Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

सी.एन.आर. राव — भारत रत्न वैज्ञानिक एवं ठोस अवस्था रसायन के अग्रदूत (यूपीएससी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी)

सी.एन.आर. राव पर यूपीएससी मार्गदर्शिका — भारत रत्न, एनर्जी फ्रंटियर्स पुरस्कार, ठोस अवस्था रसायन, नैनो-पदार्थ, हरित हाइड्रोजन और भारतीय विज्ञान पर उनका स्थायी प्रभाव।

चिंतामणि नागेश रामचंद्र राव — सी.एन.आर. राव (CNR Rao) — भारत के सर्वाधिक उत्पादक वैज्ञानिकों में से एक तथा विश्व के अग्रणी ठोस-अवस्था और पदार्थ रसायनज्ञों में से एक हैं। 2014 में भारत रत्न और 2024 में एनर्जी फ्रंटियर्स पुरस्कार (Energy Frontiers Award) — जिसे प्रायः "ऊर्जा संक्रमण शोध का नोबेल" कहा जाता है — से सम्मानित राव के पाँच दशकों के शोध करियर ने भारत के पदार्थ विज्ञान तंत्र को आकार दिया है। यूपीएससी हेतु, सी.एन.आर. राव जैसे व्यक्तित्वों का उल्लेख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (प्रीलिम्स), नीतिशास्त्र, निबंध और व्यक्तित्व-आधारित प्रश्नों में बार-बार किया जाता है।

प्रारंभिक जीवन एवं करियर

वैज्ञानिक योगदान

ठोस-अवस्था एवं संरचनात्मक रसायन

नैनो-पदार्थ एवं कार्बन नैनोट्यूब

धातु-कुचालक संक्रमण

ग्राफीन एवं द्वि-आयामी पदार्थ

हरित हाइड्रोजन एवं ऊर्जा अनुसंधान

राव का हाल का कार्य हाइड्रोजन को सार्वभौमिक स्वच्छ ईंधन के रूप में केंद्रित है:

2024 के एनर्जी फ्रंटियर्स पुरस्कार में उनके धातु ऑक्साइड, कार्बन नैनोट्यूब, ग्राफीन सहित द्वि-आयामी प्रणालियों, BCN हाइब्रिड पदार्थों, और ऊर्जा अनुप्रयोगों हेतु MoS2 पर कार्य का उल्लेख किया गया — विशेष रूप से जल के प्रकाश-विघटन, ताप-विघटन और सौर/पवन-संचालित विद्युत-अपघटन के माध्यम से हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए।

पुरस्कार एवं सम्मान

संस्थागत विरासत

भारतीय विज्ञान नीति पर प्रभाव

नैतिक एवं नीतिगत दृष्टिकोण

सी.एन.आर. राव के करियर के मुख्य संदेश:

उनके कार्य के अनुप्रयोग

हालिया घटनाक्रम (2024-26)

यूपीएससी प्रासंगिकता

प्रीलिम्स के लिए स्मरणीय: भारत रत्न (2014), एनर्जी फ्रंटियर्स पुरस्कार (2024), JNCASR, और उनके क्षेत्र — ठोस-अवस्था रसायन, नैनो-पदार्थ और हरित हाइड्रोजन। जीएस III मेन्स के लिए, उनका करियर राष्ट्रीय क्षमता में बुनियादी अनुसंधान की भूमिका, हरित हाइड्रोजन और पदार्थ विज्ञान पर एक आदर्श उत्तर का खाका प्रदान करता है। नीतिशास्त्र और निबंध पत्रों में वैज्ञानिक मनोवृत्ति, शोध सत्यनिष्ठा और सार्वजनिक क्षेत्र विज्ञान के महत्व पर उनके विचारों का उपयोग किया जा सकता है। सी.एन.आर. राव की कथा भारत की वैज्ञानिक विरासत और आगे के मार्ग पर उत्तरों के लिए एक स्थायी उदाहरण है।