Anantam IASHindi Note · 4 May 2026

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) — किफ़ायती दवाइयाँ और जेनेरिक फार्मेसियाँ (यूपीएससी भारतीय समाज)

PMBJP पर यूपीएससी मार्गदर्शिका — जन औषधि केंद्र, जेनेरिक दवाइयाँ, कवरेज, किफ़ायतीपन, गुणवत्ता आश्वासन और 2024-26 के विस्तार लक्ष्य।

भारत में जेब-से-होने वाले स्वास्थ्य व्यय (Out-of-Pocket Expenditure, OOPE) में दवाइयों की हिस्सेदारी बहुत बड़ी है — लगभग 60-70% OOPE। एक बुख़ार, एक हड्डी टूटना, या कोई पुरानी बीमारी अस्पताल में भर्ती हुए बिना भी एक परिवार को क़र्ज़ में डुबा सकती है। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) इस मोर्चे पर सरकार का सर्वाधिक प्रत्यक्ष हस्तक्षेप है — गुणवत्तापूर्ण दवाइयों को ब्रांडेड क़ीमतों के एक अंश पर उपलब्ध कराने वाली जेनेरिक-दवा दुकानों का नेटवर्क।

यह मार्गदर्शिका PMBJP के ढाँचे, प्रगति, गुणवत्ता आश्वासन और समकालीन बहसों को स्पष्ट करती है। यूपीएससी अभ्यर्थी के लिए यह GS-II (शासन व सामाजिक न्याय) और GS-III (फार्मा क्षेत्र, IPR) — दोनों को जोड़ने वाला विषय है।

WHO के अनुसार, हर वर्ष भारत में लगभग 5.5 करोड़ लोग केवल स्वास्थ्य खर्च के कारण ग़रीबी रेखा से नीचे चले जाते हैं — और इस "विपत्तिजनक स्वास्थ्य व्यय (catastrophic health expenditure)" में दवाइयाँ सबसे बड़ी एकल मद हैं। PMBJP का मूल विचार ही यह है कि दवा-मूल्य पर एक सार्वजनिक विकल्प (public option) उपलब्ध हो, जो निजी बाज़ार पर मूल्य-दबाव बनाए रखे।

PMBJP क्या है?

PMBJP (पूर्व में जन औषधि योजना, 2008 में आरंभ; 2015-16 में पुनः-आरंभ और पुनः-ब्रांड) के उद्देश्य:

प्रशासनिक संरचना:

पैमाना और पहुँच

मूल्य-निर्धारण और बचत

उदाहरण के लिए, मधुमेह की दवा मेटफ़ॉर्मिन का ब्रांडेड पैक यदि बाज़ार में ₹110 का है, तो जन औषधि केंद्र पर वही दवा (समान सक्रिय औषधीय घटक — Active Pharmaceutical Ingredient सहित) ₹15-20 में मिल जाती है। उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कैंसर की दवाओं में यह बचत और भी नाटकीय है।

गुणवत्ता आश्वासन

जेनेरिक दवाइयों को प्रायः "निम्न गुणवत्ता" के रूप में कलंकित किया जाता है — PMBJP इसका प्रतिकार करती है:

उत्पाद श्रेणियाँ

JAKs में दवाइयाँ निम्नलिखित श्रेणियों में उपलब्ध हैं:

सुविधा सैनिटरी नैपकिन

2018 में आरंभ। ऑक्सो-जैव-निम्नीकरण योग्य (oxo-biodegradable)। मूल्य ₹1 प्रति पैड। 2024 तक 55 करोड़ से अधिक पैड बिके। यह विश्व का सबसे बड़ा सब्सिडी-युक्त मासिक धर्म स्वच्छता उत्पाद कार्यक्रम है, और लड़कियों के स्कूल छोड़ने की दर पर सीधा प्रभाव डालता है।

JAK कौन खोल सकता है?

प्रोत्साहन

सार्वजनिक स्वास्थ्य लक्ष्यों से जुड़ाव

चुनौतियाँ

स्टॉक की अनुपलब्धता

चिकित्सकों की लिखावट की आदतें

उपभोक्ता विश्वास

वितरण

गुणवत्ता धारणा

नियामक समन्वय

हालिया सुधार

समान योजनाओं से तुलना

PMBJP इन राज्य और संस्थागत नेटवर्कों का प्रतिस्थापन नहीं, बल्कि पूरक है।

PMBJP बनाम ब्रांडेड बाज़ार: तुलनात्मक झलक

आयामब्रांडेड बाज़ारPMBJP जेनेरिक
मूल्य (मेटफ़ॉर्मिन 30 गोलियाँ)~₹110~₹15-20
सक्रिय औषधीय घटकसमानसमान
निर्माण मानकWHO-GMPWHO-GMP
विपणन व्ययउच्च (मूल्य का 30-40%)नगण्य
उपलब्धताहर मेडिकल स्टोरकेवल JAK में
नुस्खाब्रांड-नाम सामान्यजेनेरिक-नाम आवश्यक

नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)

विस्तार लक्ष्य। बजट 2024-25 में 2026 तक 25,000 JAK की पुष्टि।

सुविधा बिक्री। 2024 के अंत तक 55 करोड़ से अधिक पैड बिके।

उत्पाद टोकरी का विस्तार। ऑन्कोलॉजी दवाइयों का विस्तार जिससे और अधिक जीवनरक्षक दवाइयाँ कवर हों।

NMC जेनेरिक नुस्खा दिशानिर्देश। अगस्त 2023 का जेनेरिक नुस्खा अनिवार्य करने वाला नियमन विरोध के बाद रोका गया; संशोधनों पर चर्चा जारी।

डिजिटल e-Aushadhi। JAKs में रियल-टाइम इन्वेंट्री ट्रैकिंग।

आयुष्मान वय वंदना (2024)। PMJAY को वरिष्ठ नागरिकों तक विस्तारित — दीर्घकालिक दवाओं पर OOPE घटाने में PMBJP का पूरक।

जाति जनगणना 2025। केंद्रीय कैबिनेट ने अगली राष्ट्रीय जनगणना (अप्रैल 2025) में जातीय गणना को मंज़ूरी दी; स्वास्थ्य-वहनीयता आँकड़े नवीनीकृत होंगे।

MPI 2024। वैश्विक बहुआयामी ग़रीबी सूचकांक 2024 ने पुष्टि की कि 2005-06 और 2019-21 के बीच 41.5 करोड़ भारतीय बहुआयामी ग़रीबी से बाहर निकले; निरंतर ग़रीबी-निकास में स्वास्थ्य-वहनीयता एक प्रमुख कारक है।

महिला आरक्षण अधिनियम। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 — परिसीमन के बाद महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता पर विधायी ध्यान बढ़ने की संभावना।

वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक 2024 भारत 146 में 129वें स्थान पर; किफ़ायती मासिक धर्म स्वच्छता उत्पाद और प्रजनन स्वास्थ्य दवाइयाँ लैंगिक समता एजेंडे का हिस्सा।

नीतिगत सिफ़ारिशें

यूपीएससी प्रासंगिकता

GS पेपर II — शासन, सामाजिक न्याय

GS पेपर III — अर्थव्यवस्था

संभावित मेन्स प्रश्न

  1. "PMBJP जेब-से-होने वाले स्वास्थ्य व्यय पर एक संरचनात्मक हस्तक्षेप है। इसके रचना और प्रदर्शन की समीक्षा कीजिए।" (250 शब्द)
  2. "वैज्ञानिक समकक्षता के बावजूद जेनेरिक दवाइयाँ कलंक का सामना करती हैं। कारण और उपायों की चर्चा कीजिए।" (150 शब्द)
  3. "PMBJP और आयुष्मान भारत PMJAY UHC के पूरक उपकरण हैं। मूल्यांकन कीजिए।" (150 शब्द)

प्रीलिम्स बिंदु। PMBJP (पुनः-आरंभ 2015-16); पूर्व जन औषधि योजना (2008); PMBI — फार्मास्युटिकल्स एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो ऑफ़ इंडिया; फार्मास्युटिकल्स विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय; 12,500+ JAK (2024 अंत); लक्ष्य 2026 तक 25,000; सुविधा सैनिटरी नैपकिन (₹1/पैड, 2018); e-Aushadhi पोर्टल; NMC जेनेरिक नुस्खा दिशानिर्देश (अगस्त 2023 — रोके गए); SDG 3.8।

निबंध-कोण। "ग़रीबी के बिना दवा"; "जेनेरिक भी दवा है"; "वहनीयता और पहुँच"।

PMBJP एक फ़ार्मेसी नेटवर्क के वेश में संरचनात्मक सुधार है। अगले तीन वर्षों में इसका विस्तार विपत्तिजनक स्वास्थ्य व्यय को कम करने का भारत के पास सबसे प्रत्यक्ष लीवरों में से एक है।

सामान्य प्रश्न

PMBJP क्या है?

