आय प्रमाण पत्र: कहाँ लगता है, दस्तावेज़ और राज्यवार ऑनलाइन आवेदन
आय प्रमाण पत्र क्या है, कहाँ काम आता है और राज्य कौन-से दस्तावेज़ माँगते हैं। साथ में UP, बिहार, MP, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली के पोर्टल पर आवेदन का तरीका।
आय प्रमाण पत्र सरकार का लिखित बयान है कि आपके परिवार की सालाना आमदनी कितनी है। फ़ीस में छूट, छात्रवृत्ति, पेंशन और कल्याण योजनाओं की लंबी सूची के पीछे यही दस्तावेज़ होता है। इसे राजस्व विभाग जारी करता है, यानी तहसीलदार या नायब तहसीलदार। उससे पहले लेखपाल या उसके जैसा राजस्व कर्मचारी आपकी बताई आमदनी की जाँच करता है। इसी वजह से यह इनकम टैक्स रिटर्न से अलग है, क्योंकि ITR टैक्स विभाग को दिया गया आपका अपना बयान है।
इसे बनवाने के नियम हर राज्य अपने हिसाब से तय करता है, और रफ़्तार में बड़ा फ़र्क़ है। मध्य प्रदेश आय प्रमाण पत्र 3 कामकाजी दिनों में देने का वादा करता है, बिहार 10 कामकाजी दिनों में, दिल्ली 14 दिन में, महाराष्ट्र 15 दिन में और उत्तर प्रदेश 20 दिन में। फ़ीस भी अलग है। MP में खुद ऑनलाइन आवेदन करें तो कुछ नहीं लगता, दूसरी जगहों पर छोटा-सा यूज़र चार्ज लगता है।
आय प्रमाण पत्र क्या है
आय प्रमाण पत्र आपके परिवार की सभी स्रोतों से सालाना आमदनी दर्ज करता है, जैसी राजस्व दफ़्तर ने जाँची है। दिल्ली का आवेदन फ़ॉर्म दिखाता है कि इसका असल मतलब क्या है। वह सभी स्रोतों से परिवार की कुल मासिक और सालाना आमदनी पूछता है। साथ ही परिवार के हर दूसरे सदस्य की मासिक आमदनी और आपसे उसका रिश्ता भी पूछता है।
इसलिए छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाला छात्र सिर्फ़ अपनी आमदनी नहीं बताता, जो आम तौर पर शून्य होती है। वह पूरे घर की आमदनी बताता है, और प्रमाण पत्र उसी आँकड़े पर बनता है।
तीन दस्तावेज़ इससे अक्सर गड़बड़ा जाते हैं:
- EWS आय और संपत्ति प्रमाण पत्र। आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (EWS) के कोटे के लिए यह अलग प्रमाण पत्र है। दिल्ली इसे 15 दिन की समय-सीमा वाली अलग सेवा के रूप में रखती है। मध्य प्रदेश में भी यह अलग सेवा है।
- OBC नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र। यह आमदनी और माता-पिता की स्थिति देखकर तय करता है कि OBC आरक्षण किसे मिलेगा। इसके लिए नॉन-क्रीमी लेयर गाइड और क्रीमी लेयर के आमदनी वाले पैमाने पर यह नोट देखें। ये दोनों पेज अंग्रेज़ी में हैं।
- हैसियत प्रमाण पत्र (solvency certificate)। UP का हैसियत प्रमाण पत्र यह बताता है कि आपके पास क्या है, यह नहीं कि आप कितना कमाते हैं। UP की सूची में इसकी सेवा फ़ीस भी कहीं ज़्यादा है: आय प्रमाण पत्र के ₹30 के मुक़ाबले ₹120।
कहाँ-कहाँ माँगा जाता है
दिल्ली का आवेदन फ़ॉर्म उन कामों की सूची देता है जिनके लिए यह प्रमाण पत्र चाहिए होता है। यह सूची अच्छा नक्शा है कि आय प्रमाण पत्र कहाँ इस्तेमाल होता है:
- शिक्षण संस्थानों में फ़ीस में छूट
- प्रोफ़ेशनल कॉलेजों में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षित सीटें
- सरकारी विभागों से कर्ज़, जिनमें SC और ST आवेदकों के लिए कर्ज़ भी शामिल हैं
- पेंशन और दूसरी आर्थिक मदद
- प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों को राहत
- दिव्यांग लोगों के लिए कृत्रिम अंग, साइकिल और ऐसे ही दूसरे सहायक उपकरण
- मुफ़्त राशन कार्ड
छात्रों के लिए सबसे बड़ा काम छात्रवृत्ति है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल की गाइड और UP छात्रवृत्ति की गाइड बताती हैं कि पात्रता कहाँ परिवार की आमदनी से तय होती है। EWS कोटा दूसरे आरक्षणों के साथ कैसे बैठता है, यह आरक्षण के विश्लेषण में है।
पात्रता का आधार निवास है। UP के प्रक्रिया वाले दस्तावेज़ में लिखा है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी निवासी आवेदन कर सकता है। हर राज्य का पोर्टल ऐसे ही चलता है: आप उसी राज्य में आवेदन करते हैं जहाँ रहते हैं।
कौन-से दस्तावेज़ लगेंगे
सबसे पहले आधार। UP कहता है कि आय, जाति और मूल निवास के आवेदन सिर्फ़ आधार e-KYC से हो सकते हैं। उसके आय प्रमाण पत्र वाले पेज पर फिर से लिखा है कि e-KYC सफल होने के बाद ही यह सेवा खुलती है।
| सबूत | UP और दिल्ली के फ़ॉर्म क्या माँगते हैं |
|---|---|
| पहचान | आधार (UP में e-KYC ज़रूरी); दिल्ली में PAN, वोटर ID, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या फ़ोटो वाला राशन कार्ड भी |
| पता | राशन कार्ड की कॉपी (UP); दिल्ली में मौजूदा और स्थायी पते का सबूत, जैसे आधार, वोटर ID, राशन कार्ड, यूटिलिटी बिल, रजिस्टर्ड किराया समझौता या बैंक पासबुक |
| आमदनी | स्व-घोषणा; नौकरी करते हैं तो ताज़ा सैलरी स्लिप (UP); दिल्ली में टैक्स भरते हैं तो ITR की कॉपी |
| घर की जानकारी | दिल्ली में BPL या NFS राशन कार्ड हो तो उसकी जानकारी, कनेक्शन आपके नाम पर हो तो पिछले 3 महीने के बिजली बिल, दिया गया किराया और भरी गई स्कूल फ़ीस |
| पुराना प्रमाण पत्र | दिल्ली पहले जारी हुए किसी भी आय प्रमाण पत्र की कॉपी माँगता है |
दिल्ली के फ़ॉर्म में राशन कार्ड, ITR और बिजली बिल लगाना तभी ज़रूरी है जब आप उन सवालों का जवाब “हाँ” में दें। जवाब “नहीं” है, तो उस चीज़ के लिए कोई दस्तावेज़ नहीं चाहिए।
राज्यवार आय प्रमाण पत्र पोर्टल
| राज्य | प्रमाण पत्र का नाम | पोर्टल | जारी करने वाले या नामित अधिकारी |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | आय प्रमाण पत्र | edistrict.up.gov.in, e-Sathi से citizen login | लेखपाल की जाँच के बाद तहसीलदार |
| बिहार | RTPS के तहत आय प्रमाण पत्र (आय प्रमाण-पत्र) | serviceonline.bihar.gov.in | अंचल अधिकारी (Circle Officer); अपील अनुमंडल पदाधिकारी (Sub-Division Officer) के पास |
