सीसैट में प्रायिकता एवं क्रमचय-संचय (Probability & Permutation-Combination)
सीसैट की प्रायिकता और क्रमचय-संचय मार्गदर्शिका — गणना-सिद्धांत, nCr और nPr सूत्र, पासा, ताश और यूपीएससी प्रीलिम्स के लिए 'कम-से-कम-एक' शॉर्टकट।
प्रायिकता (Probability) और क्रमचय-संचय (Permutation-Combination या P&C) मिलकर सीसैट में अधिकांश वर्षों में 1 से 3 प्रश्न लाते हैं, जिनका मूल्य 2.5 से 7.5 अंक होता है। ये प्रश्न कई अभ्यर्थियों को भयभीत करते हैं, परंतु सीसैट इनकी कठिनाई को बुनियादी गणना-सिद्धांतों और सरल प्रायिकता तक सीमित रखता है। यह मार्गदर्शिका अवश्य-जानने योग्य अवधारणाएँ, सूत्र और हल-किए-हुए उदाहरण प्रस्तुत करती है।
गणना का मूल सिद्धांत (Fundamental Principle of Counting)
यदि एक घटना ‘m’ तरीकों से हो सकती है और दूसरी ‘n’ तरीकों से, तो दोनों घटनाएँ मिलकर m × n तरीकों से होती हैं (AND नियम)। यदि दोनों में से कोई एक घटना होती है, तो यह m + n तरीके हैं (OR नियम)।
उदाहरण
एक रेस्तराँ में 4 स्टार्टर, 6 मुख्य व्यंजन और 3 मिठाइयाँ हैं। कितने प्रकार के 3-कोर्स भोजन संभव हैं?
हल: 4 × 6 × 3 = 72 भोजन।
क्रमचय (Permutations): क्रम महत्वपूर्ण है

nPr = n! / (n-r)! — n अलग-अलग वस्तुओं में से r वस्तुओं को व्यवस्थित करने के तरीक़ों की संख्या।
- 5P3 = 5! / 2! = 5 × 4 × 3 = 60।
- सभी n वस्तुओं को व्यवस्थित करना: n! (जैसे 5! = 120)।
- n वस्तुओं की वृत्तीय व्यवस्था: (n-1)!।
- यदि वस्तुएँ दोहराई जाती हों: n! / (p! × q! × …), जहाँ p, q दोहराई जाने वाली वस्तुओं की गिनती है।
उदाहरण
‘INDIA’ शब्द के अक्षरों से कितनी भिन्न व्यवस्थाएँ बनाई जा सकती हैं?
हल: कुल अक्षर = 5 (I, N, D, I, A)। अक्षर I दो बार आता है। व्यवस्थाएँ = 5! / 2! = 120 / 2 = 60।
संचय (Combinations): बिना क्रम के चयन
nCr = n! / (r! × (n-r)!) — n में से r वस्तुओं को चुनने के तरीक़ों की संख्या।
- 5C3 = 10।
- nC0 = nCn = 1।
- nCr = nC(n-r) — सममिति।
- सभी संचयों का योग: 2^n।
उदाहरण
8 पुरुषों और 4 महिलाओं में से 3 सदस्यों की एक समिति चुननी है, जिसमें कम-से-कम 1 महिला हो। कितनी समितियाँ संभव हैं?
हल: कुल = 12C3 – (0 महिला वाली समितियाँ) = 220 – 8C3 = 220 – 56 = 164 समितियाँ।
प्रायिकता की मूल बातें

P(घटना) = अनुकूल परिणाम / कुल परिणाम। प्रायिकता का मान सदैव 0 और 1 के बीच होता है।
मुख्य नियम
- P(A या B) = P(A) + P(B) – P(A और B)।
- परस्पर अपवर्जी (mutually exclusive) घटनाओं के लिए, P(A और B) = 0।
- स्वतंत्र (independent) घटनाओं के लिए, P(A और B) = P(A) × P(B)।
- P(पूरक) = 1 – P(घटना)।
उदाहरण 1: पासा
दो पासे फेंके जाते हैं। योग 7 आने की प्रायिकता क्या है?
