Anantam IASHindi Note · 4 September 2026

मंईयां सम्मान योजना झारखंड: पात्रता और फ़ायदे 2026

झारखंड की मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में 18 से 50 साल की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये मिलते हैं। जानिए पात्रता, ज़रूरी दस्तावेज़, आवेदन का तरीक़ा और सत्यापन की शर्त।

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) झारखंड सरकार की महिलाओं के लिए सीधे पैसा भेजने वाली (DBT) योजना है। इसमें 18 से 50 साल की हर पात्र महिला को हर महीने 2,500 रुपये (साल के 30,000 रुपये) मिलते हैं। यह अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (JMM की अगुवाई वाले गठबंधन) के समय शुरू हुई और देखते-देखते झारखंड के इतिहास की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित नक़द योजना बन गई, जिसके दायरे में क़रीब 56 लाख लाभार्थी हैं।

शुरुआत में यह रकम हर महीने 1,000 रुपये थी और दिसंबर 2024 में इसे बढ़ाकर हर महीने 2,500 रुपये कर दिया गया। यह बढ़ोतरी 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में JMM की अगुवाई वाले गठबंधन की वापसी के बाद हुई, और उस चुनाव में इस योजना को बड़ा फ़ैसलाकुन कारण माना गया।

2026 में भी हर महीने की रकम 2,500 रुपये ही है, जो DBT से भेजी जाती है। इस साल का बड़ा बदलाव लाभार्थी सूची को लेकर है: राज्य ने आगे पैसा मिलते रहने के लिए लाभार्थी सत्यापन और e-KYC पूरा करना ज़रूरी कर दिया है। जिन नामों का सत्यापन नहीं हुआ या जो पात्र नहीं निकले, उनकी किस्तें तब तक रोकी जा रही हैं जब तक आँगनवाड़ी केंद्र या आधिकारिक मंईयां सम्मान पोर्टल पर सत्यापन नहीं हो जाता। आवेदन करने वालों और पहले से लाभ ले रही महिलाओं, दोनों को अपना सत्यापन और e-KYC की स्थिति देख लेनी चाहिए, तभी नाम भुगतान सूची में बना रहेगा।

योजना एक नज़र में

बातब्योरा
आधिकारिक नाममुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना
राज्यझारखंड
शुरुआतअगस्त 2024
चलाने वाला विभागमहिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, झारखंड सरकार
हर महीने की रकम (शुरुआती)1,000 रुपये
हर महीने की रकम (दिसंबर 2024 से)2,500 रुपये
साल भर की रकम30,000 रुपये
उम्र की पात्रता (शुरुआती)21–50 साल
उम्र की पात्रता (बदली हुई)18–50 साल
परिवार की सालाना आय की सीमा8 लाख रुपये या उससे कम
पैसा मिलने का तरीक़ाआधार से जुड़े बैंक खाते में DBT
क़रीब कितने लाभार्थी~56 लाख (2026 की शुरुआत तक)
बजट (2025–26)~14,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा
पोर्टल / फ़ॉर्मऑफ़लाइन कैंप + ऑनलाइन सत्यापन

पात्रता की शर्तें

महिला तभी हक़दार है जब वह ये सारी शर्तें पूरी करती हो:

  1. झारखंड की रहने वाली हो — राज्य का वैध निवास प्रमाण या राशन कार्ड हो
  2. उम्र 18 से 50 साल के बीच (पहले यह 21–50 थी)
  3. परिवार की सालाना आय 8 लाख रुपये या उससे कम (यानी आयकर देने वाले परिवार इससे बाहर हो जाते हैं)
  4. आधार, राशन कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता हो
  5. केंद्र या राज्य सरकार की इसी तरह की नक़द योजनाओं (जैसे सामाजिक सुरक्षा पेंशन) का लाभ न ले रही हो

किसे नहीं मिलेगा?

क्या-क्या मिलता है

आवेदन कैसे करें

तरीक़ा

आवेदन आँगनवाड़ी केंद्र / पंचायत भवन / प्रखंड कार्यालय पर लगने वाले ख़ास कैंपों में ऑफ़लाइन लिए जाते हैं, और पीछे की जाँच डिजिटल तरीक़े से होती है। सत्यापन को लेकर इस समय क्या निर्देश हैं, यह आधिकारिक पोर्टल पर देखा जा सकता है।

क़दम दर क़दम प्रक्रिया

  1. तय कैंप पर जाइए (इसकी सूचना आम तौर पर पंचायत देती है)
  2. मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का फ़ॉर्म लीजिए
  3. ब्योरा भरिए — नाम, जन्मतिथि, आधार, राशन कार्ड नंबर, बैंक की जानकारी
  4. अपने दस्तख़त किए हुए दस्तावेज़ लगाइए:
  1. कैंप के अधिकारी को जमा कीजिए और पावती पर्ची ले लीजिए
  2. जाँच प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) करते हैं
  3. मंज़ूरी मिलने पर अगली किस्त से पैसा आना शुरू हो जाता है

राजनीतिक और आर्थिक पृष्ठभूमि

राजनीतिक मायने

ख़र्च का बोझ

झारखंड में ग़रीबी और समाज की तस्वीर

दूसरे राज्यों की मिलती-जुलती योजनाओं से तुलना

योजनाराज्यशुरुआतहर महीने की रकमउम्र
मंईयां सम्मान योजनाझारखंडअगस्त 20242,500 रुपये18–50
लाडली बहना योजनामध्य प्रदेशमार्च 20231,250 रुपये (शुरुआत में 1,000)21–60
लाडकी बहीण योजनामहाराष्ट्रजुलाई 20241,500 रुपये21–65
महतारी वंदन योजनाछत्तीसगढ़मार्च 20241,000 रुपये21+ विवाहित
सुभद्रा योजनाओडिशासितंबर 202410,000 रुपये सालाना, 2 किस्तों में21–60
गृह लक्ष्मीकर्नाटकअगस्त 20232,000 रुपयेघर की मुखिया महिला
मगलिर उरिमै थोगैतमिलनाडुसितंबर 20231,000 रुपयेघर की मुखिया महिलाएँ

बड़े राज्यों की महिला कल्याण योजनाओं में इस समय सबसे ज़्यादा मासिक रकम मंईयां सम्मान योजना ही देती है।

उपलब्धियाँ और आलोचनाएँ

उपलब्धियाँ

आलोचनाएँ

कल्याण बनाम मुफ़्तख़ोरी की बहस

महिलाओं को सीधे नक़द देने पर भारत में जो बहस चल रही है, मंईयां सम्मान योजना ठीक उसके बीचोबीच है:

अमल और प्रशासन

UPSC के लिहाज़ से अहमियत

GS2 (शासन / कल्याण): राज्य सरकारों की महिला कल्याण योजनाएँ, DBT, सही लोगों तक पहुँचाना, केंद्र–राज्य संबंध।

GS3 (अर्थव्यवस्था): ख़र्च का टिकाऊपन, कल्याण बनाम मुफ़्तख़ोरी की बहस, राज्यों की माली हालत।

GS1 (समाज): लैंगिक बराबरी, महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण, घर के भीतर बात का वज़न।

प्रीलिम्स के लिए ज़रूरी तथ्य: