Anantam IASHindi Note · 4 May 2026

BRICS समूह — विस्तार, NDB, डी-डॉलराइज़ेशन और यूपीएससी नोट्स (अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

BRICS पर यूपीएससी मार्गदर्शिका — उत्पत्ति, न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB), BRICS Pay, 2024 का विस्तार (ईरान, UAE, सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया), कज़ान शिखर सम्मेलन, भारत के हित तथा 2024-26 के घटनाक्रम।

BRICS गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील द्वारा 2001 में गढ़े गए एक आकर्षक संक्षिप्त नाम से अब दस-सदस्यीय भू-राजनीतिक गुट बन चुका है, जो लगभग विश्व की 45% जनसंख्या और क्रय शक्ति समानता (PPP) के संदर्भ में विश्व जीडीपी के 35% से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है। यूपीएससी जीएस-II के लिए BRICS वैश्विक दक्षिण (Global South) कूटनीति, बहुपक्षीय सुधार तथा भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर केंद्रित प्रश्नों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

BRICS की कथा संक्षेप में यह है — दूसरे विश्वयुद्ध के बाद बनी ब्रेटन वुड्स संस्थाएँ (Bretton Woods Institutions) — IMF, विश्व बैंक — विकसित देशों के नियंत्रण में बनी रहीं और 21वीं शताब्दी की उभरती आर्थिक शक्तियों को पर्याप्त मतदान भार नहीं दिया गया। इस असंतुलन को संबोधित करने के लिए ब्राज़ील, रूस, भारत और चीन ने 2009 में औपचारिक मंच बनाया, जिसमें 2010 में दक्षिण अफ्रीका सम्मिलित हुआ। 2024 के विस्तार ने इसे एक वास्तविक वैकल्पिक वैश्विक व्यवस्था के दावेदार के रूप में स्थापित किया।

उत्पत्ति और विकास

संस्थापक सिद्धांत

उल्लेखनीय है कि BRICS का गठन सचेत रूप से ‘गुट-विरोधी’ के रूप में किया गया है — यह न तो NATO जैसा सैन्य गठबंधन है, न EU जैसा एकीकृत आर्थिक संघ। यह ‘इश्यू-बेस्ड’ सहयोग का एक मंच है, जहाँ सदस्य आपसी असहमतियों के बावजूद विशिष्ट मुद्दों — विकास वित्त, बहुपक्षीय सुधार, स्थानीय मुद्रा व्यापार — पर सहयोग करते हैं। यह लचीलापन ही इसकी शक्ति और सीमा दोनों है।

मुख्य संस्थाएँ

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB)

NDB को IMF और विश्व बैंक के लिए विकल्प के रूप में देखा जाता है क्योंकि यह वाशिंगटन सहमति (Washington Consensus) की संरचनात्मक समायोजन शर्तों — सब्सिडी कटौती, श्रम-बाज़ार उदारीकरण, वित्तीय बाज़ार खोलना — को थोपे बिना ऋण प्रदान करता है। भारत NDB का दूसरा सबसे बड़ा ऋण-प्राप्तकर्ता है, जिसके अंतर्गत मेट्रो परियोजनाएँ, नवीकरणीय ऊर्जा और जल अवसंरचना के लिए वित्त प्राप्त हुआ है।

आकस्मिक रिज़र्व व्यवस्था (CRA)

अन्य पहलें

BRICS+ विस्तार (2024)

नया सदस्यशामिलरणनीतिक मूल्य
ईरानजनवरी 2024ऊर्जा, शिया भू-राजनीति, प्रतिबंधों का विकल्प
UAEजनवरी 2024वित्त, IMEC केंद्र, भारत के साथ व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता
मिस्रजनवरी 2024स्वेज नहर अवरोधक, अफ्रीका-मध्यपूर्व सेतु
इथियोपियाजनवरी 2024AU मुख्यालय, तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका
सऊदी अरबसक्रिय भागीदारी लंबिततेल महाशक्ति, तेल का डॉलर निपटान

अर्जेंटीना की नई मिलेई सरकार ने दिसंबर 2023 में निमंत्रण अस्वीकार कर दिया।

प्रभाव

कज़ान शिखर सम्मेलन (अक्टूबर 2024) — BRICS 2.0

रूस की अध्यक्षता में कज़ान में आयोजित 16वें शिखर सम्मेलन का केंद्र रहा:

BRICS का महत्व

वैश्विक दक्षिण के लिए

व्यक्तिगत सदस्यों के लिए

भारत के लिए महत्व

  1. बहु-संरेखण — Quad और BRICS में एक साथ उपस्थिति नीतिगत स्थान सुरक्षित करती है।
  2. रणनीतिक साझेदारियाँ
  1. UNSC सुधार — BRICS वैश्विक दक्षिण के प्रतिनिधित्व की माँग करता है; यद्यपि चीन भारत की P5 सीट का विरोधी है।
  2. विश्व-बंधु स्थिति — भारत वैश्विक दक्षिण और पश्चिम के बीच सेतु।

भारत के लिए BRICS एक ‘पॉलिसी इंश्योरेंस’ है। Quad में रहकर भारत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ इंडो-पैसिफिक पर समन्वय करता है, जबकि BRICS में रहकर वह रूस और चीन के साथ संवाद का चैनल खुला रखता है। यह रणनीतिक स्वायत्तता का व्यावहारिक अनुप्रयोग है — किसी एक खेमे में बंधे बिना सभी से लाभ लेने की क्षमता।

चिंताएँ

चीन-प्रभुत्व का जोखिम

राजनीतिक विषमता

भारत-चीन तनाव

डी-डॉलराइज़ेशन

BRICS बनाम G7 बनाम G20

विशेषताG7G20BRICS+
सदस्य7 विकसित अर्थव्यवस्थाएँ19 + EU + AU10 उभरते + साझेदार
वैश्विक GDP हिस्सा~30%~80%~35% PPP
संस्थागत शक्तिकोई सचिवालय नहींघूर्णी अध्यक्षताNDB, CRA
स्वरूपविशिष्ट क्लबवैश्विक समन्वयवैश्विक दक्षिण कॉकस
भारत की भूमिकाअतिथिG20 2023 अध्यक्ष, पूर्ण सदस्यसंस्थापक सदस्य

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

आगे की राह

यूपीएससी प्रासंगिकता

जीएस-II: “भारत से जुड़े द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह।” निबंध: “विश्व अभी बहुध्रुवीय नहीं है परंतु अब एकध्रुवीय भी नहीं।”

मेन्स अभ्यास प्रश्न

प्रारंभिक परीक्षा बिंदु (Prelims trigger words) — BRICS+, NDB (मुख्यालय शंघाई, 2014, अध्यक्ष दिल्मा रूसेफ), CRA (100 बिलियन डॉलर), BRICS Pay/BRICS Clear, कज़ान शिखर सम्मेलन (16वाँ, अक्टूबर 2024), विश्व-बंधु, चाबहार बंदरगाह, INSTC, जोहान्सबर्ग शिखर 2023, BRICS साझेदार श्रेणी, फोर्तालेज़ा शिखर 2014, येकातेरिनबर्ग शिखर 2009।

BRICS इसलिए नहीं कार्य करता क्योंकि इसके सदस्य सहमत हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि उन्हें बातचीत जारी रखना उपयोगी लगता है। भारत के लिए BRICS एक बीमा है — एक ऐसा मंच जो ऐसी दुनिया में विकल्प सुरक्षित रखता है जहाँ कोई एक व्यवस्था सर्वोच्च नहीं रहती।

सामान्य प्रश्न

BRICS में अब कितने सदस्य देश हैं और 2024 में कौन-कौन शामिल हुए?

2024 के विस्तार के बाद BRICS में दस सदस्य हैं — मूल पाँच (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) और जनवरी 2024 में जुड़े पाँच नए सदस्य (मिस्र, ईरान, UAE, सऊदी अरब और इथियोपिया)। अर्जेंटीना ने आमंत्रण अस्वीकार किया।

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) का मुख्यालय कहाँ है और इसकी अध्यक्षता कौन कर रहा है?

NDB का मुख्यालय शंघाई, चीन में है। 2014 में स्थापित और 2015 से संचालित, इसकी वर्तमान अध्यक्षा ब्राज़ील की पूर्व राष्ट्रपति दिल्मा रूसेफ हैं — जो मार्च 2023 से इस पद पर हैं और बैंक की पहली महिला तथा पहली ब्राज़ीलियाई अध्यक्ष हैं।

कज़ान शिखर सम्मेलन (अक्टूबर 2024) की मुख्य उपलब्धियाँ क्या रहीं?

16वें शिखर सम्मेलन ने स्थानीय मुद्रा निपटान, BRICS Clear भुगतान प्रणाली, BRICS अनाज विनिमय की घोषणा की; ‘BRICS साझेदार’ की नई श्रेणी बनाई जिसमें 13 देश शामिल हुए; तथा एकपक्षीय प्रतिबंधों की निंदा करने वाली कज़ान घोषणा जारी की। भारत के PM मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गलवान संघर्ष के बाद पहली द्विपक्षीय बैठक यहीं हुई।

BRICS में भारत के क्या रणनीतिक हित हैं?

भारत के लिए BRICS बहु-संरेखण रणनीति का स्तंभ है — यह Quad (अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) और BRICS दोनों में सक्रिय रहकर रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखता है। NDB से विकास वित्त, स्थानीय मुद्रा व्यापार, ईरान-UAE-सऊदी से ऊर्जा सहयोग, INSTC और चाबहार बंदरगाह के माध्यम से मध्य एशिया तक पहुँच, तथा वैश्विक दक्षिण नेतृत्व इसके प्रमुख हित हैं।

क्या BRICS एक साझा मुद्रा (Common Currency) लॉन्च करने वाला है?

निकट अवधि में नहीं। सदस्यों की विचलित स्थूल आर्थिक स्थितियों — मुद्रास्फीति, मुद्रा परिवर्तनीयता, राजकोषीय अनुशासन — के कारण साझा मुद्रा अव्यवहारिक है। इसके बजाय BRICS स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने, BRICS Clear/BRICS Pay जैसी भुगतान प्रणालियाँ विकसित करने, और SWIFT पर निर्भरता घटाने पर केंद्रित है। यह क्रमिक डी-डॉलराइज़ेशन है, क्रांतिकारी विकल्प नहीं।

BRICS, G7 और G20 में मूलभूत अंतर क्या है?

G7 सात विकसित पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं का विशिष्ट क्लब है। G20 19 देशों + EU + अफ्रीकी संघ का वैश्विक समन्वय मंच है, जो विश्व GDP का 80% प्रतिनिधित्व करता है। BRICS+ दस उभरती अर्थव्यवस्थाओं + साझेदार देशों का वैश्विक दक्षिण कॉकस है, जिसके पास NDB और CRA जैसी संस्थागत शक्ति है। भारत G7 में अतिथि, G20 का पूर्ण सदस्य (2023 अध्यक्ष), और BRICS का संस्थापक सदस्य है।

BRICS में चीन-प्रभुत्व का जोखिम क्या है?

चीन की अर्थव्यवस्था अन्य चार मूल BRICS सदस्यों के संयुक्त आकार से लगभग 3 गुना है। यह असंतुलन NDB ऋण प्राथमिकताओं, बेल्ट एंड रोड पहल के साथ ओवरलैप, और BRICS की सामूहिक स्थितियों पर चीन के मुखर रुख — जैसे दक्षिण चीन सागर — के हावी होने का जोखिम पैदा करता है। भारत इस असंतुलन को कम करने के लिए NDB शासन सुधार और AIIB, ADB, विश्व बैंक के साथ सह-वित्तपोषण की वकालत करता है।

BRICS साझेदार (Partners) श्रेणी क्या है?

कज़ान शिखर सम्मेलन (अक्टूबर 2024) में बनाई गई यह नई श्रेणी पूर्ण सदस्यता और बाहरी पर्यवेक्षक के बीच का मध्यवर्ती दर्जा है। इसमें अल्जीरिया, बेलारूस, बोलिविया, क्यूबा, इंडोनेशिया, कज़ाख़स्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, तुर्की, युगांडा, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम सम्मिलित हैं। यह श्रेणी BRICS को बिना संगठनात्मक बोझ बढ़ाए विस्तार करने की लचीलापन देती है।

ट्रंप 2.0 का BRICS पर क्या रुख है?

जनवरी 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने BRICS सदस्यों पर 100% टैरिफ की धमकी दी यदि वे डॉलर का उपयोग कम करते हैं। भारत और रूस ने स्थानीय मुद्रा व्यापार जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह तनाव डी-डॉलराइज़ेशन और बहुध्रुवीय वित्तीय व्यवस्था की दिशा में BRICS के प्रयासों की एक प्रमुख कसौटी बनेगा।

यूपीएससी मेन्स में BRICS पर कैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं?

जीएस-II के ‘भारत से जुड़े द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह’ खंड में सीधे प्रश्न आ सकते हैं — जैसे ‘BRICS विस्तार के भारत के लिए महत्व’, ‘क्या BRICS ब्रेटन वुड्स का विकल्प बन सकता है’, ‘भारत BRICS और Quad में सामंजस्य कैसे स्थापित करता है’। निबंध में बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, वैश्विक दक्षिण के उत्थान, या रणनीतिक स्वायत्तता पर BRICS के संदर्भ का उपयोग किया जा सकता है।