Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति और करुणा: एक सिविल सेवा अनिवार्यता (यूपीएससी नीतिशास्त्र — GS IV)

सहानुभूति और करुणा नीतिशास्त्र GS-IV के केंद्रीय विषय हैं। कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता, लोक सेवा में व्यावहारिकता और उदाहरण।

सहानुभूति (Empathy) और करुणा (Compassion) लोक सेवा की आत्मा हैं। एक सिविल सेवक के लिए कमजोर वर्गों — महिलाओं, बच्चों, वृद्धों, दिव्यांगों, जनजातियों, दलितों — के प्रति संवेदनशीलता न केवल नैतिक दायित्व है, बल्कि प्रभावी शासन की पूर्वशर्त भी है।

सहानुभूति और करुणा में अंतर

कमजोर वर्गों की पहचान

लोक सेवा में सहानुभूति की अभिव्यक्ति

सहानुभूति बनाम निष्पक्षता — संतुलन

ऐतिहासिक और साहित्यिक उदाहरण

यूपीएससी प्रासंगिकता

करुणा केवल भावना नहीं — यह कार्रवाई में परिणत होने वाली नैतिक शक्ति है। एक सिविल सेवक जो कमजोर वर्गों की पीड़ा समझकर नीतियाँ बनाता है और क्रियान्वित करता है, वह संवैधानिक नैतिकता का सच्चा वाहक है।