Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

भारत में बाढ़: कारण, प्रबंधन और UPSC नोट्स (UPSC पर्यावरण)

भारत में बाढ़ के कारण, बाढ़ प्रबंधन योजना, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बाढ़ के आर्थिक और सामाजिक प्रभाव और UPSC GS III के लिए प्रासंगिकता पर गाइड।

भारत विश्व के सबसे अधिक बाढ़-प्रभावित देशों में से एक है। राष्ट्रीय बाढ़ आयोग के अनुसार, लगभग 4 करोड़ हेक्टेयर भूमि बाढ़-ग्रस्त है — भारत की भौगोलिक क्षेत्रफल का ~12.5%। वार्षिक बाढ़ क्षति: औसत ₹5,000-10,000 करोड़; उच्च वर्षों में ₹25,000 करोड़+ तक। UPSC GS III के लिए बाढ़ आपदा प्रबंधन, नदी जल विवाद और जलवायु अनुकूलन से जुड़ती है।

बाढ़ के कारण

प्राकृतिक कारण

मानवीय कारण

बाढ़-प्रवण राज्य

असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सबसे अधिक प्रभावित। ब्रह्मपुत्र और गंगा-बेसिन में सबसे अधिक क्षति। केरल (2018, 2019), हिमाचल प्रदेश में बाढ़ की नई प्रवृत्ति।

बाढ़ प्रबंधन उपाय

संरचनात्मक उपाय

गैर-संरचनात्मक उपाय

UPSC प्रासंगिकता

GS III: बाढ़ के कारण, बाढ़ प्रबंधन के संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक उपाय, NDMA भूमिका, CWC और जलवायु परिवर्तन से बाढ़ की बढ़ती प्रवृत्ति।

सामान्य प्रश्न

भारत में बाढ़-ग्रस्त भूमि का अनुमान क्या है?

राष्ट्रीय बाढ़ आयोग के अनुसार लगभग 4 करोड़ हेक्टेयर भूमि बाढ़-ग्रस्त है।

CWC की बाढ़ प्रबंधन में क्या भूमिका है?

केंद्रीय जल आयोग (CWC) बाढ़ पूर्वानुमान और चेतावनी नेटवर्क संचालित करता है।