Anantam IASHindi Note · 4 September 2026

PM SHRI योजना: मक़सद, ख़ूबियाँ, बजट और अहमियत

14,500 से ज़्यादा स्कूलों को NEP 2020 का मॉडल बनाने वाली PM SHRI योजना — उसका ढाँचा, ₹27,360 करोड़ का बजट, चैलेंज तरीक़े से चुनाव, उम्मीदें और उस पर उठे सवाल।

PM SHRI योजना, यानी Prime Minister Schools for Rising India, एक केंद्र प्रायोजित योजना है जो सितंबर 2022 में शुरू हुई। इसका मक़सद देश भर के 14,500 से ज़्यादा पहले से चल रहे स्कूलों को ऐसे मॉडल स्कूल बनाना है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना को पूरी तरह उतार सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका ऐलान शिक्षक दिवस, 5 सितंबर 2022 को किया और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 सितंबर 2022 को इसे मंज़ूरी दी। कोशिश यह है कि ऐसे स्कूल खड़े हों जिनमें आज की पढ़ाने की तकनीक, चौतरफ़ा सीखना और सबके लिए बराबर मौक़ा — तीनों एक साथ हों। UPSC के लिहाज़ से PM SHRI, NEP के दौर के सुधारों की सबसे साफ़ मिसाल है।

पृष्ठभूमि: PM SHRI की ज़रूरत क्यों पड़ी

भारत की स्कूली व्यवस्था की पहली पहचान उसका आकार है – 14.7 लाख से ज़्यादा स्कूल, 26 करोड़ छात्र और 96 लाख शिक्षक – लेकिन गुणवत्ता हर जगह एक जैसी नहीं है। कई रिपोर्टें पढ़ाई में पिछड़ने की तरफ़ इशारा करती रही हैं:

PM SHRI का ढाँचा इस सोच पर बना है कि देश भर में मॉडल स्कूलों का एक जाल खड़ा हो, जो अच्छे तौर-तरीक़े दिखा भी सके और आगे फैला भी सके — ठीक वैसे ही जैसे पहले केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों ने अपने-अपने दायरे में पैमाना तय किया था।

PM SHRI योजना के मक़सद

PM SHRI योजना के मुख्य आँकड़े — शुरुआत की तारीख़, स्कूलों की संख्या, कुल ख़र्च और केंद्र-राज्य हिस्सेदारी

शिक्षा मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक़ PM SHRI का मक़सद है:

बड़ी सोच यह है कि हर PM SHRI स्कूल NEP 2020 की "चलती-फिरती प्रयोगशाला" बने — जिसमें तकनीक और नयापन भी हो, और भारतीय भाषाओं, ज्ञान और संस्कृति से जुड़ाव भी।

योजना का ढाँचा

योजना का तरह और अवधि

कितने स्कूल

चुनने का तरीक़ा

  1. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश शिक्षा मंत्रालय के साथ MoU पर दस्तख़त करता है, जिसमें वह अपने PM SHRI स्कूलों में NEP 2020 पूरी तरह लागू करने की बात मानता है।
  2. UDISE+ के आँकड़ों पर आधारित पात्रता की शर्तें — कम से कम इतना ढाँचा, इतने शिक्षक और इतने बच्चे होने चाहिए।
  3. चैलेंज तरीक़ा: स्कूल NEP से जुड़े पैमानों पर ऑनलाइन मुक़ाबला करते हैं; उसके बाद अलग से जाँच होती है।

मुख्य ख़ूबियाँ

कोई स्कूल PM SHRI स्कूल कैसे बनता है — MoU, UDISE+ पात्रता और चैलेंज तरीक़े के तीन चरण

PM SHRI स्कूल आम स्कूल से कई मामलों में अलग होने चाहिए।

पाठ्यक्रम और पढ़ाने का तरीक़ा

ढाँचा और सुविधाएँ

मूल्यांकन

मार्गदर्शन और नेटवर्क

पैसा और संस्थाओं का ढाँचा

क्या नतीजे उम्मीद किए जा रहे हैं

PM SHRI स्कूल आम सरकारी स्कूल से किन बातों में अलग होता है, और रोलआउट पर उठ रहे सवाल

दिक़्क़तें और सवाल

PM SHRI पर ध्यान भी गया है और कई कोणों से सवाल भी उठे हैं।

शिक्षा की बड़ी तस्वीर में PM SHRI कहाँ बैठती है

योजना / पहलकिस पर ध्यान
समग्र शिक्षापूरी स्कूली शिक्षा वाली CSS
PM पोषण (मध्याह्न भोजन)स्कूलों में पोषण
NIPUN भारतFLN मिशन
PARAKHराष्ट्रीय आकलन केंद्र
STARS (विश्व बैंक के साथ)चुनिंदा राज्यों में सीखने के नतीजे
ULLASवयस्क साक्षरता
NEP 2020सबसे ऊपर की नीति

PM SHRI इन्हीं पहलों पर सवार होकर चलने वाली दिखाने वाली परत है, जो सुधारों को चुने हुए स्कूलों में एक जगह इकट्ठा कर देती है।

UPSC के लिहाज़ से

प्रीलिम्स के लिए:

मुख्य परीक्षा, GS-II का कोण:

PYQ जैसा कोण: "भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य पर सार्वजनिक ख़र्च दूसरे विकासशील देशों से काफ़ी कम रहा है। चर्चा कीजिए।" PM SHRI इसका ठोस उदाहरण देती है कि लक्ष्य तय करके, NEP के हिसाब से किया गया ख़र्च गुणवत्ता की खाई कैसे पाटने की कोशिश करता है — जवाब में आँकड़े, ढाँचा और आलोचना, तीनों एक साथ लाए जा सकते हैं।