Anantam IASHindi Note · 5 October 2026

स्मार्ट पीडीएस: राज्यों के राशन पोर्टल, सार्थक-पीडीएस, मेरा राशन 2.0 और अन्न दर्पण

स्मार्ट पीडीएस आसान भाषा में: योजना क्या है, सार्थक-पीडीएस में क्या बदला, राज्य पोर्टल पर राशन कार्ड का लेन-देन कैसे देखें, और अन्न दर्पण किसके लिए है।

स्मार्ट पीडीएस (SMART-PDS, Scheme for Modernisation and Reforms through Technology in PDS) खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की वह योजना है, जो राशन व्यवस्था को तकनीक के सहारे चलाती है। इसमें डिजिटल राशन कार्ड, आधार सीडिंग, उचित दर की दुकानों पर ई-पॉस मशीनें और कंप्यूटर से चलने वाली सप्लाई चेन आती हैं। 1 अप्रैल 2023 से यह योजना सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ये सुधार आगे बढ़ा रही है। मई 2026 में इसे एक नई बड़ी योजना, सार्थक-पीडीएस (SARTHAK-PDS), में मिला दिया गया। इसे खोजने वाले ज्यादातर लोग कुछ व्यावहारिक चाहते हैं: राज्य का वह “स्मार्ट पीडीएस” पोर्टल, जहां वे देख सकें कि इस महीने उनका राशन उठा या नहीं।

उलझन यह है कि स्मार्ट पीडीएस सुनने में एक वेबसाइट जैसा लगता है। ऐसा है नहीं। यह केंद्र की एक योजना है, और नागरिक असल में जो खोलते हैं, वे राज्यों के पोर्टल हैं। इनमें से कई संयोग से smartpds वाले पतों पर हैं (झारखंड, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना)। ये डैशबोर्ड राशन का लेन-देन दिखाते हैं, राशन कार्ड जारी नहीं करते। और अन्न दर्पण, जिसे लोग अक्सर साथ में खोजते हैं, भारतीय खाद्य निगम (FCI) का अंदरूनी सप्लाई चेन पोर्टल है, नागरिक सेवा बिल्कुल नहीं।

स्मार्ट पीडीएस: एक नजर में

योजना केंद्र के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत है, जबकि दुकानें और कार्ड राज्य चलाते हैं। पूरा नक्शा यह है।

तथ्यविवरण
पूरा नामScheme for Modernisation and Reforms through Technology in Public Distribution System
किसकी योजनाखाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD), भारत सरकार
कब से चल रही है1 अप्रैल 2023 से, 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में
किसमें मिलाई गईसार्थक-पीडीएस, जिसे CCEA ने 27 मई 2026 को मंजूरी दी, 31 मार्च 2031 तक
सार्थक-पीडीएस का खर्च₹25,530 करोड़ (केंद्र का हिस्सा)
कानूनी आधारराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (81.35 करोड़ लोग)
नागरिकों के औजारराज्यों के AePDS और राशन कार्ड पोर्टल, मेरा राशन 2.0 ऐप
FCI का पोर्टलअन्न दर्पण, डिपो से मुख्यालय तक की सप्लाई चेन के लिए
हेल्पलाइन1967 या राज्य का 1800 सीरीज वाला नंबर

स्मार्ट पीडीएस में क्या-क्या आता है

स्मार्ट पीडीएस पूरी राशन चेन को डिजिटल बनाता है, MSP पर खरीदे गए अनाज से लेकर दुकान पर थमाए गए एक-एक किलो तक। 15 अक्टूबर 2025 की एक PIB व्याख्या ने इसके चार मॉड्यूल बताए:

मकसद यह है कि हर राज्य अपना अलग सॉफ्टवेयर बनाने के बजाय सब एक ही मानक सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें। DFPD की साल के आखिर की समीक्षा के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 तक राशन कार्ड के डेटा का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण हो चुका था। राज्यों के पारदर्शिता पोर्टल पर लगभग 20.55 करोड़ राशन कार्ड थे, जिनमें 79.8 करोड़ लाभार्थी आते हैं। 99.9 प्रतिशत से ज्यादा कार्डों की आधार सीडिंग हो चुकी थी, और 5.51 लाख में से 5.50 लाख उचित दर दुकानें ई-पॉस (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों से चल रही थीं। 98 प्रतिशत से ज्यादा लेन-देन बायोमेट्रिक से सत्यापित हुए।

यही बायोमेट्रिक कदम आम कार्डधारक के लिए योजना को अहम बनाता है। जब दुकान की ई-पॉस मशीन आधार से आपकी उंगली का निशान मिलाती है, तो बिक्री उसी समय दर्ज हो जाती है। यही रिकॉर्ड आप बाद में अपने राज्य के पोर्टल पर देख सकते हैं। 1960 के दशक से अब तक यह व्यवस्था कैसे बढ़ी, यह PDS पर नोट में समझाया गया है।

सार्थक-पीडीएस: 2026 में क्या बदला

27 मई 2026 को आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने सार्थक-पीडीएस (Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling-Income with Automation in PDS) को मंजूरी दी। यह दो योजनाओं को मिलाती है:

  1. NFSA के तहत अनाज की राज्य के भीतर ढुलाई और FPS डीलरों के मार्जिन के लिए राज्य एजेंसियों को सहायता।
  2. स्मार्ट पीडीएस।

मिली हुई योजना में 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए ₹25,530 करोड़ का केंद्र का हिस्सा है, और यह 31 मार्च 2031 तक चलेगी। CCEA ने राज्य के भीतर ढुलाई, अनाज संभालने और डीलर मार्जिन के लिए केंद्र की मदद के मानदंड भी बदले। तकनीक की तरफ, PIB के मुताबिक इसमें AI, मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और ब्लॉकचेन इस्तेमाल होंगे। साथ में एकीकृत डेटाबेस, AI से चलने वाली शिकायत व्यवस्था और राज्य कमांड कंट्रोल सेंटर होंगे।

कार्डधारक के लिए रातों-रात कुछ नहीं बदलता। आपका कार्ड, आपकी दुकान और आपका हक वही रहते हैं (हक खुद NFSA तय करता है, और उसमें प्रस्तावित बदलावों की चर्चा AAY हक पर बहस वाले नोट में है)। स्मार्ट पीडीएस बस एक बड़ी योजना के भीतर एक हिस्से के रूप में चलता रहता है। नीति का ब्योरा सार्थक-पीडीएस पर करंट अफेयर्स नोट में है।

राज्यों के स्मार्ट पीडीएस पोर्टल और हर एक का काम

हर राज्य अपने पोर्टल खुद चलाता है, और ये दो तरह के होते हैं। AePDS (आधार से चलने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली) डैशबोर्ड दुकान के हिसाब से और कार्ड के हिसाब से लेन-देन दिखाता है। राशन कार्ड या विभाग का पोर्टल आवेदन, कार्ड की खोज, सुधार और हेल्पलाइन संभालता है। दोनों को अलग-अलग समझ लीजिए, तो गलत बटन ढूंढना बंद हो जाएगा।

राज्यAePDS लेन-देन पोर्टलराशन कार्ड या विभाग का पोर्टल
झारखंडsmartpds.jharkhand.gov.inaahar.jharkhand.gov.in (Register to Apply for Rationcard, Check Application Status)
उत्तर प्रदेशsmartpds.up.gov.infcs.up.gov.in (खाद्य और रसद विभाग; हेल्पलाइन 1967 या 14445, टोल-फ्री 1800 1800 150)
तेलंगानाsmartpds.telangana.gov.inepds.telangana.gov.in (FSC Search और शिकायत व्यवस्था; हेल्पलाइन 1967 और 180042500333)
बिहारepos.bihar.gov.inepds.bihar.gov.in (RC Details, RC-PRINT, Apply for Online RC)

झारखंड, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और बिहार के AePDS डैशबोर्ड एक ही डिजाइन के हैं। इनके मेन्यू के नाम हैं MIS, FPS, Sales, UIDAI, Allotment, Annavitran, RO Status, Reports और Change Statement, इसलिए नीचे के स्टेप चारों पर चलते हैं। हर होम पेज पर महीने के आंकड़े भी दिखते हैं: कुल कार्ड, जिन कार्डों पर राशन उठा, पोर्टेबिलिटी वाले कार्ड और पूरे हुए लेन-देन का हिस्सा।

उत्तर प्रदेश के लिए UP राशन कार्ड लिस्ट गाइड बताती है कि अपना नाम कैसे खोजें। दूसरे राज्यों में ई-कार्ड प्रिंट करने का तरीका राशन कार्ड डाउनलोड गाइड में है।

स्मार्ट पीडीएस पोर्टल पर अपने राशन का लेन-देन कैसे देखें

Beneficiary Details रिपोर्ट दिखाती है कि किसी महीने में आपके कार्ड पर क्या-क्या उठा। अपना राशन कार्ड (RC) नंबर तैयार रखिए।

  1. अपने राज्य का AePDS पोर्टल खोलिए, जैसे smartpds.jharkhand.gov.in।
  2. होम पेज पर Reports में जाइए और Beneficiary Details पर क्लिक कीजिए।
  3. Month और Year चुनिए।
  4. RC No में अपना राशन कार्ड नंबर टाइप कीजिए।
  5. Captcha डालिए और Submit पर क्लिक कीजिए।

नतीजे में उस महीने उस कार्ड के लेन-देन दिखते हैं। अगर इसमें कोई ऐसी बिक्री दिखे जो आपको मिली ही नहीं, तो तारीख और दुकान नोट कर लीजिए। शिकायत के लिए ठीक यही सबूत चाहिए।

उसी Reports मेन्यू की दूसरी रिपोर्टें भी काम की हैं:

कार्डधारकों के लिए मेरा राशन 2.0

अगर आप फोन इस्तेमाल करना पसंद करते हैं, तो DFPD ने 20 अगस्त 2024 को मेरा राशन 2.0 ऐप लॉन्च किया। इसका FAQ चार मुख्य सुविधाएं बताता है:

इससे आप शिकायत दर्ज करके उसे ट्रैक भी कर सकते हैं, और यह वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत पोर्टेबिलिटी भी समझाता है। किसी प्रवासी मजदूर के लिए किसी अनजान दुकान में जाने से पहले यह देखने का सबसे तेज तरीका यही ऐप है कि उसका हक बरकरार है।

अन्न दर्पण क्या है, और आप इसमें लॉगिन क्यों नहीं करेंगे

अन्न दर्पण FCI की एकीकृत सप्लाई चेन प्रबंधन प्रणाली है। 23 नवंबर 2024 की एक PIB पृष्ठभूमि टिप्पणी के मुताबिक यह निगम के हर स्तर का काम जोड़ता है (अपने और किराए के डिपो, मंडल, क्षेत्रीय और जोनल दफ्तर और मुख्यालय), ताकि अनाज पर शुरू से आखिर तक नजर रखी जा सके। यह FCI के कर्मचारियों के लिए है, जनता के लिए नहीं। इसीलिए इसमें नागरिक लॉगिन नहीं है।

यह FCI और DFPD के ऐसे सिस्टम के परिवार में है, जिन्हें आपस में मिला देना आसान है:

तो अन्न दर्पण वह जगह है जहां अनाज आपके राज्य तक पहुंचने से पहले ट्रैक होता है। स्मार्ट पीडीएस और राज्यों के पोर्टल राज्य के गोदाम से आपके हाथ तक उसे ट्रैक करते हैं। ये रेटिंग कैसे इस्तेमाल हो रही हैं, यह FCI डिपो के प्रदर्शन पर नोट दिखाता है।

दस्तावेज और फीस

लेन-देन देखने के लिए सिर्फ आपका राशन कार्ड नंबर चाहिए। AePDS डैशबोर्ड पर न कुछ अपलोड होता है, न कोई फीस लगती है। नए कार्ड के लिए आवेदन या किसी सदस्य को जोड़ने का काम राज्य के राशन कार्ड पोर्टल पर होता है, जो अपने दस्तावेजों की सूची खुद देता है।

अब बहुत से आवेदनों के आगे एक कदम खड़ा है: ई-KYC। उदाहरण के लिए, झारखंड का आहार पोर्टल कहता है कि ई-KYC आपके राशन डीलर की ई-पॉस मशीन पर होता है और हर सदस्य को इसे पूरा करना चाहिए। नए कार्ड या नए सदस्य के लंबित आवेदन ई-KYC के बाद ही मंजूर होंगे। आवेदन वाले दफ्तर के चक्कर लगाने से पहले परिवार के हर सदस्य के साथ अपने डीलर के पास जाइए।

आम दिक्कतें और उनका हल

ज्यादातर नाकाम खोज और गायब राशन कुछ ही वजहों से होते हैं:

शिकायत कहां करें

हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश PDS की शिकायतों के लिए 1967 हेल्पलाइन या अपना 1800 सीरीज वाला नंबर चलाता है। DFPD की अक्टूबर 2025 की PIB व्याख्या इसकी पुष्टि करती है, और DFPD की वेबसाइट 1967 को अपना टोल-फ्री नंबर बताती है। आप मेरा राशन 2.0 ऐप से भी शिकायत कर सकते हैं। PIB बताता है कि DFPD तक पहुंचने वाली शिकायतें, भ्रष्टाचार या गबन वाली भी, जांच के लिए संबंधित राज्य सरकार को भेज दी जाती हैं, क्योंकि दुकानें राज्य चलाते हैं। गंभीर या बार-बार होने वाली हेराफेरी के मामले में जिला आपूर्ति कार्यालय ही वह दफ्तर है, जिसके पास डीलर पर कार्रवाई की शक्ति है। NFSA यह जिम्मेदारी राज्यों पर क्यों डालता है, यह खाद्य सुरक्षा नोट में समझाया गया है।

सामान्य प्रश्न

स्मार्ट पीडीएस का पूरा नाम क्या है?

स्मार्ट पीडीएस का पूरा नाम Scheme for Modernisation and Reforms through Technology in Public Distribution System है। यह खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की योजना है, जो अप्रैल 2023 से राशन कार्ड, दुकानों और सप्लाई चेन को डिजिटल बना रही है।

क्या सार्थक-पीडीएस के बाद भी स्मार्ट पीडीएस चल रहा है?

हां, उसी के हिस्से के रूप में। 27 मई 2026 को कैबिनेट ने स्मार्ट पीडीएस और राज्य के भीतर ढुलाई और डीलर मार्जिन वाली योजना को मिलाकर सार्थक-पीडीएस बनाया, जो ₹25,530 करोड़ के केंद्रीय फंड के साथ 31 मार्च 2031 तक चलेगी।

स्मार्ट पीडीएस झारखंड पर अपने राशन का लेन-देन कैसे देखें?

smartpds.jharkhand.gov.in खोलिए, Reports में जाइए और Beneficiary Details पर क्लिक कीजिए। महीना और साल चुनिए, अपना राशन कार्ड नंबर और कैप्चा डालिए, फिर उस महीने के लेन-देन देखने के लिए Submit पर क्लिक कीजिए।

क्या स्मार्ट पीडीएस पोर्टल पर राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। smartpds डैशबोर्ड लेन-देन और दुकान का डेटा दिखाते हैं। आवेदन, सुधार और कार्ड की छपाई राज्य के राशन कार्ड पोर्टल पर होती है, जैसे aahar.jharkhand.gov.in या epds.bihar.gov.in।

अन्न दर्पण क्या है?

अन्न दर्पण भारतीय खाद्य निगम का एकीकृत सप्लाई चेन प्रबंधन पोर्टल है। यह अनाज पर शुरू से आखिर तक नजर रखने के लिए FCI के डिपो और दफ्तरों को डिपो से मुख्यालय स्तर तक जोड़ता है, और इसे जनता नहीं, FCI के कर्मचारी इस्तेमाल करते हैं।

मेरा राशन 2.0 ऐप क्या है?

यह राशन कार्डधारकों के लिए DFPD का मोबाइल ऐप है, जो 20 अगस्त 2024 को लॉन्च हुआ। यह कार्ड का ब्योरा, हर महीने का हक, लेन-देन का इतिहास और सबसे पास की उचित दर दुकान दिखाता है, और इससे शिकायत दर्ज करके ट्रैक भी की जा सकती है।

मेरा नया राशन कार्ड आवेदन लंबित क्यों है?

झारखंड समेत कई राज्यों में आवेदन तभी मंजूर होते हैं जब हर सदस्य ई-KYC पूरा कर ले। अपने राशन डीलर के पास जाइए, ई-पॉस मशीन पर ई-KYC पूरा कीजिए, फिर आवेदन का स्टेटस दोबारा देखिए।

राशन कार्ड शिकायत नंबर क्या है?

1967 पर या अपने राज्य की 1800 सीरीज वाली PDS हेल्पलाइन पर फोन कीजिए, जो हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चलाता है। आप मेरा राशन 2.0 ऐप से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।