Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

ग्राम सभा — अनुच्छेद 243A, शक्तियाँ, चुनौतियाँ और UPSC नोट्स

ग्राम सभा की संरचना, अनुच्छेद 243A के तहत शक्तियाँ, पेसा कानून, ग्राम सभाओं की चुनौतियाँ और भारत में पंचायती राज के UPSC GS II प्रश्नों के लिए प्रासंगिकता।

ग्राम सभा पंचायती राज संस्था का आधारभूत लोकतांत्रिक मंच है। यह वह स्थान है जहाँ भारत का संवैधानिक लोकतंत्र अपने सबसे बुनियादी स्तर पर — गाँव — आकार लेता है। 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम (1992) ने पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया और ग्राम सभा को इसकी आत्मा के रूप में स्थापित किया।

ग्राम सभा क्या है?

अनुच्छेद 243A के तहत, ग्राम सभा एक ग्राम पंचायत क्षेत्र में शामिल मतदाता सूची में पंजीकृत व्यक्तियों का निकाय है। यह ग्राम पंचायत की जनरल बॉडी है — पंचायत समिति या जिला परिषद नहीं।

ग्राम सभा की शक्तियाँ (विशिष्ट राज्यों में)

PESA (1996) — अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा

पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम 1996 (PESA) ने अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को अधिक शक्ति दी:

चुनौतियाँ

UPSC प्रासंगिकता

GS II के लिए: ग्राम सभा की संवैधानिक स्थिति (अनुच्छेद 243A), PESA, सामाजिक लेखापरीक्षा और विकेंद्रीकरण की चुनौतियाँ। प्रश्न: “ग्राम सभाओं को भारत में सशक्त लोकतंत्र का आधार बनाने में क्या बाधाएँ हैं?”

सामान्य प्रश्न

ग्राम सभा किस अनुच्छेद के तहत स्थापित है?

ग्राम सभा अनुच्छेद 243A के तहत है, जो 73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा जोड़ा गया।

PESA 1996 क्या है?

PESA पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम 1996 है जो अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को लघु वन उत्पाद, भूमि अधिग्रहण परामर्श और खनन पट्टों पर विशेष शक्तियाँ देता है।