UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

वाक्यांश के लिए एक शब्द: महत्वपूर्ण उदाहरण और अभ्यास

अनेक शब्दों या पूरे वाक्यांश के स्थान पर प्रयुक्त एक सटीक शब्द — विषय-वार तालिकाओं, भ्रामक जोड़ों और उत्तर सहित अभ्यास के साथ।

वाक्यांश के लिए एक शब्द: महत्वपूर्ण उदाहरण और अभ्यास

भाषा में मितव्ययिता एक बड़ा गुण है। जब किसी लंबे कथन या वाक्यांश को एक ही सटीक शब्द से व्यक्त कर दिया जाए, तो भाषा प्रभावशाली, सुगठित और परिष्कृत बन जाती है। “जो कभी न मरे” कहने के स्थान पर “अमर” कहना, या “जिसका कोई शत्रु न हो” के स्थान पर “अजातशत्रु” कहना — यही “वाक्यांश के लिए एक शब्द” अथवा “अनेक शब्दों के लिए एक शब्द” कहलाता है। इन शब्दों का अधिकांश भाग संस्कृत मूल का है और इनकी रचना उपसर्ग, प्रत्यय तथा समास के नियमों पर आधारित होती है।

UPSC अनिवार्य हिंदी प्रश्नपत्र, राज्य लोकसेवा आयोगों तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से प्रायः प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रश्न दो रूपों में आते हैं — दिए गए वाक्यांश के लिए एक शब्द लिखना, अथवा दिए गए शब्द का अर्थ या उसका वाक्यांश-रूप पहचानना। इस नोट में विषय के अनुसार समूहीकृत बड़ी तालिकाएँ दी गई हैं, साथ ही समान दिखने वाले भ्रामक शब्द-युग्मों का एक विशेष खंड और उत्तर सहित अभ्यास भी।

परिभाषा और पहचान

“वाक्यांश के लिए एक शब्द” वह संक्षिप्तीकरण की पद्धति है जिसमें किसी पूरे वाक्य, उपवाक्य या वाक्यांश के स्थान पर एक ही ऐसा शब्द रख दिया जाता है जो उसके संपूर्ण अर्थ को धारण करता हो। इसे अंग्रेज़ी में one word substitution कहते हैं।

पहचान के तीन सूत्र ध्यान में रखें —

  • ये शब्द प्रायः विशेषण या संज्ञा होते हैं — जैसे “देखने योग्य” → दर्शनीय (विशेषण), “रात में घूमने वाला” → निशाचर (संज्ञा)।
  • अधिकांश शब्द तत्सम अर्थात् संस्कृत मूल के हैं, इसलिए इनमें संस्कृत के उपसर्ग (अ, अन, सु, दुर्, वि, अति आदि) और प्रत्यय (-ईय, -इक, -तव्य, -अनीय आदि) दिखते हैं।
  • एक ही वाक्यांश के लिए कभी एक से अधिक शुद्ध शब्द संभव होते हैं — जैसे “जो बहुत बोलता हो” के लिए वाचाल और मुखर दोनों उपयुक्त हैं।

विषय-वार शब्द-तालिकाएँ

नीचे दी गई तालिकाएँ विषय के अनुसार समूहीकृत हैं, ताकि शब्दों को संदर्भ के साथ याद रखना सरल हो। कुल मिलाकर इनमें दो सौ से अधिक प्रविष्टियाँ हैं।