हल: कुल परिणाम = 36। योग 7 के लिए अनुकूल युग्म: (1,6), (2,5), (3,4), (4,3), (5,2), (6,1) = 6 परिणाम। P = 6/36 = 1/6।
उदाहरण 2: ताश
52 ताश की गड्डी में से एक पत्ता निकाला जाता है। इसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि वह बादशाह (king) हो या लाल पत्ता हो।
हल: P(King) = 4/52। P(Red) = 26/52। P(Red King) = 2/52। P(King या Red) = 4/52 + 26/52 – 2/52 = 28/52 = 7/13।
स्मरण-योग्य मानक प्रायिकता मान
| घटना | प्रायिकता |
|---|---|
| सिक्के पर चित (head) आना | 1/2 |
| पासे पर 6 आना | 1/6 |
| गड्डी से इक्का (ace) निकालना | 4/52 = 1/13 |
| लाल पत्ता निकालना | 26/52 = 1/2 |
| पान (heart) निकालना | 13/52 = 1/4 |
| दो पासों का योग 7 | 6/36 = 1/6 |
| दो पासों का योग 12 | 1/36 |
P&C के सामान्य जाल
- क्रमचय (क्रम महत्वपूर्ण) को संचय (क्रम महत्वपूर्ण नहीं) से भ्रमित करना।
- ‘कम-से-कम एक’ = 1 – P(कोई नहीं) शॉर्टकट भूल जाना।
- व्यवस्थाओं में पुनरावृत्ति छूट जाना (INDIA → 2! से भाग दीजिए)।
- एक ही घटना को दो बार गिनना (परस्पर अपवर्जिता का उल्लंघन)।
‘कम-से-कम’ शॉर्टकट
जब प्रश्न ‘कम-से-कम 1’ या ‘कम-से-कम 2’ पूछे, तो पूरक (यानी ‘कोई नहीं’ या ‘k से कम’) की गणना कीजिए और 1 में से घटाइए। यह लगभग हमेशा तेज़ होता है।
उदाहरण
तीन पासे फेंके जाते हैं। कम-से-कम एक 6 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।
हल: P(कोई 6 नहीं) = (5/6)³ = 125/216। P(कम-से-कम एक 6) = 1 – 125/216 = 91/216।
अभ्यास-क्रम
Quantitative Aptitude — R.S. Aggarwal (2026–27 संशोधित)
- अंकगणित और data interpretation की मानक अभ्यास पुस्तक
- बुनियाद से परीक्षा-स्तर तक क्रमबद्ध exercises
- CSAT के लिए ज़रूरत से कहीं ज़्यादा सवाल
- सप्ताह 1: गणना-सिद्धांत, क्रमगुणित (factorial), बुनियादी nPr और nCr।
- सप्ताह 2: प्रायिकता की मूल बातें, पासा, सिक्के, ताश।
- सप्ताह 3: मिश्रित शब्द-समस्याएँ।
- सप्ताह 4: विगत वर्षों के सीसैट P&C प्रश्न।
परीक्षा रणनीति
P&C के प्रश्न या तो सीधे होते हैं (30 सेकंड में हल) या जाल से भरे (2+ मिनट)। यदि 45 सेकंड में आपको स्पष्ट मार्ग न दिखे, तो चिह्नित कीजिए और आगे बढ़िए। कभी अनुमान मत लगाइए — 1/3 ऋणात्मक अंकन अनुमानों को कठोरता से दंडित करता है।
मुख्य निष्कर्ष
गणना-सिद्धांत और ‘कम-से-कम’ शॉर्टकट में महारत हासिल कीजिए। केवल इन्हीं दो उपकरणों से आप सीसैट के 60% P&C प्रश्न हल कर सकते हैं। अति-तैयारी मत कीजिए — P&C कम-भार वाला खंड है, और समय RC (पठन-बोध) और QA (मात्रात्मक योग्यता) पर अधिक लगाना बेहतर है।
सामान्य प्रश्न
सीसैट में प्रायिकता के कितने प्रश्न आते हैं?
आमतौर पर प्रति वर्ष 1 से 2 प्रायिकता या क्रमचय-संचय के प्रश्न, जिनका मूल्य 2.5 से 5 अंक होता है। अधिक-भार वाले नहीं, परंतु यदि मूल बातें आती हों तो ये प्रायः सबसे सरल मात्रात्मक प्रश्न होते हैं।
क्रमचय और संचय में क्या अंतर है?
क्रमचय (permutation) में व्यवस्था शामिल होती है, जहाँ क्रम महत्वपूर्ण है (जैसे बैठने के स्थान)। संचय (combination) बिना क्रम के चयन है (जैसे समिति चुनना)। nPr व्यवस्थित करता है; nCr चुनता है।
सीसैट की प्रायिकता कितनी कठिन होती है?
कक्षा X स्तर की। यूपीएससी सशर्त प्रायिकता, बेयस प्रमेय (Bayes’ theorem) या जटिल बंटनों से प्रश्न नहीं पूछता। पासा, सिक्के, ताश, थैले में गेंदों और बुनियादी गणना पर ध्यान दीजिए।
क्या मुझे प्रायिकता के सूत्र याद करने होंगे?
कुछ: P(A या B) = P(A) + P(B) – P(A और B); P(स्वतंत्र घटनाएँ) = P(A) × P(B); P(कम-से-कम 1) = 1 – P(कोई नहीं)। nCr और nPr के साथ मिलकर ये 90% प्रश्न हल कर देते हैं।
क्या मुझे P&C पर बहुत समय लगाना चाहिए?
नहीं। P&C अधिकतम 7.5 अंक देता है। मूल बातें सीखने और 40 प्रश्न हल करने में 8 से 10 घंटे लगाइए। उसके बाद प्रतिफल तेज़ी से घटता है; समय RC और प्रतिशत पर लगाइए।
