Anantam IASHindi Note · 4 May 2026

सात देशों का समूह (G7) — सदस्य, शिखर सम्मेलन एवं यूपीएससी नोट्स (अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

G7 पर यूपीएससी मार्गदर्शन: उत्पत्ति, सदस्य, आउटरीच साझेदार के रूप में भारत, कनानास्किस 2025, अपुलिया 2024 का यूक्रेन ऋण, हिरोशिमा 2023, PGII, और 2024-26 की प्रासंगिकता।

सात देशों का समूह (Group of Seven — G7) सात उन्नत औद्योगिक लोकतंत्रों का अनौपचारिक मंच है, जिसने 1970 के दशक के तेल संकटों के बाद से पश्चिमी आर्थिक एवं भू-राजनीतिक नीति को दिशा दी है। यद्यपि वैश्विक GDP में इसका हिस्सा घटता जा रहा है, फिर भी G7 प्रतिबंधों, प्रौद्योगिकी और यूक्रेन जैसे मुद्दों पर एक भारी-भरकम कॉकस (heavyweight caucus) बना हुआ है। यूपीएससी GS-II के लिए G7 से जुड़े प्रश्न ग्लोबल साउथ कूटनीति, बहुपक्षीय सुधार और स्थायी आउटरीच साझेदार के रूप में भारत की भूमिका — तीनों के संगम पर बैठते हैं।

G7 की एक विशेष पहचान यह है कि इसमें कोई स्थायी सचिवालय या संधि-आधारित संरचना नहीं है — यह विशुद्ध रूप से सर्वोच्च नेताओं के बीच राजनीतिक समन्वय का मंच है, जिसकी ताक़त उसके सदस्यों की संयुक्त वैश्विक पकड़ से आती है। 2024-26 के दौर में, जब रूस-यूक्रेन युद्ध, इज़राइल-हमास संघर्ष, और ट्रंप 2.0 जैसी घटनाएँ पश्चिमी एकजुटता को परीक्षा में डाल रही हैं, G7 की प्रासंगिकता पुनः परिभाषित हो रही है।

उत्पत्ति और विकास

सदस्य

देश2024 GDP (~US$ ट्रिलियन)जनसंख्या (मिलियन)
संयुक्त राज्य अमेरिका28.8340
जापान4.1125
जर्मनी4.684
यूनाइटेड किंगडम3.568
फ्रांस3.168
इटली2.459
कनाडा2.240

संयुक्त रूप से: वैश्विक GDP (नाममात्र) का ~30%, विश्व जनसंख्या का ~10%। यूरोपीय संघ (European Union) एक गैर-गणनीय (non-enumerated) सदस्य के रूप में भागीदारी करता है। एक तथ्य ध्यान देने योग्य है — G7 भले ही जनसंख्या के मात्र दसवें हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, परंतु वैश्विक वित्तीय प्रणाली, आरक्षित मुद्राओं और प्रौद्योगिकी मानकों पर इसकी पकड़ कहीं अधिक है।

संगठन

दशकों में G7 की भूमिका

युगभूमिका
1970-80 दशकमुद्रा समन्वय, तेल संकट, व्यापार वार्ताएँ
1990 दशकशीत-युद्धोत्तर व्यवस्था, रूस से जुड़ाव, ऋण राहत
2000 दशकवित्तीय संकट, आतंकवाद, G8-अफ्रीका जुड़ाव
2010 दशकयूक्रेन, जलवायु (पेरिस), डिजिटल अर्थव्यवस्था
2020 दशकयूक्रेन युद्ध, रूस प्रतिबंध, चीन रणनीति, AI शासन

G7 बनाम G20 बनाम BRICS+

विशेषताG7G20BRICS+
सदस्य7 उन्नत लोकतंत्र2110 + साझेदार
वैश्विक GDP हिस्सा~30%~85%~35% PPP
जनसंख्या हिस्सा~10%~67%~45%
स्वरूपविशिष्ट कॉकसस्टीयरिंग समितिग्लोबल साउथ कॉकस
संस्थागत उपकरणएकजुटता, प्रतिबंधघोषणाएँNDB, CRA
भारत की भूमिकाआउटरीच साझेदारपूर्ण सदस्य, 2023 मेज़बानसंस्थापक सदस्य

भारत और G7

हाल के प्रमुख शिखर सम्मेलन

हिरोशिमा 2023

अपुलिया 2024

कनानास्किस 2025

G7 की प्रमुख पहलें

B3W → वैश्विक अवसंरचना और निवेश साझेदारी (PGII)

प्रतिबंध संरचना

AI शासन

जलवायु और ऊर्जा

चुनौतियाँ और आलोचनाएँ

  1. संकीर्ण प्रतिनिधित्व — विश्व जनसंख्या का 10%, कोई अफ्रीकी, लैटिन अमेरिकी या दक्षिण एशियाई सदस्य नहीं।
  2. घटता GDP हिस्सा — आज 30% बनाम 1970 के दशक में ~65%।
  3. आंतरिक मतभेद — औद्योगिक नीति (IRA), डिजिटल कराधान, चीन नीति पर अमेरिका बनाम यूरोपीय संघ।
  4. ग्लोबल नॉर्थ क्लब के रूप में देखा जाना — जलवायु, व्यापार, टीका बहसों पर वैधता का अंतर।
  5. ट्रंप 2.0 (जनवरी 2025) — सहयोगियों पर शुल्क (इस्पात, ऑटो), NATO पर दबाव, यूक्रेन पर अस्पष्ट रुख G7 एकजुटता को चुनौती देते हैं।
  6. G20 और BRICS+ के साथ विखंडन — प्रतिस्पर्धी एजेंडे।

भारत के लिए महत्व

नवीनतम विकास (2024-26)

आगे का मार्ग

यूपीएससी प्रासंगिकता

GS-II: “द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूहन तथा भारत से जुड़े समझौते।”

संभावित प्रश्न

प्रीलिम्स ट्रिगर शब्द — लाइब्रेरी ग्रुप 1973, रामबुइलेट शिखर 1975, G8-G7 बदलाव 2014, PGII, B3W, मट्टेइ योजना, हिरोशिमा AI प्रक्रिया, अपुलिया 2024, कनानास्किस 2025।

आज का G7 एक वैश्विक स्टीयरिंग समिति से अधिक एक उन्नत लोकतंत्रों का कॉकस है। इसकी चुनौती है — जब शक्ति G20 और BRICS+ की ओर विकेंद्रित हो रही है, तब भी प्रासंगिक बने रहना। भारत के लिए सही मुद्रा है चयनात्मक भागीदारी — पूर्ण-स्पेक्ट्रम पश्चिमी ब्लॉक में शामिल हुए बिना अवसंरचना वित्त और प्रौद्योगिकी पहुँच को आत्मसात करना।

सामान्य प्रश्न

G7 का गठन कब हुआ था?

G7 की औपचारिक शुरुआत 1975 में रामबुइलेट (फ्रांस) में हुए पहले शिखर सम्मेलन से मानी जाती है, जब फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, पश्चिमी जर्मनी, इटली और जापान शामिल हुए। 1976 में कनाडा के जुड़ने पर यह G7 बन गया।

G7 के वर्तमान सदस्य कौन-कौन हैं?

G7 के सात सदस्य हैं: अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा। यूरोपीय संघ एक गैर-गणनीय सदस्य के रूप में भागीदारी करता है।

क्या भारत G7 का सदस्य है?

नहीं, भारत G7 का सदस्य नहीं है, परंतु 2019 बियारित्ज़ शिखर के बाद से एक स्थायी आउटरीच साझेदार के रूप में लगभग हर वार्षिक शिखर में आमंत्रित किया जाता है।

रूस को G8 से क्यों निकाला गया?

2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के अधिग्रहण के बाद, G7 देशों ने रूस को निलंबित कर दिया, और समूह पुनः G7 बन गया। अब तक रूस को वापस नहीं लिया गया है।

PGII क्या है?

Partnership for Global Infrastructure and Investment (PGII) G7 की पहल है जो 2027 तक 600 अरब डॉलर के गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना निवेश का लक्ष्य रखती है, और इसे चीन की Belt and Road Initiative (BRI) के विकल्प के रूप में देखा जाता है।

हिरोशिमा AI प्रक्रिया क्या है?

हिरोशिमा AI प्रक्रिया 2023 में G7 शिखर सम्मेलन से उभरी पहल है जो उन्नत AI विकासकर्ताओं के लिए आचार संहिता और मार्गदर्शक सिद्धांत निर्धारित करती है।

अपुलिया 2024 शिखर का प्रमुख निर्णय क्या था?

अपुलिया 2024 का सबसे बड़ा निर्णय यूक्रेन को 50 अरब डॉलर का ऋण देना था, जो जमी हुई रूसी संपत्तियों से प्राप्त ब्याज आय द्वारा समर्थित है। इसके अतिरिक्त AI और अफ्रीका (मट्टेइ योजना) पर भी निर्णय लिए गए।

मट्टेइ योजना क्या है?

मट्टेइ योजना (Mattei Plan for Africa) इटली द्वारा अपुलिया 2024 में प्रस्तुत अफ्रीकी देशों के साथ ऊर्जा, अवसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य में रणनीतिक साझेदारी का G7 ढाँचा है।

G7 और G20 में क्या अंतर है?

G7 केवल 7 उन्नत लोकतंत्रों का अनौपचारिक कॉकस है जो वैश्विक GDP का ~30% है, जबकि G20 में 21 बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं जो विश्व GDP का ~85% प्रतिनिधित्व करती हैं। भारत G20 का पूर्ण सदस्य है, परंतु G7 में केवल आउटरीच साझेदार।