सहारा रिफ़ंड पोर्टल लॉगिन: दावा, दोबारा दावा और स्थिति की जाँच
mocrefund.crcs.gov.in पर CRCS सहारा रिफ़ंड पोर्टल लॉगिन — कौन पात्र है, दावा कैसे भरें, ₹10 लाख तक दोबारा दावे की सीमा, हाल कैसे देखें, और 31 दिसंबर 2026 की आख़िरी तारीख़।
mocrefund.crcs.gov.in पर चलने वाला CRCS सहारा रिफ़ंड पोर्टल वह इकलौती सरकारी वेबसाइट है जहाँ से सहारा समूह की चार सहकारी समितियों के जमाकर्ता अपना पैसा वापस माँग सकते हैं। न कोई फ़ीस है, न कोई एजेंट, न कोई ऑफ़लाइन फ़ॉर्म — आप आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से लॉगिन करते हैं, अपनी जमा रसीदें लगाते हैं, और पैसा सीधे उसी बैंक खाते में आता है जो आधार से जुड़ा हो। दावे और दोबारा जमा करने की सीमा अब ₹10 लाख तक है, और सुप्रीम कोर्ट ने पैसा बाँटने का काम 31 दिसंबर 2026 तक चलने की छूट दी है।
CRCS सहारा रिफ़ंड पोर्टल है क्या
CRCS यानी Central Registrar of Cooperative Societies — सहकारिता मंत्रालय के तहत वह अधिकारी जो बहु-राज्यीय सहकारी समितियों पर नज़र रखता है। पोर्टल 18 जुलाई 2023 को शुरू हुआ, ताकि करोड़ों छोटे जमाकर्ताओं का वह पैसा लौटाया जा सके जो सहारा की सहकारी समितियों में फँसा था और सालों से निकल नहीं पा रहा था।
यह पैसा सहारा-SEBI रिफ़ंड खाते से निकालकर दिया जा रहा है, और वह भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर। कोर्ट ने पहले इसके लिए ₹5,000 करोड़ की छूट दी, फिर ₹5,000 करोड़ और भेजने का आदेश दिया और पैसा बाँटने की मियाद 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी। सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक़ 20 जनवरी 2026 तक 39,46,550 जमाकर्ताओं को ₹8,429.42 करोड़ बाँटे जा चुके थे।
दो बातें इस पोर्टल को बाक़ी सरकारी पोर्टलों से अलग करती हैं। पहली, यहाँ सब कुछ आधार पर टिका है: आपका आधार मोबाइल नंबर से जुड़ा होना चाहिए (OTP लॉगिन के लिए) और बैंक खाते से भी जुड़ा होना चाहिए (पैसा आने के लिए)। दूसरी, यहाँ कोई यूज़रनेम या पासवर्ड बनाना ही नहीं है — हर बार लॉगिन नए सिरे से आधार और OTP की जाँच से होता है।
पात्र कौन है
दावा सिर्फ़ सहारा समूह की इन चार सहकारी समितियों के असली जमाकर्ता कर सकते हैं:
- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लि. — 22 मार्च 2022 से पहले की जमा
- सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज़ सोसाइटी लि. — 22 मार्च 2022 से पहले की जमा
- हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लि. — 22 मार्च 2022 से पहले की जमा
- स्टार्स मल्टीपर्पज़ कोऑपरेटिव सोसाइटी लि. — 29 मार्च 2023 से पहले की जमा
समिति पर आपका बक़ाया बनता हो — यानी वह पैसा जो आपने जमा किया और कभी वापस नहीं मिला। इसके अलावा:
- आपका आधार आपके मोबाइल नंबर से जुड़ा हो।
- आपका आधार आपके बैंक खाते से जुड़ा हो (रिफ़ंड इसी खाते में आएगा)।
- आपके पास सदस्यता संख्या, जमा खाता संख्या और असली जमा रसीदें या पासबुक हो।
अगर आपकी जमा सहारा इंडिया परिवार की दूसरी शाखाओं में हुई थी (जैसे SIRECL/SHICL की वे दो बॉन्ड कंपनियाँ, जिनका काम SEBI के तहत अलग से चल रहा है), तो वे इस पोर्टल में नहीं आतीं। यह पोर्टल सिर्फ़ ऊपर गिनाई गई चार सहकारी समितियों के लिए है।
लॉगिन करके दावा कैसे लगाएँ
जमाकर्ता पोर्टल पर काम दो हिस्सों में होता है: पहले पंजीयन, फिर दावा।
- mocrefund.crcs.gov.in खोलिए और Depositor Registration दबाइए।
- अपने आधार के आख़िरी 4 अंक और आधार से जुड़ा 10 अंकों वाला मोबाइल नंबर डालिए, फिर आया हुआ OTP डालिए।
- पंजीयन के बाद Depositor Login दबाइए और वही आधार + OTP वाली जाँच दोबारा कीजिए।
- आधार से जाँच के लिए अपनी सहमति दीजिए (पोर्टल आपका नाम और जन्म तारीख़ UIDAI से ले लेता है)।
- अपने दावे का ब्योरा भरिए: समिति का नाम, सदस्यता संख्या, जमा खाता संख्या और जमा रक़म — हर जमा प्रमाणपत्र के लिए एक पंक्ति। अपनी सारी जमा एक ही दावे में डाल दीजिए; बाद में दूसरा दावा नहीं लगाया जा सकता।
- हर प्रविष्टि के साथ जमा प्रमाणपत्र या पासबुक के पन्ने अपलोड कीजिए।
- अगर आपका कुल दावा ₹50,000 या उससे ज़्यादा का है, तो PAN भी देना होगा।
- अपने आप भरा हुआ दावा फ़ॉर्म डाउनलोड कीजिए, उस पर फ़ोटो चिपकाइए, दस्तख़त कीजिए, स्कैन करके वापस अपलोड कर दीजिए।
- जमा कर दीजिए। पावती की स्क्रीन पर जो Claim Request Number (CRN) दिखे, उसे नोट कर लीजिए।
रिफ़ंड सिर्फ़ उसी बैंक खाते में आता है जो आपके आधार से जुड़ा है। दावा मंज़ूर होने पर रक़म उसी खाते में दिख जाएगी — बैंक का ब्योरा अलग से देने की ज़रूरत नहीं।
दोबारा दावा लगाने की सुविधा और ₹10 लाख की सीमा
भुगतान शुरू में सँभल-सँभलकर हुआ — पहली किश्त में हर जमाकर्ता को ज़्यादा से ज़्यादा ₹10,000 मिले, बाद में यह ₹50,000 हुई। फ़रवरी 2026 में सहकारिता मंत्रालय ने यह सीमा बहुत बढ़ा दी: अब कुल मिलाकर ₹10 लाख तक के दावे और दोबारा दावे लिए जा रहे हैं, और दोबारा लगाए गए दावे क़रीब 45 कार्य दिवसों में निपटाने हैं।
दोबारा दावा लगाने की सुविधा उन लोगों के लिए अहम है जिनका पिछला दावा नाकाम रहा या आधा-अधूरा चुकाया गया। ऐसा आम तौर पर तब होता है जब आधार और समिति के रिकॉर्ड में नाम अलग-अलग हो, अपलोड की गई रसीद पढ़ी न जा सके, या PAN न दिया गया हो। आपके साथ ऐसा हुआ हो तो:
- उसी पोर्टल पर आधार + OTP से दोबारा लॉगिन कीजिए।
- अपना पुराना दावा खोलिए — पोर्टल हर प्रविष्टि के सामने कमी बता देता है।
- ब्योरा ठीक कीजिए या साफ़ काग़ज़ अपलोड कीजिए, और दोबारा जमा कर दीजिए।
नया दावा नहीं भरना है; पुराने को ही सुधारकर दोबारा जमा करना है। पैसा बाँटने की आख़िरी तारीख़ 31 दिसंबर 2026 है, इसलिए जल्दी दोबारा जमा कर देना ही समझदारी है — निपटान में हफ़्ते लगते हैं, दिन नहीं।
कौन-से काग़ज़ चाहिए
- आधार कार्ड (मोबाइल से जुड़ा हुआ और बैंक खाते से भी जुड़ा हुआ)
- समिति की सदस्यता संख्या और जमा खाता संख्या
- असली जमा प्रमाणपत्र या पासबुक (अपलोड करने के लिए स्कैन की हुई कॉपी)
- PAN कार्ड (₹50,000 या उससे बड़े दावे के लिए ज़रूरी)
- फ़ोटो और दस्तख़त वाला दावा फ़ॉर्म (पोर्टल से बनता है, दस्तख़त करके वापस अपलोड करना होता है)
डिजिटल कॉपी पास रखिए — आधार और PAN को DigiLocker में रखने से अपलोड करना आसान हो जाता है, और वे कॉपी क़ानूनी तौर पर मान्य भी होती हैं।
सहारा रिफ़ंड का हाल कैसे देखें
हाल देखने का कोई सार्वजनिक पन्ना नहीं है; स्थिति सिर्फ़ आपके लॉगिन के अंदर दिखती है।
- mocrefund.crcs.gov.in खोलिए और Depositor Login दबाइए।
- आधार के आख़िरी 4 अंक, मोबाइल नंबर और OTP से अपनी पहचान दीजिए।
- डैशबोर्ड पर आपके CRN के सामने दावे का हाल दिखता है — जमा हुआ, जाँच में है, कमी है (दोबारा जमा कीजिए), मंज़ूर, या रक़म खाते में डाल दी गई।
आधार से जुड़े बैंक खाते पर भी नज़र रखिए; मंज़ूर रक़म सीधे वहीं आती है। पोर्टल “मंज़ूर” दिखा रहा हो पर पैसा न आया हो, तो अपनी बैंक शाखा से पक्का कीजिए कि उस खाते पर आधार का जुड़ाव (NPCI मैपिंग) चालू है या नहीं।
