वाक्यांश के लिए एक शब्द: महत्वपूर्ण उदाहरण और अभ्यास
अनेक शब्दों या पूरे वाक्यांश के स्थान पर प्रयुक्त एक सटीक शब्द — विषय-वार तालिकाओं, भ्रामक जोड़ों और उत्तर सहित अभ्यास के साथ।
भाषा में मितव्ययिता एक बड़ा गुण है। जब किसी लंबे कथन या वाक्यांश को एक ही सटीक शब्द से व्यक्त कर दिया जाए, तो भाषा प्रभावशाली, सुगठित और परिष्कृत बन जाती है। “जो कभी न मरे” कहने के स्थान पर “अमर” कहना, या “जिसका कोई शत्रु न हो” के स्थान पर “अजातशत्रु” कहना — यही “वाक्यांश के लिए एक शब्द” अथवा “अनेक शब्दों के लिए एक शब्द” कहलाता है। इन शब्दों का अधिकांश भाग संस्कृत मूल का है और इनकी रचना उपसर्ग, प्रत्यय तथा समास के नियमों पर आधारित होती है।
UPSC अनिवार्य हिंदी प्रश्नपत्र, राज्य लोकसेवा आयोगों तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से प्रायः प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्न दो रूपों में आते हैं — दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द लिखना, अथवा दिए गए शब्द का अर्थ या उसका वाक्यांश-रूप पहचानना। इस नोट में विषय के अनुसार समूहीकृत बड़ी तालिकाएँ दी गई हैं, साथ ही समान दिखने वाले भ्रामक शब्द-युग्मों का एक विशेष खंड और उत्तर सहित अभ्यास भी।
परिभाषा और पहचान
“वाक्यांश के लिए एक शब्द” वह संक्षिप्तीकरण की पद्धति है जिसमें किसी पूरे वाक्य, उपवाक्य या वाक्यांश के स्थान पर एक ही ऐसा शब्द रख दिया जाता है जो उसके संपूर्ण अर्थ को धारण करता हो। इसे अंग्रेज़ी में one word substitution कहते हैं।
पहचान के तीन सूत्र ध्यान में रखें —
- ये शब्द प्रायः विशेषण या संज्ञा होते हैं — जैसे “देखने योग्य” → दर्शनीय (विशेषण), “रात में घूमने वाला” → निशाचर (संज्ञा)।
- अधिकांश शब्द तत्सम अर्थात् संस्कृत मूल के हैं, इसलिए इनमें संस्कृत के उपसर्ग (अ, अन, सु, दुर्, वि, अति आदि) और प्रत्यय (-ईय, -इक, -तव्य, -अनीय आदि) दिखते हैं।
- एक ही वाक्यांश के लिए कभी एक से अधिक शुद्ध शब्द संभव होते हैं — जैसे “जो बहुत बोलता हो” के लिए वाचाल और मुखर दोनों उपयुक्त हैं।
विषय-वार शब्द-तालिकाएँ
नीचे दी गई तालिकाएँ विषय के अनुसार समूहीकृत हैं, ताकि शब्दों को संदर्भ के साथ याद रखना सरल हो। कुल मिलाकर इनमें दो सौ से अधिक प्रविष्टियाँ हैं।
मनुष्य, स्वभाव और गुण
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जिसका कोई शत्रु न हो | अजातशत्रु |
| जो बहुत बोलता हो | वाचाल / मुखर |
| जो कम बोलता हो | मितभाषी |
| जो मधुर बोलता हो | मृदुभाषी |
| जो सत्य बोलता हो | सत्यवादी |
| जो प्रिय बोलता हो | प्रियवादी |
| जिसे बहुत क्रोध आता हो | क्रोधी |
| जिसे कभी क्रोध न आता हो | अक्रोधी |
| जो उपकार को मानता हो | कृतज्ञ |
| जो उपकार न माने | कृतघ्न |
| जो दूसरों का भला चाहे | परोपकारी |
| जो दूसरों पर निर्भर हो | पराश्रित |
| जो अपने ऊपर निर्भर हो | स्वावलंबी / आत्मनिर्भर |
| जो कठिनाई से जीता जाए | दुर्जेय |
| जिस पर विजय न पाई जा सके | अजेय |
| जो सब कुछ जानता हो | सर्वज्ञ |
| जो कुछ भी न जानता हो | अज्ञ |
| जो किसी पक्ष में न हो | निष्पक्ष / तटस्थ |
| जो दया करता हो | दयालु |
| जिसमें दया न हो | निर्दय / निष्ठुर |
| जो लोभ करता हो | लोभी |
| जिसमें लोभ न हो | निर्लोभ |
| जो बहुत चालाक हो | धूर्त |
| जो भोला-भाला हो | सरल / निश्छल |
| जो अपनी प्रशंसा स्वयं करे | आत्मश्लाघी |
| जो कृतज्ञता प्रकट करे | आभारी |
जन्म, आयु और जीवन-मरण
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो कभी न मरे | अमर |
| जिसकी मृत्यु निश्चित हो | मर्त्य |
| जिसका जन्म न हो | अजन्मा |
| जो अभी-अभी जन्मा हो | नवजात |
| जो एक ही माँ से जन्मे हों | सहोदर |
| जिसकी माता न हो | अनाथ (मातृहीन) |
| जिसके माता-पिता न हों | अनाथ |
| जो मरने वाला हो | मुमूर्षु |
| जो जीने की इच्छा रखता हो | जिजीविषा-युक्त |
| जीवित रहने की प्रबल इच्छा | जिजीविषा |
| जो सौ वर्ष जीता हो | शतायु |
| जो दीर्घ आयु वाला हो | दीर्घायु |
| जो कम आयु वाला हो | अल्पायु |
| मरने के बाद का (जीवन/नाम) | मरणोपरांत |
| जो जन्म से अंधा हो | जन्मांध |
| जिसका जन्म पहले हुआ हो | अग्रज |
| जिसका जन्म बाद में हुआ हो | अनुज |
समय, काल और आवृत्ति
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो प्रतिदिन होता हो | दैनिक |
| जो प्रति सप्ताह होता हो | साप्ताहिक |
| जो पंद्रह दिन में एक बार हो | पाक्षिक |
| जो प्रति मास होता हो | मासिक |
| जो दो मास में एक बार हो | द्विमासिक |
| जो तीन मास में एक बार हो | त्रैमासिक |
| जो छह मास में एक बार हो | अर्धवार्षिक / षाण्मासिक |
| जो प्रति वर्ष होता हो | वार्षिक |
| जो सदा रहने वाला हो | शाश्वत / चिरस्थायी |
| जो कुछ समय रहने वाला हो | क्षणिक / नश्वर |
| जो शीघ्र नष्ट हो जाए | नश्वर |
| जो आज तक हुआ ही न हो | अभूतपूर्व |
| जो समय पर हो | समयोचित |
| जो समय बीत जाने पर हो | कालातीत |
| जो भूतकाल से संबंध रखता हो | अतीत |
| जो आने वाला है | भविष्य / आगामी |
| जो पहले कभी न देखा गया हो | अदृष्टपूर्व |
| जो प्रात:काल का हो | प्रात:कालीन |
| जो संध्या के समय का हो | सांध्य |
स्थान, दिशा और पृथ्वी
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो रात में घूमता हो | निशाचर |
| जो जल में रहता हो | जलचर |
| जो थल पर रहता हो | थलचर |
| जो जल और थल दोनों में रहता हो | उभयचर |
| जो आकाश में चलता हो | नभचर / खेचर |
| जो पृथ्वी से संबंधित हो | पार्थिव |
| जो आकाश से संबंधित हो | आकाशीय / नभीय |
| जो सब जगह व्याप्त हो | सर्वव्यापी |
| जो एक ही स्थान पर स्थिर रहे | स्थावर |
| जो स्थान-स्थान पर घूमता रहे | घुमक्कड़ / यायावर |
| जिस स्थान पर पहुँचा न जा सके | अगम्य / दुर्गम |
| जहाँ पहुँचना सरल हो | सुगम |
