Anantam IASHindi Note · 13 September 2026

UPSC मानवविज्ञान वैकल्पिक प्रश्न-पत्र 2026: पेपर I और पेपर II, सभी सवाल

UPSC मानवविज्ञान वैकल्पिक 2026 के पेपर I और पेपर II के सभी सवाल, नंबर और सिलेबस यूनिट के साथ, और किस यूनिट से कितने नंबर आए।

2026 के UPSC मानवविज्ञान वैकल्पिक के दोनों पेपर नीचे पूरे हैं, पेपर I और पेपर II, हर सवाल के नंबर और सिलेबस यूनिट के साथ। हर पेपर में 8 सवाल छपते हैं, कुल 400 नंबर के; आपको तीन घंटे में 5 सवाल करने होते हैं, 250 नंबर के लिए। सवाल 1 और 5 अनिवार्य हैं और दोनों छोटी टिप्पणियों के सेट हैं, बाकी तीन में हर खंड से कम से कम एक सवाल होना चाहिए।

सवाल वैसे ही हैं जैसे UPSC ने छापे थे। हर पेपर की शुरुआत में डाउनलोड लिंक है और आख़िर में यूनिट के हिसाब से नंबरों का बँटवारा। तैयारी की योजना के लिए यही हिस्सा देखिए, क्योंकि इससे पता चलता है कि 2026 में जैविक, पुरातात्विक और सामाजिक-सांस्कृतिक हिस्सों में ज़ोर कहाँ रहा।

मानवविज्ञान वैकल्पिक 2026 पेपर I

आधिकारिक प्रश्न-पत्र: मानवविज्ञान वैकल्पिक 2026 पेपर I (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।

मानवविज्ञान के सिद्धांत 65 नंबर के साथ सबसे बड़ी यूनिट रहे: संरचनावाद दो बार (2c में जाति और जेंडर पर, 8a में लीच बनाम गीर्ट्ज़), साथ में लेस्ली व्हाइट और संस्कृति व व्यक्तित्व। जैविक हिस्सा भी भारी रहा: मानव आनुवंशिकी, विकास और प्राइमेट, वृद्धि और प्रजनन और अनुप्रयोग मिलाकर 400 में से 175 नंबर। सवाल 3(c) हिमालयी क्षेत्र के पुरापाषाण स्थलों पर है, यानी भारतीय प्रागैतिहास पेपर I में आया, तो पेपर II वाली पुरातत्व की पढ़ाई दोनों जगह काम आती है।

खंड A

प्र.सवालअंकयूनिट
1(a)स्वास्थ्य, एक सांस्कृतिक संकल्पना के रूप में10पारिस्थितिक और महामारी मानवविज्ञान
1(b)कैनालाइज़ेशन और पूर्ति वृद्धि10वृद्धि, विकास और प्रजनन
1(c)मौखिक साहित्य के रूप में मिथक10धर्म
1(d)आनुवंशिक बहुरूपता और प्राकृतिक चयन10मानव आनुवंशिकी
1(e)जातीय पुरातत्त्व और शास्त्रीय पुरातत्त्व10प्रागैतिहासिक पुरातत्व और काल-निर्धारण
2(a)सोमैटोटाइप का क्या अर्थ है? हीथ-कार्टर मानवमितीय (ऐन्थ्रोपोमेट्रिक) विधि पर चर्चा कीजिए और इसके शेल्डन की विधि की तुलना में लाभ बताइए। खेल विज्ञान में सोमैटोटाइपिंग का प्रयोग कैसे किया जा सकता है?20वृद्धि, विकास और प्रजनन
2(b)धार्मिक मान्यताएँ लोगों को अपने पर्यावरण के अनुकूल ढलने के लिए सांस्कृतिक तंत्र विकसित करने में किस प्रकार सहायता करती हैं? उपयुक्त उदाहरणों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा कीजिए।15धर्म
2(c)संरचनावाद का सिद्धांत जाति और लिंग की अवधारणाओं को समझने में किस प्रकार सहायक है?15मानवविज्ञान के सिद्धांत
3(a)बदलते राजनीतिक संगठनों के साथ शक्ति, सत्ता, वैधता और सामाजिक नियंत्रण की अवधारणाएँ किस प्रकार बदलती हैं? उपयुक्त उदाहरणों की सहायता से विस्तारपूर्वक चर्चा कीजिए।20राजनीतिक संगठन और सामाजिक नियंत्रण
3(b)मानव विकास जैविक और सांस्कृतिक दोनों कारकों का परिणाम है। विस्तार से बताइए।15मानव विकास, प्राइमेट और होमिनिड
3(c)उपकरणों के तकनीकी प्रकारों/प्रारूपों पर प्रकाश डालते हुए हिमालयी और उप-हिमालयी क्षेत्रों के आस-पास के पुरापाषाणकालीन स्थलों के वितरण का विवरण दीजिए।15प्रागैतिहासिक पुरातत्व और काल-निर्धारण
4(a)पैरांथ्रोपस की वंशानुगत स्थिति, विशिष्ट विशेषताएँ, भौगोलिक वितरण और जीवनशैली पर चर्चा कीजिए।20मानव विकास, प्राइमेट और होमिनिड
4(b)मानव समाजों में नातेदारी व्यवस्थाओं के विकास के आधार के रूप में ‘अगम्यगमन निषेध’ पर चर्चा कीजिए।15विवाह, परिवार और नातेदारी
4(c)संख्यात्मक गुणसूत्र विपथन आटोसोम और सेक्स गुणसूत्र दोनों में असमानताओं के कारण हो सकते हैं। मानव शरीर पर इनके प्रभावों के संदर्भ में उपयुक्त उदाहरणों के साथ विस्तार से बताइए।15मानव आनुवंशिकी

खंड B

प्र.सवालअंकयूनिट
5(a)मानवशास्त्रीय क्षेत्र-कार्य में नैतिकता10शोध पद्धतियाँ
5(b)नाभिकीय और माइटोकॉन्ड्रियल डी० एन० ए० की विशिष्ट विशेषताएँ10मानव आनुवंशिकी
5(c)नारीवादी आन्दोलन और परिवार10विवाह, परिवार और नातेदारी
5(d)एर्गोनॉमिक्स में मानवमिति10मानवविज्ञान के अनुप्रयोग
5(e)थर्मोल्यूमिनेसेंस तिथि-निर्धारण विधि10प्रागैतिहासिक पुरातत्व और काल-निर्धारण
6(a)आप यह कैसे पता लगाएँगे कि कोई विशेष रोग/विकार वंशानुगत है और यदि हाँ, तो किस प्रकार से वंशानुगत है? उपयुक्त उदाहरणों के साथ विस्तार से बताइए।20मानव आनुवंशिकी
6(b)लेस्ली व्हाइट के सिद्धांत के आलोक में आलोचनात्मक चर्चा कीजिए कि संस्कृति किस प्रकार मानवीय व्यवहार को निर्धारित करती है।15मानवविज्ञान के सिद्धांत
6(c)स्ट्रेप्सिराइनी प्राइमेट क्या हैं? उनके भौगोलिक वितरण का वर्णन कीजिए और उन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए, जो उन्हें हैप्लोराइनी प्राइमेट से अलग करती हैं।15मानव विकास, प्राइमेट और होमिनिड
7(a)मानवशास्त्रीय अनुसंधान में मिश्रित विधि दृष्टिकोण पर चर्चा कीजिए।20शोध पद्धतियाँ
7(b)प्रजनन शक्ति और मृत्यु-संख्या से आपका क्या तात्पर्य है? जैविक और सामाजिक-पारिस्थितिक कारक इन्हें किस प्रकार प्रभावित करते हैं?15वृद्धि, विकास और प्रजनन
7(c)यूरोप की मैग्डेलेनियन सांस्कृतिक परंपरा की विशिष्ट विशेषताओं, कालक्रम, भौगोलिक वितरण, उपकरणों के प्रकार और जीवनशैली पर एक विस्तृत टिप्पणी लिखिए।15प्रागैतिहासिक पुरातत्व और काल-निर्धारण
8(a)एडमंड लीच के संरचनावाद की तुलना क्लिफोर्ड गीर्ट्ज़ के व्याख्यात्मक मानवशास्त्र से कीजिए।20मानवविज्ञान के सिद्धांत
8(b)हमारी सेरोजेनेटिक्स और साइटोजेनेटिक्स की समझ प्रजनन जीवविज्ञान में किस प्रकार उपयोगी है? प्रजनन टेक्नोलॉजी से जुड़े मुख्य नैतिक मुद्दे कौन-से हैं?15मानवविज्ञान के अनुप्रयोग
8(c)उपयुक्त उदाहरणों के साथ चर्चा कीजिए कि किस प्रकार व्यक्तित्व के मूल प्रकार राष्ट्रीय चरित्र के निर्माण में सहायक हो सकते हैं।15मानवविज्ञान के सिद्धांत

2026 पेपर I: नंबर कहाँ रहे

यूनिटअंकपेपर में हिस्सा
मानवविज्ञान के सिद्धांत6516.2%
मानव आनुवंशिकी5513.8%
मानव विकास, प्राइमेट और होमिनिड5012.5%
प्रागैतिहासिक पुरातत्व और काल-निर्धारण5012.5%
वृद्धि, विकास और प्रजनन4511.2%
शोध पद्धतियाँ307.5%
मानवविज्ञान के अनुप्रयोग256.2%
विवाह, परिवार और नातेदारी256.2%
धर्म256.2%
राजनीतिक संगठन और सामाजिक नियंत्रण205.0%
पारिस्थितिक और महामारी मानवविज्ञान102.5%

मानवविज्ञान वैकल्पिक 2026 पेपर II

आधिकारिक प्रश्न-पत्र: मानवविज्ञान वैकल्पिक 2026 पेपर II (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।

भारत में मानवविज्ञान, यानी इसके विद्वानों वाली यूनिट, 60 नंबर के साथ सबसे बड़ी रही, और एल्विन (4a) और बेली के बिसिपारा अध्ययन (3a) को जोड़ें तो छह हिस्से, कुल 100 नंबर, किसी नामी मानवविज्ञानी या प्रशासक-विद्वान के काम पर टिके थे। जनजातीय नीति, विकास, समस्याएँ और आंदोलन मिलाकर 130 नंबर ले गए, और मौजूदा योजनाएँ नाम से पूछी गईं: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (2b) और DAPST (7c)। प्रागैतिहास और पुरा-मानवविज्ञान से भी 70 नंबर आए, नर्मदा मानव की बहस से लेकर गंगा घाटी के मध्यपाषाण काल तक।

खंड A

प्र.सवालअंकयूनिट
1(a)द्रविड़ भाषा परिवार और इस के जनजातीय बोलने वाले।10जनांकिकीय स्वरूप और जनसंख्या विविधता
1(b)बीज खाने वाले होमिनिड विभेदन का मॉडल।10भारत से पुरा-मानववैज्ञानिक साक्ष्य
1(c)ताना भगत आन्दोलन।10जनजातीय आंदोलन और नृजातीयता
1(d)द्वीपों के विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह (पी.भी.टी.जी.)।10जनजातीय प्रशासन और नीति
1(e)जनजातीय आन्दोलनों के अध्ययन में कुमार सुरेश सिंह का योगदान।10भारत में मानवविज्ञान: विद्वान
2(a)जजमानी व्यवस्था की अवधारणा से संबंधित प्रमुख वाद-विवाद क्या हैं ?20जाति व्यवस्था और पवित्र संकुल
2(b)‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लक्ष्य कुछ सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करना है।’ चर्चा कीजिए।15जनजातीय विकास और सामाजिक बदलाव
2(c)सिंधु घाटी सभ्यता की फसलों और पालतू पशुओं के संबंध में क्या-क्या प्रमाण उपलब्ध हैं ? सिंधु लिपि के संबंध में विद्वानों के क्या विचार हैं ?15भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास
3(a)एफ. जी. बेली द्वारा ओडिशा के बिसिपारा गाँव पर किए गए अध्ययन की प्रासंगिकता का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।20भारतीय गाँव
3(b)झारखण्ड की आदिवासी आबादी पर ईसाई धर्म के प्रभाव पर चर्चा कीजिए।15धर्मों का असर
3(c)उदाहरणों सहित चर्चा कीजिए कि भारत में नृजातीय पुरातत्वीय (इथ्नोआर्किलॉजिकल) अध्ययनों के लिए सामान्य तुलनात्मक सादृश्य का उपयोग किस प्रकार किया गया है।15भारत में नृजातीय पुरातत्व
4(a)स्वतंत्रता के बाद के भारत में जनजातीय आबादी के लिए नीतियां विकसित करने में वेरियर एलविन के योगदान का विवरण लिखिए।20जनजातीय प्रशासन और नीति
4(b)सोमाटोमेट्रिक और सोमाटोस्कोपिक विशेषताओं के आधार पर भारतीय आबादी के वर्गीकरण से जनसंख्या विविधता की एक सामान्य समझ विकसित करने में विफलता क्यों मिली ?15जनांकिकीय स्वरूप और जनसंख्या विविधता
4(c)खनन के कारण हुए विस्थापन के खिलाफ नियमगिरि आंदोलन का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।15जनजातीय आंदोलन और नृजातीयता

खंड B

प्र.सवालअंकयूनिट
5(a)भारत की बौद्ध जनजातियाँ।10धर्मों का असर
5(b)नर्मदा मानव की विकासवादी वृक्ष (फाइलोजेनेटीक) स्थिति को लेकर वहस।10भारत से पुरा-मानववैज्ञानिक साक्ष्य
5(c)भारतीय संविधान का अनुच्छेद 371ए।10संवैधानिक सुरक्षा उपाय
5(d)प्रकृति-मनुष्य-आत्मा-संकुल।10जाति व्यवस्था और पवित्र संकुल
5(e)नृविज्ञान में एल. के. अनन्ताकृष्ण अय्यर का योगदान।10भारत में मानवविज्ञान: विद्वान
6(a)गंगा घाटी की मध्यपाषाण कालीन संस्कृति का विभिन्न स्थलों से उत्खनित पुरावशेषों, जीव-अवशेषों तथा मानव कंकाल-अवशेषों के संदर्भ में, एक आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।20भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास
6(b)भारत की जनजातीय आबादी पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रभाव की चर्चा कीजिए।15जनजातीय विकास और सामाजिक बदलाव
6(c)भारत की जनजातीय आबादी में सिकल सेल रोग की व्यापकता पर एक लेख लिखिए। इस रोग से निपटने के लिए प्रभावित राज्यों द्वारा कौन सी पहलें की गई हैं ?15जनजातीय समुदायों की समस्याएँ
7(a)उत्तर-पूर्वी भारत की जनजातीय आबादी के अध्ययन में औपनिवेशिक विद्वानों के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।20भारत में मानवविज्ञान: विद्वान
7(b)क्या भारत में गैर-हिंदू समुदायों के बीच एक सामाजिक श्रेणी के रूप में जाति का अस्तित्व है ? अपने उत्तर को उपयुक्त उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।15जाति व्यवस्था और पवित्र संकुल
7(c)अनुसूचित जनजातियों के लिए विकास कार्य योजना (DAPST) पर एक विवरण दीजिए।15जनजातीय प्रशासन और नीति
8(a)सुरजीत सिन्हा के इस तर्क का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें कि जनजातियाँ और जातियाँ अलग सामाजिक श्रेणियाँ नहीं हैं, बल्कि वे वृहत्तर भारतीय सभ्यता का ही एक अंग हैं।20भारत में मानवविज्ञान: विद्वान
8(b)समकालीन भारत में जनजातीय समुदायों को किन प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है ?15जनजातीय समुदायों की समस्याएँ
8(c)भारत के संविधान में अनुसूचित जाति की आबादी की सुरक्षा के लिए क्या प्रावधान दिए गए है ?15संवैधानिक सुरक्षा उपाय

2026 पेपर II: नंबर कहाँ रहे

यूनिटअंकपेपर में हिस्सा
भारत में मानवविज्ञान: विद्वान6015.0%
जाति व्यवस्था और पवित्र संकुल4511.2%
जनजातीय प्रशासन और नीति4511.2%
भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास358.8%
जनजातीय समुदायों की समस्याएँ307.5%
जनजातीय विकास और सामाजिक बदलाव307.5%
संवैधानिक सुरक्षा उपाय256.2%
जनांकिकीय स्वरूप और जनसंख्या विविधता256.2%
धर्मों का असर256.2%
जनजातीय आंदोलन और नृजातीयता256.2%
भारतीय गाँव205.0%
भारत से पुरा-मानववैज्ञानिक साक्ष्य205.0%
भारत में नृजातीय पुरातत्व153.8%

2026 के मानवविज्ञान पेपर में ज़ोर कहाँ रहा

पेपर I सिलेबस के दोनों हिस्सों में लगभग बराबर बँटा। आनुवंशिकी, विकास, वृद्धि और अनुप्रयोग से 175 नंबर आए; सिद्धांत, धर्म, नातेदारी, राजनीतिक संगठन और शोध पद्धति से 165; प्रागैतिहासिक पुरातत्व से 50, और बाकी 10 स्वास्थ्य को सांस्कृतिक रचना मानने वाले नोट से। सिद्धांत वाले सवाल सिर्फ़ नाम गिनाने के नहीं थे: 2(c) में संरचनावाद को जाति और जेंडर पर लागू करना है, 8(c) में बताना है कि मूल व्यक्तित्व प्रकार राष्ट्रीय चरित्र कैसे बनाते हैं, इसलिए हर उत्तर में एक ठोस उदाहरण चाहिए।