प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) एक केंद्रीय योजना है जो जन औषधि केंद्रों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाइयाँ ब्रांडेड समकक्षों की क़ीमत के 50-80% कम पर उपलब्ध कराती है। यह 2008 की जन औषधि योजना का 2015-16 में पुनर्गठित रूप है।

जन औषधि केंद्र (JAK) क्या होते हैं?

JAK वे फ़ार्मेसियाँ हैं जो PMBI द्वारा खरीदी गई जेनेरिक दवाइयाँ बेचती हैं। 2024 के अंत तक देश में 12,500 से अधिक JAK क्रियाशील हैं और 2026 तक 25,000 का लक्ष्य है। हर ज़िले के हर ब्लॉक में कम-से-कम एक केंद्र खोलने का लक्ष्य है।

क्या जेनेरिक दवाइयाँ ब्रांडेड दवाइयों जितनी प्रभावी होती हैं?

हाँ। PMBJP की दवाइयाँ WHO-GMP प्रमाणित निर्माताओं से खरीदी जाती हैं और NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में परीक्षण होता है। इनमें वही सक्रिय औषधीय घटक (API), वही जैव-उपलब्धता और वही प्रभावकारिता होती है जो ब्रांडेड दवाइयों में होती है।

PMBJP की क़ीमतें इतनी कम कैसे होती हैं?

क़ीमतें ब्रांडेड समकक्षों से 50-80% कम होती हैं क्योंकि विपणन, ब्रांडिंग और वितरक मार्जिन की लागत न्यूनतम होती है। PMBI सीधे थोक में खरीद करता है, जिससे पैमाने की मितव्ययिता मिलती है।

सुविधा सैनिटरी नैपकिन क्या है?

सुविधा PMBJP की पहल है जो ऑक्सो-जैव-निम्नीकरण योग्य सैनिटरी नैपकिन ₹1 प्रति पैड पर उपलब्ध कराती है। 2018 में आरंभ हुई इस योजना के तहत 2024 तक 55 करोड़ से अधिक पैड बिक चुके हैं।

PMBJP और आयुष्मान भारत PMJAY में क्या अंतर है?

PMJAY अस्पताल भर्ती के लिए ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवरेज देता है। PMBJP बाह्य-रोगी (OPD) दवाइयों की लागत घटाता है। दोनों मिलकर सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का संरचनात्मक ढाँचा बनाते हैं।

कोई व्यक्ति जन औषधि केंद्र कैसे खोल सकता है?

D.Pharma या B.Pharma योग्यता वाला व्यक्ति, NGO/न्यास/सहकारी समिति, या सरकारी अस्पताल JAK खोल सकते हैं। ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता, MRP पर 20% मार्जिन और मासिक प्रोत्साहन मिलते हैं। उत्तर-पूर्वी, जनजातीय और पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रोत्साहन हैं।

PMBJP की मुख्य चुनौतियाँ क्या हैं?

आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान (विशेषकर ऑन्कोलॉजी और दुर्लभ-रोग दवाइयों के लिए), चिकित्सकों द्वारा ब्रांडेड दवाइयों की लिखावट, उपभोक्ता धारणा कि जेनेरिक "निम्न गुणवत्ता" की हैं, टियर-III शहरों में असमान पहुँच, और कभी-कभार गुणवत्ता-नियंत्रण की त्रुटियाँ।

NMC के जेनेरिक नुस्खा दिशानिर्देश का क्या हुआ?

अगस्त 2023 में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने चिकित्सकों को जेनेरिक नुस्खा अनिवार्य करने का दिशानिर्देश जारी किया था, परंतु पेशेवर संगठनों (विशेषकर IMA) के विरोध के बाद इसे रोक दिया गया। संशोधित रूप पर चर्चा जारी है।

PMBJP का यूपीएससी पाठ्यक्रम में क्या स्थान है?

यह GS-II के अंतर्गत स्वास्थ्य से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं और GS-III के अंतर्गत फ़ार्मा क्षेत्र, IPR और मूल्य-निर्धारण के विषयों में आता है। निबंध पत्र में "स्वास्थ्य की वहनीयता", "जेनेरिक बनाम ब्रांडेड" जैसे विषय आ सकते हैं। SDG 3.8 (UHC) के क्रियान्वयन का यह प्रमुख उपकरण है।