Anantam IASHindi Note · 18 April 2026

वैश्विक सूचकांकों में भारतीय बॉन्ड और सेवा निर्यात (यूपीएससी अर्थव्यवस्था)

जेपी मॉर्गन GBI-EM और ब्लूमबर्ग सूचकांकों में भारतीय सरकारी बॉन्डों का समावेश, सेवा निर्यात की प्रवृत्तियाँ, FDI प्रवाह और यूपीएससी GS-III विश्लेषण।

भारत के बाह्य क्षेत्र में 2024-26 में विश्वास को मज़बूत करने वाले दो बड़े आधार हैं: जेपी मॉर्गन GBI-EM और ब्लूमबर्ग EM लोकल करेंसी इंडेक्स जैसे वैश्विक सूचकांकों में भारतीय सरकारी बॉन्डों का समावेश, और सेवा निर्यात में रिकॉर्ड बढ़त, जो अब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के विनिर्माण निर्यात के बराबर पहुँच रही है। दोनों प्रकृति में संरचनात्मक हैं और दोनों ही कुछ सूक्ष्म जोखिम भी साथ लाते हैं। यह मार्गदर्शिका इन दोनों को खोलकर व्यापक समष्टि-आर्थिक कथा से जोड़ती है।

भाग 1: वैश्विक सूचकांकों में भारतीय सरकारी बॉन्ड

पृष्ठभूमि

वैश्विक बॉन्ड सूचकांक वे मानक पोर्टफोलियो हैं जिनका अनुसरण निष्क्रिय (passive) और सक्रिय विदेशी निवेशक करते हैं। किसी देश के बॉन्डों का ऐसे सूचकांक में समावेश, सूचकांक-आधारित निधियों के खरबों डॉलर से स्वत: आवंटन लेकर आता है। कराधान, अभिरक्षा (custody) और निपटान पर वर्षों की बातचीत के बाद भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

लाभ

संभावित जोखिम

सूचकांकसमावेश तिथिअधिकतम भार
जेपी मॉर्गन GBI-EM GD28 जून 202410% (सीमा)
ब्लूमबर्ग EM LC31 जनवरी 2025~9% अपेक्षित
FTSE रसेल EMGBIनिगरानी-सूची मेंतय होना बाक़ी

भाग 2: सेवा निर्यात

पृष्ठभूमि

भारत का सेवा निर्यात अब बाह्य खाते की सबसे मूल्यवान निधि बन चुका है। वित्त वर्ष 2023-24 में सेवा निर्यात 341 अरब डॉलर रहा; वित्त वर्ष 2024-25 के अनुमानों में यह 385 अरब डॉलर के पार चला गया, जो वस्तु व्यापार घाटे के एक बड़े हिस्से की भरपाई करता है। GATS के अंतर्गत सेवा वितरण के चार तरीक़े (modes):

भारतीय सेवा निर्यात की संरचना

खंडसेवा निर्यात में अनुमानित हिस्सा
IT-BPM एवं सॉफ़्टवेयर~45-50%
व्यवसाय सेवाएँ (कंसल्टिंग, R&D, GCCs)~25%
यात्रा एवं परिवहन~15%
वित्तीय सेवाएँ~5%
अन्य सेवाएँशेष

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCCs) — भारत में लगभग 1,700 केंद्र, जिनमें 1.9 मिलियन से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं — अब “अन्य व्यवसाय सेवाओं” के निर्यात में बढ़ता हिस्सा रखते हैं।

सेवा निर्यात की सीमाएँ

रणनीतियाँ

हालिया घटनाक्रम (2024-26)

यूपीएससी प्रासंगिकता

GS-III मैपिंग

प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य

मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण