Anantam IASHindi Note · 25 July 2026

UPSC प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम हिंदी में: पूरा विवरण और भारांश

पाठ्यक्रम बताता है कि क्या पूछा जा सकता है। 1,403 प्रश्नों का विश्लेषण बताता है कि वास्तव में क्या पूछा जाता है — और दोनों में बड़ा अंतर है।

प्रारंभिक परीक्षा का आधिकारिक पाठ्यक्रम आश्चर्यजनक रूप से छोटा है — दो पेपर, कुछ पंक्तियों में वर्णित। यही उसकी समस्या भी है: वह बताता है कि क्या पूछा जा सकता है, यह नहीं कि वास्तव में क्या पूछा जाता है।

इस पृष्ठ पर दोनों हैं — आधिकारिक पाठ्यक्रम, और 2013 से 2026 तक पूछे गए सभी 1,403 प्रश्नों से निकला वास्तविक भारांश।

पेपर 1 — सामान्य अध्ययन (200 अंक, 2 घंटे, 100 प्रश्न)

आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार:

बस इतना ही। सात पंक्तियाँ, जिनसे हर वर्ष 100 प्रश्न बनते हैं।

वास्तविक भारांश — जो पाठ्यक्रम नहीं बताता

2013 से 2026 तक के सभी 1,403 प्रश्नों का विषयवार वितरण:

Subject weightage across 1,403 questions and 14 papers
SubjectQuestionsShareAvg/yearPractice
Environment24517.5%17.5Solve
Indian Economy23216.5%16.6Solve
Indian Polity19814.1%14.1Solve
Science & Technology18313.0%13.1Solve
History15411.0%11.0Solve
Geography14910.6%10.6Solve
International Relations936.6%6.6Solve
Art & Culture926.6%6.6Solve
Indian Society533.8%3.8Solve
General Studies40.3%0.3No practice set yet
Total1,403100%100.2

इस तालिका का सबसे उपयोगी निष्कर्ष: पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था और विज्ञान-प्रौद्योगिकी — ये चार विषय मिलकर पेपर का 61% हैं। छह विषय 82.8% हैं।

यदि आपकी साप्ताहिक योजना नौ विषयों को बराबर समय देती है, तो लगभग एक-तिहाई प्रयास ग़लत जगह लग रहा है।

दो और बातें ध्यान देने योग्य:

पेपर 2 — CSAT (200 अंक, 2 घंटे, 80 प्रश्न)

यह पेपर केवल क्वालिफाइंग है — 33% अंक चाहिए, और इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।

पर हर वर्ष मज़बूत GS तैयारी वाले अभ्यर्थी इसी पर चूकते हैं। 33% सुनने में आसान लगता है और ग़ैर-गणितीय पृष्ठभूमि वालों के लिए नहीं है। यदि संदेह हो तो सप्ताह में दो पेपर हल करें।

महत्वपूर्ण नियम

इसका तैयारी पर क्या अर्थ है

समय विषय-भारांश के अनुपात में बाँटें, पाठ्यक्रम की पंक्तियों के अनुपात में नहीं। चार विषय 61% हैं, इसलिए उन्हें 61% के आसपास समय मिलना चाहिए।

120 दिन की विस्तृत योजना प्रीलिम्स अध्ययन योजना में है, और विषयवार विश्लेषण प्रीलिम्स PYQ विश्लेषण में। मेन्स के पाठ्यक्रम के लिए UPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPSC प्रारंभिक परीक्षा में कितने पेपर होते हैं? दो — सामान्य अध्ययन पेपर 1 (100 प्रश्न, 200 अंक) और CSAT पेपर 2 (80 प्रश्न, 200 अंक)। दोनों एक ही दिन।

क्या CSAT के अंक मेरिट में जुड़ते हैं? नहीं। CSAT केवल क्वालिफाइंग है और इसमें 33% अंक चाहिए। पेपर 1 के अंक ही छँटनी तय करते हैं, पर वे भी अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते।

प्रीलिम्स में किस विषय का भारांश सबसे ज़्यादा है? पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी — 1,403 में से 245 प्रश्न, यानी 17.5%। यह चौदह वर्षों से लगातार सबसे बड़ा विषय है।

क्या प्राचीन इतिहास प्रीलिम्स के लिए ज़रूरी है? सीधे तौर पर बहुत कम — पूरे पेपर का लगभग 1.5%। पर प्राचीन भारत कला एवं संस्कृति के अंतर्गत काफ़ी पूछा जाता है, जो अलग 6.6% है।

ऋणात्मक अंकन कितना है? प्रत्येक ग़लत उत्तर पर उस प्रश्न के एक-तिहाई अंक कटते हैं।

पाठ्यक्रम इतना छोटा क्यों है? क्योंकि वह सीमा बताता है, विषय-वस्तु नहीं। यही कारण है कि पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण पाठ्यक्रम पढ़ने से अधिक उपयोगी है।