UPSC लोक प्रशासन वैकल्पिक प्रश्न-पत्र 2026: पेपर I और पेपर II, सभी सवाल
UPSC लोक प्रशासन वैकल्पिक 2026 के पेपर I और II के सभी सवाल, नंबर और सिलेबस यूनिट के साथ, और यह भी कि 2026 में किस यूनिट पर कितने नंबर गए।
UPSC लोक प्रशासन वैकल्पिक 2026 के पेपर I और पेपर II यहाँ पूरे हैं: हर सवाल, उसके नंबर और वह सिलेबस की किस यूनिट से आया। दोनों पेपर तीन घंटे के और 250-250 नंबर के थे। हर पेपर में 8 सवाल छपे और 5 करने थे; सवाल 1 और 5 ज़रूरी थे, और बाकी तीन में दोनों खंडों से कम से कम एक-एक सवाल लेना था।
पेपर I प्रशासनिक सिद्धांत का है, विषय के प्रतिमानों से लेकर वित्तीय प्रशासन तक। पेपर II भारतीय प्रशासन का है, कौटिल्य के अर्थशास्त्र से लेकर ज़िला, शहरी और पुलिस प्रशासन तक। हर पेपर के बाद यूनिट के हिसाब से नंबरों का बँटवारा दिया है, जिससे पता चलता है कि 2026 में असल ज़ोर कहाँ था।
लोक प्रशासन वैकल्पिक 2026 पेपर I
आधिकारिक प्रश्न-पत्र: लोक प्रशासन वैकल्पिक 2026 पेपर I (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।
पेपर I ने सिलेबस की सभी 12 यूनिट छुईं और कोई यूनिट 45 नंबर से ऊपर नहीं गई: परिचय, प्रशासनिक चिंतन, प्रशासनिक व्यवहार और वित्तीय प्रशासन 45-45 नंबर पर बराबर रहे। विचारक जाने-पहचाने थे, पर उन्हें नई कसौटी पर रखा गया: टेलर को गिग इकॉनमी पर, मैक्ग्रेगर को उनकी अपनी थ्योरी Y पर, मैस्लो को मैक्लेलैण्ड के साथ, और हेडी को रिग्स के सामने। ज़्यादातर हिस्सों में 5+5=10 जैसा अंदरूनी बँटवारा भी छपा था, जो बताता है कि जवाब कितने हिस्सों में लिखना है।
खंड A
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट |
|---|---|---|---|
| 1(a) | “शासन से जुड़ी चर्चाओं और विश्लेषणों में अन्य विषयों के योगदान को शामिल करना अति आवश्यक है, न कि विषयों के अलग-अलग दायरों के प्रचलन को बनाए रखना।” टिप्पणी कीजिए। | 10 | परिचय |
| 1(b) | फ्रेडरिक टेलर के विचार आज के व्यावसायिक जगत में, सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में, ‘गिग इकोनॉमी’ सहित, अत्यधिक प्रासंगिक बने हुए हैं। टिप्पणी कीजिए। | 10 | प्रशासनिक चिंतन |
| 1(c) | एक पारदर्शी संगठन अपने स्टाफ को सभी गतिविधियों से अवगत रखता है। वर्णन कीजिए। | 10 | प्रशासनिक व्यवहार |
| 1(d) | क्या शासन-विधि के अंतर्गत सरकारें अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बन गई हैं ? स्पष्ट कीजिए। | 10 | जवाबदेही और नियंत्रण |
| 1(e) | “डाइसी के ‘विधि के शासन’ के तीन सिद्धांतों को एक लोकतांत्रिक समाज की महत्त्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आगे विकसित किया गया है।” विवेचना कीजिए। | 10 | प्रशासनिक विधि |
| 2(a) | लोक प्रशासन के विभिन्न प्रतिमान ‘कैसे’ और ‘क्यों’ के प्रश्नों का समाधान करते हैं, परन्तु वे इस विषय की केन्द्रीयता को अस्वीकार नहीं करते हैं। विवेचना कीजिए। | 20 | परिचय |
| 2(b) | डगलस मैक्ग्रेगर का ‘पेशेवर प्रबंधक’ एक तर्कसंगत, भावनात्मक व्यक्ति है जिसका प्राथमिक कार्य मतभेदों को दूर करना और एक प्रबंधकीय टीम का निर्माण करना है। स्पष्ट कीजिए कि ‘पेशेवर प्रबंधक’ का उनका विचार, थ्योरी ‘वाई’ (Y) से कैसे भिन्न है। | 15 | प्रशासनिक चिंतन |
| 2(c) | कार्यस्थल पर निष्पक्षता और समता की अनुभूति व्यक्तियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है। एक इकाई में उत्पादकता बढ़ाने के लिए निष्पक्षता और समता को किस प्रकार बढ़ावा दिया जा सकता है ? विवेचना कीजिए। | 15 | प्रशासनिक व्यवहार |
| 3(a) | एनपीएम (NPM) और सार्वजनिक शासन के दृष्टिकोणों के अंतर्गत विभिन्न रूपों के विकास के बावजूद, संगठनों में नौकरशाही के लक्षण अपरिवर्तित रहे हैं। इन नौकरशाही लक्षणों के बने रहने के कारण स्पष्ट कीजिए। | 20 | प्रशासनिक चिंतन |
| 3(b) | किसी भी संगठन के प्रबंधन की कोई एक सर्वोत्तम विधि नहीं है। इसके बजाए, यह संगठन की आंतरिक उप-प्रणालियों और उसके गतिशील बाहरी वातावरण के बीच इष्टतम संरचना और रणनीतिक सामंजस्य होता है। प्रकाश डालिए। | 15 | संगठन |
| 3(c) | न्यायिक नियंत्रण और न्यायिक अतिक्रमण के बीच का सूक्ष्म अंतर तब समाप्त हो जाता है जब न्यायिक विवेक का स्थान सक्रियता ले लेती है। समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। | 15 | जवाबदेही और नियंत्रण |
| 4(a) | अब्राहम मैस्लो ने आवश्यकताओं का सिद्धांत प्रतिपादित किया, जिसमें उन्होंने मानव की मूलभूत आवश्यकताओं को उनके महत्त्व के अनुसार क्रमबद्ध किया। मैक्लेलैण्ड का मत है कि हम सभी के पास तीन अभिप्रेरक होते हैं, और विभिन्न अभिप्रेरकों वाले व्यक्ति भिन्न प्रकार की विशेषताएँ प्रदर्शित करते हैं। समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। | 20 | प्रशासनिक व्यवहार |
| 4(b) | प्रत्यायोजित विधायन की कार्यात्मक दक्षता तथा जवाबदेही और विधि के शासन के लिए इससे उत्पन्न होने वाले जोखिमों के बीच तनाव का परीक्षण कीजिए। | 15 | प्रशासनिक विधि |
| 4(c) | पदानुक्रमित संरचनाएँ आधुनिक व्यावसायिक जगत के अनुरूप नहीं हैं। आधुनिक संगठनों की संरचना के विभिन्न रूपों पर चर्चा कीजिए। | 15 | संगठन |
खंड B
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट |
|---|---|---|---|
| 5(a) | नीति विज्ञानों का उद्देश्य बेहतर नीति-निर्माण के लिए नीतिगत ज्ञान विकसित करना है। टिप्पणी कीजिए। | 10 | लोक नीति |
| 5(b) | प्रशासनिक नैतिकता एक अमूर्त अवधारणा है, और व्यवहार में, ‘क्या है’ और ‘क्या होना चाहिए’ के बीच एक अनसुलझा द्वंद्व है। टिप्पणी कीजिए। | 10 | कार्मिक प्रशासन |
| 5(c) | क्या राज्य-संचालित विकास बाज़ार की शक्तियों का एक कृत्रिम विरूपण है ? विश्लेषण कीजिए। | 10 | विकास गतिकी |
| 5(d) | “विधि के प्राधिकार के बिना कोई कर न तो लगाया जाएगा और न ही संगृहीत किया जाएगा।” विश्लेषण कीजिए। | 10 | वित्तीय प्रशासन |
| 5(e) | कार्य अध्ययन और कार्य मापन प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि करने के उपाय हैं। टिप्पणी कीजिए। | 10 | प्रशासनिक सुधार की तकनीकें |
| 6(a) | “उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (एलपीजी) ने बाज़ार की दक्षता पर बल देते हुए कल्याणकारी राज्य के संरचनात्मक संकट का सफलतापूर्वक समाधान किया, जिससे सार्वजनिक सेवा के लिए आवश्यक सामाजिक समता के लक्ष्य क्षीण हो गए।” व्याख्या कीजिए। | 20 | विकास गतिकी |
| 6(b) | फेरेल हेडी की प्रशासनिक संरचनाओं पर बल और फ्रेड रिग्स के पारिस्थितिक ‘प्रिज़्मैटिक’ मॉडल के बीच के अंतरों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। इनमें से कौन-सी रूपरेखा विकासशील राष्ट्रों के अध्ययन हेतु अधिक प्रभावी साधन है ? परीक्षण कीजिए। | 15 | तुलनात्मक लोक प्रशासन |
| 6(c) | नई संचार प्रौद्योगिकी ने न केवल सरकार के साथ जनसंवाद को अधिक सशक्तता से संभव बनाया है, बल्कि यह आंतरिक संगठनात्मक सामूहिक कार्य (टीमवर्क) के एक नए माध्यम के रूप में भी सहायक है। विवेचना कीजिए। | 15 | प्रशासनिक सुधार की तकनीकें |
| 7(a) | तुलनात्मक लोक प्रशासन के उदय ने न केवल लोक प्रशासन के ज्ञान का विस्तार किया है, बल्कि एक अंतर-सांस्कृतिक व अंतर-राष्ट्रीय रूपरेखा के संदर्भ में इसकी समझ विकसित करने में भी योगदान दिया है। परीक्षण कीजिए। | 20 | तुलनात्मक लोक प्रशासन |
| 7(b) | नीति-निर्माण में तार्किकता एक चुनौती है, और इसका अभाव नीति प्रक्रिया के लिए एक संकटपूर्ण स्थिति है। परीक्षण कीजिए। | 15 | लोक नीति |
| 7(c) | आर्थिक विकास को गति देने के एक साधन के रूप में घाटे का बजट, सरकारी निवेश और पहल के साथ सामने आया। क्या उदारवादी विचारधारा के इस दौर में घाटे का बजट प्रासंगिक है ? अपने उत्तर का औचित्य सिद्ध कीजिए। | 15 | वित्तीय प्रशासन |
| 8(a) | वित्तीय ईमानदारी, कानूनों और प्रदर्शन मानकों का अनुपालन, तथा कुशल, किफ़ायती एवं प्रभावी सेवा वितरण प्रदर्शन – ये प्रत्येक सरकार के लिए अनिवार्य हैं। सार्वजनिक वित्तीय उत्तरदायिता सुनिश्चित करने हेतु वर्तमान में प्रचलित पद्धतियों की चर्चा कीजिए और इसके सुधार हेतु सुझाव भी प्रस्तुत कीजिए। | 20 | वित्तीय प्रशासन |
| 8(b) | “सार्वजनिक सेवाओं का आधुनिकीकरण दुनिया भर की सरकारों के लिए एक अपरिहार्य प्राथमिकता बन गया है।” उपर्युक्त कथन के आलोक में लोक सेवाओं के आधुनिकीकरण को प्रेरित करने वाली प्रमुख वैश्विक प्रवृत्तियों की विवेचना कीजिए। | 15 | परिचय |
| 8(c) | पर्ट (PERT) बड़े पैमाने की परियोजनाओं में समय-संबंधी अनिश्चितताओं के प्रबंधन के लिए एक परिष्कृत रूपरेखा प्रदान करता है। जटिल परिस्थितियों में इस तकनीक की रणनीतिक उपयोगिता और अंतर्निहित सीमाओं का मूल्यांकन कीजिए। | 15 | प्रशासनिक सुधार की तकनीकें |
2026 पेपर I: नंबर कहाँ रहे
| यूनिट | अंक | पेपर में हिस्सा |
|---|---|---|
| प्रशासनिक व्यवहार | 45 | 11.2% |
| प्रशासनिक चिंतन | 45 | 11.2% |
| वित्तीय प्रशासन | 45 | 11.2% |
| परिचय | 45 | 11.2% |
| प्रशासनिक सुधार की तकनीकें | 40 | 10.0% |
| तुलनात्मक लोक प्रशासन | 35 | 8.8% |
| विकास गतिकी | 30 | 7.5% |
| संगठन | 30 | 7.5% |
| जवाबदेही और नियंत्रण | 25 | 6.2% |
| प्रशासनिक विधि | 25 | 6.2% |
| लोक नीति | 25 | 6.2% |
| कार्मिक प्रशासन | 10 | 2.5% |
लोक प्रशासन वैकल्पिक 2026 पेपर II
आधिकारिक प्रश्न-पत्र: लोक प्रशासन वैकल्पिक 2026 पेपर II (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।
पेपर II में सिविल सेवाओं पर सबसे ज़्यादा 50 नंबर गए: लेटरल एंट्री, मिशन कर्मयोगी और राजनीतिक संस्कृति का नौकरशाही के बर्ताव पर असर। बाकी पेपर सपाट रहा, नौ यूनिट पर 30-30 नंबर, और संघ सरकार व प्रशासन वाली यूनिट से कोई सवाल मुख्य रूप से नहीं आया। पेपर II में वैकल्पिक सवालों का बँटवारा 20+20+10 था, पेपर I के 20+15+15 से अलग, यानी हर ऐसे सवाल में 20 नंबर के दो हिस्से।
खंड A
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट |
|---|---|---|---|
| 1(a) | अर्थशास्त्र की सीखें आज भी शासन को प्रभावी बना सकती है। सम्भावनाओं की तलाश कीजिए। | 10 | भारतीय प्रशासन का विकास |
| 1(b) | सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में सुधार न केवल टिकाऊ अपितु उद्विकासीय भी है। व्याख्या कीजिए। | 10 | सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम |
| 1(c) | रणनीतिक नियोजन के वर्तमान प्रतिमान की जड़ें सांकेतिक नियोजन में है। टिप्पणी कीजिए। | 10 | योजनाएँ और प्राथमिकताएँ |
| 1(d) | जिला प्रशासन एवं स्थानीय स्वशासन निकायों के मध्य कड़ियाँ अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो पाई हैं। मूल्यांकन कीजिए। | 10 | ज़िला प्रशासन |
| 1(e) | भारत में संविधानवाद विधि के शासन एवं सामाजिक न्याय का मार्ग प्रशस्त करता है। स्पष्ट कीजिए। | 10 | दार्शनिक और संवैधानिक ढाँचा |
| 2(a) | ब्रिटिश सिविल सेवा की एक महत्वपूर्ण विशेषता तटस्थता के नाम पर भारत के वाणिज्यिक एवं औद्योगिक हितों से प्रभावित होने से उसका खुला विरोध था। व्याख्या कीजिए। | 20 | भारतीय प्रशासन का विकास |
| 2(b) | भारत की राजनीतिक संस्कृति नौकरशाही के व्यवहार, व्यावसायिक सत्यनिष्ठा और सिविल सेवा आचरण का स्वरूप तय करती है। उचित उदाहरणों सहित व्याख्या कीजिए। | 20 | सिविल सेवाएँ |
| 2(c) | भारतीय संविधान के अन्तर्गत मौलिक अधिकारों को सामान्यतः केवल ऊर्ध्वाधरीय रूप में क्रियान्वित किया जाता है किन्तु विशाखा मामला इनके क्षैतिज अनुप्रयोग का प्रतिनिधित्व करता है। टिप्पणी कीजिए। | 10 | दार्शनिक और संवैधानिक ढाँचा |
| 3(a) | योजना आयोग ने आर्थिक विकास एवं सामाजिक न्याय हेतु नियोजन किया है, किन्तु नीति आयोग को विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि की सम्भावनाओं को साकार करने हेतु संरचित किया गया है। विवेचना कीजिए। | 20 | योजनाएँ और प्राथमिकताएँ |
| 3(b) | भारत सरकार ने आयुध फैक्टरी मण्डल का निगमीकरण किया है। सरकार की विनिवेश नीति के परिप्रेक्ष्य में इसका औचित्य स्पष्ट कीजिए। | 20 | सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम |
| 3(c) | भारत में प्रतियोगी संघवाद के पीछे राज्यों में स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना निहित थी किन्तु इसनें संकीर्णतावादी प्रवृत्तियों को अभिलक्षित किया है। टिप्पणी कीजिए। | 10 | राज्य सरकार और प्रशासन |
| 4(a) | भारत में संघ एवं राज्यों के मध्य विधायी सम्बन्धों में सार एवं तत्व का सिद्धान्त और पृथक्करण का सिद्धान्त, अपनी प्रकृति में सम्पूरक किन्तु अनुप्रयोग में पृथक हैं। विवेचना कीजिए। | 20 | राज्य सरकार और प्रशासन |
| 4(b) | भारत में जिला प्रशासन कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने, तथा विकास प्रबन्धन के मध्य द्वैतभाव के लिए जाना जाता है, यद्यपि दोनों कार्य अन्तर्निर्भर और परस्पर सुदृढ़न के हैं। व्याख्या कीजिए। | 20 | ज़िला प्रशासन |
| 4(c) | राज्यपालों एवं राज्य सरकारों के मध्य बढ़ती असहमति की घटनाओं के पीछे के कारणों को उल्लेखित कीजिए। | 10 | राज्य सरकार और प्रशासन |
खंड B
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट |
|---|---|---|---|
| 5(a) | भारत सरकार में पार्श्व प्रवेश (लेटरल इंट्री) वांछित दिशा में अग्रसर नहीं हो पाया है। इसके कारणों की व्याख्या कीजिए। | 10 | सिविल सेवाएँ |
| 5(b) | कभी-कभार ही अधिनियमित किए जाने के बावजूद भी कटौती प्रस्ताव संसदीय जवाबदेही के अहम उपकरण है। व्याख्या कीजिए। | 10 | वित्तीय प्रबंधन |
| 5(c) | भारत में प्रशासनिक सुधार एक दोधारी तलवार रही हैं। टिप्पणी कीजिए। | 10 | प्रशासनिक सुधार |
| 5(d) | जीवन सुगमता सूचकांक शहरी नियोजन हेतु आंकड़ा संचालित उपागम के लिए आधार प्रदान करता है। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। | 10 | शहरी स्थानीय शासन |
| 5(e) | नैतिकता और निजता के मामले पुलिस द्वारा साइबर अपराधों का मुकाबला करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए. आई.) के उभरते उपयोग को सीमित करते हैं। टिप्पणी कीजिए। | 10 | कानून-व्यवस्था प्रशासन |
| 6(a) | सिविल सेवा, क्षमता के गम्भीर मुद्दों से द्वन्द्वरत है और ये विभिन्न क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने में एक प्रमुख बाधा है। मिशन कर्मयोगी केवल इसका सम्पुष्टक हो सकता है किन्तु क्षमता की समस्त बाध्यताओं का निराकरण नहीं कर सकता। अपना मत दीजिए। | 20 | सिविल सेवाएँ |
| 6(b) | भारत में राज्यों का सार्वजनिक ऋण पिछले एक दशक में काफी बढ़ गया है। इस संदर्भ में राज्यों के विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबन्धन के नियोजन के अवरोधों का उल्लेख कीजिए। | 20 | वित्तीय प्रबंधन |
| 6(c) | समुदाय-आधारित आपदा जोखिम प्रबन्धन, विद्यमान आपदा जोखिम प्रबन्धन रणनीति की खामियों को पाटने का एक प्रत्युतर है। मूल्यांकन कीजिए। | 10 | भारतीय प्रशासन के अहम मुद्दे |
