Anantam IASHindi Note · 4 September 2026

लाड़ली बहना योजना: पात्रता, फ़ायदे और स्टेटस

मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना में हर महीने 1,250 रुपये सीधे खाते में आते हैं। पात्रता, ज़रूरी काग़ज़, आवेदन का तरीक़ा, स्टेटस देखने के रास्ते और योजना पर उठे सवाल — सब एक जगह।

लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की योजना है, जिसमें हक़दार महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये (साल में 15,000 रुपये) सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे 5 मार्च 2023 को शुरू किया था। मक़सद यह है कि राज्य की महिलाएँ पैसे के मामले में अपने पैरों पर खड़ी हों और महिलाओं व बच्चों की सेहत और पोषण सुधरे। शुरुआत से अब तक 1.29 करोड़ से ज़्यादा महिलाएँ इसमें जुड़ चुकी हैं।

UPSC के लिहाज़ से यह योजना GS पेपर II में राज्य सरकारों की नीतियों, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक कल्याण के हिस्से में काम आती है।

लाड़ली बहना योजना क्या है?

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए सीधी आय-सहायता के तौर पर बनाया गया था। क़र्ज़ वाली या शर्तों वाली योजनाओं से अलग, लाड़ली बहना में 21 से 60 साल की उन महिलाओं को बिना किसी शर्त के नक़द पैसा मिलता है जो आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों से हैं। इसका ख़ाका देश के दूसरे राज्यों में चल रही महिला कल्याण योजनाओं को देखकर बना।

मुख्य बातें

योजना के मक़सद

सरकार ने पाँच मक़सद गिनाए हैं: महिलाओं को पैसे के मामले में आत्मनिर्भर बनाना, महिलाओं और बच्चों की सेहत और पोषण सुधारना, परिवार के फ़ैसलों में महिलाओं की भूमिका वापस लाना, आर्थिक आत्मनिर्भरता खड़ी करना, और कमाई में स्त्री-पुरुष का फ़र्क़ घटाना।

लाड़ली बहना योजना की पात्रता

पात्रता उम्र, राज्य में रहने, आमदनी और जायदाद के आधार पर तय होती है। शर्तें इस तरह बनाई गई हैं कि आर्थिक रूप से कमज़ोर ज़्यादा से ज़्यादा महिलाएँ इसमें आ जाएँ।

किसे मिलेगा?

किसे नहीं मिलेगा?

कौन बाहर हैब्यौरा
सरकारी कर्मचारीमहिला ख़ुद या उसके घर का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी या अधिकारी हो
टैक्स भरने वाले परिवारघर का कोई भी सदस्य इनकम टैक्स भरता हो
बड़े किसानजिन परिवारों के पास 5 एकड़ से ज़्यादा खेती की ज़मीन है
पहले से पेंशन पाने वाली महिलाएँजिन्हें किसी भी सरकारी योजना से हर महीने 1,000 रुपये या उससे ज़्यादा पेंशन मिल रही है
चुने हुए जनप्रतिनिधिजो महिलाएँ इस समय सांसद, विधायक, महापौर या सरपंच हैं

कौन-कौन से काग़ज़ लगेंगे

लाड़ली बहना योजना में आवेदन कैसे करें

आवेदन ऑनलाइन भी होता है और ऑफ़लाइन भी। बड़े पैमाने पर नाम जोड़ने के लिए गाँव और वार्ड के स्तर पर कैंप लगाए जाते हैं।

आवेदन का तरीक़ा

  1. कैंप में नाम लिखवाना: सरकार ग्राम पंचायत और वार्ड के स्तर पर पंजीकरण कैंप लगाती है
  2. फ़ॉर्म भरना: अधिकारी मदद करते हैं और महिला का फ़ॉर्म भरा जाता है
  3. काग़ज़ों की जाँच: अधिकारी समग्र ID, आधार और बैंक की जानकारी जाँचते हैं
  4. फ़ोटो और eKYC: उँगलियों के निशान से पहचान और फ़ोटो लिया जाता है
  5. फ़ॉर्म जमा और पावती: आवेदन करने वाली महिला को पावती पर्ची मिलती है
  6. ऑनलाइन पोर्टल: आवेदन cmladlibahna.mp.gov.in पर भी भरा जा सकता है

लाड़ली बहना का स्टेटस कैसे देखें

आवेदन और पैसे का स्टेटस कई तरीक़ों से देखा जा सकता है:

पैसा कितना और कब आता है

पैसा हर महीने की 10 तारीख़ को सीधे महिला के बैंक खाते में भेजा जाता है।

रकम कब-कब बढ़ी

चरणहर महीने की रकमसमय
पहला चरण (शुरुआत)1,000 रुपयेमार्च–सितंबर 2023
दूसरा चरण (बढ़ोतरी)1,250 रुपयेअक्टूबर 2023 से आगे
प्रस्तावित बढ़ोतरी1,500 रुपयेसरकार के फ़ैसले पर निर्भर
लंबी अवधि का लक्ष्य3,000 रुपयेराज्य सरकार की घोषणा के मुताबिक़

1,000 रुपये से 1,250 रुपये की बढ़ोतरी 2023 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई थी। सरकार ने कहा है कि रकम को धीरे-धीरे बढ़ाकर हर महीने 3,000 रुपये तक ले जाया जाएगा।

असर और आकलन

मध्य प्रदेश में इस योजना का सामाजिक और आर्थिक असर साफ़ दिखता है, लेकिन इस पर बहस भी हुई है।

क्या अच्छा हुआ

आलोचनाएँ और चिंताएँ

दूसरे राज्यों की ऐसी ही योजनाओं से तुलना

कई राज्यों ने महिलाओं के लिए इसी तरह की आय-सहायता योजनाएँ शुरू की हैं, और इससे राज्यों के बीच एक तरह की होड़ बन गई है।

बातलाड़ली बहना (मध्य प्रदेश)महालक्ष्मी (कर्नाटक)कालिया (ओडिशा – महिलाएँ)आपकी बेटी हमारी बेटी (हरियाणा)
हर महीने की रकम1,250 रुपये2,000 रुपये833 रुपये (10,000 रुपये सालाना)एक बार में 21,000 रुपये
उम्र21–60 साल18 साल से ऊपरसभी महिला किसानबच्ची (जन्म के समय)
कितनों तक पहुँची1.29 करोड़ महिलाएँप्रस्तावित योजनाक़रीब 30 लाखसभी BPL परिवार
शर्तकोई शर्त नहींकोई शर्त नहींज़मीन का मालिकानाजन्म का पंजीकरण
पैसा कैसे मिलता हैहर महीने DBTहर महीने DBTसाल में दो बारएक बार, मियाद पूरी होने पर

इस तालिका से दिखता है कि राज्यों का तरीक़ा कितना अलग-अलग है। मध्य प्रदेश की योजना दो बातों में अलग खड़ी होती है — उम्र का दायरा बड़ा है और पैसा बिना किसी शर्त के मिलता है।

UPSC में इसका काम

लाड़ली बहना योजना राज्य स्तर की कल्याणकारी सरकार, नक़द हस्तांतरण से महिला सशक्तीकरण, और भारत में सामाजिक योजनाओं की राजनीति — तीनों को समझने के लिए एक अच्छा केस स्टडी है।

पढ़ने लायक़ मुख्य बिंदु

मुख्य परीक्षा में यह योजना कहाँ काम आएगी

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सामान्य प्रश्न

लाड़ली बहना योजना में महिलाओं को कितना पैसा मिलता है?

हक़दार महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये (साल में 15,000 रुपये) सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT से मिलते हैं। शुरू में यह रकम हर महीने 1,000 रुपये थी, और सरकार ने इसे आगे और बढ़ाने की बात कही है।

क्या अविवाहित महिलाएँ लाड़ली बहना योजना में आवेदन कर सकती हैं?

शुरुआत में यह योजना 21 से 60 साल की शादीशुदा, विधवा, तलाक़शुदा और छोड़ दी गई महिलाओं के लिए थी। बाद में सरकार ने अविवाहित महिलाओं को भी इसमें जोड़ दिया, बशर्ते वे उम्र, आमदनी और राज्य में रहने की बाक़ी सारी शर्तें पूरी करती हों।

लाड़ली बहना के लिए समग्र ID क्यों ज़रूरी है?

समग्र ID मध्य प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा पहचान है, जो राज्य के हर परिवार को मिलती है। लाड़ली बहना योजना में नाम जुड़वाने के लिए चालू समग्र ID होना ज़रूरी है। यह ID आधार से जुड़ी होनी चाहिए और उसमें परिवार और निजी जानकारी अपडेट होनी चाहिए, तभी आवेदन आगे बढ़ता है।

क्या लाड़ली बहना योजना दूसरे राज्यों में भी चलती है?

लाड़ली बहना योजना सिर्फ़ मध्य प्रदेश की है। लेकिन इसकी लोकप्रियता देखकर कई राज्यों ने अलग नामों से इसी तरह की योजनाएँ शुरू या घोषित की हैं। महाराष्ट्र ने मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहीण योजना शुरू की, और दूसरे राज्यों में भी महिलाओं को आय-सहायता देने वाली अपनी-अपनी योजनाएँ हैं।