मदद चाहिए तो CRCS सहारा रिफ़ंड हेल्पडेस्क के नंबर हैं 011-20909044 और 011-20909045, और पोर्टल के संपर्क पन्ने पर एक टोल-फ़्री नंबर भी दिया गया है।
एक नज़र में सीमाएँ और समय
| क्या | ब्योरा |
|---|---|
| आधिकारिक पोर्टल | mocrefund.crcs.gov.in (मुफ़्त, कोई एजेंट नहीं) |
| पोर्टल कब शुरू हुआ | 18 जुलाई 2023 |
| पात्र समितियाँ | सहारा की 4 सहकारी समितियाँ (22.03.2022 से पहले की जमा; स्टार्स के लिए 29.03.2023 से पहले) |
| अभी दावे/दोबारा दावे की सीमा | ₹10 लाख तक (फ़रवरी 2026 में ₹50,000 से बढ़ाई गई) |
| PAN की शर्त | ₹50,000 और उससे बड़े दावों के लिए ज़रूरी |
| दोबारा दावे का निपटान समय | क़रीब 45 कार्य दिवस |
| पैसा बाँटने की आख़िरी तारीख़ | 31 दिसंबर 2026 (सुप्रीम कोर्ट से मिली मोहलत) |
| अब तक बाँटी गई रक़म | 39.46 लाख जमाकर्ताओं को ₹8,429.42 करोड़ (20.01.2026 तक) |
| फ़ीस | कुछ नहीं — पोर्टल किसी भी चरण पर कोई पैसा नहीं लेता |
ये आँकड़े सहकारिता मंत्रालय और PIB की जुलाई 2026 की विज्ञप्तियों से जाँचे गए हैं। आधार से जुड़े खातों में सीधे पैसा भेजने वाली दूसरी सरकारी योजनाओं के लिए यह सरकारी योजना सूची देखिए।
सामान्य प्रश्न
सहारा रिफ़ंड की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?
इकलौती आधिकारिक वेबसाइट mocrefund.crcs.gov.in है, जो सहकारिता मंत्रालय के तहत Central Registrar of Cooperative Societies चलाता है। सहारा रिफ़ंड कराने का दावा करने वाली बाक़ी कोई भी साइट, ऐप या एजेंट सरकारी नहीं है, और दावा भरवाने के लिए किसी को पैसा कभी मत दीजिए।
सहारा रिफ़ंड पोर्टल से कितना पैसा वापस मिल सकता है?
अभी हर जमाकर्ता के ₹10 लाख तक के दावे और दोबारा दावे लिए जा रहे हैं; फ़रवरी 2026 से पहले यह सीमा ₹50,000 थी। आपको उतना ही मिलेगा जितना आपने सचमुच जमा किया और जितना आप पर बक़ाया है — इसी सीमा के भीतर, और आपकी रसीदों की जाँच के बाद।
सहारा रिफ़ंड की आख़िरी तारीख़ क्या है?
सुप्रीम कोर्ट ने पैसा बाँटने की मियाद 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। दावा या दोबारा दावा उससे काफ़ी पहले लगा दीजिए — जाँच और भुगतान में कई हफ़्ते लगते हैं।
मेरा दावा पहले ख़ारिज हो गया था। क्या दोबारा लगा सकता हूँ?
हाँ। उसी पोर्टल पर आधार + OTP से लॉगिन कीजिए, अपना दावा खोलिए, जो कमी बताई गई है उसे ठीक कीजिए (ग़लत ब्योरा, धुँधले काग़ज़, PAN का न होना) और दोबारा जमा कर दीजिए। दोबारा लगाए दावे क़रीब 45 कार्य दिवसों में निपटाने का लक्ष्य है।
दावा मंज़ूर हो गया, फिर भी पैसा बैंक खाते में क्यों नहीं आया?
रिफ़ंड सिर्फ़ उसी खाते में जाता है जो NPCI मैपिंग के ज़रिए आपके आधार से जुड़ा हो। आधार जुड़ा न हो, या बंद हो चुके खाते से जुड़ा हो, तो पैसा वापस लौट जाता है। बैंक शाखा जाइए, आधार का जुड़ाव चालू कराइए, और भुगतान दोबारा भेज दिया जाता है।
क्या सहारा रिफ़ंड के दावे में PAN देना ज़रूरी है?
PAN तभी ज़रूरी है जब आपका कुल दावा ₹50,000 या उससे ज़्यादा का हो। इससे कम में आधार और आपके जमा के काग़ज़ ही काफ़ी हैं।
क्या जमा रसीदों के बिना दावा लगाया जा सकता है?
नहीं। जिस भी जमा पर आप दावा कर रहे हैं, उसका जमा प्रमाणपत्र या पासबुक पोर्टल माँगता है। रसीदें खो गई हों तो दावा भरने से पहले हेल्पडेस्क नंबरों (011-20909044 / 011-20909045) पर बात करके समिति की शाखा के रिकॉर्ड निकलवाइए।