Anantam IASPost · 18 April 2026

हिंदी मुहावरे और लोकोक्तियां: अर्थ और प्रयोग

Study Notes · Hindi - Compulsory

100+ महत्वपूर्ण हिंदी मुहावरों एवं लोकोक्तियों का संग्रह — अर्थ तथा उदाहरण वाक्य सहित। UPSC हिंदी अनिवार्य हेतु विशेष।

मुहावरा लाक्षणिक अर्थ वाला पद-समूह है (जैसे ‘नाक में दम करना’ = बहुत परेशान करना), जबकि लोकोक्ति या कहावत लोक-अनुभव को व्यक्त करने वाला पूर्ण वाक्य है (जैसे ‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत’)। इस पृष्ठ पर 100 से अधिक प्रमुख हिंदी मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ उनके अर्थ तथा वाक्य-प्रयोग सहित तालिका रूप में संकलित हैं।

मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ हिंदी भाषा की प्राणवायु हैं। ये भाषा को सजीव, सरस एवं प्रभावी बनाती हैं। UPSC हिंदी अनिवार्य प्रश्नपत्र में मुहावरा-लोकोक्ति से प्रतिवर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ 100 से अधिक महत्वपूर्ण मुहावरों एवं लोकोक्तियों का संग्रह अर्थ तथा वाक्य प्रयोग सहित दिया गया है।

मुहावरा और लोकोक्ति: परिभाषा

मुहावरा

मुहावरा वह पद-समूह है जिसका अर्थ शाब्दिक न होकर लाक्षणिक होता है। यह स्वयं में पूर्ण वाक्य नहीं होता, अपितु वाक्य में प्रयुक्त होता है। जैसे — ‘नाक में दम करना’ का अर्थ ‘नाक में साँस लेना’ नहीं, अपितु ‘बहुत परेशान करना’ है।

लोकोक्ति

लोकोक्ति (कहावत) वह पूर्ण वाक्य है जो लोक-अनुभव को संक्षिप्त रूप में व्यक्त करता है। इसमें उपदेश तथा व्यंग्य दोनों हो सकते हैं। जैसे — ‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत।’

मुहावरा बनाम लोकोक्ति

हिंदी मुहावरे और लोकोक्तियां — concept breakdown
मुख्य अवधारणा विश्लेषण।
मुहावरालोकोक्ति
पद-समूह होता है, स्वयं पूर्ण वाक्य नहीं।पूर्ण वाक्य होती है।
वाक्य में प्रयुक्त होता है।स्वतंत्र रूप से उद्धृत की जाती है।
अर्थ लाक्षणिक होता है।अनुभवजन्य सामान्य सत्य।
उदाहरण: आँख का तारा।उदाहरण: अब पछताए होत क्या।

