Anantam IASHindi Note · 24 August 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट कॉज़ लिस्ट: इलाहाबाद और लखनऊ पीठ

इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ पीठ की कॉज़ लिस्ट ऑनलाइन कैसे देखें — रोज़ की और पूरक सूचियाँ, सूचियों की किस्में, अपना मुक़दमा ढूँढ़ना, और केस स्टेटस की सेवाएँ।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट — यानी उस दिन सुनवाई के लिए लगे मुक़दमों की सूची — अदालत की सरकारी वेबसाइट allahabadhighcourt.in पर छपती है, और लखनऊ पीठ की अलग सूची उसके अपने पोर्टल पर। दोनों मुफ़्त देखी जा सकती हैं और हर कामकाजी दिन के लिए ताज़ा होती हैं। यह गाइड बताती है कि कौन-सी सूची कहाँ मिलती है, अदालत किस-किस तरह की सूचियाँ छापती है, अपना मुक़दमा उनमें कैसे ढूँढ़ें, और सूचियों के साथ चलने वाले केस-स्टेटस टूल कौन-से हैं — सारे लिंक जुलाई 2026 में जाँचे गए।

एक हाईकोर्ट, सूचियों के दो सेट

इलाहाबाद का उच्च न्यायालय प्रयागराज (इलाहाबाद) में बैठता है, और लखनऊ में उसकी स्थायी पीठ है। अवध के ज़िलों के मुक़दमे लखनऊ पीठ में जाते हैं; बाक़ी उत्तर प्रदेश मुख्य पीठ देखती है। दोनों जगहों की अपनी रजिस्ट्री है और दोनों अपनी अलग कॉज़ लिस्ट छापती हैं:

अगर आप “लखनऊ हाईकोर्ट कॉज़ लिस्ट” खोज रहे हैं, तो आपको यही चाहिए: लखनऊ का अपना कोई अलग हाईकोर्ट नहीं है; वहाँ की सूचियाँ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की सूचियाँ हैं।

कॉज़ लिस्ट में क्या-क्या लिखा होता है

हर दिन की सूची अदालत के हिसाब से बँटी होती है। हर मुक़दमे के आगे आपको यह मिलेगा:

मुक़दमे मोटे तौर पर आइटम नंबर के क्रम में पुकारे जाते हैं। उस दिन की किसी भी सूची में — मुख्य या पूरक — आपका मुक़दमा न हो, तो वह उस दिन नहीं लगेगा।

कदम दर कदम: इलाहाबाद की आज की सूची देखना

  1. allahabadhighcourt.in/causelist खोलिए।
  2. Cause List Allahabad चुनिए (उसी पन्ने से लखनऊ पीठ की सूची और मध्यस्थता कॉज़ लिस्ट के लिंक भी मिलते हैं)।
  3. सूची की किस्म और तारीख़ चुनिए। इलाहाबाद की रजिस्ट्री कई तरह की सूचियाँ छापती है, जैसे:
  1. सूची खोलिए और उसमें अपना केस नंबर, पक्ष का नाम या वकील का नाम खोजिए (वेब पर और PDF में, दोनों जगह Ctrl+F या Cmd+F चलता है)।
  2. आइटम नंबर और कोर्ट नंबर नोट कर लीजिए, और यह भी कि आपका मुक़दमा किस श्रेणी के नीचे लगा है।

कदम दर कदम: लखनऊ पीठ की कॉज़ लिस्ट

  1. hclko.allahabadhighcourt.in/causelist खोलिए — या मुख्य causelist पन्ने पर दिए Cause List Lucknow Bench लिंक से वहाँ पहुँचिए।
  2. तारीख़ और सूची चुनिए। पीठ अपनी रोज़ की और पूरक सूचियाँ उसी अदालत-वार तरीक़े से छापती है, साथ में एक cause list with status report भी, जिसमें हर मुक़दमे की सूची-प्रविष्टि उसके मौजूदा हाल के साथ जुड़ी रहती है।
  3. सूची के भीतर केस नंबर, पक्ष या वकील के नाम से खोजिए, और आइटम तथा कोर्ट नंबर नोट कीजिए।

नई और अतिरिक्त सूचियाँ शाम तक निकलती रहती हैं, इसलिए वकीलों के मुंशी आम तौर पर दो बार देखते हैं: एक बार जब रोज़ की सूची आती है, और दूसरी बार सुनवाई की सुबह।

वकील के नाम से मुक़दमे ढूँढ़ना

किसी भी पीठ में पूरी सूची हाथ से पढ़ने की ज़रूरत नहीं है। सूचियाँ ब्राउज़र में खोजी जा सकती हैं, और वकील या मुंशी का रोज़ का तरीक़ा यह रहता है:

  1. उस तारीख़ की ज़रूरी सूचियाँ खोलिए (रोज़ की सूची के साथ additional और fresh सूचियाँ भी)।
  2. वकील का नाम ठीक वैसे ही खोजिए जैसे वकालतनामे पर लिखा है — सूची में हर मुक़दमे के आगे वकीलों के नाम छपे होते हैं।
  3. यही खोज हर किस्म की सूची में दोहराइए, क्योंकि कोई मुक़दमा रोज़ की सूची के बजाय additional या fresh सूची में हो सकता है।

अगर एक ही मुक़दमे का पता करना है और उसका नंबर मालूम है, तो सबसे तेज़ रास्ता अक्सर Cause List with Status Report है, या नीचे बताई केस-स्टेटस खोज — इनसे अगली तारीख़ बिना कोई सूची छाने ही मिल जाती है।

केस स्टेटस और उससे जुड़ी ई-सेवाएँ

अदालत के केस स्टेटस पन्ने से वे सारी सेवाएँ खुलती हैं जो कॉज़ लिस्ट के साथ काम आती हैं:

इन सूचियों का पूरा ढाँचा — आइटम नंबर, चरण के शीर्षक, डिस्प्ले बोर्ड और हर हाईकोर्ट के लिंक — हमारी मुख्य गाइड हाईकोर्ट कॉज़ लिस्ट में देखिए। पूरब में ऐसी ही दो-पीठ वाली व्यवस्था के लिए पटना हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट पढ़िए।

सामान्य प्रश्न

इलाहाबाद हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट कहाँ देखूँ?

मुख्य पीठ के लिए allahabadhighcourt.in/causelist पर, और लखनऊ पीठ के लिए hclko.allahabadhighcourt.in/causelist पर। दोनों सरकारी हैं, मुफ़्त हैं, और हर कामकाजी दिन के लिए ताज़ा होती हैं।

क्या लखनऊ हाईकोर्ट की अलग कॉज़ लिस्ट होती है?

लखनऊ का अपना हाईकोर्ट है ही नहीं। “लखनऊ कॉज़ लिस्ट” असल में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ की कॉज़ लिस्ट है, जो पीठ के पोर्टल hclko.allahabadhighcourt.in पर छपती है।

रोज़ की और अतिरिक्त कॉज़ लिस्ट में क्या फ़र्क़ है?

रोज़ की कॉज़ लिस्ट पहले से जारी होने वाली मुख्य सूची है। अतिरिक्त (पूरक) सूची में वे मुक़दमे आते हैं जो बाद में जोड़े गए — नए दायर मामले, जल्दी लगाने की गुज़ारिश, सुधार। दोनों देखिए; रोज़ की सूची में न होने पर भी मुक़दमा अतिरिक्त सूची में लग सकता है।

किसी एक वकील के सारे मुक़दमे कैसे ढूँढ़ूँ?

उस दिन की सूचियाँ खोलकर वकील का नाम खोजिए — हर प्रविष्टि के आगे वकीलों के नाम छपे रहते हैं। यह खोज रोज़ की, अतिरिक्त और fresh, तीनों सूचियों में चलाइए, क्योंकि मामला किसी में भी हो सकता है।

इलाहाबाद की कॉज़ लिस्ट में “fresh case” का क्या मतलब है?

नया दायर मामला, जो अदालत के सामने पहली बार लग रहा है, आम तौर पर admission के लिए। रजिस्ट्री ऐसे मामलों की अलग सूची बनाती है, और पहली बार लगने वाले पुराने मामले backlog fresh सूची में आ सकते हैं।

मेरा मुक़दमा सूची में नहीं है तो अगली तारीख़ कैसे पता करूँ?

केस-स्टेटस सेवा से — पीठ के हिसाब से Case Status Allahabad या Case Status Lucknow Bench। इससे मौजूदा चरण, हाल के आदेश और जहाँ तय हो वहाँ अगली तारीख़ दिख जाती है।

क्या प्रमाणित नक़ल ऑनलाइन मिल सकती है?

अदालत का कंप्यूटरीकृत नक़ल विभाग है; सरकारी साइट पर बताई प्रक्रिया से अर्ज़ी दीजिए और केस-स्टेटस पन्ने से फ़ोलियो/अर्ज़ी का हाल देखते रहिए। प्रमाणित नक़ल वही पीठ देती है जहाँ मुक़दमा दर्ज है।