| जिसका कोई आर-पार न हो | अथाह |
| जो सीमा के भीतर हो | अंतर्देशीय |
| जो विदेश से संबंधित हो | वैदेशिक |
| भूमि के भीतर का | भूगर्भीय |
| समुद्र के नीचे का | पनडुब्बी (नौका) / समुद्राधीन |
देखना, ज्ञान और योग्यता
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो देखने योग्य हो | दर्शनीय |
| जो सुनने योग्य हो | श्रवणीय |
| जो पढ़ने योग्य हो | पठनीय |
| जो पीने योग्य हो | पेय |
| जो खाने योग्य हो | खाद्य |
| जो न खाने योग्य हो | अखाद्य |
| जो आदर के योग्य हो | आदरणीय / पूजनीय |
| जो प्रशंसा के योग्य हो | प्रशंसनीय / श्लाघ्य |
| जो त्यागने योग्य हो | त्याज्य |
| जो ग्रहण करने योग्य हो | ग्राह्य |
| जो विश्वास के योग्य हो | विश्वसनीय |
| जो क्षमा के योग्य हो | क्षम्य |
| जो क्षमा के योग्य न हो | अक्षम्य |
| जो दंड के योग्य हो | दंडनीय |
| जो जानने योग्य हो | ज्ञेय / ज्ञातव्य |
| जो कहने योग्य न हो | अकथनीय |
| जो वर्णन से परे हो | अवर्णनीय |
| जो आँखों के सामने हो | प्रत्यक्ष |
| जो आँखों से ओझल हो | परोक्ष / अदृश्य |
| जिसे देखा न जा सके | अदृश्य |
भोजन, इच्छा और आचरण
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो मांस खाता हो | मांसाहारी |
| जो शाक-सब्ज़ी खाता हो | शाकाहारी |
| जो सब कुछ खा ले | सर्वभक्षी |
| जो दूसरों के टुकड़ों पर पले | परजीवी |
| जिसकी कोई इच्छा शेष न हो | निष्काम / आप्तकाम |
| जिसे किसी वस्तु की इच्छा हो | इच्छुक / अभिलाषी |
| भोजन के बाद बचा हुआ अन्न | उच्छिष्ट / जूठन |
| जो उपवास करता हो | उपवासी |
| जो संयम से रहे | संयमी |
| जो इंद्रियों को वश में रखे | जितेंद्रिय |
| जो विषय-भोग में लीन रहे | विषयी / भोगी |
| जो सांसारिक मोह से रहित हो | विरक्त / वीतराग |
राज्य, समाज और व्यवस्था
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जनता द्वारा चुनी हुई सरकार | प्रजातंत्र / लोकतंत्र |
| जहाँ एक का शासन हो | राजतंत्र |
| जहाँ कुछ लोगों का शासन हो | कुलीनतंत्र |
| जहाँ धन-बल का शासन हो | धनिकतंत्र |
| राज्य के विरुद्ध किया गया अपराध | राजद्रोह |
| देश के साथ विश्वासघात | देशद्रोह |
| जो देश से प्रेम करता हो | देशभक्त |
| जो कानून के अनुसार हो | वैध / विधिसम्मत |
| जो कानून के विरुद्ध हो | अवैध / गैरकानूनी |
| जिसका कोई शासक न हो | अराजक |
| शासन के बिना की स्थिति | अराजकता |
| जो सबके लिए समान हो | सार्वजनीन |
| सभी राष्ट्रों से संबंधित | अंतरराष्ट्रीय |
| जो नगर में रहता हो | नागरिक |
| जो गाँव में रहता हो | ग्रामीण |
धर्म, आस्था और दर्शन
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो ईश्वर में विश्वास रखता हो | आस्तिक |
| जो ईश्वर में विश्वास न रखता हो | नास्तिक |
| जो सब प्राणियों पर दया करे | दयानिधि / कृपालु |
| जो भगवान का भक्त हो | भक्त / उपासक |
| जिसने इंद्रियों को जीत लिया हो | जितेंद्रिय |
