Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

यूपीएससी अंग्रेज़ी अनिवार्य पेपर: पैटर्न, पाठ्यक्रम और अर्हक अंक

यूपीएससी अंग्रेज़ी अनिवार्य अर्हक पेपर की पूर्ण मार्गदर्शिका — 300 अंक, 25% कटऑफ, पाँच-खंडीय संरचना, पाठ्यक्रम का विस्तार और परीक्षा-कक्ष में समय-विभाजन।

यूपीएससी अंग्रेज़ी अनिवार्य (English Compulsory) पेपर सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का एक अर्हक (qualifying) पेपर है। इसमें 300 अंक होते हैं, और अर्ह होने के लिए अभ्यर्थी को कम-से-कम 25% (अर्थात् 75 अंक) लाने आवश्यक हैं। यहाँ अर्जित अंक अंतिम मेरिट-रैंकिंग में नहीं जुड़ते, परंतु यदि आप अर्हक सीमा पार नहीं करते तो आपकी पूरी मुख्य परीक्षा अयोग्य मान ली जाती है — GS और वैकल्पिक पेपर जाँचे ही नहीं जाते। यही एक तथ्य इस पेपर को भ्रामक रूप से ख़तरनाक बना देता है: तैयारी हो तो पास करना आसान; उपेक्षा हो तो विनाशकारी।

आधिकारिक स्थिति: अर्हक, न कि मेरिट-रैंकिंग

2013 की मुख्य परीक्षा योजना के तहत लागू किया गया अंग्रेज़ी अनिवार्य पेपर (भारतीय भाषा के लिए पेपर A भी समान है) मूल भाषायी दक्षता सुनिश्चित करने के लिए है। नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम और सिक्किम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों के अभ्यर्थियों को भारतीय भाषा के पेपर से छूट है, पर अंग्रेज़ी अनिवार्य सभी के लिए आवश्यक है।

पेपर संरचना: पाँच घटक, 300 अंक

अंग्रेज़ी अनिवार्य पेपर पैटर्न — मुख्य अवधारणाएँ
अंग्रेज़ी अनिवार्य पेपर पैटर्न
घटकअंकपरखा जाने वाला कौशल
निबंध (Essay)100लगभग 600 शब्दों में संरचित तर्क-प्रस्तुति
बोधगम्यता (Reading Comprehension)60अदृष्ट गद्यांशों की समझ
संक्षेपण (Precis Writing)60मूल को एक-तिहाई लंबाई में समेटना
अनुवाद (भारतीय भाषा ↔ अंग्रेज़ी)40द्विदिशात्मक अनुवाद
व्याकरण एवं प्रयोग40काल, वाच्य, मुहावरे, त्रुटि-पहचान

अवधि तीन घंटे; माध्यम अंग्रेज़ी है। संक्षेपण या बोधगम्यता में कोई विकल्प नहीं होता, और निबंध विषयों में सीमित विकल्प (आमतौर पर तीन) मिलते हैं।

पाठ्यक्रम — विस्तार में

यूपीएससी की अधिसूचना में पाठ्यक्रम एक ही अनुच्छेद में दिया गया है: “इस पेपर का उद्देश्य अभ्यर्थियों की गंभीर वैचारिक गद्य को पढ़ने-समझने तथा अपने विचारों को अंग्रेज़ी में स्पष्ट एवं शुद्ध रूप से अभिव्यक्त करने की क्षमता की जाँच करना है।” परखे जाने वाले क्षेत्र —

अर्हक सीमा: 25% का नियम

अंग्रेज़ी अनिवार्य पेपर पैटर्न — आँकड़े और विवरण
अंग्रेज़ी अनिवार्य पेपर पैटर्न

कटऑफ 300 में से 75 पर निश्चित है। GS पेपरों के विपरीत यह सापेक्ष (relative) नहीं, निरपेक्ष (absolute) है। यदि कोई अभ्यर्थी 74 अंक लाता है, तो GS में 900+ अंक आने पर भी वह अंग्रेज़ी अर्हक सीमा में असफल मान लिया जाएगा। आयोग कोई राउंड-अप नहीं करता।

यह English Literature (वैकल्पिक) से कैसे भिन्न है

अंग्रेज़ी अनिवार्य भाषा-दक्षता की परख करता है; English Literature (वैकल्पिक पेपर) साहित्यिक कृतियों — शेक्सपियर, मिल्टन, जेन ऑस्टिन, टी. एस. एलियट, आलोचना और साहित्यिक इतिहास — का ज्ञान परखता है। अनिवार्य पेपर की कोई पठन-सूची नहीं होती। एक को दूसरे से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