मनुष्य, स्वभाव और गुण

वाक्यांशएक शब्द
जिसका कोई शत्रु न होअजातशत्रु
जो बहुत बोलता होवाचाल / मुखर
जो कम बोलता होमितभाषी
जो मधुर बोलता होमृदुभाषी
जो सत्य बोलता होसत्यवादी
जो प्रिय बोलता होप्रियवादी
जिसे बहुत क्रोध आता होक्रोधी
जिसे कभी क्रोध न आता होअक्रोधी
जो उपकार को मानता होकृतज्ञ
जो उपकार न मानेकृतघ्न
जो दूसरों का भला चाहेपरोपकारी
जो दूसरों पर निर्भर होपराश्रित
जो अपने ऊपर निर्भर होस्वावलंबी / आत्मनिर्भर
जो कठिनाई से जीता जाएदुर्जेय
जिस पर विजय न पाई जा सकेअजेय
जो सब कुछ जानता होसर्वज्ञ
जो कुछ भी न जानता होअज्ञ
जो किसी पक्ष में न होनिष्पक्ष / तटस्थ
जो दया करता होदयालु
जिसमें दया न होनिर्दय / निष्ठुर
जो लोभ करता होलोभी
जिसमें लोभ न होनिर्लोभ
जो बहुत चालाक होधूर्त
जो भोला-भाला होसरल / निश्छल
जो अपनी प्रशंसा स्वयं करेआत्मश्लाघी
जो कृतज्ञता प्रकट करेआभारी

जन्म, आयु और जीवन-मरण

वाक्यांशएक शब्द
जो कभी न मरेअमर
जिसकी मृत्यु निश्चित होमर्त्य
जिसका जन्म न होअजन्मा
जो अभी-अभी जन्मा होनवजात
जो एक ही माँ से जन्मे होंसहोदर
जिसकी माता न होअनाथ (मातृहीन)
जिसके माता-पिता न होंअनाथ
जो मरने वाला होमुमूर्षु
जो जीने की इच्छा रखता होजिजीविषा-युक्त
जीवित रहने की प्रबल इच्छाजिजीविषा
जो सौ वर्ष जीता होशतायु
जो दीर्घ आयु वाला होदीर्घायु
जो कम आयु वाला होअल्पायु
मरने के बाद का (जीवन/नाम)मरणोपरांत
जो जन्म से अंधा होजन्मांध
जिसका जन्म पहले हुआ होअग्रज
जिसका जन्म बाद में हुआ होअनुज

समय, काल और आवृत्ति

वाक्यांशएक शब्द
जो प्रतिदिन होता होदैनिक
जो प्रति सप्ताह होता होसाप्ताहिक
जो पंद्रह दिन में एक बार होपाक्षिक
जो प्रति मास होता होमासिक
जो दो मास में एक बार होद्विमासिक
जो तीन मास में एक बार होत्रैमासिक
जो छह मास में एक बार होअर्धवार्षिक / षाण्मासिक
जो प्रति वर्ष होता होवार्षिक
जो सदा रहने वाला होशाश्वत / चिरस्थायी
जो कुछ समय रहने वाला होक्षणिक / नश्वर
जो शीघ्र नष्ट हो जाएनश्वर
जो आज तक हुआ ही न होअभूतपूर्व
जो समय पर होसमयोचित
जो समय बीत जाने पर होकालातीत
जो भूतकाल से संबंध रखता होअतीत
जो आने वाला हैभविष्य / आगामी
जो पहले कभी न देखा गया होअदृष्टपूर्व
जो प्रात:काल का होप्रात:कालीन
जो संध्या के समय का होसांध्य

स्थान, दिशा और पृथ्वी

वाक्यांशएक शब्द
जो रात में घूमता होनिशाचर
जो जल में रहता होजलचर
जो थल पर रहता होथलचर
जो जल और थल दोनों में रहता होउभयचर
जो आकाश में चलता होनभचर / खेचर
जो पृथ्वी से संबंधित होपार्थिव
जो आकाश से संबंधित होआकाशीय / नभीय
जो सब जगह व्याप्त होसर्वव्यापी
जो एक ही स्थान पर स्थिर रहेस्थावर
जो स्थान-स्थान पर घूमता रहेघुमक्कड़ / यायावर
जिस स्थान पर पहुँचा न जा सकेअगम्य / दुर्गम
जहाँ पहुँचना सरल होसुगम
जिसका कोई आर-पार न होअथाह
जो सीमा के भीतर होअंतर्देशीय
जो विदेश से संबंधित होवैदेशिक
भूमि के भीतर काभूगर्भीय
समुद्र के नीचे कापनडुब्बी (नौका) / समुद्राधीन

देखना, ज्ञान और योग्यता

वाक्यांशएक शब्द
जो देखने योग्य होदर्शनीय
जो सुनने योग्य होश्रवणीय
जो पढ़ने योग्य होपठनीय
जो पीने योग्य होपेय
जो खाने योग्य होखाद्य
जो न खाने योग्य होअखाद्य
जो आदर के योग्य होआदरणीय / पूजनीय
जो प्रशंसा के योग्य होप्रशंसनीय / श्लाघ्य
जो त्यागने योग्य होत्याज्य
जो ग्रहण करने योग्य होग्राह्य
जो विश्वास के योग्य होविश्वसनीय
जो क्षमा के योग्य होक्षम्य
जो क्षमा के योग्य न होअक्षम्य
जो दंड के योग्य होदंडनीय
जो जानने योग्य होज्ञेय / ज्ञातव्य
जो कहने योग्य न होअकथनीय
जो वर्णन से परे होअवर्णनीय
जो आँखों के सामने होप्रत्यक्ष
जो आँखों से ओझल होपरोक्ष / अदृश्य
जिसे देखा न जा सकेअदृश्य

भोजन, इच्छा और आचरण

वाक्यांशएक शब्द
जो मांस खाता होमांसाहारी
जो शाक-सब्ज़ी खाता होशाकाहारी
जो सब कुछ खा लेसर्वभक्षी
जो दूसरों के टुकड़ों पर पलेपरजीवी
जिसकी कोई इच्छा शेष न होनिष्काम / आप्तकाम
जिसे किसी वस्तु की इच्छा होइच्छुक / अभिलाषी
भोजन के बाद बचा हुआ अन्नउच्छिष्ट / जूठन
जो उपवास करता होउपवासी
जो संयम से रहेसंयमी
जो इंद्रियों को वश में रखेजितेंद्रिय
जो विषय-भोग में लीन रहेविषयी / भोगी
जो सांसारिक मोह से रहित होविरक्त / वीतराग

राज्य, समाज और व्यवस्था

वाक्यांशएक शब्द
जनता द्वारा चुनी हुई सरकारप्रजातंत्र / लोकतंत्र
जहाँ एक का शासन होराजतंत्र
जहाँ कुछ लोगों का शासन होकुलीनतंत्र
जहाँ धन-बल का शासन होधनिकतंत्र
राज्य के विरुद्ध किया गया अपराधराजद्रोह
देश के साथ विश्वासघातदेशद्रोह
जो देश से प्रेम करता होदेशभक्त
जो कानून के अनुसार होवैध / विधिसम्मत
जो कानून के विरुद्ध होअवैध / गैरकानूनी
जिसका कोई शासक न होअराजक
शासन के बिना की स्थितिअराजकता
जो सबके लिए समान होसार्वजनीन
सभी राष्ट्रों से संबंधितअंतरराष्ट्रीय
जो नगर में रहता होनागरिक
जो गाँव में रहता होग्रामीण

धर्म, आस्था और दर्शन

वाक्यांशएक शब्द
जो ईश्वर में विश्वास रखता होआस्तिक
जो ईश्वर में विश्वास न रखता होनास्तिक
जो सब प्राणियों पर दया करेदयानिधि / कृपालु
जो भगवान का भक्त होभक्त / उपासक
जिसने इंद्रियों को जीत लिया होजितेंद्रिय
जो संसार से विरक्त होसंन्यासी / विरक्त
जो तप करता होतपस्वी
जो सदा सत्य पर अडिग रहेसत्याग्रही
ईश्वर का अवतारअवतार
जो धर्म के अनुसार आचरण करेधर्मात्मा / धार्मिक
जो पाप करता होपापी
जिसका मन माया से मुक्त होनिर्मोही
जो मोक्ष की कामना करेमुमुक्षु

भाषा, साहित्य और लेखन

वाक्यांशएक शब्द
जो कविता लिखता होकवि
स्त्री जो कविता लिखती होकवयित्री
जो गद्य लिखता होगद्यकार / लेखक
जो कहानी लिखता होकहानीकार
जो उपन्यास लिखता होउपन्यासकार
जो जीवनी लिखता होजीवनीकार
अपने हाथ से लिखी पुस्तक/लेखहस्तलिखित
स्वयं अपने जीवन की कथाआत्मकथा
दूसरे द्वारा लिखी जीवन-कथाजीवनी
जो शब्द कोश में संगृहीत होंकोशगत
जो कहा न जा सकेअनिर्वचनीय
जिसका अनुवाद हुआ होअनूदित
जो छप चुका होप्रकाशित
जो अभी न छपा होअप्रकाशित
संक्षेप में कही गई बातसारांश
जिसका कोई अर्थ न होनिरर्थक
जिसके अनेक अर्थ होंअनेकार्थी

विविध उपयोगी शब्द

वाक्यांशएक शब्द
जो हो चुका होभूत / अतीत
जो होने वाला होभावी / भविष्य
जो कभी बूढ़ा न होअजर
जो जन्म से अंधा होजन्मांध
जो बिना वेतन के काम करेअवैतनिक
जिसका मूल्य न आँका जा सकेअमूल्य / अनमोल
जो थोड़ा जानता होअल्पज्ञ
जो बहुत जानता होबहुज्ञ
जो मांस के बिना का भोजन होनिरामिष
जो किसी का पक्ष न लेनिरपेक्ष / तटस्थ
जिसके समान दूसरा न होअनुपम / अद्वितीय
जो सहज में मिल जाएसुलभ
जो कठिनाई से मिलेदुर्लभ
जो आगे चलकर होआगामी
जिसे भुलाया न जा सकेअविस्मरणीय
जो शीघ्र प्रसन्न हो जाएआशुतोष
जो सबको प्रिय होसर्वप्रिय
जिस पर मुकदमा चल रहा होअभियुक्त / विचाराधीन
जो बात पहले कभी न सुनी गई होअश्रुतपूर्व
जिसकी थाह न होअगाध
जो नीचे की ओर जा रहा होअधोगामी
जो ऊपर की ओर जा रहा होऊर्ध्वगामी
जिसका आदि-अंत न होअनादि-अनंत
दोपहर के बाद का समयअपराह्न
दोपहर से पूर्व का समयपूर्वाह्न

समान और भ्रामक शब्द-युग्म

परीक्षा में प्रायः ऐसे शब्द दिए जाते हैं जो अर्थ या रूप में बहुत निकट लगते हैं, किंतु उनके वाक्यांश-अर्थ भिन्न होते हैं। इन्हें ध्यान से अलग पहचानें।

शब्दवाक्यांश-अर्थ
अज्ञजो कुछ न जानता हो
अल्पज्ञजो थोड़ा जानता हो
सर्वज्ञजो सब कुछ जानता हो
अनभिज्ञजिसे किसी बात की जानकारी न हो
अभिज्ञजो भली-भाँति जानता हो
कृतज्ञजो किए उपकार को माने
कृतघ्नजो किए उपकार को न माने
आस्तिकजो ईश्वर में विश्वास करे
नास्तिकजो ईश्वर में विश्वास न करे
अमरजो कभी न मरे
मर्त्यजिसकी मृत्यु निश्चित हो
मुमूर्षुजो मरने वाला हो
दर्शनीयजो देखने योग्य हो
दृष्टव्यजो देखा जाना चाहिए
अदृश्यजो दिखाई न दे
निष्पक्षजो किसी पक्ष में न हो
सपक्षजो किसी पक्ष में हो
स्वावलंबीजो अपने बल पर निर्भर हो
पराश्रितजो दूसरे पर निर्भर हो
अनुजछोटा भाई (बाद में जन्मा)
अग्रजबड़ा भाई (पहले जन्मा)
सुलभजो सहज में मिल जाए
दुर्लभजो कठिनाई से मिले
वाचालजो आवश्यकता से अधिक बोले
मितभाषीजो नपा-तुला बोले