80+ महत्वपूर्ण हिंदी मुहावरे

मुहावराअर्थउदाहरण वाक्य
आँख का ताराअत्यंत प्रियश्याम अपने माता-पिता की आँख का तारा है।
आँखें चुरानाबचकर निकलनाअपराधी पुलिस से आँखें चुराने लगा।
आँखें दिखानाक्रोध करनाशिक्षक ने छात्र को आँखें दिखाईं।
आँख लगनानींद आ जानापढ़ते-पढ़ते आँख लग गई।
अंगूठा दिखानाइंकार करनावादा करके मित्र ने अंगूठा दिखा दिया।
आसमान से बातें करनाबहुत ऊँचा होनाकुतुबमीनार मानो आसमान से बातें करती है।
आग बबूला होनाअत्यंत क्रोधित होनापुत्र की असफलता पर पिता आग बबूला हो गए।
आग में घी डालनाक्रोध भड़कानाउसकी बात ने झगड़े में आग में घी डालने का काम किया।
आकाश-पाताल एक करनाअसंभव प्रयास करनाडाकुओं की खोज में पुलिस ने आकाश-पाताल एक कर दिया।
ईद का चाँद होनाबहुत दिनों बाद मिलनाआजकल तो तुम ईद का चाँद हो गए हो।
उँगली उठानादोष लगानासज्जन पर कोई उँगली नहीं उठा सकता।
उल्टी गंगा बहानाविपरीत कार्य करनावह तो सदा उल्टी गंगा बहाता है।
उन्नीस-बीस का अंतरबहुत कम अंतरदोनों भाइयों में उन्नीस-बीस का अंतर है।
एड़ी-चोटी का जोर लगानापूर्ण प्रयत्न करनापरीक्षा में उसने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया।
कलम तोड़नाश्रेष्ठ लेख लिखनाप्रेमचंद ने ‘गोदान’ में कलम तोड़ दी।
कान भरनाचुगली करनाईर्ष्यालु ने राजा के कान भर दिए।
कान पर जूँ न रेंगनाध्यान न देनाइतनी डाँट पर भी उसके कान पर जूँ न रेंगी।
कमर टूटनानिराश होनाव्यापार में हानि से कमर टूट गई।
कागज काला करनाबिना अर्थ का लिखनाइस पुस्तक में केवल कागज काला किया गया है।
खाक छाननाभटकनारोजगार के लिए उसने खाक छान मारी।
खून का घूँट पीनाक्रोध दबानाअपमान पर भी उसने खून का घूँट पीकर रह गए।
खून-पसीना एक करनाकठोर परिश्रमकिसान खेत में खून-पसीना एक कर देता है।
गुदड़ी का लालगरीब घर का प्रतिभाशालीअब्दुल कलाम गुदड़ी के लाल थे।
गागर में सागर भरनासंक्षेप में बहुत कहनाबिहारी ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया।
गाल बजानाडींग हाँकनाअसमर्थ व्यक्ति केवल गाल बजाता है।
घाव पर नमक छिड़कनादुःखी को और दुःखी करनाउसकी बातों ने घाव पर नमक छिड़क दिया।
घड़ों पानी पड़नाबहुत लज्जित होनाझूठ पकड़े जाने पर घड़ों पानी पड़ गया।
चार चाँद लगानाशोभा बढ़ानासरस्वती पूजा ने विद्यालय की शोभा में चार चाँद लगा दिए।
चिकना घड़ानिर्लज्जवह तो चिकना घड़ा है, कुछ असर नहीं होता।
चूल्हा ठंडा होनाभोजन न बननाआज चूल्हा ठंडा रहा।
छाती पर साँप लोटनाईर्ष्या होनामित्र की सफलता पर उसकी छाती पर साँप लोट गए।
जान हथेली पर रखनाजोखिम उठानासैनिक जान हथेली पर रखकर लड़ते हैं।
टस से मस न होनान हिलनाअनुरोध पर भी वह टस से मस न हुआ।
टका-सा जवाब देनास्पष्ट मना करनासहायता माँगने पर उसने टका-सा जवाब दे दिया।
ठन-ठन गोपालधनहीनइस समय तो मैं ठन-ठन गोपाल हूँ।
डंका बजानाप्रसिद्धि पानाभारत ने विश्व भर में डंका बजाया।
डूबते को तिनके का सहाराविपत्ति में थोड़ी भी सहायताउसकी सलाह डूबते को तिनके का सहारा थी।
तिल का ताड़ बनानाबात बढ़ानाराई का पहाड़ बनाने वाले तिल का ताड़ बना देते हैं।
तीन तेरह होनातितर-बितर होनाविरोध के कारण दल तीन तेरह हो गया।
