कन्या सुमंगला योजना: छह चरणों में ₹25,000, आवेदन कैसे करें
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में हर बेटी को जन्म से ग्रेजुएशन तक छह चरणों में कुल ₹25,000 मिलते हैं। पात्रता, चरण-वार रक़म और ऑनलाइन आवेदन का तरीक़ा।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की वह योजना है, जिसमें बेटियों के नाम पर शर्तों के साथ नकद पैसा दिया जाता है। हर बेटी को कुल ₹25,000 छह चरणों में मिलते हैं — जन्म पर ₹5,000 से लेकर ग्रेजुएशन या डिप्लोमा में दाख़िले पर ₹7,000 तक। शर्त यह है कि परिवार की सालाना आमदनी ₹3 लाख से ज़्यादा न हो। आवेदन mksy.up.gov.in पर ऑनलाइन होता है और पैसा सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से पहुँचता है।
कन्या सुमंगला योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह योजना 2019 में शुरू की थी। मक़सद साफ़ था — कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और बेटियों का बीच में पढ़ाई छोड़ देना, तीनों पर चोट करना। पैसा एक साथ नहीं दिया जाता। बेटी की ज़िंदगी के छह पड़ावों पर थोड़ा-थोड़ा करके मिलता है, और हर किस्त तभी मिलती है जब वह पड़ाव सचमुच पूरा हो — जन्म का पंजीकरण, पूरा टीकाकरण, स्कूल में दाख़िले और आख़िर में आगे की पढ़ाई।
हर बेटी को मिलने वाली रक़म वित्त वर्ष 2024-25 से ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी गई है, और सरकारी पोर्टल पर चरण-वार रक़में अब यही बढ़ी हुई दिखती हैं।
छह चरण और उनकी रक़म
| चरण | पड़ाव | एकमुश्त रक़म |
|---|---|---|
| 1 | 01/04/2019 या उसके बाद जन्मी बेटी | ₹5,000 |
| 2 | एक साल के भीतर पूरा टीकाकरण (बेटी 01/04/2018 से पहले जन्मी न हो) | ₹2,000 |
| 3 | चालू शैक्षिक सत्र में कक्षा 1 में दाख़िला | ₹3,000 |
| 4 | चालू शैक्षिक सत्र में कक्षा 6 में दाख़िला | ₹3,000 |
| 5 | चालू शैक्षिक सत्र में कक्षा 9 में दाख़िला | ₹5,000 |
| 6 | कक्षा 10/12 पास करने के बाद स्नातक डिग्री या कम से कम 2 साल के डिप्लोमा कोर्स में दाख़िला | ₹7,000 |
| कुल | ₹25,000 |
शुरुआत चरण 1 से ही करनी हो, ऐसा ज़रूरी नहीं है। मान लीजिए बेटी अभी कक्षा 6 में है — तो उसका नाम चरण 4 पर जोड़ा जा सकता है, और आगे के चरणों का पैसा उसे हर पड़ाव पर मिलता रहेगा।
पात्रता किसकी है?
सरकारी पोर्टल पर दी गई शर्तें सीधे-सीधे ये हैं:
- परिवार उत्तर प्रदेश का रहने वाला हो और इसका सबूत हो — राशन कार्ड, आधार, वोटर आईडी, या बिजली/टेलीफ़ोन का बिल।
- परिवार की सालाना आमदनी ₹3 लाख तक हो।
- एक परिवार की ज़्यादा से ज़्यादा दो बेटियों को ही फ़ायदा मिलेगा, और परिवार में बच्चे भी दो से ज़्यादा न हों।
- जुड़वाँ का अपवाद: अगर दूसरे प्रसव में जुड़वाँ बेटियाँ हुई हैं, तो तीसरी बेटी को भी फ़ायदा मिलेगा। और अगर पहली संतान बेटी थी तथा दूसरे प्रसव में जुड़वाँ बेटियाँ हुईं, तो तीनों बेटियाँ इसमें आ जाएँगी।
- गोद ली बेटी भी गिनी जाएगी: जो परिवार किसी अनाथ बेटी को गोद लेता है, वह अपनी और गोद ली, दोनों तरह की मिलाकर कुल दो बेटियों तक फ़ायदा ले सकता है।
आवेदन के लिए आवेदक, पिता, माता और जिस बेटी के नाम पर आवेदन है — चारों का आधार होना ज़रूरी है। यह शर्त 10 अक्टूबर 2022 से लागू है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
- mksy.up.gov.in खोलिए और Citizen Services Portal (Apply Here) पर क्लिक कीजिए।
- नए यूज़र के तौर पर रजिस्टर कीजिए — माता-पिता या अभिभावक की जानकारी और मोबाइल नंबर भरिए, OTP से पुष्टि कीजिए और पासवर्ड बना लीजिए। लॉगिन आईडी लिखकर रख लीजिए।
- लॉगिन करके जिस चरण के लिए आवेदन करना है, उसका फ़ॉर्म भरिए — अपनी जानकारी, बेटी की जानकारी, बैंक खाता (माँ या अभिभावक के नाम पर और आधार से जुड़ा हुआ) और पता।
- उस चरण के काग़ज़ (नीचे देखिए) अपलोड कीजिए और फ़ॉर्म जमा कर दीजिए। पोर्टल एक आवेदन संख्या देता है, जिससे आगे स्थिति देखी जा सकती है।
- आगे के चरणों के लिए इसी खाते से लॉगिन करके दोबारा आवेदन कीजिए, जैसे-जैसे बेटी हर पड़ाव पर पहुँचती है — पुराना रिकॉर्ड इसी से जुड़ा रहता है।
जिन घरों में इंटरनेट नहीं है, वे भरा हुआ फ़ॉर्म खंड विकास कार्यालय, SDM कार्यालय, या ज़िला प्रोबेशन/महिला कल्याण कार्यालय में जमा कर सकते हैं। वहाँ से कर्मचारी उसे इसी पोर्टल पर चढ़ा देते हैं।
आम तौर पर लगने वाले काग़ज़: माता-पिता और बेटी का आधार, आय प्रमाण पत्र या फ़ॉर्म में माँगा गया स्वघोषणा पत्र, जन्म प्रमाण पत्र (चरण 1), टीकाकरण कार्ड (चरण 2), स्कूल में दाख़िले का सबूत (चरण 3–5), डिग्री या डिप्लोमा में दाख़िले की रसीद (चरण 6), बैंक पासबुक, और फ़ॉर्म में माँगी गई परिवार की फ़ोटो।
एक नज़र में पूरी योजना
| बात | ब्यौरा |
|---|---|
| चलाने वाला विभाग | महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| कुल फ़ायदा | हर बेटी को ₹25,000 (वित्त वर्ष 2024-25 से ₹15,000 से बढ़ाया गया) |
| चरण | छह — जन्म, टीकाकरण, कक्षा 1, कक्षा 6, कक्षा 9, ग्रेजुएशन/डिप्लोमा |
| आमदनी की सीमा | हर परिवार के लिए ₹3 लाख सालाना |
| कितनी बेटियाँ | एक परिवार में दो तक (जुड़वाँ का अपवाद लागू) |
| आवेदन शुल्क | कुछ नहीं |
| पोर्टल | mksy.up.gov.in (Citizen Services Portal) |
| पैसा कैसे आता है | PFMS के ज़रिए DBT से, आधार से जुड़े बैंक खाते में |
आवेदन की स्थिति कैसे देखें