| 7(a) | भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने प्रकाश सिंह केस (मामला) में भारत में प्रभावी पुलिस सुधारों की आधारशीला रखी, किन्तु राज्यों ने इस अवसर को व्यर्थ ही गवां दिया। विवेचना कीजिए। | 20 | कानून-व्यवस्था प्रशासन |
| 7(b) | ग्रामीण विकास संस्थाओं और राज्य स्तरीय अभिकरणों के मध्य सम्पर्क के अभाव में प्रत्येक अपने-अपने स्तर पर अलग-थलग परिचालन को बढ़ावा देता है जिससे दोनों स्तरों पर अकुशलता परिलक्षित होती है। इसके कारण खोजिए। | 20 | ग्रामीण विकास |
| 7(c) | ‘भ्रष्टाचार के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता’ की भारत सरकार की प्रतिवद्धता एक बहु आयामी दृष्टिकोण है। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। | 10 | भारतीय प्रशासन के अहम मुद्दे |
| 8(a) | भारत के मेगा सिटिज (महानगरों) के सम्मुख प्रमुख प्रबंधन चुनौतियों और इनमें सन्तुलित भावी वृद्धि हेतु टिकाऊ एवं समावेशी शहरी विकास की रणनीतियों की विवेचना कीजिए। | 20 | शहरी स्थानीय शासन |
| 8(b) | अनेक प्रशासनिक सुधारों को समर्थन देने की राजनीतिक इच्छा शक्ति का अभाव उनके अपर्याप्त क्रियान्वयन का कारण बना है। औचित्य स्पष्ट कीजिए। | 20 | प्रशासनिक सुधार |
| 8(c) | पंचायतों में महिलायें स्थापित पितृसत्तात्मक मानकों को चुनौती देती हैं और समाज में व्याप्त संरचनात्मक असमानताओं का मुकाबला कर रही है। व्याख्या कीजिए। | 10 | ग्रामीण विकास |
2026 पेपर II: नंबर कहाँ रहे
| यूनिट | अंक | पेपर में हिस्सा |
|---|---|---|
| सिविल सेवाएँ | 50 | 12.5% |
| राज्य सरकार और प्रशासन | 40 | 10.0% |
| प्रशासनिक सुधार | 30 | 7.5% |
| ज़िला प्रशासन | 30 | 7.5% |
| भारतीय प्रशासन का विकास | 30 | 7.5% |
| वित्तीय प्रबंधन | 30 | 7.5% |
| कानून-व्यवस्था प्रशासन | 30 | 7.5% |
| योजनाएँ और प्राथमिकताएँ | 30 | 7.5% |
| सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम | 30 | 7.5% |
| ग्रामीण विकास | 30 | 7.5% |
| शहरी स्थानीय शासन | 30 | 7.5% |
| दार्शनिक और संवैधानिक ढाँचा | 20 | 5.0% |
| भारतीय प्रशासन के अहम मुद्दे | 20 | 5.0% |
2026 के लोक प्रशासन पेपर से क्या समझ आता है
दोनों पेपर ने अलग-अलग चीज़ें परखीं। पेपर I में विचारकों और सिद्धांतों को आज के संगठनों पर कसना था: वैज्ञानिक प्रबंधन को गिग काम पर, नौकरशाही के लक्षणों को NPM के बाद, और पदानुक्रम को नए ढाँचों के सामने। पेपर II में हाल का भारतीय प्रशासन बारीकी से चाहिए था: आयुध फैक्टरी बोर्ड का निगमीकरण, नीति आयोग, जीवन सुगमता सूचकांक, पुलिस में AI और प्रकाश सिंह केस के पुलिस सुधार।
तैयारी के लिए सबसे बड़ा संकेत यही फैलाव है। पेपर I ने सभी 12 यूनिट और पेपर II ने 14 में से 13 यूनिट छुईं, इसलिए दो-तीन यूनिट छोड़कर चलने वाले को परीक्षा के दिन कमज़ोर सवालों में से चुनना पड़ता है। पेपर II का 20+20+10 ढाँचा यह जोखिम और बढ़ाता है, क्योंकि 20 नंबर का एक कमज़ोर हिस्सा पूरे सवाल को नीचे खींच लेता है।