थाली का बैंगनबिना सिद्धांत काराजनीति में थाली के बैंगन सर्वत्र हैं।
दाँत खट्टे करनापराजित करनाभारतीय सेना ने शत्रु के दाँत खट्टे कर दिए।
दाल में काला होनासंदेह होनाइस व्यवहार में दाल में कुछ काला है।
दिन-रात एक करनानिरंतर परिश्रमछात्र ने परीक्षा के लिए दिन-रात एक कर दिया।
दाल न गलनासफल न होनाउसकी चालाकी यहाँ दाल न गली।
दो नावों पर पाँव रखनाद्विधा में होनाएक साथ दो नावों पर पाँव रखने वाला डूबता है।
धरती पर पाँव न रखनाघमंड करनासफलता से वह धरती पर पाँव नहीं रखता।
नमक हरामकृतघ्ननमक हराम का जीवन धिक्कार है।
नाक में दम करनाबहुत परेशान करनाबच्चों ने नानी के नाक में दम कर दिया।
नाक कटनाअपमान होनाबेटे की असफलता से पिता की नाक कट गई।
नाकों चने चबवानाबहुत परेशान करनाशिवाजी ने मुगलों को नाकों चने चबवाए।
नौ-दो ग्यारह होनाभाग जानापुलिस देखते ही चोर नौ-दो ग्यारह हो गए।
पानी-पानी होनालज्जित होनाझूठ पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया।
पेट में दाढ़ी होनाछोटी उम्र में चतुरवह तो पेट में दाढ़ी वाला बालक है।
पाँव उखड़नापराजित होनायुद्ध में शत्रु के पाँव उखड़ गए।
पौ बारह होनाअत्यंत लाभव्यापार में इस बार पौ बारह रहे।
फूँक-फूँककर पाँव रखनासावधानी से चलनापथिक फूँक-फूँककर पाँव रख रहा था।
बाँछें खिलनाबहुत प्रसन्न होनापुत्री-जन्म पर पिता की बाँछें खिल गईं।
बाल-बाल बचनासंकट से बचनादुर्घटना में वह बाल-बाल बचा।
बाएँ हाथ का खेलसरल कार्यगणित उसके लिए बाएँ हाथ का खेल है।
भीगी बिल्लीडरपोकबड़े का सामना होते ही वह भीगी बिल्ली बन गया।
मुँह की खानापराजित होनाविरोधी को मुँह की खानी पड़ी।
मुँह में पानी आनास्वादिष्ट देख लालचजलेबियाँ देख मुँह में पानी आ गया।
मिट्टी में मिलानानष्ट करनाअहंकार ने उसकी प्रतिष्ठा मिट्टी में मिला दी।
रंग में भंगआनंद में विघ्नबारिश ने विवाह के रंग में भंग कर दिया।
लोहे के चने चबानाकठिन कार्यIAS बनना लोहे के चने चबाना है।
लकीर का फकीरपुरानी परंपरा पर चलने वालाआधुनिक युग में लकीर के फकीर मत बनो।
सिर आँखों परसहर्ष स्वीकारआपकी आज्ञा सिर आँखों पर।
सिर पर चढ़ानाबढ़ावा देनाबच्चों को सिर पर न चढ़ाओ।
सौ बात की एक बातनिष्कर्षसौ बात की एक बात — सत्य की विजय होती है।
हवा में किले बनानाकल्पना में जीनाहवा में किले बनाने से काम नहीं चलता।
हाथ-पाँव फूलनाघबरा जानापरीक्षा के समय हाथ-पाँव फूल गए।
हाथ मलनापछतानाअवसर खोने पर वह हाथ मलता रह गया।
हिम्मत हारनानिराश होनाविपत्ति में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
ज़मीन पर पैर न पड़नाअहंकार से भरनासफलता से उसके ज़मीन पर पैर नहीं पड़ते।
छक्के छुड़ानापराजित करनातेंदुलकर ने गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए।
अक्ल पर पत्थर पड़नाबुद्धि भ्रष्ट होनाऐसा निर्णय करते समय उसकी अक्ल पर पत्थर पड़ गए।
अपना उल्लू सीधा करनास्वार्थ साधनावह केवल अपना उल्लू सीधा करना जानता है।
आटे-दाल का भाव मालूम होनाकठिनाई का अनुभवस्वावलंबी बनते ही आटे-दाल का भाव मालूम हो गया।
घर का भेदी लंका ढाएभीतरी दुश्मनविभीषण के उदाहरण से स्पष्ट है कि घर का भेदी लंका ढाता है।

22+ महत्वपूर्ण हिंदी लोकोक्तियाँ

हिंदी मुहावरे और लोकोक्तियां — examples
उदाहरण और प्रयोग।
लोकोक्तिअर्थउदाहरण वाक्य
अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेतअवसर बीतने पर पछताने से लाभ नहींपरीक्षा में असफल होने पर उसने सोचा — अब पछताए होत क्या।
नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी कमी दूसरे पर थोपनाकार्य न कर सकने वाला सदा कहता है — नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
बंदर क्या जाने अदरक का स्वादअयोग्य को मूल्य नहींमूर्ख के सामने विद्या की प्रशंसा — बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।
ऊँची दुकान फीका पकवानदिखावटी शानचमक-दमक देखकर मूर्ख मत बनो — ऊँची दुकान फीका पकवान।
एक अनार सौ बीमारसीमित वस्तु, अनेक चाहने वालेनौकरी की रिक्तियाँ कम, आवेदक अधिक — एक अनार सौ बीमार।
जैसी करनी वैसी भरनीकर्म के अनुसार फलदुष्कर्मों का फल तो मिलेगा ही — जैसी करनी वैसी भरनी।
घर का जोगी जोगड़ा, बाहर का जोगी सिद्धअपने घर का आदर कमहमारे यहाँ उन्हें कोई नहीं पूछता — घर का जोगी जोगड़ा।
दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँककर पीता हैएक बार ठगा गया सावधानउसे फिर विश्वास नहीं — दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँककर पीता है।
जल में रहकर मगर से बैरजिसके अधीन हैं, उसी से शत्रुतामालिक से विरोध करके क्या पाओगे — जल में रहकर मगर से बैर ठीक नहीं।
आम के आम गुठलियों के दामएक कार्य से दोहरा लाभपढ़ाई के साथ रोजगार — आम के आम गुठलियों के दाम।
खोदा पहाड़ निकली चुहियाबड़ा प्रयत्न, छोटा परिणामइतने शोध के बाद यह निष्कर्ष — खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
चोर की दाढ़ी में तिनकाअपराधी स्वयं प्रकट होता हैवह अनायास घबरा उठा — चोर की दाढ़ी में तिनका।
काला अक्षर भैंस बराबरनिरक्षरवह अनपढ़ है — काला अक्षर भैंस बराबर।
थोथा चना बाजे घनाकम जानकार अधिक शोरअधकचरा विद्वान — थोथा चना बाजे घना।
नौ नकद न तेरह उधारतुरंत थोड़ा ही सहीउधार की आशा छोड़ो — नौ नकद न तेरह उधार।
अंधे के आगे रोना अपने दीदे खोनाअपात्र के पास दुःख प्रकट करनाअसंवेदनशील से क्या कहना — अंधे के आगे रोना।
एक हाथ से ताली नहीं बजतीझगड़े में दोनों पक्ष दोषीदोनों भाई ठीक नहीं — एक हाथ से ताली नहीं बजती।
कहीं की ईंट कहीं का रोड़ाअसंबद्ध वस्तुएँइस आलेख में कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा मिला है।
जिसकी लाठी उसकी भैंसबलवान की विजयइस अराजकता में तो जिसकी लाठी उसकी भैंस।
सौ सुनार की एक लुहार कीएक भारी प्रहारवाद-विवाद में उसने सौ सुनार की एक लुहार की कर दी।
मुँह में राम बगल में छुरीबाहर मीठा, भीतर कुटिलउससे सावधान रहो — मुँह में राम बगल में छुरी।
हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के औरकथनी-करनी भिन्ननेताओं की हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और।

प्रयोग की तकनीक

सामान्य गलतियाँ

अभ्यास प्रश्न

Frequently Asked Questions

मुहावरा और लोकोक्ति में क्या अंतर है?

मुहावरा पद-समूह होता है जो वाक्य में प्रयुक्त होता है और लाक्षणिक अर्थ रखता है; लोकोक्ति पूर्ण वाक्य होती है जो स्वतंत्र रूप से उद्धृत की जाती है और लोक-अनुभव व्यक्त करती है।

‘नाक में दम करना’ का अर्थ और वाक्य प्रयोग क्या है?

अर्थ — बहुत परेशान करना। वाक्य — शरारती बच्चों ने माँ के नाक में दम कर दिया।

क्या मुहावरे के शब्दों में परिवर्तन किया जा सकता है?

नहीं। मुहावरे रूढ़ होते हैं — इनके शब्द तथा क्रम में परिवर्तन नहीं किया जाता। परिवर्तन करने से मुहावरा अशुद्ध हो जाता है।

‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत’ का अर्थ क्या है?

अवसर निकल जाने के बाद पछताने से कोई लाभ नहीं होता। समय रहते कार्य करना चाहिए।

‘लोहे के चने चबाना’ का क्या आशय है?

अत्यंत कठिन कार्य करना। जैसे — बिना अध्ययन के UPSC परीक्षा पास करना लोहे के चने चबाने के समान है।