UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

हाईकोर्ट कॉज़ लिस्ट: रोज़ की सुनवाई सूची ऑनलाइन कैसे देखें

हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट क्या होती है, आइटम नंबर, कोर्ट हॉल और चरण कैसे पढ़ें, और बड़े हाईकोर्ट की रोज़ की सूची देखने के जाँचे हुए लिंक कहाँ मिलेंगे।

One case search resolving to four separate court-published daily lists

हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट (वाद सूची) वह सरकारी सूची है, जिसमें लिखा होता है कि किस दिन किस जज के सामने कौन-कौन से मुक़दमे सुनवाई पर लगे हैं। देश का हर हाईकोर्ट अपनी कॉज़ लिस्ट अपनी वेबसाइट पर डालता है, आम तौर पर सुनवाई से एक दिन पहले शाम को, और आप इसे मुफ़्त देख सकते हैं। इस गाइड में समझिए कि कॉज़ लिस्ट पढ़ी कैसे जाती है, किस हाईकोर्ट की सूची कहाँ मिलेगी, और इससे जुड़े बाक़ी औज़ार — डिस्प्ले बोर्ड, केस स्टेटस और प्रमाणित प्रति — कैसे एक-दूसरे से जुड़े हैं।

कॉज़ लिस्ट होती क्या है

अदालतों में दिन भर में दर्जनों मुक़दमे सुने जाते हैं, और वे कई कोर्ट रूम में बँटे होते हैं। कॉज़ लिस्ट वही मुख्य सूची है जो सबको — पक्षकारों, वकीलों, मुंशियों और अदालत के कर्मचारियों को — बता देती है कि कौन-सा केस किस जज के सामने, किस कोर्ट हॉल में, किस नंबर पर और किस काम के लिए लगा है।

कॉज़ लिस्ट की एक आम प्रविष्टि में यह सब होता है:

  • क्रम या आइटम नंबर — उस दिन की सूची में केस का नंबर। मुक़दमे आम तौर पर इसी क्रम में पुकारे जाते हैं।
  • केस नंबर — केस का प्रकार, पंजीकरण संख्या और साल (जैसे W.P. No. 12345 of 2025)।
  • पक्षकारों के नाम — याचिकाकर्ता बनाम प्रतिवादी, अक्सर छोटे रूप में लिखे हुए।
  • वकीलों के नाम — दोनों तरफ़ से पेश होने वाले वकील।
  • चरण या श्रेणी — वह शीर्षक जिसके नीचे केस लगा है, जैसे For Admission, For Orders, For Hearing, या Part Heard।
  • कोर्ट हॉल और जज — कोर्ट रूम का नंबर और उस सूची को सुनने वाले जज या पीठ के नाम।

अगर आपका केस उस दिन की कॉज़ लिस्ट में है, तो उसी दिन उसकी बारी आनी है। और अगर नहीं है, तो वह पुकारा नहीं जाएगा — भले ही पहले आपको कोई तारीख़ बता दी गई हो।

कॉज़ लिस्ट कितनी तरह की होती है

ज़्यादातर हाईकोर्ट एक से ज़्यादा तरह की सूची निकालते हैं। नाम अदालत-दर-अदालत थोड़े बदल जाते हैं, पर ढर्रा एक जैसा रहता है:

  • दैनिक कॉज़ लिस्ट — अगले कामकाजी दिन की मुख्य सूची, जो पहले ही निकाल दी जाती है। “कॉज़ लिस्ट” कहने पर लोग ज़्यादातर इसी को समझते हैं।
  • साप्ताहिक सूची — कुछ अदालतें बता देती हैं कि आने वाले हफ़्ते में कौन-से मुक़दमे सुने जा सकते हैं। यह सिर्फ़ इशारा है; बारी तभी आएगी जब केस दैनिक सूची में भी आए।
  • पूरक या अतिरिक्त सूची — मुख्य सूची निकलने के बाद जोड़े गए मुक़दमे, अक्सर नए दाख़िल या ज़रूरी मामले। पूरक सूची हमेशा देखिए, क्योंकि जो केस मुख्य सूची में नहीं मिला, वह यहाँ निकल सकता है।
  • अग्रिम या मासिक सूचियाँ — कुछ अदालतें अंतिम सुनवाई वाले मुक़दमों की लंबी अवधि की सूची भी निकालती हैं।