इन युग्मों में ‘अ’, ‘अन’, ‘सु’, ‘दुर्’, ‘निर्/निष्’, ‘स/स्व’, ‘पर’ जैसे उपसर्ग अर्थ को उलट या मोड़ देते हैं। यदि उपसर्ग का अर्थ पकड़ लें, तो पूरा शब्द स्वयं स्पष्ट हो जाता है — जैसे कृत (किया हुआ) में ज्ञ (जानने वाला) जुड़कर ‘कृतज्ञ’ और घ्न (नष्ट करने वाला) जुड़कर ‘कृतघ्न’ बनता है।

सामान्य अशुद्धियाँ और परीक्षा-दृष्टि

  • लिंग की भूल — स्त्री के लिए ‘कवि’ के स्थान पर ‘कवयित्री’ तथा पुरुष-स्त्री-निरपेक्ष प्रयोग का ध्यान रखें।
  • उपसर्ग का अर्थ उलटना — ‘कृतज्ञ’ और ‘कृतघ्न’, ‘आस्तिक’ और ‘नास्तिक’ को आपस में बदल देना सबसे आम भूल है।
  • एक से अधिक उत्तर — जब वाक्यांश के लिए दो शुद्ध शब्द संभव हों (जैसे ‘अनुपम/अद्वितीय’), तो विकल्पों में दिए गए सर्वाधिक प्रचलित शब्द को चुनें।
  • तत्सम वर्तनी — ‘दर्शनीय’, ‘श्रवणीय’, ‘पठनीय’ में दीर्घ-ह्रस्व तथा ‘ण/न’ का सही प्रयोग करें; ‘प्रजातंत्र’ को ‘प्रजातन्त्र’ दोनों में से प्रश्नपत्र की एक ही शैली अपनाएँ।
  • परीक्षा-रूप — प्रश्न प्राय: “निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए” अथवा बहुविकल्पीय रूप में आता है, जिसमें चार शब्दों में से सही चुनना होता है। अर्थ-आधारित समूहीकरण से उत्तर शीघ्र याद आते हैं।

अभ्यास प्रश्न

(क) निम्नलिखित वाक्यांशों के लिए एक शब्द लिखिए —

  1. जिसका कोई शत्रु न हो
  2. जो रात में घूमता हो
  3. जो जल और थल दोनों में रहता हो
  4. जो उपकार को न माने
  5. जो प्रति सप्ताह होता हो
  6. जो देखने योग्य हो
  7. जो सौ वर्ष जीता हो
  8. जिसके समान दूसरा न हो
  9. जो ईश्वर में विश्वास न रखता हो
  10. जो कठिनाई से मिले

(ख) नीचे दिए शब्दों का वाक्यांश-अर्थ लिखिए —

  1. मुमूर्षु
  2. जितेंद्रिय
  3. अवैतनिक
  4. यायावर
  5. अभूतपूर्व

(ग) सही विकल्प चुनिए — “जो थोड़ा जानता हो” के लिए शब्द है —

  1. (अ) सर्वज्ञ (ब) अल्पज्ञ (स) अज्ञ (द) अभिज्ञ

उत्तर

(क)

  1. अजातशत्रु
  2. निशाचर
  3. उभयचर
  4. कृतघ्न
  5. साप्ताहिक
  6. दर्शनीय
  7. शतायु
  8. अनुपम / अद्वितीय
  9. नास्तिक
  10. दुर्लभ

(ख)

  1. मुमूर्षु — जो मरने वाला हो।
  2. जितेंद्रिय — जिसने अपनी इंद्रियों को वश में कर लिया हो।
  3. अवैतनिक — जो बिना वेतन के काम करे।
  4. यायावर — जो स्थान-स्थान पर घूमता रहे।
  5. अभूतपूर्व — जो पहले कभी न हुआ हो।

(ग)

  1. (ब) अल्पज्ञ

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Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

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