पेपर II में यह जानना काम आया कि भारतीय समाज पर किसने क्या कहा। के. एस. सिंह, एल. के. अनंतकृष्ण अय्यर, सुरजीत सिन्हा, वेरियर एल्विन और एफ. जी. बेली, सब नाम से आए, और 7(a) में उत्तर-पूर्व की जनजातियों पर औपनिवेशिक विद्वानों का काम पूछा गया। जनजातीय हिस्सा नीति से भी जुड़ा रहा: धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान को सतत विकास लक्ष्यों से जोड़कर पूछा गया, और 6(c) में सिकल सेल रोग के साथ प्रभावित राज्यों की पहलें भी माँगी गईं।

संविधान वाले सवाल सीधे और तथ्य वाले थे। अनुच्छेद 371A (5c) और अनुसूचित जातियों के संवैधानिक सुरक्षा उपाय (8c) मिलाकर 25 नंबर, जो अच्छी तरह बनाई गई एक सूची से सीधे मिल जाते हैं।

पेपर I में ‘प्रागैतिहासिक पुरातत्व और काल-निर्धारण’ चारों साल ठीक 50 नंबर पर रहा। ‘मानवविज्ञान के सिद्धांत’ ज़्यादातर साल सबसे बड़ी यूनिट है: 65, 85, 110 और 65। इस टेबल में संस्कृति की प्रकृति, भाषा और मानवविज्ञान के दायरे वाले सवाल भी इसी यूनिट में गिने गए हैं, क्योंकि उनकी अलग पंक्ति नहीं है। 2025 के 110 में से 75 नंबर इन्हीं सवालों के थे। ‘मानव आनुवंशिकी’ 2024 में 90 पर सबसे ऊपर थी, उसके बाद 55 पर टिकी है। ‘वृद्धि, विकास और प्रजनन’ सबसे असमान रही: 2023 में 25, 2024 में शून्य, 2025 में 20 और 2026 में 45। ‘मानव विकास, प्राइमेट और होमिनिड’ 2024 के 35 से बढ़कर 2026 में 50 पर पहुँची।

पेपर II में ‘भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास’ हर साल 35 से 50 नंबर के बीच रहा। बाकी बड़ी यूनिट बारी-बारी से ऊपर आती हैं। ‘जाति व्यवस्था और पवित्र संकुल’ 2023 में 85 नंबर के साथ सबसे आगे थी। 2024 में यह 15 पर गिरी, फिर 2025 में 30 और 2026 में 45 पर लौटी। ‘जनजातीय समुदायों की समस्याएँ’ 2023 के 15 से 2024 में 80 पर पहुँची, फिर 25 और 30 पर आ गई। ‘जनजातीय आंदोलन और नृजातीयता’ 2024 में 45 और 2025 में 50 तक गई, फिर 2026 में आधी होकर 25 रह गई। ‘भारत में मानवविज्ञान: विद्वान’ ऊपर-नीचे होती रही: 35, 60, 15, 60। ‘भारत में नृजातीय पुरातत्व’ सबसे पतली यूनिट है: 2023 में 10, 2024 और 2025 में कुछ नहीं, और 2026 में 15।

पेपर I: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026

यूनिट2023202420252026
मानव विकास, प्राइमेट और होमिनिड40354550
प्रागैतिहासिक पुरातत्व और काल-निर्धारण50505050
विवाह, परिवार और नातेदारी35253025
राजनीतिक संगठन और सामाजिक नियंत्रण2540020
धर्म1501525
मानवविज्ञान के सिद्धांत658511065
शोध पद्धतियाँ40302530
मानव आनुवंशिकी60905555
पारिस्थितिक और महामारी मानवविज्ञान15153510
वृद्धि, विकास और प्रजनन2502045
मानवविज्ञान के अनुप्रयोग30301525

पेपर II: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026

यूनिट2023202420252026
भारतीय संस्कृति और सभ्यता का विकास40504035
भारत से पुरा-मानववैज्ञानिक साक्ष्य2503020
भारत में नृजातीय पुरातत्व100015
जनांकिकीय स्वरूप और जनसंख्या विविधता45354525
जाति व्यवस्था और पवित्र संकुल85153045
धर्मों का असर25251525
भारत में मानवविज्ञान: विद्वान35601560
भारतीय गाँव10254020
जनजातीय समुदायों की समस्याएँ15802530
संवैधानिक सुरक्षा उपाय25201525
जनजातीय विकास और सामाजिक बदलाव30154030
जनजातीय आंदोलन और नृजातीयता15455025
जनजातीय प्रशासन और नीति40305545

पूरा सिलेबस, हर बिंदु के साथ, <a href=”/anthropology-optional-syllabus/”>मानवविज्ञान वैकल्पिक सिलेबस</a> पेज पर है (अंग्रेज़ी में), और ऊपर की यूनिटें उसी के शीर्षकों पर हैं। तैयारी के लिए <a href=”/upsc-anthropology-notes/”>UPSC मानवविज्ञान नोट्स</a> (अंग्रेज़ी में) दोनों पेपर कवर करते हैं।

विषय अभी तय नहीं किया है तो पहले <a href=”/hindi-notes/upsc-manavavigyan-vaikalpik-vishay-puri-guide/”>UPSC मानवविज्ञान वैकल्पिक विषय की पूरी गाइड</a> पढ़िए।

सामान्य प्रश्न

UPSC मानवविज्ञान वैकल्पिक 2026 में क्या पूछा गया?

पेपर I में मानवविज्ञान के सिद्धांत (संरचनावाद दो बार, लेस्ली व्हाइट, संस्कृति और व्यक्तित्व), मानव आनुवंशिकी, पैरान्थ्रोपस और स्ट्रेप्सिराइनी प्राइमेट, मैग्डेलेनियन से लेकर थर्मोल्यूमिनेसेंस तिथि-निर्धारण तक का प्रागैतिहास और एर्गोनॉमिक्स में मानवमिति पूछे गए। पेपर II में भारतीय प्रागैतिहास और नर्मदा मानव की बहस, जाति और जजमानी व्यवस्था, भारतीय मानवविज्ञानी नाम से, और जनजातीय नीति, समस्याएँ और आंदोलन आए।

मानवविज्ञान के हर पेपर में कितने सवाल और कितने नंबर होते हैं?

हर पेपर में दो खंडों में 8 सवाल होते हैं, हर सवाल 50 नंबर का, और आपको तीन घंटे में 5 सवाल करने होते हैं, 250 नंबर के लिए। 2026 के दोनों पेपर में सवाल 1 और 5 लगभग 150 शब्दों की 10-10 नंबर की पाँच टिप्पणियाँ थे, और बाकी सवाल 20, 15 और 15 नंबर के हिस्सों में बँटे थे।

2026 के आधिकारिक मानवविज्ञान प्रश्न-पत्र कहाँ से डाउनलोड करें?

UPSC अपनी वेबसाइट upsc.gov.in के previous question papers पेज पर मुख्य परीक्षा के आधिकारिक प्रश्न-पत्र PDF में डालता है, और 2026 के दोनों मानवविज्ञान पेपर वहीं हैं। इस पेज पर भी हर पेपर की शुरुआत में डाउनलोड लिंक है।

2026 के पेपर से तैयारी में कैसे मदद लें?

पहले दोनों अनिवार्य टिप्पणी वाले सवाल घड़ी लगाकर लिखिए, क्योंकि कैनालाइज़ेशन या थर्मोल्यूमिनेसेंस जैसे शब्दों पर टिप्पणी में सटीक परिभाषा और एक उदाहरण ही नंबर दिलाते हैं। फिर यूनिट वाले बँटवारे से तय कीजिए कि अगली पूरी प्रैक्टिस से पहले नोट्स के किस हिस्से को और गहराई चाहिए।

2026 का मानवविज्ञान पेपर सिलेबस के हिसाब से कैसा रहा?

पेपर I लगभग बराबर बँटा: 175 नंबर जैविक हिस्से से, 165 सामाजिक-सांस्कृतिक हिस्से से और 50 प्रागैतिहासिक पुरातत्व से। पेपर II में 130 नंबर जनजातीय नीति, विकास, समस्याओं और आंदोलनों को मिले और 60 भारत में मानवविज्ञान के इतिहास को, जो उस पेपर के दो सबसे बड़े हिस्से रहे।

क्या मानवविज्ञान पेपर II ज़्यादातर जनजातियों पर होता है?

लगभग एक तिहाई। 2026 में जनजातीय नीति, विकास, समस्याएँ और आंदोलन 400 में से 130 नंबर ले गए, और कुछ विद्वानों व संविधान वाले सवाल भी जनजातियों से जुड़े थे। बाकी नंबर भारतीय प्रागैतिहास, जाति और पवित्र संकुल, धर्म, गाँव के अध्ययन और भारत में मानवविज्ञान के इतिहास से आए।