पेपर I ने चारों साल सभी 12 यूनिट से सवाल पूछे, पर भारी यूनिट बदलती रहीं। कार्मिक प्रशासन पर 2023 से 2025 तक 40, 45 और 40 नंबर आए, और 2026 में सिर्फ़ 10। विकास गतिकी 2025 में 65 तक पहुँची, जो चार साल में किसी एक यूनिट का सबसे बड़ा आँकड़ा है, और फिर 30 पर लौट आई। वित्तीय प्रशासन 45, 25 और 10 के बाद 2026 में फिर 45 पर पहुँचा।
पेपर II में राज्य सरकार और प्रशासन सबसे स्थिर भारी यूनिट रही: 40, 60, 60 और 40 नंबर। 2026 में सबसे आगे रही सिविल सेवाएँ (50) उससे पहले के तीन साल में 40, 50 और 30 पर थीं। कानून-व्यवस्था प्रशासन 2024 के 50 से गिरकर 2025 में 10 पर आया और 2026 में 30 पर, और ज़िला प्रशासन से 2024 में कोई सवाल नहीं था, पर अगले दो साल में 40 और 30 नंबर आए।
पेपर I: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026
| यूनिट | 2023 | 2024 | 2025 | 2026 |
|---|---|---|---|---|
| परिचय | 25 | 40 | 30 | 45 |
| प्रशासनिक चिंतन | 30 | 45 | 40 | 45 |
| प्रशासनिक व्यवहार | 60 | 30 | 45 | 45 |
| वित्तीय प्रशासन | 45 | 25 | 10 | 45 |
| प्रशासनिक सुधार की तकनीकें | 25 | 25 | 25 | 40 |
| तुलनात्मक लोक प्रशासन | 30 | 45 | 35 | 35 |
| संगठन | 35 | 25 | 15 | 30 |
| विकास गतिकी | 30 | 45 | 65 | 30 |
| जवाबदेही और नियंत्रण | 35 | 45 | 25 | 25 |
| प्रशासनिक विधि | 15 | 15 | 45 | 25 |
| लोक नीति | 30 | 15 | 25 | 25 |
| कार्मिक प्रशासन | 40 | 45 | 40 | 10 |
पेपर II: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026
| यूनिट | 2023 | 2024 | 2025 | 2026 |
|---|---|---|---|---|
| सिविल सेवाएँ | 40 | 50 | 30 | 50 |
| राज्य सरकार और प्रशासन | 40 | 60 | 60 | 40 |
| भारतीय प्रशासन का विकास | 10 | 20 | 30 | 30 |
| सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम | 0 | 40 | 20 | 30 |
| योजनाएँ और प्राथमिकताएँ | 40 | 30 | 20 | 30 |
| ज़िला प्रशासन | 20 | 0 | 40 | 30 |
| वित्तीय प्रबंधन | 30 | 30 | 40 | 30 |
| प्रशासनिक सुधार | 40 | 20 | 30 | 30 |
| ग्रामीण विकास | 50 | 20 | 30 | 30 |
| शहरी स्थानीय शासन | 0 | 20 | 30 | 30 |
| कानून-व्यवस्था प्रशासन | 40 | 50 | 10 | 30 |
| दार्शनिक और संवैधानिक ढाँचा | 40 | 40 | 30 | 20 |
| भारतीय प्रशासन के अहम मुद्दे | 50 | 20 | 30 | 20 |
विषय आपकी पृष्ठभूमि से मेल खाता है या नहीं, यह <a href=”/hindi-notes/lok-prashasan-vaikalpik-vishay-puri-guide/”>लोक प्रशासन वैकल्पिक विषय की पूरी गाइड</a> में समझिए; उसमें किताबें, 24 हफ्तों की तैयारी योजना और उत्तर लिखने की रणनीति है। सिलेबस, किताबें और उत्तर लेखन का तरीका अंग्रेज़ी में <a href=”/public-administration-optional/”>Public Administration optional strategy</a> पेज पर भी है।
पेपर II का बड़ा हिस्सा GS पेपर II से मिलता है, इसलिए अभ्यास के लिए <a href=”/upsc-mains-previous-year-questions/”>UPSC Mains के पिछले साल के सवाल</a> (अंग्रेज़ी में) भी काम आएँगे।
सामान्य प्रश्न
UPSC लोक प्रशासन वैकल्पिक 2026 में क्या पूछा गया?
