक्षित सीमाओं से परे धकेल दिया है। UPSC के लिए यह विषय GS-III (पर्यावरण, प्रदूषण, स्वास्थ्य) और GS-II (शासन, कल्याण योजनाएँ) के संगम पर है।

भूजल प्रदूषण क्या है?

भूजल प्रदूषण भूमिगत जलभृतों में रासायनिक, जैविक या विकिरणधर्मी पदार्थों की उपस्थिति है — ऐसी सांद्रता में जो पेयजल, सिंचाई या पारिस्थितिकी तंत्र के लिए असुरक्षित बना दे। भूजल सतही जल की तुलना में धीरे-धीरे पुनर्भरण होता है; एक बंद जलभृत में प्रवेश करने वाला प्रदूषक दशकों तक बना रह सकता है।

केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) ~15,000 अवलोकन कुओं के माध्यम से वार्षिक रासायनिक गुणवत्ता मापन करता है। भारतीय मानक ब्यूरो (IS 10500:2012) अनुमत सीमाएँ निर्धारित करता है — नाइट्रेट (45 mg/l), फ्लोराइड (1.0 mg/l), आर्सेनिक (0.01 mg/l)।

भूजल प्रदूषण के मुख्य स्रोत

भूवैज्ञानिक प्रदूषण (Geogenic Contamination)

मानवीय प्रदूषण (Anthropogenic Contamination)

प्रदूषित भूजल के स्वास्थ्य प्रभाव

निगरानी और नियमन

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

UPSC प्रासंगिकता

प्रीलिम्स: BIS पेयजल मानक; CGWB, CGWA, CPCB; अटल भूजल योजना, जल जीवन मिशन, NAQUIM; प्रदूषण का भूगोल — गांगेय मैदानों में आर्सेनिक, दक्कन में फ्लोराइड, उत्तर-पश्चिम में यूरेनियम।

मेन्स GS-III: भूजल प्रदूषण के कारण, निगरानी ढाँचे की कमियाँ, अटल भूजल योजना की प्रभावशीलता, सार्वजनिक स्वास्थ्य लागत। SDG 6 (स्वच्छ जल), अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार), मिहिर शाह समिति सिफारिशें और NITI Aayog का जल प्रबंधन सूचकांक — ये सभी इस विषय से जुड़ते हैं।

सामान्य प्रश्न

भारत में भूजल प्रदूषण के मुख्य कारण क्या हैं?

भूवैज्ञानिक कारण: आर्सेनिक (गांगेय मैदान), फ्लोराइड (20 राज्य), यूरेनियम (राजस्थान, पंजाब)। मानवीय कारण: औद्योगिक अपशिष्ट, अत्यधिक उर्वरक से नाइट्रेट, लैंडफिल रिसाव, अधिक दोहन से समुद्र-जल घुसपैठ।

अटल भूजल योजना क्या है?

2019 में शुरू, यह योजना 7 राज्यों के 8,220 जलग्राम पंचायतों में सामुदायिक नेतृत्व वाले जलभृत प्रबंधन को समर्थन देती है। निधि का वितरण मापनीय भूजल सुधार से जुड़ा है।

फ्लोरोसिस किन क्षेत्रों में गंभीर समस्या है?

फ्लोराइड प्रदूषण 20 राज्यों को प्रभावित करता है — राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में गंभीर हॉटस्पॉट हैं। अनुमानित 6.6 करोड़ भारतीय फ्लोरोसिस के जोखिम में हैं।