ऐतिहासिक पास दर और असफलता के उदाहरण

यूपीएससी पेपर-वार असफलता के आँकड़े सार्वजनिक नहीं करता, पर कोचिंग-संस्थानों के सर्वेक्षण बताते हैं कि हर साल लगभग 3–7% मुख्य परीक्षा अभ्यर्थी अंग्रेज़ी अर्हक सीमा में असफल होते हैं। 2013 बैच में कई उच्च-GS-अंक अभ्यर्थियों को संक्षेपण की ग़लतियों के कारण अंक 75 से नीचे आ जाने पर अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

तैयारी रणनीति

  1. प्रति सप्ताह The Hindu के सम्पादकीय से दो संक्षेपण-गद्यांश लिखें।
  2. दिए गए विषयों पर साप्ताहिक रूप से 600 शब्दों का एक पूर्ण निबंध प्रयास करें।
  3. Wren & Martin का व्याकरण पुनरावलोकन करें — वाक्य-रूपांतरण, वाच्य, प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष।
  4. अपनी भारतीय भाषा के समाचार-पत्र से प्रतिदिन 200 शब्दों का अंग्रेज़ी में अनुवाद करें।
  5. विगत 10 वर्षों के प्रश्नपत्र (PYQs) समयबद्ध परिस्थितियों में हल करें।

परीक्षा-कक्ष में समय-विभाजन

खंडसंस्तुत समय
निबंध60 मिनट
बोधगम्यता40 मिनट
संक्षेपण35 मिनट
अनुवाद25 मिनट
व्याकरण15 मिनट
पुनरावलोकन5 मिनट

पहले वही खंड करें जिसमें आप सबसे मज़बूत हैं — इससे आत्मविश्वास बनता है। अधिकांश टॉपर सबसे पहले व्याकरण करते हैं: त्वरित, सुनिश्चित।

सामान्य प्रश्न

क्या अंग्रेज़ी अनिवार्य यूपीएससी की अंतिम रैंक में गिना जाता है?

नहीं। यह एक अर्हक पेपर है। GS और वैकल्पिक पेपरों का मूल्यांकन करवाने के लिए आपको कम-से-कम 75/300 अंक लाने अनिवार्य हैं, परंतु ये अंक अंतिम मेरिट-स्कोर में नहीं जुड़ते।

न्यूनतम अर्हक अंक क्या है?

पच्चीस प्रतिशत — अर्थात् 300 में से 75 अंक। यह कटऑफ निरपेक्ष (absolute) है, सापेक्ष नहीं।

क्या पूर्वोत्तर के अभ्यर्थियों को अंग्रेज़ी अनिवार्य से छूट है?

नहीं। उन्हें केवल भारतीय भाषा पेपर (पेपर A) से छूट है। अंग्रेज़ी अनिवार्य (पेपर B) प्रत्येक मुख्य परीक्षा अभ्यर्थी के लिए अनिवार्य है।

यदि मैं अंग्रेज़ी अनिवार्य में असफल हो गया, पर GS में बहुत अधिक अंक आए, तो क्या होगा?

आपकी GS और वैकल्पिक उत्तर-पुस्तिकाएँ जाँची ही नहीं जाएँगी। अन्य पेपरों में प्रदर्शन चाहे जैसा हो, आप मुख्य परीक्षा से व्यावहारिक रूप से बाहर हो जाएँगे।

यह English Literature वैकल्पिक विषय से कैसे भिन्न है?

अंग्रेज़ी अनिवार्य व्यावहारिक भाषा-कौशल — व्याकरण, संक्षेपण, अनुवाद, निबंध — की परख करता है। English Literature एक वैकल्पिक विषय है जो शेक्सपियर, मिल्टन और आधुनिक आलोचना जैसी कृतियों के ज्ञान को परखता है।

तैयारी में कितने महीने लगते हैं?

स्नातक-स्तर की अंग्रेज़ी वाले अभ्यर्थी के लिए 6 से 8 सप्ताह का एकाग्र अभ्यास पर्याप्त है। कमज़ोर अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा से तीन महीने पहले से शुरू कर देना चाहिए।