| मध्य प्रदेश | आय प्रमाण पत्र (सेवा 6.2) | mpedistrict.gov.in | सेवा पेज पर दिखता है |
| राजस्थान | आय प्रमाण पत्र (Income certificate) | sso.rajasthan.gov.in, फिर eMitra | eMitra सेवा पर दिखता है |
| महाराष्ट्र | Income Certificate (उत्पन्न प्रमाण पत्र) | aaplesarkar.mahaonline.gov.in | नायब तहसीलदार |
| दिल्ली | Income Certificate | edistrict.delhigovt.nic.in | राजस्व विभाग (Department of Revenue) |
आय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
हर पोर्टल मोटे तौर पर एक ही रास्ते पर चलता है: अकाउंट, राजस्व विभाग की सेवा, फ़ॉर्म, फ़ीस और एक ट्रैकिंग नंबर। नीचे वही जानकारी है जो हर राज्य खुद बताता है।
उत्तर प्रदेश
UP का आय प्रमाण पत्र वाला प्रक्रिया और चेकलिस्ट दस्तावेज़ दस स्टेप बताता है। इनमें से जो स्टेप आपको खुद करने हैं, वे ये हैं:
- https://edistrict.up.gov.in/edistrictup/ खोलें और “Citizen Login (e-Sathi)” पर क्लिक करें।
- निजी और संपर्क की जानकारी भरकर रजिस्टर करें। पासवर्ड SMS या ईमेल पर आता है।
- लॉग इन करें और “e-Sathi Integrated Services” चुनें।
- “Revenue Department” में “Income Certificate” चुनें।
- ज़िला, जन्म तिथि और मोबाइल नंबर डालकर प्रोफ़ाइल बनाएँ।
- ऑनलाइन गेटवे से ₹15 का यूज़र चार्ज भरें।
- जानकारी भरें, दस्तावेज़ लगाएँ और सबमिट करें।
- तहसीलदार आवेदन की जाँच करके उसे मौके की जाँच के लिए लेखपाल को भेजते हैं। लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसीलदार मंज़ूरी देकर प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
- प्रमाण पत्र पोर्टल से या DigiLocker से डाउनलोड करें।
मध्य प्रदेश
MP आय प्रमाण पत्र को सेवा 6.2 के रूप में दिखाता है। यहाँ के छह राज्यों में इसकी सामान्य समय-सीमा सबसे कम है।
- https://mpedistrict.gov.in/ खोलें और ऑनलाइन सेवा के लिए आवेदन वाला विकल्प चुनें।
- आय प्रमाण पत्र चुनें और आवेदन करें। खुद ऑनलाइन आवेदन करने पर कोई फ़ीस नहीं लगती।
- “know application status” से आवेदन ट्रैक करें। डिजिटल दस्तख़त वाले प्रमाण पत्र को पोर्टल पर वेरिफ़ाई करें।
लोक सेवा केंद्र पर “समाधान एक दिन” व्यवस्था में यह एक कामकाजी दिन में मिल जाता है। अपनी समग्र ID तैयार रखें, क्योंकि MP की सेवाएँ परिवार के उसी रिकॉर्ड से जानकारी लेती हैं।
महाराष्ट्र
Aaple Sarkar पर आय प्रमाण पत्र “Revenue Department” में है, और इसे नायब तहसीलदार जारी करते हैं।
- https://aaplesarkar.mahaonline.gov.in/ खोलें और रजिस्टर करें या लॉग इन करें।
- “Revenue Department” में “Income Certificate” चुनें।
- दस्तावेज़ों के साथ फ़ॉर्म सबमिट करें और फ़ीस भरें।
- application ID से आवेदन ट्रैक करें।
- जारी हुए प्रमाण पत्र को उसके 18 अंकों के बारकोड से जाँचें।
अगर 15 दिन में प्रमाण पत्र न मिले, तो Right to Public Services Act, 2015 आपको अपील का हक़ देता है। पहली अपील तहसीलदार के पास होती है, दूसरी उप-विभागीय अधिकारी (Sub Divisional Officer) के पास और तीसरी राज्य आयोग के पास।
दिल्ली
दिल्ली में यह “Department of Revenue” के तहत “Issuance of Income Certificate” सेवा है।
- https://edistrict.delhigovt.nic.in/ खोलें, रजिस्टर करें और लॉग इन करें।
- “Issuance of Income Certificate” चुनें।
- परिवार की आमदनी की जानकारी भरें। आपके जवाबों के हिसाब से जो दस्तावेज़ ज़रूरी हों, वे लगाएँ।
- “Track your Application” से आवेदन ट्रैक करें। “Print/Download Certificate” से प्रमाण पत्र डाउनलोड करें।
- कोई भी व्यक्ति “Verify your Certificate” से इसकी पुष्टि कर सकता है।
बिहार और राजस्थान
बिहार आय प्रमाण पत्र serviceonline.bihar.gov.in पर RTPS सेवा के रूप में जारी करता है। यह अंचल, अनुमंडल और ज़िला स्तर पर मिलता है। राज्य की RTPS सेवा तालिका इसकी शर्तें तय करती है:
- नामित अधिकारी: अंचल अधिकारी (Circle Officer), 10 कामकाजी दिनों के भीतर।
- तत्काल सेवा: अंचल अधिकारी के स्तर पर 2 कामकाजी दिन।
- अपील: पहले अनुमंडल पदाधिकारी (Sub-Division Officer) के पास, फिर ज़िलाधिकारी (District Magistrate) के पास। हर चरण में 15 कामकाजी दिन।
- वैधता: RTPS की सूचना कहती है कि आय प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख़ से एक साल तक मान्य है।
फ़ॉर्म में आधार नंबर दें, तो आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आता है। नहीं तो चुनाव आयोग के माने हुए 12 पहचान दस्तावेज़ों में से कोई एक अपलोड करना होता है। RTPS के दस्तावेज़ों में कोई फ़ीस नहीं लिखी है। फ़ॉर्म पर “Make Payment” बटन तभी दिखता है जब किसी सेवा की फ़ीस हो।
राजस्थान में यह https://sso.rajasthan.gov.in/ पर Rajasthan SSO लॉगिन और eMitra सेवा से होता है, या किसी eMitra कियोस्क से। eMitra की रेट लिस्ट में सरकारी सेवाओं के हर आवेदन के लिए ₹50 तय है, साथ में विभाग का कोई चार्ज हो तो वह भी। कोई कियोस्क इससे ज़्यादा माँगे, तो टोल-फ़्री नंबर 1800-180-6127 पर शिकायत करें। समय-सीमा और दस्तावेज़ों की सूची आवेदन करते समय eMitra सेवा पर दिखती है।
फ़ीस और समय-सीमा
| राज्य | समय-सीमा | फ़ीस |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 20 दिन | खुद ऑनलाइन आवेदन करने पर ₹15 यूज़र चार्ज; सेवाओं वाले पेज पर ₹30 सेवा शुल्क की एक लाइन भी है |
| मध्य प्रदेश | 3 कामकाजी दिन; “समाधान एक दिन” में लोक सेवा केंद्र पर 1 कामकाजी दिन | ऑनलाइन मुफ़्त; लोक सेवा केंद्र, MPOnline कियोस्क या CSC पर ₹20 के साथ लीगल फ़ीस |
| महाराष्ट्र | 15 दिन | आवेदन के समय भरनी होती है; सेवा पेज पर रक़म नहीं लिखी |
| दिल्ली | 14 दिन | समय-सीमा वाले पेज पर नहीं लिखी |
| बिहार | अंचल अधिकारी के स्तर पर 10 कामकाजी दिन; तत्काल में 2 कामकाजी दिन | RTPS सेवा के दस्तावेज़ों में नहीं लिखी |
| राजस्थान | eMitra सेवा पर दिखती है | ₹50 eMitra आवेदन चार्ज, साथ में विभाग का कोई चार्ज हो तो वह भी |
आय प्रमाण पत्र की वैधता
इन छह राज्यों में सिर्फ़ बिहार का पोर्टल वैधता बताता है: उसकी RTPS सूचना कहती है कि आय प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख़ से एक साल तक मान्य है। बाक़ी पाँच पोर्टल प्रमाण पत्र की सेवा पर तय वैधता अवधि नहीं लिखते। आमदनी साल-दर-साल बदलती है, इसलिए प्रमाण पत्र माँगने वाला दफ़्तर ही तय करता है कि वह कितना नया होना चाहिए।
आवेदन से पहले छात्रवृत्ति या योजना की सूचना में यह लाइन पढ़ लें। अगर सूचना नया प्रमाण पत्र माँगे, तो नए सिरे से आवेदन करें। दिल्ली का फ़ॉर्म मानकर चलता है कि लोग दोबारा आवेदन करेंगे। इसीलिए वह पहले जारी हुए आय प्रमाण पत्र का नंबर, रक़म और जारी करने वाले अधिकारी की जानकारी माँगता है।
आम गलतियाँ और उनका हल
- UP में सेवा नहीं खुल रही। आय प्रमाण पत्र की सेवा आधार e-KYC के बाद ही खुलती है। अगर आपके आधार की जानकारी पुरानी है, तो आधार अपडेट गाइड में देखें कि ऑनलाइन क्या बदला जा सकता है।
- नौकरी करते हैं, पर सैलरी स्लिप नहीं लगाई। UP नौकरीपेशा आवेदकों के लिए ताज़ा सैलरी स्लिप को ज़रूरी दस्तावेज़ मानता है। इसे लगाएँ।
- बताई आमदनी आपके ITR से मेल नहीं खाती। दिल्ली का फ़ॉर्म टैक्स भरने वालों से रिटर्न में दिखाई गई आमदनी पूछता है। वही आँकड़ा लिखें जो आपने रिटर्न में भरा है।
- दस्तावेज़ न लगने से आवेदन रद्द। UP के FAQ के मुताबिक, जाँच के समय ज़रूरी दस्तावेज़ न हों तो आवेदन रद्द हो जाता है। उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता, आपको दोबारा आवेदन करना होगा।
- समय-सीमा निकल गई, फिर भी अटका है। UP कहता है कि अपने ज़िले के मंज़ूरी देने वाले अधिकारी से संपर्क करें। महाराष्ट्र में ऊपर बताई गई अपील का रास्ता है।
- प्रमाण पत्र ऑनलाइन वेरिफ़ाई नहीं हो रहा। UP कहता है कि मूल दस्तावेज़ लेकर ज़िला प्रशासन या मंज़ूरी देने वाले अधिकारी के पास जाएँ।
हेल्पलाइन और शिकायत
- उत्तर प्रदेश e-District: 0522-2304706, सोमवार से शनिवार, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक, सरकारी छुट्टियों को छोड़कर; [email protected]
- महाराष्ट्र Aaple Sarkar: 1800 120 8040, टोल-फ़्री नागरिक कॉल सेंटर जो 24×7 चलता है
- दिल्ली e-District: पोर्टल पर “Register Grievances” और “Track Grievances” के विकल्प
- मध्य प्रदेश e-District: पोर्टल पर आवेदन की स्थिति और फ़ीडबैक के विकल्प
आय प्रमाण पत्र क्या नहीं कर सकता
आय प्रमाण पत्र एक राज्य के लिए एक ही सवाल का जवाब देता है: घर की आमदनी कितनी है। उसके आस-पास के सवालों का जवाब यह नहीं देता।
- यह टैक्स का दस्तावेज़ नहीं है। जहाँ बैंक या टैक्स विभाग ITR माँगे, वहाँ यह उसकी जगह नहीं ले सकता।
- यह EWS या नॉन-क्रीमी लेयर का सबूत नहीं है। वे अलग प्रमाण पत्र हैं, जिनकी अपनी शर्तें हैं।
- यह नहीं बताता कि आप किस राज्य के हैं। उसके लिए मूल निवास प्रमाण पत्र है। वर्ग या जाति के लिए जाति प्रमाण पत्र है।
- यह एक राज्य से दूसरे राज्य में नहीं चलता। किसी राज्य की योजना दूसरे राज्य का प्रमाण पत्र तभी लेगी, जब उसके नियम ऐसा कहें।
ऑफ़लाइन आवेदन के लिए तहसील दफ़्तर, MP का लोक सेवा केंद्र, UP का e-District सेवा केंद्र या राजस्थान का eMitra कियोस्क आपकी तरफ़ से आवेदन भर सकता है।
जल्दी आवेदन करें और आमदनी ईमानदारी से बताएँ। प्रमाण पत्र लेखपाल की रिपोर्ट पर टिका है। अगर आपका आँकड़ा सैलरी स्लिप या ITR से मेल नहीं खाता, तो जाँच के समय सवाल उठेंगे। UP में तो रद्द हुआ आवेदन दोबारा खुलता भी नहीं, बस नए सिरे से भरना पड़ता है।
सामान्य प्रश्न
आय प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?
राज्य का राजस्व विभाग इसे जारी करता है। उत्तर प्रदेश में लेखपाल की जाँच रिपोर्ट के बाद तहसीलदार इसे मंज़ूरी देते हैं। बिहार में इसके नामित अधिकारी अंचल अधिकारी (Circle Officer) हैं, और महाराष्ट्र में नायब तहसीलदार।
आय प्रमाण पत्र बनने में कितना समय लगता है?
घोषित समय-सीमा मध्य प्रदेश में 3 कामकाजी दिन है (समाधान एक दिन में लोक सेवा केंद्र पर 1 कामकाजी दिन)। बिहार में यह 10 कामकाजी दिन है (तत्काल में 2)। दिल्ली में यह 14 दिन, महाराष्ट्र में 15 दिन और उत्तर प्रदेश में 20 दिन है।
UP में आय प्रमाण पत्र की फ़ीस कितनी है?
e-Sathi से खुद आवेदन करने पर UP का प्रक्रिया दस्तावेज़ ₹15 का यूज़र चार्ज तय करता है, जो ऑनलाइन भरना होता है। सेवाओं वाले पेज पर ₹30 सेवा शुल्क की एक लाइन भी दिखती है।
आय प्रमाण पत्र कितने समय तक मान्य रहता है?
बिहार का RTPS पोर्टल कहता है कि आय प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख़ से एक साल तक मान्य है। यहाँ बताए गए बाक़ी राज्यों के पोर्टल कोई तय वैधता अवधि नहीं लिखते। इसलिए जो योजना, छात्रवृत्ति या संस्थान इसे माँगता है, वही तय करता है कि प्रमाण पत्र कितना नया होना चाहिए। उसकी सूचना देखें, और नया प्रमाण पत्र माँगा जाए तो दोबारा आवेदन करें।
क्या आय प्रमाण पत्र और EWS प्रमाण पत्र एक ही हैं?
नहीं। EWS आय और संपत्ति प्रमाण पत्र एक अलग सेवा है, जो आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के कोटे के लिए इस्तेमाल होती है। उदाहरण के लिए, दिल्ली इसे 15 दिन की अपनी समय-सीमा के साथ अलग सेवा के रूप में रखती है।
छात्र अपनी आमदनी बताएँ या परिवार की?
परिवार की। दिल्ली जैसे फ़ॉर्म सभी स्रोतों से परिवार की कुल सालाना आमदनी पूछते हैं। साथ ही परिवार के हर सदस्य की आमदनी भी पूछते हैं, और प्रमाण पत्र उसी घरेलू आँकड़े पर जारी होता है।