Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना: सामरिक और पर्यावरणीय बहस (यूपीएससी)

ग्रेट निकोबार परियोजना पर यूपीएससी मार्गदर्शिका — ICTT, ग्रीनफ़ील्ड हवाई अड्डा, गलाथिया खाड़ी, शोम्पेन जनजाति, निकोबार मेगापोड और 2024-26 की नवीनतम घटनाएँ।

ग्रेट निकोबार द्वीप विकास परियोजना भारत की सर्वाधिक महत्त्वाकांक्षी और सर्वाधिक विवादास्पद अवसंरचना प्रस्तावों में से एक है। 2020–21 में नीति आयोग द्वारा घोषित और अंडमान एंड निकोबार आइलैंड्स इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (ANIIDCO) के नेतृत्व में चलने वाली यह 72,000 करोड़ रुपए से अधिक की योजना देश के सबसे दक्षिणवर्ती बसे हुए द्वीप को एक सामरिक, आर्थिक और पर्यटन केंद्र में बदल देगी। समर्थक इसे चीन के इंडो-पैसिफ़िक प्रक्षेपण के विरुद्ध भू-आर्थिक प्रतिसंतुलन मानते हैं। आलोचक इसे एक सामरिक कथानक में लिपटी पारिस्थितिकीय और मानव-अधिकार आपदा कहते हैं।

स्थिति और महत्त्व

सामरिक स्थिति

ग्रेट निकोबार मलक्का जलसंधि (Strait of Malacca) के मुहाने पर स्थित है, जिससे लगभग 30% वैश्विक समुद्री व्यापार और 60% भारतीय व्यापार गुज़रता है। यह द्वीप मुख्य भूमि भारत की अपेक्षा बैंकॉक और जकार्ता के अधिक निकट है। कार निकोबार और कैम्पबेल बे के साथ मिलकर यह अंडमान एवं निकोबार कमान को आधार प्रदान करता है — जो भारत की एकमात्र त्रि-सेवा कमान है।

परियोजना के घटक

ANIIDCO द्वारा संचालित यह वृहत् अवसंरचना योजना चार प्रमुख घटकों को सम्मिलित करती है:

अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT)

ग्रीनफ़ील्ड अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा

टाउनशिप

विद्युत संयंत्र

कार्यान्वयन और अनुमोदन

सामरिक महत्त्व

सुरक्षा हित

सैन्य उन्नयन

द्वीप विकास के साथ महत्त्वपूर्ण सैन्य अवसंरचना उन्नयन समन्वित हैं:

ये अतिरिक्त युद्धपोतों, विमानों, मिसाइल बैटरियों और सैनिकों की तैनाती को सहारा देते हैं। अंडमान एवं निकोबार कमान एक अधिक सक्षम अग्रवर्ती मंच बन जाती है।

आर्थिक और व्यापार

पर्यावरणीय और नैतिक चिंताएँ

जनजातीय अधिकार

वन और जैव विविधता हानि

भूकम्पीय और सुनामी संवेदनशीलता

जलवायु प्रभाव

अपर्याप्त परामर्श

न्यायिक और विशेषज्ञ समीक्षा

आगे की राह

नवीनतम घटनाक्रम (2024–26)

अद्यतन संदर्भ:

यूपीएससी प्रासंगिकता

पेपर मैपिंग: जीएस पेपर III — पर्यावरण, अवसंरचना, आपदा प्रबंधन; जीएस पेपर II — जनजातीय अधिकार; जीएस पेपर I — भारतीय भूगोल।

प्रीलिम्स बिंदु:

मेन्स कोण: