सीसैट में निर्णय-निर्माण (Decision Making) प्रश्न: प्रकार और रणनीति
सीसैट निर्णय-निर्माण प्रश्न: यूपीएससी के नमूना परिदृश्य, 4-स्तंभ ढाँचा, इस खंड के बंद होने का कारण तथा जीएस-IV मुख्य परीक्षा के लिए इसकी वर्तमान प्रासंगिकता।
निर्णय-निर्माण (Decision Making) के प्रश्न कभी सीसैट (CSAT) की नियमित विशेषता थे, 2011 से 2016 के बीच प्रति प्रश्नपत्र 5 से 8 प्रश्न पूछे जाते थे। सीसैट के लिए अनूठे इन प्रश्नों में नकारात्मक अंकन नहीं होता था और ये काल्पनिक परिदृश्यों में प्रशासनिक निर्णय-क्षमता की परख करते थे। 2017 से निर्णय-निर्माण खंड लगभग बंद कर दिया गया है, परंतु इसका स्वरूप समझना साक्षात्कार की तैयारी तथा पुराने प्रश्नपत्रों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है।
निर्णय-निर्माण प्रश्न क्या हैं?
निर्णय-निर्माण प्रश्न ऐसा परिदृश्य प्रस्तुत करता है जहाँ अभ्यर्थी को प्रशासनिक भूमिका में रखा जाता है — प्रायः ज़िला मजिस्ट्रेट, उप-मंडलाधिकारी (SDM) या विभागीय अधिकारी। अभ्यर्थी को चार या पाँच दिए गए विकल्पों में से ‘सर्वश्रेष्ठ’ कार्यवाही चुननी होती है। यूपीएससी ने स्पष्ट कहा है कि कोई एकमात्र सही उत्तर नहीं होता — न्यूनतम उपयुक्त विकल्प को छोड़कर सभी विकल्पों में आंशिक अंक मिलते थे; सबसे कम उपयुक्त में शून्य।
मानक परिदृश्यों के प्रकार

- कानून-व्यवस्था: दंगा, प्रदर्शन या सांप्रदायिक स्थिति।
- कल्याणकारी वितरण: सूखा राहत, अकाल, बाढ़ प्रबंधन।
- भ्रष्टाचार: अधीनस्थ कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेना।
- नैतिक दुविधाएँ: राजनीतिक दबाव, व्यक्तिगत बनाम कार्यालयी कर्तव्य।
- जन-संवाद: वीआईपी माँगें, मीडिया-प्रबंधन।
आदर्श निर्णय-निर्माण ढाँचा
यूपीएससी उन निर्णयों को महत्व देता है जो चार स्तंभों को संतुलित करते हैं:
- वैधता: क्या कार्यवाही नियम-पुस्तिका के भीतर है?
- व्यावहारिकता: क्या इसे अभी लागू किया जा सकता है?
- प्रभावशीलता: क्या यह समस्या का समाधान करती है?
- नैतिकता: क्या यह न्यायसंगत, पारदर्शी और संवेदनशील है?
नमूना निर्णय-निर्माण प्रश्न (CSAT 2014)
आप तहसीलदार हैं। आकस्मिक बाढ़ से विस्थापित ग्रामीणों का एक समूह भोजन और आश्रय की माँग करते हुए ब्लॉक कार्यालय के सामने एकत्र हो गया है। आप अकेले हैं, कोई अधीनस्थ स्टाफ़ नहीं है। आपकी सर्वाधिक उपयुक्त प्रतिक्रिया क्या होगी?
- (क) ज़िला कलेक्टर को सूचित करें और निर्देशों की प्रतीक्षा करें।
- (ख) स्थानीय संसाधनों से तत्काल भोजन और आश्रय की व्यवस्था करें और उसके बाद उच्च अधिकारियों को सूचित करें।
- (ग) ग्रामीणों को कल तक प्रतीक्षा करने को कहें।
- (घ) ग्रामीणों को निकटतम थाने भेज दें।
सर्वश्रेष्ठ उत्तर: (ख)। मानवीय आधार पर तत्काल कार्रवाई आवश्यक है। राहत प्रदान करने के बाद वरिष्ठों को सूचित करना वैधता और संवेदना का संतुलन बनाता है। (क) विलंबकारी है; (ग) संवेदनहीन है; (घ) समस्या को टालता है।
‘सर्वश्रेष्ठ उत्तर’ को निर्देशित करने वाले यूपीएससी के सिद्धांत
- कागज़ी कार्य से पहले जनता को प्राथमिकता दें।
- विधिक अधिकार के भीतर रहते हुए पहल दिखाएँ।
- कठोरता के स्थान पर संवेदना।
- पारदर्शिता — कार्रवाई के बाद वरिष्ठों को सूचित करें।
- उत्तरदायित्व टालने से बचें।
निर्णय-निर्माण खंड क्यों बंद किया गया

यूपीएससी को यह आलोचना झेलनी पड़ी कि निर्णय-निर्माण खंड विषयपरक था और विश्लेषणात्मक कौशल के स्थान पर ‘राजनीतिक रूप से सही’ उत्तरों को पुरस्कृत करता था। 2017 से यह खंड प्रभावी रूप से हटा दिया गया; पूरे प्रश्न-सेट के स्थान पर कभी-कभार एकल नैतिक परिदृश्य आने लगे। 2022 तक निर्णय-निर्माण सीसैट से पूरी तरह लुप्त हो गया।
क्या निर्णय-निर्माण की परख अब भी कहीं होती है?
- सीसैट में नहीं (2022 के बाद)।
- हाँ, नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति (मुख्य परीक्षा का जीएस पेपर IV) में।
- हाँ, यूपीएससी व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) में।
- हाँ, मुख्य परीक्षा जीएस-IV की केस-स्टडी शैली के प्रश्नों में (125 अंक)।
जीएस-IV में परखे जाने वाले निर्णय-निर्माण के प्रकार
| परिदृश्य का प्रकार | सामान्य केस स्टडी |
|---|---|
| हितों का टकराव | सरकारी ठेके में मित्र/रिश्तेदार शामिल |
| ह्विसलब्लोइंग | वरिष्ठ द्वारा धोखाधड़ी |
| संसाधन आवंटन | सीमित टीके, अनेक दावेदार |
| पारदर्शिता | संवेदनशील सूचना मीडिया को देना |
| व्यक्तिगत बनाम पेशेवर | कर्तव्य-संकट के समय पारिवारिक आपात स्थिति |
निर्णय-निर्माण का अभ्यास कैसे करें
- CSAT 2011 से 2016 तक के प्रश्नपत्रों के निर्णय-निर्माण खंडों का अध्ययन करें।
- प्रत्येक परिदृश्य के लिए 2 से 3 वाक्यों में अपना उत्तर लिखें।
- ClearIAS या Insights के आदर्श उत्तरों से तुलना करें।
- 4-स्तंभ ढाँचा प्रयोग करें (वैधता, व्यावहारिकता, प्रभावशीलता, नैतिकता)।
निर्णय-निर्माण उत्तरों में उपयोगी वाक्यांश
- ‘कार्रवाई करने से पूर्व मैं तत्काल जोखिम का आकलन करूँगा/करूँगी।’
- ‘उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए मैं यह भी सुनिश्चित करूँगा/करूँगी कि मानवीय चिंताओं को संबोधित किया जाए।’
- ‘वरिष्ठ अधिकारियों को बिना विलंब सूचित करना आवश्यक है, परंतु तत्काल राहत प्रतीक्षा नहीं कर सकती।’
- ‘विधिक प्रावधानों का सम्मान अनिवार्य है, परंतु उनके निष्पादन का तरीक़ा संवेदना से निर्देशित होगा।’
सामान्य ग़लतियाँ
- हर जोखिम से बचने वाला ‘सबसे सुरक्षित’ उत्तर चुनना (प्रायः निष्क्रिय)।
- वैधता के बिना ‘सबसे नाटकीय’ कार्रवाई चुनना।
- संस्थागत पदानुक्रम की उपेक्षा करना।
- कार्य करना भूल जाना — केवल विचार-विमर्श निर्णय नहीं है।
मुख्य निष्कर्ष
यद्यपि निर्णय-निर्माण अब सीसैट में नहीं पूछा जाता, इसकी तर्क-प्रणाली जीएस-IV केस स्टडीज़ और साक्षात्कार को संचालित करती है। 4-स्तंभ ढाँचे में निपुणता प्राप्त करें — यह मुख्य परीक्षा और व्यक्तित्व परीक्षण दोनों में लाभकारी होगा। केवल सीसैट के लिए निर्णय-निर्माण पर अत्यधिक समय न लगाएँ — यह अब नहीं आएगा।
सामान्य प्रश्न
क्या निर्णय-निर्माण अब भी सीसैट में पूछा जाता है?
नहीं। 2017 से निर्णय-निर्माण सीसैट में प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है और 2022 के बाद से पूरी तरह अनुपस्थित है। आपकी तैयारी का केंद्र पठन-बोध, तर्कशक्ति और गणित होना चाहिए।
अब निर्णय-निर्माण की परख कहाँ होती है?
मुख्य परीक्षा के जीएस पेपर IV (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति) में 125 अंकों की केस स्टडी के रूप में तथा यूपीएससी व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार) में परिस्थितिजन्य प्रश्नों के रूप में।
क्या निर्णय-निर्माण में नकारात्मक अंकन था?
नहीं। जब निर्णय-निर्माण सीसैट का भाग था, तब सबसे ख़राब विकल्प को छोड़कर सभी विकल्पों पर आंशिक अंक मिलते थे; सबसे ख़राब पर शून्य। नकारात्मक अंकन नहीं था, जिसके कारण यह अधिकांश अभ्यर्थियों के लिए ‘निःशुल्क अंकों’ का खंड था।
निर्णय-निर्माण प्रश्न का दृष्टिकोण क्या होना चाहिए?
4-स्तंभ ढाँचा अपनाएँ: क्या यह वैध है? क्या यह व्यावहारिक है? क्या यह प्रभावी है? क्या यह नैतिक है? सर्वश्रेष्ठ उत्तर चारों को संतुलित करता है। अत्यधिक निष्क्रियता और अत्यधिक नायकत्व, दोनों से बचें।
क्या पुराने सीसैट प्रश्नपत्रों से निर्णय-निर्माण पढ़ना चाहिए?
हाँ, यदि आप जीएस-IV मुख्य परीक्षा अथवा साक्षात्कार की तैयारी कर रहे हैं। परिस्थितिजन्य तर्क समान है। केवल सीसैट के लिए इन खंडों को छोड़ दें — 2025 या 2026 में ये नहीं आएँगे।