Anantam IASHindi Note · 24 August 2026

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन: सारथी परिवहन पोर्टल की पूरी गाइड

sarathi.parivahan.gov.in पर ड्राइविंग लाइसेंस का ऑनलाइन आवेदन — लर्नर लाइसेंस के क़दम, DL टेस्ट की तारीख़ बुक करना, ज़रूरी दस्तावेज़ और सरकारी फ़ीस की पूरी सूची।

भारत में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन आप सारथी पोर्टल sarathi.parivahan.gov.in पर कर सकते हैं। यह काम दो हिस्सों में होता है: पहले लर्नर लाइसेंस (LL), और उसके बाद ड्राइविंग टेस्ट पास करके पक्का ड्राइविंग लाइसेंस (DL)। आवेदन, दस्तावेज़ अपलोड, फ़ीस और टेस्ट की तारीख़ लेना — सब ऑनलाइन है। RTO सिर्फ़ टेस्ट के लिए जाना पड़ता है, और कई राज्यों में तो अब लर्नर टेस्ट भी घर बैठे दिया जा सकता है।

सारथी पोर्टल करता क्या है

सारथी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का चलाया हुआ देश भर का ड्राइविंग लाइसेंस पोर्टल है। हर राज्य का RTO लाइसेंस के आवेदन इसी से निपटाता है, इसलिए नीचे लिखे क़दम लखनऊ, पुणे या गुवाहाटी — कहीं भी लगभग एक जैसे रहते हैं। राज्य के हिसाब से जो बदलता है वह है टेस्ट की तारीख़ें कितनी जल्दी मिलती हैं, लर्नर टेस्ट ऑनलाइन है या RTO में, और केंद्र की फ़ीस के ऊपर लगने वाला छोटा सा सेवा शुल्क।

लाइसेंस से जुड़ा सारा काम एक ही पोर्टल पर होता है: नया लर्नर लाइसेंस, पक्का DL, नवीनीकरण, डुप्लिकेट लाइसेंस, पता बदलना, अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट, और पुराने लाइसेंस में नई गाड़ी की श्रेणी जुड़वाना।

आवेदन कौन कर सकता है

आवेदन उसी राज्य में करना होता है जहाँ आप रहते हैं या जहाँ का आपका पता प्रमाण बना है। अपने “मूल” राज्य में ही आवेदन करना ज़रूरी नहीं, बशर्ते जहाँ आप अभी रह रहे हैं वहाँ का सही पता प्रमाण आपके पास हो।

पहला क़दम: लर्नर लाइसेंस के लिए आवेदन

  1. sarathi.parivahan.gov.in खोलिए और ऊपर की सूची से अपना राज्य चुनिए।
  2. Apply for Learner Licence पर क्लिक कीजिए। पोर्टल आपको एक छोटी सी प्रक्रिया से क़दम-दर-क़दम ले जाता है।
  3. अपनी श्रेणी चुनिए (आम आवेदक) और अगर आपके राज्य में आधार e-KYC चलता है तो आधार OTP से पहचान पक्की कीजिए। आधार e-KYC से आपकी जानकारी अपने आप भर जाती है, और जिन राज्यों में घर से ऑनलाइन टेस्ट की सुविधा है वहाँ यही उसका रास्ता खोलता है।
  4. फ़ॉर्म भरिए — अपनी जानकारी, पता, और गाड़ी की वे श्रेणियाँ जो आपको चाहिए (जैसे गियर वाली मोटरसाइकिल के साथ हल्का मोटर वाहन — अगर आपको बाइक और कार दोनों चलानी हैं तो दोनों एक साथ ही ले लीजिए; इसमें एक अतिरिक्त श्रेणी की फ़ीस लगती है, दूसरा पूरा आवेदन नहीं)।
  5. दस्तावेज़ अपलोड कीजिए: उम्र का प्रमाण, पता प्रमाण, पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो और दस्तख़त — स्क्रीन पर दिख रही फ़ाइल साइज़ की सीमा के भीतर।
  6. फ़ीस ऑनलाइन जमा कीजिए। आपके राज्य और चुनी हुई श्रेणियों के हिसाब से कुल रक़म पोर्टल ख़ुद जोड़ देता है।
  7. लर्नर टेस्ट की तारीख़ बुक कीजिए, या अगर आपके राज्य में सुविधा है तो ऑनलाइन टेस्ट दे दीजिए।