पेपर I में प्रशासनिक सिद्धांत थे: विषय के प्रतिमान, टेलर, मैक्ग्रेगर, मैस्लो और मैक्लेलैण्ड, NPM के बाद नौकरशाही, तुलनात्मक प्रशासन, लोक नीति, PERT और वित्तीय जवाबदेही। पेपर II में भारतीय प्रशासन था: कौटिल्य का अर्थशास्त्र, नीति आयोग, ज़िला प्रशासन, राज्यपाल, लेटरल एंट्री, मिशन कर्मयोगी, पुलिस सुधार और शहरी शासन।
लोक प्रशासन के हर पेपर में कितने सवाल और नंबर होते हैं?
हर पेपर 250 नंबर और तीन घंटे का है। दो खंडों में 50-50 नंबर के 8 सवाल छपते हैं और 5 करने होते हैं; सवाल 1 और 5 ज़रूरी हैं और बाकी तीन में हर खंड से कम से कम एक। 2026 में पेपर I के वैकल्पिक सवाल 20+15+15 में बँटे थे और पेपर II के 20+20+10 में।
लोक प्रशासन 2026 का आधिकारिक पेपर कहाँ से डाउनलोड करें?
आधिकारिक पेपर upsc.gov.in के पिछले प्रश्न-पत्र वाले पेज पर हैं, हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में। इस पेज पर भी हर पेपर के साथ उसका डाउनलोड लिंक है।
इस पेपर का तैयारी में इस्तेमाल कैसे करें?
पेपर I से यह जाँचिए कि क्या आप किसी विचारक को जवाब की शुरुआती पंक्तियों में ही आज के किसी उदाहरण से जोड़ पाते हैं, क्योंकि कई सवाल ठीक यही माँगते हैं। पेपर II से अपने भारतीय प्रशासन वाले नोट्स को योजनाओं, आयोगों और अदालती फ़ैसलों के नाम पर परखिए। रिवीज़न की योजना बनाने से पहले दोनों पेपर से एक-एक पूरा सवाल घड़ी लगाकर लिखिए।
2026 का लोक प्रशासन पेपर पिछले सालों से कैसा है?
यह पेज सिर्फ़ 2026 पर है। दोनों पेपर में से पेपर I ज़्यादा बराबर बँटा था, सभी 12 यूनिट पूछी गईं और कोई 45 नंबर से ऊपर नहीं गई, जबकि पेपर II में सिविल सेवाओं पर 50 नंबर के साथ थोड़ा ज़्यादा ज़ोर रहा। पुराने सालों के लिए UPSC के पिछले प्रश्न-पत्र वाले पेज पर आधिकारिक पेपर सबसे भरोसेमंद हैं।
लोक प्रशासन पेपर I 2026 में कौन-से विचारक आए?
सवालों में फ्रेडरिक टेलर, डगलस मैक्ग्रेगर, अब्राहम मैस्लो, मैक्लेलैण्ड, डाइसी, फेरेल हेडी और फ्रेड रिग्स के नाम थे। वेबर की नौकरशाही उनका नाम लिए बिना पूछी गई, इस सवाल में कि NPM के बाद भी नौकरशाही के लक्षण क्यों बने हुए हैं।