दैनिक सूची के भीतर चरण वाले शीर्षक मायने रखते हैं। For Admission पर लगा केस अभी दहलीज़ पर है — अदालत तय करेगी कि उसे सुना भी जाए या नहीं। For Orders का मतलब आम तौर पर यह होता है कि कोई ख़ास अर्ज़ी या आदेश बाक़ी है। For Hearing या Final Hearing यानी अब पूरी बहस होगी। Part Heard वे मुक़दमे हैं जिन पर बहस पहले हो चुकी है और जो उसी पीठ के सामने आगे चलेंगे — ये आम तौर पर सूची में सबसे ऊपर रखे जाते हैं।

कॉज़ लिस्ट पढ़िए कैसे: कदम दर कदम

  1. जिस हाईकोर्ट का मामला है, उसकी कॉज़ लिस्ट वाला पन्ना खोलिए (जाँचे हुए लिंक नीचे की तालिका में हैं) और सुनवाई की तारीख़ चुनिए।
  2. सही सूची ढूँढ़िए — दैनिक, पूरक, या अगर अदालत की एक से ज़्यादा पीठ हैं तो उस पीठ की सूची।
  3. अपना केस खोजिए — कोर्ट हॉल, जज के नाम, केस नंबर या वकील के नाम से, जो भी खोज उस साइट पर मिलती हो। जहाँ सूची PDF में है, वहाँ ब्राउज़र का फ़ाइंड (Ctrl+F या Cmd+F) चलाइए और केस नंबर या वकील का नाम डालिए।
  4. आइटम नंबर और कोर्ट हॉल नंबर नोट कर लीजिए। आइटम 1 सबसे पहले पुकारा जाता है; आइटम 40 वाला केस दोपहर बाद ही आ पाएगा, या शायद आए ही नहीं।
  5. अपनी प्रविष्टि के ऊपर लिखा चरण देख लीजिए, ताकि पता रहे कि उस दिन क्या होना है — दाख़िल होना, कोई आदेश, या पूरी बहस।
  6. सुनवाई वाले दिन अदालत का डिस्प्ले बोर्ड (नीचे देखिए) देखते रहिए, जिससे पता चलता है कि हर कोर्ट हॉल किस आइटम तक पहुँचा है।

किस हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट कहाँ देखें

भारत में 25 हाईकोर्ट हैं। हर एक अपनी कॉज़ लिस्ट अपनी सरकारी वेबसाइट पर डालता है, और eCourts का हाईकोर्ट सर्विसेज़ पोर्टल hcservices.ecourts.gov.in एक ही जगह से सभी हाईकोर्ट और उनकी पीठों की कॉज़ लिस्ट, केस स्टेटस और आदेश दिखा देता है।

नीचे की तालिका में बड़े हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट वाले सीधे और चालू पन्ने दिए गए हैं (सारे लिंक जुलाई 2026 में जाँचे गए):

हाईकोर्टमुख्य पीठकॉज़ लिस्ट का पन्ना
इलाहाबाद हाईकोर्टप्रयागराज (लखनऊ में पीठ)allahabadhighcourt.in/causelist
बॉम्बे हाईकोर्टमुंबईbombayhighcourt.gov.in/bhc/causelistFinal
कलकत्ता हाईकोर्टकोलकाताcalcuttahighcourt.gov.in/Cause-Lists
दिल्ली हाईकोर्टनई दिल्लीdelhihighcourt.nic.in/web/cause-lists
गुजरात हाईकोर्टअहमदाबादgujarathighcourt.nic.in/causelist
कर्नाटक हाईकोर्टबेंगलुरु (धारवाड़ और कलबुर्गी में पीठ)judiciary.karnataka.gov.in/causelistSearch.php
केरल हाईकोर्टकोच्चिhckinfo.keralacourts.in — कॉज़ लिस्ट देखिए
मद्रास हाईकोर्टचेन्नई (मदुरै में पीठ)hcmadras.tn.gov.in/cause_list_mhc.php
मध्य प्रदेश हाईकोर्टजबलपुरmphc.gov.in/causelist
ओडिशा हाईकोर्टकटकorissahighcourt.nic.in/cause-list
पटना हाईकोर्टपटनाpatnahighcourt.gov.in/causelist/home
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्टचंडीगढ़highcourtchd.gov.in/?mod=causelist
राजस्थान हाईकोर्टजोधपुर (जयपुर में पीठ)जोधपुर · जयपुर
तेलंगाना हाईकोर्टहैदराबादcauselist.tshc.gov.in

जो हाईकोर्ट इस तालिका में नहीं है, उसकी सरकारी वेबसाइट खोलिए और मुख्य मेन्यू में “Cause List” का लिंक ढूँढ़िए। या फिर eCourts हाईकोर्ट सर्विसेज़ पोर्टल इस्तेमाल कीजिए, जो एक ही जगह से पूरे 25 हाईकोर्ट और उनकी पीठों को समेट लेता है।

सबसे व्यस्त चार अदालतों के लिए हमारे पास अलग से पूरा तरीक़ा लिखा हुआ है: मद्रास हाईकोर्ट कॉज़ लिस्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट कॉज़ लिस्ट, कर्नाटक हाईकोर्ट की दैनिक कॉज़ लिस्ट, और पटना हाईकोर्ट कॉज़ लिस्ट

डिस्प्ले बोर्ड और अदालत का सीधा हाल

कॉज़ लिस्ट बताती है कि आपका केस कहाँ लगा है; डिस्प्ले बोर्ड बताता है कि अदालत इस वक़्त कहाँ पहुँची है। हाईकोर्ट में बिजली के डिस्प्ले बोर्ड लगे होते हैं — वही वेबसाइट पर भी दिखते हैं — जिन पर हर कोर्ट हॉल के लिए चल रहा आइटम नंबर लिखा रहता है। सुनवाई वाले दिन:

  1. कॉज़ लिस्ट से अपना आइटम नंबर और कोर्ट हॉल नोट कर लीजिए।
  2. अदालत का ऑनलाइन डिस्प्ले बोर्ड खोलिए।
  3. अपने कोर्ट हॉल का चल रहा आइटम नंबर देखते रहिए। मान लीजिए आपका केस आइटम 25 है और बोर्ड पर 18 चल रहा है — तो अंदाज़ा लग जाता है कि कितना इंतज़ार बाक़ी है।

अदालत के समय में बोर्ड हाथों-हाथ बदलते रहते हैं और पीठ उठने पर ख़ाली हो जाते हैं। कुछ अदालतें चुनी हुई सुनवाइयों का सीधा प्रसारण भी करती हैं, या वीडियो कॉन्फ़्रेंस वाली सुनवाई की सूची अलग से डालती हैं।

ई-कोर्ट की दूसरी सेवाएँ

कॉज़ लिस्ट अकेली नहीं है, हर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर मुफ़्त ऑनलाइन सेवाओं का एक पूरा परिवार मिलता है:

  • केस स्टेटस — केस नंबर, पक्षकार के नाम या वकील के नाम से खोजिए और देख लीजिए कि केस किस चरण पर है, पहले क्या आदेश हुए, और अगली तारीख़ क्या है। जिन दिनों आपका केस सूची में नहीं है, उन दिनों यही काम आता है।
  • रोज़ के आदेश और फ़ैसले — ज़्यादातर अदालतें आदेश सुनाने के एक-दो दिन के भीतर उन्हें चढ़ा देती हैं।
  • प्रमाणित प्रति — कई अदालतें आदेशों और फ़ैसलों की प्रमाणित प्रति के लिए ऑनलाइन अर्ज़ी लेती हैं।
  • CNR से खोज — eCourts व्यवस्था में हर केस का एक अलग 16 अक्षर का CNR नंबर होता है; hcservices.ecourts.gov.in पर CNR से खोज हर अदालत में चल जाती है।

कॉज़ लिस्ट हाईकोर्ट के रोज़मर्रा के कामकाज की चीज़ है; इन्हीं अदालतों में सरकारों की तरफ़ से पेश होने वाले अफ़सर एक अलग विषय हैं — यह समझने के लिए कि सबसे बड़े क़ानून अधिकारी इस व्यवस्था में कहाँ बैठते हैं, भारत के महान्यायवादी वाला लेख देखिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हाईकोर्ट में कॉज़ लिस्ट क्या होती है?

यह सुनवाई पर लगे मुक़दमों की रोज़ की सरकारी सूची है, जो कोर्ट हॉल के हिसाब से छपती है। इसमें उस तारीख़ को हर जज के सामने लगे हर केस का आइटम नंबर, केस नंबर, पक्षकारों के नाम, वकीलों के नाम और चरण (दाख़िला, आदेश, सुनवाई) लिखा रहता है।

दैनिक कॉज़ लिस्ट कब निकलती है?

आम तौर पर सुनवाई से एक दिन पहले शाम को, जब रजिस्ट्री सूचियाँ पक्की कर लेती है। पूरक सूचियाँ उसी शाम बाद में या सुनवाई की सुबह भी जुड़ सकती हैं, इसलिए अदालत के लिए निकलने से पहले एक बार फिर देख लीजिए।

कॉज़ लिस्ट में अपना केस कैसे ढूँढ़ें?

हाईकोर्ट के कॉज़ लिस्ट वाले पन्ने पर दी गई खोज का इस्तेमाल कीजिए — ज़्यादातर जगह केस नंबर, वकील के नाम, जज या कोर्ट हॉल से खोजा जा सकता है। अगर सूची PDF में छपी है, तो उसे खोलकर Ctrl+F से अपना केस नंबर या वकील का नाम ढूँढ़िए।

आइटम नंबर का क्या मतलब है?

यह उस कोर्ट हॉल की सूची में आपके केस का नंबर है। मुक़दमे आम तौर पर इसी क्रम में पुकारे जाते हैं, इसलिए छोटा नंबर मतलब जल्दी बारी। Part Heard और ख़ास तौर पर तय किए गए मामले अक्सर सबसे ऊपर रख दिए जाते हैं।

मेरा केस आज की कॉज़ लिस्ट में नहीं है, इसका क्या मतलब?

बस इतना कि उस दिन उसकी बारी नहीं आएगी। पूरक सूची देख लीजिए, फिर केस स्टेटस सेवा से अगली तारीख़ पता कर लीजिए। मुक़दमे कई मामूली वजहों से सूची में लगते और हटते रहते हैं; एक दिन की सूची में न होना केस पर कोई फ़ैसला नहीं है।

क्या सभी हाईकोर्ट की कॉज़ लिस्ट एक ही वेबसाइट पर मिलती है?

हाँ। eCourts हाईकोर्ट सर्विसेज़ पोर्टल hcservices.ecourts.gov.in पर सभी 25 हाईकोर्ट और उनकी पीठों की कॉज़ लिस्ट, केस स्टेटस और आदेश मिल जाते हैं। अलग-अलग हाईकोर्ट की वेबसाइटें भी वही सूचियाँ डालती हैं, बस वहाँ खोज के तरीक़े उस अदालत के हिसाब से ज़्यादा होते हैं।

क्या कॉज़ लिस्ट देखना मुफ़्त है?

हाँ। कॉज़ लिस्ट, डिस्प्ले बोर्ड, केस स्टेटस और रोज़ के आदेश — ये सब सरकारी अदालती वेबसाइटों पर मुफ़्त जन सेवाएँ हैं। देखने के लिए लॉगिन तक नहीं करना पड़ता।

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

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