लर्नर टेस्ट यातायात के नियमों और सड़क चिह्नों पर बहुविकल्पीय सवालों का होता है — आम तौर पर क़रीब 20 सवाल, और पास होने के लिए लगभग 60% चाहिए। सवालों का बैंक और मॉक टेस्ट सारथी पोर्टल पर ही मिल जाते हैं, और ध्यान से पढ़ने वाले के लिए आधे घंटे की तैयारी काफ़ी है।

पास होते ही लर्नर लाइसेंस डिजिटल रूप में जारी हो जाता है। इसे आप पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं या DigiLocker में मँगा सकते हैं — अगर आपने अब तक इसे सेट नहीं किया है तो देखिए DigiLocker क्या है और कैसे काम करता है। जाँच के समय दिखाने के लिए LL और DL की DigiLocker वाली कॉपी क़ानूनी रूप से मान्य है।

दूसरा क़दम: पक्के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन

लर्नर लाइसेंस छह महीने चलता है। दो तारीख़ें याद रखिए:

यानी आपके पास क़रीब पाँच महीने रहते हैं। तरीक़ा यह है:

  1. सारथी पर अपना राज्य चुनकर Apply for Driving Licence पर क्लिक कीजिए।
  2. अपना लर्नर लाइसेंस नंबर और जन्म तिथि डालिए; पोर्टल आपकी पुरानी जानकारी ख़ुद उठा लेता है।
  3. गाड़ी की श्रेणियाँ पक्की कीजिए, जो दस्तावेज़ माँगे जाएँ वे अपलोड कीजिए, और DL की फ़ीस जमा कीजिए।
  4. Appointments → DL Test Slot Booking में जाकर ड्राइविंग टेस्ट की तारीख़ बुक कीजिए। ज़्यादातर RTO सिर्फ़ क़रीब 30 दिन आगे तक की तारीख़ें खोलते हैं, इसलिए आपके इलाक़े में जितनी जल्दी मुमकिन हो बुक कर लीजिए — बड़े शहरों के RTO जल्दी भर जाते हैं।
  5. तय दिन RTO (या जहाँ हो, वहाँ ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक) पर असली दस्तावेज़ और टेस्ट के लिए गाड़ी लेकर पहुँचिए। अगर आपने किसी ड्राइविंग स्कूल से सीखा है तो गाड़ी आम तौर पर स्कूल ही देता है।

टेस्ट पास होते ही लाइसेंस मंज़ूर हो जाता है। राज्य के हिसाब से आपको डाक से छपा हुआ स्मार्ट कार्ड मिलता है, या डिजिटल लाइसेंस जिसे आप उसी वक़्त DigiLocker में ले सकते हैं, या दोनों।

कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए

किसी और काम के लिए अगर आपको जाति प्रमाणपत्र या आय प्रमाणपत्र जैसे काग़ज़ चाहिए, तो वे राज्य की ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं से अलग बनते हैं — लाइसेंस के आवेदन में ये माँगे ही नहीं जाते।

लर्नर और ड्राइविंग लाइसेंस की फ़ीस

ये केंद्रीय मोटर वाहन नियम के नियम 32 के तहत तय केंद्र की फ़ीस हैं, जो परिवहन पोर्टल पर छपी हैं (जुलाई 2026 में जाँची गई)। राज्य इसके ऊपर स्मार्ट कार्ड, डाक या सेवा का छोटा शुल्क जोड़ सकते हैं।

सेवाफ़ीस
लर्नर लाइसेंस (हर गाड़ी श्रेणी पर)₹150
लर्नर लाइसेंस टेस्ट (हर बार)₹50
ड्राइविंग टेस्ट (हर बार)₹300
ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना₹200

यानी दो श्रेणियों वाले आम आवेदन (मोटरसाइकिल + कार) में दोनों चरणों की केंद्रीय फ़ीस मिलाकर क़रीब ₹850 बैठते हैं, और उसके ऊपर आपके राज्य का शुल्क तथा ड्राइविंग स्कूल की फ़ीस, अगर आप स्कूल से सीख रहे हों।

राज्यों के हिसाब से क्या-क्या बदलता है

अपने आवेदन का हाल आप कभी भी सारथी पर Application Status में जाकर आवेदन नंबर और जन्म तिथि से देख सकते हैं। राज्यों के ज़्यादातर सेवा पोर्टल — जैसे हमारी सरकारी योजना सूची में गिनाए गए पोर्टल — लाइसेंस के काम के लिए सारथी पर ही भेज देते हैं, इसलिए असल में आपको यही एक सरकारी पोर्टल चाहिए।

सामान्य प्रश्न

क्या RTO गए बिना पूरा ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन बन सकता है?

लगभग, पर पूरा नहीं। आवेदन, भुगतान और दस्तावेज़ अपलोड हर जगह ऑनलाइन हैं, और कई राज्यों में लर्नर टेस्ट भी ऑनलाइन होता है। लेकिन गाड़ी चलाकर देने वाला ड्राइविंग टेस्ट आज भी RTO या ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक पर ख़ुद जाकर देना पड़ता है।

लर्नर लाइसेंस कितने दिन चलता है?

जारी होने की तारीख़ से छह महीने (180 दिन)। पक्के DL के लिए आवेदन 30 दिन बाद करना होता है और ड्राइविंग टेस्ट 180 दिन के भीतर पास करना होता है; ऐसा न हुआ तो नया लर्नर लाइसेंस बनवाना पड़ेगा।

ड्राइविंग टेस्ट में फ़ेल हो गए तो क्या होगा?

₹300 की टेस्ट फ़ीस दोबारा भरकर नई तारीख़ बुक कर सकते हैं और फिर से टेस्ट दे सकते हैं, आम तौर पर क़रीब सात दिन के अंतर के बाद। दोबारा टेस्ट की तारीख़ तक आपका लर्नर लाइसेंस चालू होना चाहिए।

क्या पुलिस जाँच में DigiLocker वाला ड्राइविंग लाइसेंस मान्य है?

हाँ। DigiLocker या mParivahan ऐप से निकाले गए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट सड़क परिवहन मंत्रालय की सलाह के तहत क़ानूनी रूप से मान्य दस्तावेज़ हैं, ठीक असली कार्ड की तरह।

क्या मैं अपने गृह राज्य के अलावा किसी और राज्य में आवेदन कर सकता हूँ?

हाँ, बशर्ते जहाँ आप अभी रह रहे हैं वहाँ का पता प्रमाण आपके पास हो। लाइसेंस एक बार बन जाने के बाद पूरे भारत में चलता है, और बाद में उस पर पता भी सारथी से बदलवाया जा सकता है।

अपने ड्राइविंग लाइसेंस आवेदन का हाल कैसे देखें?

sarathi.parivahan.gov.in पर अपना राज्य चुनिए, फिर Application Status में जाइए। आवेदन नंबर और जन्म तिथि डालते ही मौजूदा हाल दिख जाएगा — दस्तावेज़ जाँच, टेस्ट की तारीख़ तय, टेस्ट पास, या लाइसेंस भेजा जा चुका।

क्या आवेदन के लिए ड्राइविंग स्कूल का सर्टिफ़िकेट ज़रूरी है?

निजी (ग़ैर-ट्रांसपोर्ट) लाइसेंस के लिए ज़्यादातर राज्यों में नहीं — आप किसी से भी सीखकर सीधे टेस्ट दे सकते हैं। ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के लाइसेंस में आम तौर पर ट्रेनिंग के काग़ज़ माँगे जाते हैं, और कुछ राज्य ड्राइविंग स्कूल का सर्टिफ़िकेट (फ़ॉर्म 5) ज़्यादा मामलों में माँगते हैं, इसलिए सारथी पर अपने राज्य की सूची देख लीजिए।