Anantam IASHindi Note · 4 September 2026

महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़: पात्रता और साल के ₹12,000 का फ़ायदा

छत्तीसगढ़ की DBT योजना — 21 साल से ऊपर की शादीशुदा, विधवा, तलाक़शुदा और परित्यक्ता महिलाओं को हर महीने ₹1,000, पात्रता, कौन बाहर है, काग़ज़ात और आवेदन का पूरा तरीक़ा।

महतारी वंदन योजना (MVY) छत्तीसगढ़ सरकार की सीधे खाते में पैसा भेजने वाली (DBT) योजना है, जो 1 मार्च 2024 को शुरू हुई। इसमें 21 साल या उससे ऊपर की हर हक़दार शादीशुदा महिला को हर महीने ₹1,000 (साल के ₹12,000) मिलते हैं, जो सीधे उसके आधार से जुड़े बैंक खाते में आते हैं। यह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की BJP सरकार की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना है, और 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में किए गए एक बड़े वादे को पूरा करती है।

छत्तीसगढ़ी में महतारी का मतलब है "माँ" — और योजना को "मातृ शक्ति" की पहल के तौर पर पेश किया गया है, जिसका मक़सद घर में शादीशुदा महिलाओं की माली सुरक्षा, इज़्ज़त और फ़ैसले लेने की ताक़त बढ़ाना है।

योजना एक नज़र में

बातब्योरा
आधिकारिक नाममहतारी वंदन योजना
राज्यछत्तीसगढ़
कब शुरू हुई1 मार्च 2024
किसने घोषणा कीमुख्यमंत्री विष्णु देव साय (BJP)
कौन सा विभाग चलाता हैमहिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार
हर महीने₹1,000
साल भर में₹12,000
कम से कम उम्र21 साल
ज़्यादा से ज़्यादा उम्रकोई ऊपरी सीमा नहीं (विधवा/तलाक़शुदा/परित्यक्ता महिलाएँ भी 21 साल से ऊपर होने पर हक़दार)
वैवाहिक स्थितिशादीशुदा, विधवा, तलाक़शुदा या परित्यक्ता
पैसा कैसे आता हैआधार से जुड़े बैंक खाते में DBT से
क़रीब कितनी महिलाएँ~70 लाख
सालाना ख़र्च~₹8,400 करोड़ से ज़्यादा
पोर्टलmahtarivandan.cgstate.gov.in

पात्रता

महिला तभी हक़दार है जब वह नीचे की सारी शर्तें पूरी करती हो:

  1. छत्तीसगढ़ की रहने वाली हो (स्थायी निवासी)
  2. उस साल की 1 जनवरी को 21 साल या उससे ऊपर की हो
  3. शादीशुदा, विधवा, तलाक़शुदा या परित्यक्ता हो (अविवाहित महिलाएँ इसमें नहीं आतीं)
  4. उसके अपने नाम पर आधार कार्ड और आधार से जुड़ा बैंक खाता हो
  5. उसका परिवार किसी भी बाहर रखने वाली श्रेणी में आता हो (नीचे देखिए)

कौन इसमें नहीं आता

महिला हक़दार नहीं है, अगर:

बाहर रखने की इन शर्तों के लिए "परिवार" का मतलब है पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे

क्या मिलता है

कौन से काग़ज़ात लगेंगे

आवेदन कैसे करें: क़दम दर क़दम

ऑनलाइन तरीक़ा

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलिए: mahtarivandan.cgstate.gov.in
  2. "Apply Online" पर क्लिक कीजिए
  3. आधार से जुड़े मोबाइल नंबर और OTP से रजिस्टर कीजिए
  4. फ़ॉर्म भरिए — अपनी, परिवार की, बैंक की और काग़ज़ात की जानकारी
  5. स्कैन किए हुए काग़ज़ात अपलोड कीजिए
  6. जमा कीजिए और आवेदन ID सँभालकर रख लीजिए

ऑफ़लाइन तरीक़ा

  1. पास के आँगनवाड़ी केंद्र / ग्राम पंचायत भवन / वार्ड कार्यालय जाइए
  2. काग़ज़ी फ़ॉर्म (फ़ॉर्म 1) लीजिए
  3. भरकर काग़ज़ात के साथ जमा कीजिए
  4. आँगनवाड़ी कार्यकर्ता उसे पोर्टल पर चढ़ा देती हैं

जाँच और मंज़ूरी

राजनीतिक पृष्ठभूमि

ख़र्च और इंतज़ाम

दूसरी महिला कल्याण योजनाओं से तुलना

योजनाराज्यकब शुरू हुईहर महीनेपात्रता
महतारी वंदन योजनाछत्तीसगढ़मार्च 2024₹1,00021+ शादीशुदा महिलाएँ
लाड़ली बहना योजनामध्य प्रदेशमार्च 2023₹1,25021–60 की महिलाएँ
लाड़की बहीण योजनामहाराष्ट्रजुलाई 2024₹1,50021–65 की महिलाएँ
मंईयाँ सम्मान योजनाझारखंडअगस्त 2024₹2,50018–50 की महिलाएँ
सुभद्रा योजनाओडिशासितंबर 2024₹10,000 साल21–60 की महिलाएँ
गृह लक्ष्मीकर्नाटकअगस्त 2023₹2,000घर की मुखिया महिला

उम्र और वैवाहिक स्थिति के लिहाज़ से महतारी वंदन योजना का दायरा ज़्यादा तंग है (सिर्फ़ शादीशुदा), लेकिन घरों तक पहुँच के लिहाज़ से यह ज़्यादा चौड़ी है, क्योंकि रकम छोटी है और बाहर रखने वाली शर्तें सख़्त होते हुए भी ज़्यादातर घर उन्हें पूरा कर लेते हैं।

अब तक का असर

शिकायत और निगरानी

आलोचनाएँ और चिंताएँ

  1. दायरा तंग है — 21 साल से ऊपर की अविवाहित महिलाएँ बाहर हैं
  2. शादी की शर्त — इससे यह भाव पक्का होता है कि कल्याण पाने के लिए शादी होना ज़रूरी है
  3. ख़र्च कब तक सँभलेगा — हर साल का बोझ बड़ा है
  4. ग़लत हाथों में जाने का ख़तरा — परिवार की आमदनी सिर्फ़ ख़ुद के घोषणापत्र पर टिकी है, जाँच कमज़ोर है
  5. कल्याण बनाम रेवड़ी की बहस — मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना जैसी ही
  6. राजनीतिक इस्तेमाल का ख़तरा — लाभार्थियों का डेटा और चुनावी संपर्क आपस में घुल-मिल जाते हैं
  7. और क्या हो सकता था — कुछ लोगों का कहना है कि यही पैसा महिलाओं के स्वयं सहायता समूह, बच्चों की देखभाल या हुनर सिखाने के ढाँचे पर लगता तो असर ज़्यादा होता

केंद्र और दूसरी राज्य योजनाओं से रिश्ता

MVY केंद्र की इन योजनाओं के साथ-साथ चलती है, उनकी जगह नहीं लेती:

एक महिला को MVY + PMMVY + JSY एक साथ मिल सकते हैं, लेकिन अगर कोई पेंशन ₹1,000 से ज़्यादा हो तो रकम में समायोजन हो सकता है।

UPSC से नाता

GS2 (शासन / कल्याण): राज्यों की महिला कल्याण योजनाएँ, DBT, पात्रता का डिज़ाइन।

GS3 (अर्थव्यवस्था): राज्य के पास कितनी माली गुंजाइश है, कल्याण बनाम रेवड़ी, सब्सिडी को तर्कसंगत बनाना।

GS1 (समाज): जेंडर, महिलाओं की आर्थिक ताक़त, कल्याण के डिज़ाइन में शादी की शर्त का झुकाव।

प्रीलिम्स के लिए ज़रूरी बातें: