सात देशों का समूह (Group of Seven — G7) सात उन्नत औद्योगिक लोकतंत्रों का अनौपचारिक मंच है, जिसने 1970 के दशक के तेल संकटों के बाद से पश्चिमी आर्थिक एवं भू-राजनीतिक नीति को दिशा दी है। यद्यपि वैश्विक GDP में इसका हिस्सा घटता जा रहा है, फिर भी G7 प्रतिबंधों, प्रौद्योगिकी और यूक्रेन जैसे मुद्दों पर एक भारी-भरकम कॉकस (heavyweight caucus) बना हुआ है। यूपीएससी GS-II के लिए G7 से जुड़े प्रश्न ग्लोबल साउथ कूटनीति, बहुपक्षीय सुधार और स्थायी आउटरीच साझेदार के रूप में भारत की भूमिका — तीनों के संगम पर बैठते हैं।
G7 की एक विशेष पहचान यह है कि इसमें कोई स्थायी सचिवालय या संधि-आधारित संरचना नहीं है — यह विशुद्ध रूप से सर्वोच्च नेताओं के बीच राजनीतिक समन्वय का मंच है, जिसकी ताक़त उसके सदस्यों की संयुक्त वैश्विक पकड़ से आती है। 2024-26 के दौर में, जब रूस-यूक्रेन युद्ध, इज़राइल-हमास संघर्ष, और ट्रंप 2.0 जैसी घटनाएँ पश्चिमी एकजुटता को परीक्षा में डाल रही हैं, G7 की प्रासंगिकता पुनः परिभाषित हो रही है।
उत्पत्ति और विकास
- 1973: “लाइब्रेरी ग्रुप” — फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन और पश्चिमी जर्मनी के वित्त मंत्रियों की अनौपचारिक बैठकें, जो तेल संकट और ब्रेटन वुड्स प्रणाली के अंत के बाद शुरू हुईं।
- 1975 रामबुइलेट: पहला शिखर सम्मेलन, इटली और जापान के शामिल होने से G6 बना।
- 1976: कनाडा शामिल हुआ — G7 का गठन।
- 1998: रूस को शामिल किया गया; समूह G8 बन गया।
- 2014: क्रीमिया अधिग्रहण के बाद रूस को निष्कासित किया गया — पुनः G7।
- 2020 के बाद: विस्तार पर चर्चा (ब्रिटेन का “D10” विचार, ट्रंप का “G10-G11”), लेकिन कोई स्थायी सदस्य नहीं जुड़ा।
सदस्य
| देश | 2024 GDP (~US$ ट्रिलियन) | जनसंख्या (मिलियन) |
|---|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका | 28.8 | 340 |
| जापान | 4.1 | 125 |
| जर्मनी | 4.6 | 84 |
| यूनाइटेड किंगडम | 3.5 | 68 |
| फ्रांस | 3.1 | 68 |
| इटली | 2.4 | 59 |
| कनाडा | 2.2 | 40 |
संयुक्त रूप से: वैश्विक GDP (नाममात्र) का ~30%, विश्व जनसंख्या का ~10%। यूरोपीय संघ (European Union) एक गैर-गणनीय (non-enumerated) सदस्य के रूप में भागीदारी करता है। एक तथ्य ध्यान देने योग्य है — G7 भले ही जनसंख्या के मात्र दसवें हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, परंतु वैश्विक वित्तीय प्रणाली, आरक्षित मुद्राओं और प्रौद्योगिकी मानकों पर इसकी पकड़ कहीं अधिक है।
संगठन
- कोई स्थायी सचिवालय नहीं; घूर्णन वार्षिक अध्यक्षता।
- शेरपा ट्रैक (Sherpa track) नेताओं की घोषणाओं की तैयारी करता है।
- वित्त, विदेश, स्वास्थ्य, डिजिटल और ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठकें वर्ष भर चलती हैं।
- अध्यक्षता धारक देश एजेंडा निर्धारित करता है — 2025 में कनाडा अध्यक्ष है, 2026 में फ्रांस।
दशकों में G7 की भूमिका
| युग | भूमिका |
|---|---|
| 1970-80 दशक | मुद्रा समन्वय, तेल संकट, व्यापार वार्ताएँ |
| 1990 दशक | शीत-युद्धोत्तर व्यवस्था, रूस से जुड़ाव, ऋण राहत |
| 2000 दशक | वित्तीय संकट, आतंकवाद, G8-अफ्रीका जुड़ाव |
| 2010 दशक | यूक्रेन, जलवायु (पेरिस), डिजिटल अर्थव्यवस्था |
| 2020 दशक | यूक्रेन युद्ध, रूस प्रतिबंध, चीन रणनीति, AI शासन |
G7 बनाम G20 बनाम BRICS+
| विशेषता | G7 | G20 | BRICS+ |
|---|---|---|---|
| सदस्य | 7 उन्नत लोकतंत्र | 21 | 10 + साझेदार |
| वैश्विक GDP हिस्सा | ~30% | ~85% | ~35% PPP |
| जनसंख्या हिस्सा | ~10% | ~67% | ~45% |
| स्वरूप | विशिष्ट कॉकस | स्टीयरिंग समिति | ग्लोबल साउथ कॉकस |
| संस्थागत उपकरण | एकजुटता, प्रतिबंध | घोषणाएँ | NDB, CRA |
| भारत की भूमिका | आउटरीच साझेदार | पूर्ण सदस्य, 2023 मेज़बान | संस्थापक सदस्य |
भारत और G7
- भारत G7 का सदस्य नहीं है, परंतु 2019 बियारित्ज़ से स्थायी आउटरीच देश बन गया है।
- हाल की हर अध्यक्षता ने भारत को आमंत्रित किया है:
- 2019 बियारित्ज़ (फ्रांस)
- 2021 कॉर्नवॉल (ब्रिटेन) — आभासी
- 2022 एलमाउ (जर्मनी) — मोदी सम्मिलित
- 2023 हिरोशिमा (जापान) — मोदी सम्मिलित; यूक्रेन, क्वाड
- 2024 अपुलिया (इटली) — मोदी सम्मिलित; AI, अफ्रीका, यूक्रेन
- 2025 कनानास्किस (कनाडा) — भारत-कनाडा कूटनीतिक तनाव से भागीदारी जटिल
हाल के प्रमुख शिखर सम्मेलन
हिरोशिमा 2023
- जापान की अध्यक्षता।
- यूक्रेन (ज़ेलेंस्की उपस्थित), चीन की चुनौतियों, आर्थिक दबाव पर केंद्रित।
- लचीली वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर G7 हिरोशिमा कार्य योजना।
- साथ-साथ क्वाड शिखर सम्मेलन भी आयोजित।
- प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन, ब्राज़ील, इंडोनेशिया के नेताओं से कई द्विपक्षीय बैठकें।
अपुलिया 2024
- इटली की अध्यक्षता।
- प्रमुख निर्णय:
- जमी हुई रूसी संपत्तियों की आय से समर्थित यूक्रेन को 50 अरब डॉलर का ऋण।
- AI और कार्यस्थल पर अपनी तरह की पहली बैठक (पोप फ्रांसिस ने AI सत्र में भाग लिया)।
- अफ्रीका के लिए मट्टेइ योजना (Mattei Plan for Africa) — इटली-नेतृत्व वाला G7 ढाँचा — का शुभारंभ।
- आर्थिक दबाव से निपटने और चीन से डि-रिस्किंग (पृथक्करण नहीं) की प्रतिबद्धता।
- इज़राइल-हमास युद्ध और लाल सागर पर तीखे रुख।
- आउटरीच साझेदारों में भारत, ब्राज़ील, संयुक्त अरब अमीरात, अर्जेंटीना, ट्यूनीशिया, केन्या।
कनानास्किस 2025
- कनाडा-मेज़बान; ट्रंप 2.0 के तहत तनावपूर्ण संक्रमण।
- अपेक्षित फ़ोकस: यूक्रेन, आर्कटिक सुरक्षा, AI, क्रिटिकल मिनरल्स।
- भारत-कनाडा द्विपक्षीय तनाव (निज्जर के बाद) भागीदारी को प्रभावित करते हैं।
G7 की प्रमुख पहलें
B3W → वैश्विक अवसंरचना और निवेश साझेदारी (PGII)
- 2021 में B3W के रूप में आरंभ, एलमाउ 2022 में PGII के रूप में पुनः लॉन्च।
- लक्ष्य: 2027 तक निम्न-मध्यम आय वाले देशों में 600 अरब अमेरिकी डॉलर का गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना निवेश।
- मुख्य क्षेत्र: स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य, डिजिटल, लैंगिक-न्याय्य अवसंरचना।
- परियोजनाएँ: अंगोला (लोबिटो कॉरिडोर), रोमानिया (SMR), भारत (विनिर्माण, DPI)।
- चीन की BRI के विकल्प के रूप में स्थापित।
प्रतिबंध संरचना
- 2022 से रूस पर समन्वित प्रतिबंध: संपत्ति फ्रीज़, तेल मूल्य सीमा (60 डॉलर/बैरल), SWIFT से निष्कासन, निर्यात नियंत्रण।
- यूक्रेन सहायता के लिए जमी हुई रूसी संपत्तियों (~300 अरब डॉलर) के उपयोग की खोज।
AI शासन
- हिरोशिमा AI प्रक्रिया (2023) — उन्नत AI विकासकर्ताओं के लिए आचार संहिता।
- G7 AI मार्गदर्शक सिद्धांत और आचार संहिता (अक्टूबर 2023)।
- ब्रिटेन AI सुरक्षा शिखर सम्मेलन (2023), सियोल (2024), पेरिस AI शिखर सम्मेलन (फ़रवरी 2025) के साथ एकीकृत।
जलवायु और ऊर्जा
- नवीकरणीय ऊर्जा को तीन गुना करने और बिना उपशमित कोयले को धीरे-धीरे बंद करने का समर्थन।
- उच्च-महत्वाकांक्षा अर्थव्यवस्थाओं को संरेखित करता क्लाइमेट क्लब (2022)।
चुनौतियाँ और आलोचनाएँ
- संकीर्ण प्रतिनिधित्व — विश्व जनसंख्या का 10%, कोई अफ्रीकी, लैटिन अमेरिकी या दक्षिण एशियाई सदस्य नहीं।
- घटता GDP हिस्सा — आज 30% बनाम 1970 के दशक में ~65%।
- आंतरिक मतभेद — औद्योगिक नीति (IRA), डिजिटल कराधान, चीन नीति पर अमेरिका बनाम यूरोपीय संघ।
- ग्लोबल नॉर्थ क्लब के रूप में देखा जाना — जलवायु, व्यापार, टीका बहसों पर वैधता का अंतर।
- ट्रंप 2.0 (जनवरी 2025) — सहयोगियों पर शुल्क (इस्पात, ऑटो), NATO पर दबाव, यूक्रेन पर अस्पष्ट रुख G7 एकजुटता को चुनौती देते हैं।
- G20 और BRICS+ के साथ विखंडन — प्रतिस्पर्धी एजेंडे।
भारत के लिए महत्व
- आउटरीच साझेदार भूमिका भारत को रणनीतिक स्वायत्तता खोए बिना एजेंडा-निर्धारण मंडल में रखती है।
- भारत के साथ PGII संरेखण — सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, DPI में विशिष्ट परियोजनाएँ।
- ग्लोबल साउथ संदेश का मंच — भारत अपनी G20 अध्यक्षता के बाद G7 सत्रों का उपयोग ग्लोबल साउथ प्राथमिकताओं को व्यक्त करने के लिए करता है।
- क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर्स, जलवायु, AI पर भारत-G7 सहयोग।
- यूक्रेन कूटनीति — G7 प्रतिबंध संरचना के बीच कूटनीति के पक्ष में भारत की विशिष्ट आवाज़।
नवीनतम विकास (2024-26)
- अपुलिया 2024: 50 अरब डॉलर का यूक्रेन ऋण, मट्टेइ योजना, AI आउटरीच।
- ट्रंप 2.0 (जनवरी 2025): G7 साझेदारों के विरुद्ध शुल्क पुनर्वार्ता; NATO वित्त पोषण की धमकियाँ; यूक्रेन शर्तों पर मतभेद।
- AI शिखर पेरिस (फ़रवरी 2025): G7-नेतृत्व वाली हिरोशिमा AI प्रक्रिया शिखर सम्मेलन परिणामों में समाहित; अमेरिका ने संयुक्त घोषणा पर हस्ताक्षर नहीं किए।
- कनानास्किस 2025 (जून): G7 तनाव में — आर्कटिक, AI, यूक्रेन, मध्य पूर्व पर एजेंडा।
- रूस-यूक्रेन युद्ध: लगातार G7 की केंद्रीय चिंता; जमी हुई-संपत्ति तंत्र सक्रिय।
- इज़राइल-हमास युद्धविराम (जनवरी 2025): युद्धोत्तर ग़ाज़ा पुनर्निर्माण पर G7 समन्वय।
- लाल सागर संकट (2024-26): ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन के साथ संयुक्त समुद्री सुरक्षा रुख।
- BRICS+ विस्तार (जनवरी 2024): G7 स्वयं को विस्तारित BRICS+ बनाम उच्च-मानक कॉकस के रूप में पुनर्स्थापित करता है।
- G20 रियो (नवंबर 2024): G7 सदस्यों ने ब्राज़ील के ग्लोबल साउथ एजेंडे के साथ-साथ बातचीत की।
- भारत-मालदीव रीसेट (अक्टूबर 2024): G7 साझेदारों ने स्थिरीकरण का स्वागत किया।
आगे का मार्ग
- विस्तार बहस — भारत, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया संभावित परिवर्धन के रूप में (“D10” प्रस्ताव)।
- बेहतर परियोजना पाइपलाइनों के माध्यम से चीन की BRI के विरुद्ध PGII पर डिलीवरी।
- G7, G20, और UN ट्रैकों को जोड़ने वाला समन्वित AI शासन।
- MDB सुधार के साथ जलवायु वित्त का एकीकरण।
- कार्य-स्तरीय कूटनीति के माध्यम से ट्रंप 2.0 अस्थिरता के तहत एकजुटता बनाए रखना।
यूपीएससी प्रासंगिकता
GS-II: “द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूहन तथा भारत से जुड़े समझौते।”
संभावित प्रश्न
- “G7 का विश्व GDP में हिस्सा घट रहा है; इसका वैश्विक प्रभाव नहीं।” 2024-26 के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (15 अंक)
- G7 आउटरीच बैठकों में भारत की नियमित उपस्थिति के महत्व का मूल्यांकन कीजिए। (10 अंक)
- विकास वित्त साधन के रूप में PGII की BRI से तुलना कैसे होती है? (15 अंक)
प्रीलिम्स ट्रिगर शब्द — लाइब्रेरी ग्रुप 1973, रामबुइलेट शिखर 1975, G8-G7 बदलाव 2014, PGII, B3W, मट्टेइ योजना, हिरोशिमा AI प्रक्रिया, अपुलिया 2024, कनानास्किस 2025।
आज का G7 एक वैश्विक स्टीयरिंग समिति से अधिक एक उन्नत लोकतंत्रों का कॉकस है। इसकी चुनौती है — जब शक्ति G20 और BRICS+ की ओर विकेंद्रित हो रही है, तब भी प्रासंगिक बने रहना। भारत के लिए सही मुद्रा है चयनात्मक भागीदारी — पूर्ण-स्पेक्ट्रम पश्चिमी ब्लॉक में शामिल हुए बिना अवसंरचना वित्त और प्रौद्योगिकी पहुँच को आत्मसात करना।
सामान्य प्रश्न
G7 का गठन कब हुआ था?
G7 की औपचारिक शुरुआत 1975 में रामबुइलेट (फ्रांस) में हुए पहले शिखर सम्मेलन से मानी जाती है, जब फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, पश्चिमी जर्मनी, इटली और जापान शामिल हुए। 1976 में कनाडा के जुड़ने पर यह G7 बन गया।
G7 के वर्तमान सदस्य कौन-कौन हैं?
G7 के सात सदस्य हैं: अमेरिका, जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा। यूरोपीय संघ एक गैर-गणनीय सदस्य के रूप में भागीदारी करता है।
क्या भारत G7 का सदस्य है?
नहीं, भारत G7 का सदस्य नहीं है, परंतु 2019 बियारित्ज़ शिखर के बाद से एक स्थायी आउटरीच साझेदार के रूप में लगभग हर वार्षिक शिखर में आमंत्रित किया जाता है।
रूस को G8 से क्यों निकाला गया?
2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के अधिग्रहण के बाद, G7 देशों ने रूस को निलंबित कर दिया, और समूह पुनः G7 बन गया। अब तक रूस को वापस नहीं लिया गया है।
PGII क्या है?
Partnership for Global Infrastructure and Investment (PGII) G7 की पहल है जो 2027 तक 600 अरब डॉलर के गुणवत्तापूर्ण अवसंरचना निवेश का लक्ष्य रखती है, और इसे चीन की Belt and Road Initiative (BRI) के विकल्प के रूप में देखा जाता है।
हिरोशिमा AI प्रक्रिया क्या है?
हिरोशिमा AI प्रक्रिया 2023 में G7 शिखर सम्मेलन से उभरी पहल है जो उन्नत AI विकासकर्ताओं के लिए आचार संहिता और मार्गदर्शक सिद्धांत निर्धारित करती है।
अपुलिया 2024 शिखर का प्रमुख निर्णय क्या था?
अपुलिया 2024 का सबसे बड़ा निर्णय यूक्रेन को 50 अरब डॉलर का ऋण देना था, जो जमी हुई रूसी संपत्तियों से प्राप्त ब्याज आय द्वारा समर्थित है। इसके अतिरिक्त AI और अफ्रीका (मट्टेइ योजना) पर भी निर्णय लिए गए।
मट्टेइ योजना क्या है?
मट्टेइ योजना (Mattei Plan for Africa) इटली द्वारा अपुलिया 2024 में प्रस्तुत अफ्रीकी देशों के साथ ऊर्जा, अवसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य में रणनीतिक साझेदारी का G7 ढाँचा है।
G7 और G20 में क्या अंतर है?
G7 केवल 7 उन्नत लोकतंत्रों का अनौपचारिक कॉकस है जो वैश्विक GDP का ~30% है, जबकि G20 में 21 बड़ी अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं जो विश्व GDP का ~85% प्रतिनिधित्व करती हैं। भारत G20 का पूर्ण सदस्य है, परंतु G7 में केवल आउटरीच साझेदार।