अपने रजिस्टर्ड मोबाइल या लॉगिन आईडी से Citizen Services Portal में लॉगिन कीजिए और आवेदन का डैशबोर्ड खोलिए — वहाँ हर चरण का आवेदन लंबित, सत्यापित या स्वीकृत में से किसी एक हाल में दिखता है। जाँच खंड और ज़िला स्तर पर प्रोबेशन और महिला कल्याण का अमला करता है, और उसके बाद पैसा PFMS से रजिस्टर्ड बैंक खाते में भेज दिया जाता है। अगर आवेदन पर कोई आपत्ति लगी है, तो पोर्टल वजह भी बताता है — नया आवेदन भरने के बजाय वही काग़ज़ ठीक करके दोबारा जमा कीजिए।
आवेदन ख़ारिज होने की आम वजहें, जिनसे शुरू में ही बचा जा सकता है: आय प्रमाण पत्र की मियाद पूरी हो चुकी हो या उसमें आमदनी ₹3 लाख से ऊपर हो; बैंक खाता आधार से जुड़ा न हो (ऐसे में आवेदन मंज़ूर होने के बाद भी PFMS पर पैसा अटक जाता है); बेटी का नाम जन्म प्रमाण पत्र और स्कूल के रिकॉर्ड में अलग-अलग हो; और ऐसे चरण के लिए आवेदन कर देना जो बेटी पहले ही पार कर चुकी है। हर चरण उसी शैक्षिक सत्र में माँगा जाना चाहिए — जिस साल पड़ाव आया, उसी साल आवेदन कीजिए।
कन्या सुमंगला अकेली योजना नहीं है, महिलाओं और बच्चों के लिए चलने वाली दूसरी नकद योजनाओं के साथ-साथ चलती है — नवजात की माँओं को PM मातृ वंदना योजना का प्रसूति लाभ भी देख लेना चाहिए, और सरकारी योजना सूची से पता चल जाता है कि परिवार और किन-किन योजनाओं में आता है। पढ़ाई पूरी कर रही युवतियाँ नौकरी ढूँढ़ते वक़्त बेरोज़गारी भत्ता योजना देख सकती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कन्या सुमंगला योजना में कितना पैसा मिलता है?
हर बेटी को कुल ₹25,000, जो छह एकमुश्त किस्तों में आते हैं: जन्म पर ₹5,000, पूरा टीकाकरण होने पर ₹2,000, कक्षा 1 और कक्षा 6 में दाख़िले पर ₹3,000-₹3,000, कक्षा 9 में दाख़िले पर ₹5,000, और ग्रेजुएशन या दो साल के डिप्लोमा में दाख़िले पर ₹7,000।
कन्या सुमंगला योजना के लिए आमदनी की सीमा क्या है?
परिवार की सालाना आमदनी ₹3 लाख या उससे कम होनी चाहिए। इससे ऊपर आमदनी होने पर बाक़ी सारी शर्तें पूरी होने के बाद भी परिवार इसमें नहीं आता।
क्या एक परिवार की दोनों बेटियों को फ़ायदा मिल सकता है?
हाँ, एक परिवार में दो बेटियों तक फ़ायदा मिलता है। जुड़वाँ होने पर योजना में बताई गई ख़ास हालत में तीसरी बेटी तक भी यह बढ़ जाता है (दूसरे प्रसव में जुड़वाँ बेटियाँ होने पर)।
क्या मेरी बेटी स्कूल जाने लगी है तो भी आवेदन हो सकता है?
हाँ। किसी भी चरण से जुड़ा जा सकता है। जैसे कक्षा 9 में जा रही बेटी का नाम चरण 5 पर जोड़ा जा सकता है, और आगे डिग्री या डिप्लोमा कोर्स में दाख़िला लेने पर उसे चरण 6 का पैसा भी मिल जाएगा।
क्या कन्या सुमंगला योजना के लिए आधार ज़रूरी है?
हाँ। 10 अक्टूबर 2022 से आवेदक, माता-पिता दोनों और जिस बेटी के नाम पर आवेदन है, सबका आधार ज़रूरी है। और DBT से पैसा आने के लिए बैंक खाता भी आधार से जुड़ा होना चाहिए।
अपने कन्या सुमंगला आवेदन की स्थिति कैसे देखूँ?
mksy.up.gov.in पर Citizen Services Portal से अपने रजिस्टर्ड ब्योरे के साथ लॉगिन कीजिए; डैशबोर्ड पर हर चरण की स्थिति दिख जाती है। ज़िलेवार आवेदनों और PFMS से हुए भुगतान की रिपोर्ट भी पोर्टल पर छपती रहती है।
अप्रैल 2019 से पहले जन्मी बेटियों को जन्म वाले चरण का पैसा मिलता है?
नहीं। चरण 1 सिर्फ़ 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी बेटियों पर लागू है, और चरण 2 उन बेटियों पर जो 1 अप्रैल 2018 से पहले न जन्मी हों। इससे बड़ी बेटियाँ सीधे स्कूल वाले चरणों से योजना में आ जाती हैं।