Anantam IASHindi Note · 4 May 2026

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (Internet of Things — IoT) — यूपीएससी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) सेंसर, मशीनों एवं वाहनों को इंटरनेट से जोड़कर डेटा संग्रह करता है। यूपीएससी जीएस-III हेतु आर्किटेक्चर, अनुप्रयोग, स्मार्ट सिटी, सुरक्षा एवं 2024-26 अद्यतन समझिए।

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (Internet of Things — IoT) भौतिक वस्तुओं — सेंसरों, उपकरणों, वाहनों, मशीनों — के उस नेटवर्क को कहते हैं जो इंटरनेट के माध्यम से डेटा एकत्र एवं आदान-प्रदान करते हैं। वैश्विक स्तर पर 2024 में अनुमानित ~18 बिलियन कनेक्टेड IoT डिवाइस सक्रिय हैं, जो 2030 तक 30 बिलियन को पार करने का अनुमान है। भारत का IoT बाज़ार — 2024 में लगभग 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर — स्मार्ट सिटी, फ़ैक्ट्रियों, कृषि एवं गतिशीलता क्षेत्र में 20-25% वार्षिक की दर से बढ़ रहा है। यूपीएससी हेतु IoT एक जीएस पेपर-III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा विषय है, जिसके जीएस पेपर-II (शासन) से भी संबंध हैं।

व्यापक रूप से देखा जाए तो IoT केवल “जुड़े हुए उपकरण” नहीं है — यह डेटा-चालित निर्णय-निर्माण की आधारशिला है। हर सेंसर वास्तविक समय (real-time) में जानकारी देता है, जिसे क्लाउड या एज (edge) पर संसाधित कर शहर-प्रशासन, कारखाने, खेत एवं अस्पताल अपने प्रचालन को अनुकूलित कर सकते हैं। यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए यह उभरती प्रौद्योगिकियों (5G, AI, क्वांटम) के साथ अंतःसंयोजन का परीक्षण-योग्य विषय है।

IoT क्या है?

IoT निम्नलिखित को जोड़ता है:

IoT कनेक्टिविटी (5G, Wi-Fi 6, ब्लूटूथ, ज़िगबी, LoRa, NB-IoT, LTE-M, सैटेलाइट), क्लाउड कंप्यूटिंग, AI/ML, एवं डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों पर सवार है। दूसरे शब्दों में, IoT कोई एक तकनीक नहीं — यह कई तकनीकों का स्तरित स्टैक है।

IoT आर्किटेक्चर की परतें

परतकार्य
संवेदन (Perception/Sensing)सेंसर, RFID टैग
कनेक्टिविटी/नेटवर्कWi-Fi, BLE, ज़िगबी, LoRa, NB-IoT, LTE-M, 5G
एज/गेटवेस्थानीय एकत्रीकरण, पूर्व-प्रसंस्करण
डेटा/प्लेटफ़ॉर्मअंतर्ग्रहण, भंडारण, विश्लेषण
अनुप्रयोगडैशबोर्ड, स्वचालन, व्यावसायिक तर्क
सुरक्षा/प्रबंधनपहचान, अद्यतन, एन्क्रिप्शन

प्रत्येक परत की अपनी चुनौतियाँ हैं — संवेदन परत पर बैटरी जीवन, कनेक्टिविटी पर स्पेक्ट्रम एवं विलंबता (latency), तथा अनुप्रयोग परत पर डेटा गोपनीयता मुख्य प्रश्न हैं।

अनुप्रयोग — क्षेत्रवार दृष्टि

स्मार्ट शहर

भारत के स्मार्ट सिटी मिशन (2015-25) ने 100+ शहरों में IoT-आधारित एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (ICCC) स्थापित किए हैं। ये केंद्र वास्तविक समय में यातायात, अपराध, आपदा एवं नागरिक सेवाओं की निगरानी करते हैं।

कृषि

स्वास्थ्य देखभाल

उद्योग 4.0

गतिशीलता (Mobility)

ऊर्जा एवं उपयोगिताएँ

खुदरा एवं उपभोक्ता

भारतीय IoT पारिस्थितिकी तंत्र

संस्थागत

स्टार्टअप

कनेक्टिविटी विकल्प

तकनीकसीमाशक्तिउपयोग
Wi-Fi / BLE / ज़िगबी10-100 मीटरमध्यम-कमघर, भवन स्वचालन
LoRa / SigFoxकुछ किमीअति-निम्नग्रामीण संपत्ति, उपयोगिताएँ
NB-IoT / LTE-Mसेल्युलरअति-निम्नस्मार्ट मीटर, संपत्ति ट्रैकिंग
5G mMTCविशाल IoTनिम्न-मध्यमऔद्योगिक, स्मार्ट सिटी
सैटेलाइट IoTवैश्विकमध्यमतेल, शिपिंग, वन

सुरक्षा एवं गोपनीयता संबंधी चिंताएँ

IoT का आक्रमण-तल (attack surface) विशिष्ट रूप से बड़ा है क्योंकि उपकरणों में सीमित कंप्यूट क्षमता होती है तथा वे प्रायः डिफ़ॉल्ट पासवर्ड, अप्रकाशित फ़र्मवेयर एवं कमज़ोर एन्क्रिप्शन के साथ बाज़ार में आते हैं।

चिंताविवरण
बॉटनेटमिराई ने DDoS के लिए संक्रमित कैमरे प्रयोग किए (2016)
गोपनीयताघरों में कैमरे एवं माइक्रोफ़ोन
आपूर्ति शृंखलाअज्ञात बैकडोर वाले एम्बेडेड चिपसेट
जीवन-चक्र अद्यतनफ़र्मवेयर पैचिंग के बिना दीर्घ-जीवी सेंसर
क्रांतिक अवसंरचनाकोलोनियल पाइपलाइन (2021), जल प्रणाली पर हमले
डेटा स्थानीयकरणDPDP अधिनियम 2023 के दायित्व
बाल सुरक्षाअसुरक्षित वॉइस API वाले स्मार्ट खिलौने

मानक एवं ढाँचे

चुनौतियाँ

चुनौतीविवरण
स्पेक्ट्रमM2M समर्पित स्पेक्ट्रम आवंटन
अंतर-संक्रियताविखंडित प्रोटोकॉल
लागतनिम्न-स्तरीय सेंसरों के लिए बैटरी-जीवन एवं BOM लागत
ग्रामीण कनेक्टिविटीअसमान सेल्युलर एवं फ़ाइबर
कौशलIoT सिस्टम इंजीनियरों की कमी
डेटा शासननागरिक सेंसरों के डेटा का स्वामी कौन?
विद्युतIoT गेटवे हेतु ग्रिड विश्वसनीयता
रखरखावक्षेत्र तैनाती जीवन-चक्र प्रबंधन

नीति संकेत

IoT एवं संधारणीयता

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

तुलनात्मक दृष्टि — IoT बनाम पारंपरिक संगणन

आयामपारंपरिक ITIoT
उपकरणसर्वर, पीसीअरबों सेंसर/एक्चुएटर
डेटासंरचित, सत्र-आधारितसतत स्ट्रीम, टाइमस्टैम्पित
शक्तिनिरंतरबैटरी-संचालित, सीमित
सुरक्षापरिमित अंत-बिंदुविशाल, विषम
कनेक्टिविटीउच्च-बैंडविड्थनिम्न-शक्ति, कम-डेटा

यूपीएससी प्रासंगिकता

जीएस पेपर-III — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी / अर्थव्यवस्था

जीएस पेपर-II — शासन

जीएस पेपर-III — आंतरिक सुरक्षा

जीएस पेपर-III — पर्यावरण

प्रीलिम्स बिंदु — स्मार्ट सिटी मिशन; RDSS (25 करोड़ स्मार्ट मीटर); TEC IoT अभ्यास संहिता; NB-IoT; LoRa; CoE-IoT बेंगलुरु; डिजिटल भारत निधि; M2M स्पेक्ट्रम पर TRAI सिफ़ारिशें; Bharat 6G विज़न; ISO/IEC 27400; ETSI EN 303 645।

मेन्स अभ्यास प्रश्न — (i) “IoT एक राष्ट्रीय अवसंरचना है — इसे नियामक ढाँचे की आवश्यकता है, बाज़ार-शक्ति की नहीं।” समीक्षा करें। (ii) स्मार्ट सिटी मिशन ने IoT तैनाती को कैसे संभव बनाया? सीमाएँ बताएँ। (iii) IoT-DPDP-आंतरिक सुरक्षा — तीनों के अंतर्संबंध की चर्चा कीजिए।

साक्षात्कार जाँच — IoT सुरक्षा अधिदेश; सार्वजनिक स्थानों में डेटा शासन; ग्रामीण IoT कनेक्टिविटी; निजी 5G की भूमिका।

IoT हर वस्तु को मापन एवं कर्ता का नोड (node of measurement and agency) बना देता है। नागरिक कार्य यह है कि इसे केवल सुविधा या लाभ के लिए नहीं — बल्कि सुरक्षा, गोपनीयता एवं सार्वजनिक मूल्य के लिए तार दिया जाए।

सामान्य प्रश्न

इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स (IoT) क्या है?

IoT उन भौतिक वस्तुओं — सेंसरों, उपकरणों, वाहनों, मशीनों — का नेटवर्क है जो इंटरनेट के माध्यम से डेटा एकत्र एवं आदान-प्रदान करते हैं। 2024 में विश्व-भर में लगभग 18 बिलियन कनेक्टेड IoT डिवाइस हैं।

IoT आर्किटेक्चर की प्रमुख परतें कौन-सी हैं?

संवेदन (सेंसर/RFID), कनेक्टिविटी (Wi-Fi/5G/LoRa), एज/गेटवे, डेटा-प्लेटफ़ॉर्म, अनुप्रयोग, एवं सुरक्षा/प्रबंधन — कुल छह मुख्य परतें होती हैं।

IoT के लिए कौन-कौन से कनेक्टिविटी विकल्प उपलब्ध हैं?

Wi-Fi/BLE/Zigbee (निकट-सीमा), LoRa/SigFox (कुछ किमी), NB-IoT/LTE-M (सेल्युलर), 5G mMTC (विशाल IoT), तथा सैटेलाइट IoT (वैश्विक) — प्रत्येक की अपनी सीमा, शक्ति एवं उपयोग-मामले हैं।

भारत में IoT बाज़ार कितना बड़ा है?

2024 में भारत का IoT बाज़ार लगभग 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है तथा 20-25% वार्षिक की दर से बढ़ रहा है। प्रमुख माँग-चालक स्मार्ट सिटी मिशन, RDSS, कृषि एवं उद्योग 4.0 हैं।

CoE-IoT बेंगलुरु क्या है?

उत्कृष्टता केंद्र — IoT (CoE-IoT) NASSCOM, MeitY एवं ERNET द्वारा बेंगलुरु में स्थापित है तथा अब तक 500+ IoT स्टार्टअप इनक्यूबेट कर चुका है।

IoT से संबंधित प्रमुख सुरक्षा चिंताएँ क्या हैं?

डिफ़ॉल्ट पासवर्ड, अप्रकाशित फ़र्मवेयर, बॉटनेट हमले (मिराई 2016), क्रांतिक अवसंरचना पर साइबर हमले (कोलोनियल पाइपलाइन 2021), तथा घरों में कैमरों/माइक्रोफ़ोनों के माध्यम से गोपनीयता का उल्लंघन।

RDSS के अंतर्गत स्मार्ट मीटर का लक्ष्य क्या है?

पुनर्निर्मित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत ₹3 लाख करोड़ का परिव्यय है तथा लगभग 25 करोड़ स्मार्ट मीटर की तैनाती का लक्ष्य 2025 के अंत तक पूरा हो रहा है।

भारत में IoT को नियंत्रित करने वाले प्रमुख कानून कौन-से हैं?

दूरसंचार अधिनियम 2023 (M2M प्राधिकार), DPDP अधिनियम 2023 (व्यक्तिगत डेटा), लंबित डिजिटल इंडिया अधिनियम, तथा TEC एवं TRAI के दिशानिर्देश।

SDN के संदर्भ में 5G mMTC क्या है?

5G mMTC (massive Machine Type Communications) 5G की वह नेटवर्क-स्लाइस है जो लाखों कम-शक्ति IoT उपकरणों को एक साथ जोड़ने हेतु अनुकूलित है। BSNL की स्वदेशी 5G परीक्षणों में यह शामिल है।

Bharat 6G विज़न में IoT की क्या भूमिका है?

Bharat 6G विज़न (2023) IoT एवं ISAC (Integrated Sensing and Communication) को L1 स्तर पर एकीकृत करता है — जिससे संचार के साथ-साथ संवेदन एक ही नेटवर्क-तत्व पर संभव हो जाता है।