| जो संसार से विरक्त हो | संन्यासी / विरक्त |
| जो तप करता हो | तपस्वी |
| जो सदा सत्य पर अडिग रहे | सत्याग्रही |
| ईश्वर का अवतार | अवतार |
| जो धर्म के अनुसार आचरण करे | धर्मात्मा / धार्मिक |
| जो पाप करता हो | पापी |
| जिसका मन माया से मुक्त हो | निर्मोही |
| जो मोक्ष की कामना करे | मुमुक्षु |
भाषा, साहित्य और लेखन
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो कविता लिखता हो | कवि |
| स्त्री जो कविता लिखती हो | कवयित्री |
| जो गद्य लिखता हो | गद्यकार / लेखक |
| जो कहानी लिखता हो | कहानीकार |
| जो उपन्यास लिखता हो | उपन्यासकार |
| जो जीवनी लिखता हो | जीवनीकार |
| अपने हाथ से लिखी पुस्तक/लेख | हस्तलिखित |
| स्वयं अपने जीवन की कथा | आत्मकथा |
| दूसरे द्वारा लिखी जीवन-कथा | जीवनी |
| जो शब्द कोश में संगृहीत हों | कोशगत |
| जो कहा न जा सके | अनिर्वचनीय |
| जिसका अनुवाद हुआ हो | अनूदित |
| जो छप चुका हो | प्रकाशित |
| जो अभी न छपा हो | अप्रकाशित |
| संक्षेप में कही गई बात | सारांश |
| जिसका कोई अर्थ न हो | निरर्थक |
| जिसके अनेक अर्थ हों | अनेकार्थी |
विविध उपयोगी शब्द
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो हो चुका हो | भूत / अतीत |
| जो होने वाला हो | भावी / भविष्य |
| जो कभी बूढ़ा न हो | अजर |
| जो जन्म से अंधा हो | जन्मांध |
| जो बिना वेतन के काम करे | अवैतनिक |
| जिसका मूल्य न आँका जा सके | अमूल्य / अनमोल |
| जो थोड़ा जानता हो | अल्पज्ञ |
| जो बहुत जानता हो | बहुज्ञ |
| जो मांस के बिना का भोजन हो | निरामिष |
| जो किसी का पक्ष न ले | निरपेक्ष / तटस्थ |
| जिसके समान दूसरा न हो | अनुपम / अद्वितीय |
| जो सहज में मिल जाए | सुलभ |
| जो कठिनाई से मिले | दुर्लभ |
| जो आगे चलकर हो | आगामी |
| जिसे भुलाया न जा सके | अविस्मरणीय |
| जो शीघ्र प्रसन्न हो जाए | आशुतोष |
| जो सबको प्रिय हो | सर्वप्रिय |
| जिस पर मुकदमा चल रहा हो | अभियुक्त / विचाराधीन |
| जो बात पहले कभी न सुनी गई हो | अश्रुतपूर्व |
| जिसकी थाह न हो | अगाध |
| जो नीचे की ओर जा रहा हो | अधोगामी |
| जो ऊपर की ओर जा रहा हो | ऊर्ध्वगामी |
| जिसका आदि-अंत न हो | अनादि-अनंत |
| दोपहर के बाद का समय | अपराह्न |
| दोपहर से पूर्व का समय | पूर्वाह्न |
समान और भ्रामक शब्द-युग्म
परीक्षा में प्रायः ऐसे शब्द दिए जाते हैं जो अर्थ या रूप में बहुत निकट लगते हैं, किंतु उनके वाक्यांश-अर्थ भिन्न होते हैं। इन्हें ध्यान से अलग पहचानें।
| शब्द | वाक्यांश-अर्थ |
|---|---|
| अज्ञ | जो कुछ न जानता हो |
| अल्पज्ञ | जो थोड़ा जानता हो |
| सर्वज्ञ | जो सब कुछ जानता हो |
| अनभिज्ञ | जिसे किसी बात की जानकारी न हो |
| अभिज्ञ | जो भली-भाँति जानता हो |
| कृतज्ञ | जो किए उपकार को माने |
| कृतघ्न | जो किए उपकार को न माने |
| आस्तिक | जो ईश्वर में विश्वास करे |
| नास्तिक | जो ईश्वर में विश्वास न करे |
| अमर | जो कभी न मरे |
| मर्त्य | जिसकी मृत्यु निश्चित हो |
| मुमूर्षु | जो मरने वाला हो |
| दर्शनीय | जो देखने योग्य हो |
| दृष्टव्य | जो देखा जाना चाहिए |
| अदृश्य | जो दिखाई न दे |
| निष्पक्ष | जो किसी पक्ष में न हो |
| सपक्ष | जो किसी पक्ष में हो |
| स्वावलंबी | जो अपने बल पर निर्भर हो |
| पराश्रित | जो दूसरे पर निर्भर हो |
| अनुज | छोटा भाई (बाद में जन्मा) |
| अग्रज | बड़ा भाई (पहले जन्मा) |
| सुलभ | जो सहज में मिल जाए |
| दुर्लभ | जो कठिनाई से मिले |
| वाचाल | जो आवश्यकता से अधिक बोले |
| मितभाषी | जो नपा-तुला बोले |
इन युग्मों में ‘अ’, ‘अन’, ‘सु’, ‘दुर्’, ‘निर्/निष्’, ‘स/स्व’, ‘पर’ जैसे उपसर्ग अर्थ को उलट या मोड़ देते हैं। यदि उपसर्ग का अर्थ पकड़ लें, तो पूरा शब्द स्वयं स्पष्ट हो जाता है — जैसे कृत (किया हुआ) में ज्ञ (जानने वाला) जुड़कर ‘कृतज्ञ’ और घ्न (नष्ट करने वाला) जुड़कर ‘कृतघ्न’ बनता है।
सामान्य अशुद्धियाँ और परीक्षा-दृष्टि
- लिंग की भूल — स्त्री के लिए ‘कवि’ के स्थान पर ‘कवयित्री’ तथा पुरुष-स्त्री-निरपेक्ष प्रयोग का ध्यान रखें।
- उपसर्ग का अर्थ उलटना — ‘कृतज्ञ’ और ‘कृतघ्न’, ‘आस्तिक’ और ‘नास्तिक’ को आपस में बदल देना सबसे आम भूल है।
- एक से अधिक उत्तर — जब वाक्यांश के लिए दो शुद्ध शब्द संभव हों (जैसे ‘अनुपम/अद्वितीय’), तो विकल्पों में दिए गए सर्वाधिक प्रचलित शब्द को चुनें।
- तत्सम वर्तनी — ‘दर्शनीय’, ‘श्रवणीय’, ‘पठनीय’ में दीर्घ-ह्रस्व तथा ‘ण/न’ का सही प्रयोग करें; ‘प्रजातंत्र’ को ‘प्रजातन्त्र’ दोनों में से प्रश्नपत्र की एक ही शैली अपनाएँ।
- परीक्षा-रूप — प्रश्न प्राय: “निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए” अथवा बहुविकल्पीय रूप में आता है, जिसमें चार शब्दों में से सही चुनना होता है। अर्थ-आधारित समूहीकरण से उत्तर शीघ्र याद आते हैं।
अभ्यास प्रश्न
(क) निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए —
- जिसका कोई शत्रु न हो
- जो रात में घूमता हो
- जो जल और थल दोनों में रहता हो
- जो उपकार को न माने
- जो प्रति सप्ताह होता हो
- जो देखने योग्य हो
- जो सौ वर्ष जीता हो
- जिसके समान दूसरा न हो
- जो ईश्वर में विश्वास न रखता हो
- जो कठिनाई से मिले
(ख) नीचे दिए शब्दों का वाक्यांश-अर्थ लिखिए —
- मुमूर्षु
- जितेंद्रिय
- अवैतनिक
- यायावर
- अभूतपूर्व
(ग) सही विकल्प चुनिए — “जो थोड़ा जानता हो” के लिए शब्द है —
- (अ) सर्वज्ञ (ब) अल्पज्ञ (स) अज्ञ (द) अभिज्ञ
उत्तर
(क)
- अजातशत्रु
- निशाचर
- उभयचर
- कृतघ्न
- साप्ताहिक
- दर्शनीय
- शतायु
- अनुपम / अद्वितीय
- नास्तिक
- दुर्लभ
(ख)
- मुमूर्षु — जो मरने वाला हो।
- जितेंद्रिय — जिसने अपनी इंद्रियों को वश में कर लिया हो।
- अवैतनिक — जो बिना वेतन के काम करे।
- यायावर — जो स्थान-स्थान पर घूमता रहे।
- अभूतपूर्व — जो पहले कभी न हुआ हो।
(ग)
- (ब) अल्पज्ञ