Anantam IASHindi Note · 4 May 2026

दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय प्रवासी समुदाय: मलेशिया, सिंगापुर और UPSC नोट्स (अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) में भारतीय प्रवासी (Diaspora) — मलेशिया, सिंगापुर, म्यांमार, इंडोनेशिया, थाईलैंड में आकार, ऐतिहासिक जड़ें, Act East नीति, ASEAN-भारत शिखर 2024 और UPSC GS-II प्रासंगिकता।

दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) भारतीय प्रवासी समुदाय की सबसे गहरी ऐतिहासिक परतों में से एक को आश्रय देता है। यह सम्बंध आधुनिक प्रवास से कहीं पहले के सभ्यतागत आदान-प्रदान से जुड़ा है, फिर औपनिवेशिक इंडेन्चर (indenture) और कंगानी (Kangani) प्रणाली से नया रूप पाया, और अंततः IT तथा पेशेवर प्रवास की नई लहर से पुनर्जीवित हुआ। यह क्षेत्र भारत की एक्ट-ईस्ट नीति (Act East policy) और ASEAN-केंद्रित इंडो-पैसिफ़िक दृष्टि का केंद्रीय बिंदु भी है। UPSC GS-II के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवासी समुदाय इतिहास, एक्ट-ईस्ट, ASEAN और आर्थिक कूटनीति को एक सूत्र में बांधता है।

इस लेख में हम क्षेत्र का देश-वार प्रवासी मानचित्र, ऐतिहासिक प्रवास-धाराएँ, मलेशिया-सिंगापुर-म्यांमार के विशिष्ट अनुभव, ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन 2024, चुनौतियाँ और 2024-26 के नवीनतम घटनाक्रमों की समीक्षा करेंगे।

आकार और वितरण (2024-25)

देशभारतीय-मूल जनसंख्याहिस्सा
मलेशिया~21 लाख~7.4%
सिंगापुर~6,50,000 (निवासी + PR)~9-10%
म्यांमार~11 लाख~2%
थाईलैंड~2,75,000~0.4%
इंडोनेशिया~1,20,000~0.04%
वियतनाम~10,000नगण्य
फिलीपींस~1,20,000~0.1%
ब्रुनेई~14,000~3%
कंबोडिया, लाओसछोटे समुदाय
तिमोर-लेस्तेछोटा समुदाय

ये आँकड़े दर्शाते हैं कि दक्षिण-पूर्व एशिया का प्रवासी मानचित्र मलेशिया और सिंगापुर के इर्द-गिर्द केंद्रित है। म्यांमार में जनसंख्या ऐतिहासिक रूप से बहुत बड़ी थी पर 1962-66 के राष्ट्रीयकरण के बाद घट गई।

ऐतिहासिक जड़ें

दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के सम्बंध की तीन गहरी परतें हैं:

  1. सभ्यतागत (प्राचीन): मंदिर, संस्कृत नाम, साझा हिंदू-बौद्ध विरासत — अंगकोर वाट (कंबोडिया), बोरोबुदुर (इंडोनेशिया), प्रम्बानन, बागान (म्यांमार), थाई रामकीयन, बाली का हिंदू धर्म।
  2. औपनिवेशिक (19वीं-20वीं शताब्दी): ब्रिटिश और डच औपनिवेशिक प्रशासनों ने भारतीयों को अनेक माध्यमों से लाया।
  1. 1947 के बाद और 1990 के बाद का प्रवास:

इन तीनों परतों का सम्मिलित प्रभाव यह है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ (soft power) केवल कूटनीतिक नहीं — सांस्कृतिक स्मृति और जीवंत समुदाय दोनों के रूप में मौजूद है। यह विशेषता इस क्षेत्र को खाड़ी या उत्तरी अमेरिका के प्रवासी मॉडलों से अलग बनाती है।

मलेशिया — तमिल केंद्र

मलेशिया का तमिल समुदाय भारत के लिए विशेष रणनीतिक महत्व रखता है — यह तमिलनाडु से भाषाई और सांस्कृतिक सेतु है, और साथ ही बहुसांस्कृतिक मलेशिया में अल्पसंख्यक चुनौतियों का जीवंत उदाहरण। तमिल माध्यम स्कूल (Tamil-medium schools) मलेशिया में अब भी सक्रिय हैं — एक उल्लेखनीय भाषाई संरक्षण।

सिंगापुर — योग्यतावादी सफलता की कहानी

सिंगापुर भारत के लिए मॉडल और आधार दोनों है। तमाम आर्थिक सहयोग का केंद्र, IT और फिनटेक की भारत-सिंगापुर साझेदारी (UPI-PayNow लिंक 2023), और रणनीतिक नौसैनिक अभ्यास (SIMBEX, Singapore-India Maritime Bilateral Exercise) — सब इसी रिश्ते की उपज हैं।

म्यांमार — क्षीण विरासत

इंडोनेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस

रणनीतिक और आर्थिक महत्व

  1. एक्ट-ईस्ट नीति (Act East policy) का आधार-स्तंभ — ASEAN 2012 से भारत का रणनीतिक साझेदार।
  2. ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन — 2002 से वार्षिक; 2024 का वियनतियन (Vientiane) शिखर सम्मेलन।
  3. ASEAN-भारत मुक्त व्यापार समझौता (2010) — 2022 से समीक्षा के अधीन।
  4. कनेक्टिविटी — भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग, कलादान बहु-मॉडल परियोजना, सागरमाला।
  5. रक्षा साझेदारियाँ — फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल विक्रय (2022, डिलीवरी 2024); सिंगापुर नौसेना अभ्यास; वियतनाम के साथ रणनीतिक साझेदारी।
  6. तकनीकी — सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम में भारतीय IT कम्पनियाँ।
  7. शिक्षा-केंद्र — नालंदा विश्वविद्यालय, ASEAN में IIT-शैली विस्तार-योजनाएँ।

ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन (2024)

चुनौतियाँ

  1. AITIGA समीक्षा — ASEAN के साथ बढ़ते व्यापार-घाटे पर भारतीय चिंता।
  2. म्यांमार संकट — पूर्वोत्तर भारत पर परिणाम; प्रवासी समुदाय प्रभावित।
  3. जातीय और धार्मिक आत्मसातीकरण के तनाव — मलेशिया, इंडोनेशिया।
  4. चीनी प्रवासी और चीनी निवेश से प्रतिस्पर्धा।
  5. दूसरी पीढ़ी का बहाव — भारतीय भाषा और पहचान से दूरी।
  6. दक्षिण चीन सागर — रणनीतिक तनाव समुद्री प्रवासी सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
  7. विद्यार्थी और पेशेवर वीज़ा-व्यवस्थाएँ — आधुनिकीकरण की आवश्यकता।

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

आगे का मार्ग

Prelims बिंदु — संकेत-शब्द

कंगानी प्रणाली, चेट्टियार, थाईपूसम, MIC (Malaysian Indian Congress), थर्मन शनमुगरत्नम, CECA, एक्ट-ईस्ट, ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन, AITIGA, IMT राजमार्ग (India-Myanmar-Thailand Trilateral Highway), कलादान बहु-मॉडल परियोजना, ब्रह्मोस-फिलीपींस सौदा, नालंदा विश्वविद्यालय।

UPSC प्रासंगिकता

GS-II: “भारतीय प्रवासी; द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह; एक्ट-ईस्ट।”

संभावित प्रश्न (Mains)

दक्षिण-पूर्व एशिया भारत को सभ्यतागत निरंतरता और जीवंत समुदाय दोनों देता है — जो किसी अन्य क्षेत्र में नहीं मिलते। इसे एक्ट-ईस्ट की संस्थागत क्षमता, ASEAN-केंद्रित इंडो-पैसिफ़िक वास्तुकला और व्यावहारिक गतिशीलता समझौतों के साथ जोड़ना ही अगले चरण की भारत-ASEAN प्रवासी कथा है।

सामान्य प्रश्न

दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय प्रवासी समुदाय का सबसे बड़ा केंद्र कौन-सा है?

मलेशिया, जहाँ लगभग 21 लाख भारतीय-मूल लोग बसे हैं, उनमें अधिकांश तमिल हिंदू हैं। दूसरा प्रमुख केंद्र सिंगापुर है, जहाँ भारतीय-मूल लोग कुल आबादी का लगभग 9-10% हैं।

कंगानी प्रणाली (Kangani system) क्या थी?

यह 19वीं-20वीं शताब्दी की एक श्रम-भर्ती प्रणाली थी जिसके माध्यम से तमिल श्रमिकों को मलाया और सीलोन के रबर तथा चाय बागानों के लिए लाया जाता था। ‘कंगानी’ एक स्थानीय फ़ोरमैन (foreman) होता था जो अपने गाँव से श्रमिकों की भर्ती करता था। यह इंडेन्चर से थोड़ी कम कठोर पर अब भी शोषक प्रणाली थी।

थर्मन शनमुगरत्नम कौन हैं?

थर्मन शनमुगरत्नम सिंगापुर के वर्तमान राष्ट्रपति हैं (सितंबर 2023 से)। वे भारतीय-मूल के तमिल हैं और सिंगापुर के पूर्व उप-प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री भी रह चुके हैं। उनकी अध्यक्षता ने सिंगापुर में भारतीय-मूल समुदाय की दृश्यता बढ़ाई है।

एक्ट-ईस्ट नीति (Act East policy) क्या है?

यह 2014 में ‘लुक-ईस्ट’ नीति का उन्नत रूप है जो दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी एशिया के साथ भारत के राजनीतिक, सामरिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करता है। ASEAN इसका केंद्र है।

ASEAN-भारत मुक्त व्यापार समझौता कब हुआ?

ASEAN-भारत वस्तुओं में व्यापार समझौता (AITIGA) 2009 में हस्ताक्षरित और 2010 से प्रभावी हुआ। 2022 से इसकी समीक्षा जारी है क्योंकि भारत का ASEAN के साथ बढ़ता व्यापार-घाटा चिंता का विषय रहा है।

म्यांमार में भारतीय समुदाय का इतिहास क्या है?

20वीं शताब्दी के आरंभ में रंगून की एक-चौथाई आबादी भारतीय थी — मुख्यतः चेट्टियार, गुजराती और तमिल व्यापारी। 1930 के भारत-विरोधी दंगे, 1942 के जापानी आक्रमण और 1962-66 के ने विन के राष्ट्रीयकरण ने ~3 लाख भारतीयों को निष्कासित किया।

ब्रह्मोस-फिलीपींस सौदा क्या है?

2022 में फिलीपींस ने भारत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का $375 मिलियन का अनुबंध किया, जिसकी डिलीवरी अप्रैल 2024 से शुरू हुई। यह भारत का पहला बड़ा ब्रह्मोस निर्यात है और इंडो-पैसिफ़िक रक्षा-कूटनीति का प्रतीक।

कलादान बहु-मॉडल परियोजना क्या है?

यह भारत की प्रमुख कनेक्टिविटी पहल है जो कोलकाता को म्यांमार के सित्तवे बंदरगाह से और फिर सड़क मार्ग से मिज़ोरम से जोड़ती है। यह पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश-निर्भरता से मुक्त करने का प्रयास है।

दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे बड़ी हिंदू आबादी कहाँ है?

बाली (इंडोनेशिया) में जहाँ बहुसंख्यक हिंदू हैं और मलेशिया का तमिल हिंदू समुदाय। थाईलैंड का रामकीयन (Ramakien) रामायण-आधारित राष्ट्रीय महाकाव्य है। अंगकोर वाट (कंबोडिया) मूलतः विष्णु मंदिर था।

इस विषय से UPSC में किस तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं?

एक्ट-ईस्ट नीति में प्रवासी की भूमिका, मलेशिया-सिंगापुर की तुलना, ASEAN-भारत शिखर सम्मेलन के परिणाम, म्यांमार संकट और प्रवासी कल्याण, और सभ्यतागत संबंधों की समकालीन प्रासंगिकता — सभी GS-II के नियमित प्रश्न-क्षेत्र हैं।