Anantam IASHindi Note · 23 August 2026

अनुच्छेद 35A: यह क्या करता था, विवाद क्यों हुआ, और 2019 में क्या बदला

अनुच्छेद 35A को समझिए — 1954 का राष्ट्रपति आदेश जिसने इसे बनाया, स्थायी निवासियों के वे अधिकार जो इसने बचाए, इसके जुड़ने के तरीक़े पर उठी संवैधानिक आपत्ति, और 2019 में इसके ख़त्म होने के नतीजे।

अनुच्छेद 35A वह प्रावधान था जो जम्मू-कश्मीर विधानमंडल को यह तय करने का अधिकार देता था कि राज्य का “स्थायी निवासी” (permanent resident) कौन है, और कुछ अधिकार सिर्फ़ उन्हीं के लिए सुरक्षित रखने की छूट देता था। 5 अगस्त 2019 को यह प्रावधान ख़त्म हो गया। संवैधानिक रूप से इसे असामान्य इस बात ने नहीं बनाया कि इसने क्या बचाया, बल्कि इस बात ने कि यह संविधान में आया कैसे — अनुच्छेद 368 के तहत संसदीय संशोधन से नहीं, बल्कि 1954 के एक राष्ट्रपति आदेश (Presidential Order) से।

यह संविधान में आया कैसे

यह असल में करता क्या था

अनुच्छेद 35A राज्य के उस हर क़ानून को बचा लेता था जो स्थायी निवासी की परिभाषा तय करता हो या उन्हें विशेष अधिकार देता हो — ऐसे क़ानून को मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) के उल्लंघन के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता था। यानी इसने कोई अधिकार नहीं दिया, एक छूट (immunity) दी।

सबसे अहम बात यह थी कि ऐसे किसी भी क़ानून को अनुच्छेद 14, 19 या 21 के तहत चुनौती नहीं दी जा सकती थी। यही छूट इस प्रावधान की ताक़त थी, और यही इसके विवाद की वजह भी।

इसके नतीजे

2019 में क्या बदला

उसके बाद क्या असर पड़ा

सामान्य प्रश्न

अनुच्छेद 35A क्या था?

यह वह प्रावधान था जो जम्मू-कश्मीर विधानमंडल को राज्य के स्थायी निवासियों की परिभाषा तय करने और उन्हें अचल संपत्ति, सरकारी नौकरी, बसने के अधिकार और छात्रवृत्ति में विशेष अधिकार देने की छूट देता था, और ऐसे क़ानूनों को मौलिक अधिकारों के आधार पर चुनौती से बचा लेता था।

अनुच्छेद 35A संविधान में जोड़ा कैसे गया था?

संविधान (जम्मू-कश्मीर पर लागू) आदेश, 1954 के ज़रिए, जो अनुच्छेद 370(1)(d) के तहत जारी एक राष्ट्रपति आदेश था। इसे संसद ने कभी पारित नहीं किया और यह अनुच्छेद 368 की संशोधन प्रक्रिया से नहीं गुज़रा — यही इसके ख़िलाफ़ मुख्य संवैधानिक आपत्ति थी।

अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A में फ़र्क़ क्या है?

अनुच्छेद 370 भाग 21 का एक अस्थायी प्रावधान था, जो जम्मू-कश्मीर और संघ के बीच संवैधानिक रिश्ता तय करता था और संसद की विधायी शक्ति को सीमित करता था। अनुच्छेद 35A इससे कहीं संकरा था: वह सिर्फ़ स्थायी निवासियों की परिभाषा और उनके विशेष अधिकारों वाले राज्य क़ानूनों को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर रद्द होने से बचाता था।

स्थायी निवासी की श्रेणी से कौन बाहर रह गए थे?

1947 में आए पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थी, 1950 के दशक में राज्य में लाया गया वाल्मीकि समुदाय, और पीढ़ियों से वहाँ रह रहे गोरखा। ग़ैर-स्थायी निवासी से शादी करने वाली महिलाओं की संतानों के अधिकार भी छिन जाते थे।

अनुच्छेद 35A कब ख़त्म हुआ?

5 अगस्त 2019 को, जब संविधान (जम्मू-कश्मीर पर लागू) आदेश, 2019 ने 1954 के आदेश की जगह ली और अनुच्छेद 370(3) के तहत जारी राष्ट्रपति आदेश ने विशेष प्रावधानों को बेअसर कर दिया।

अनुच्छेद 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

दिसंबर 2023 में तय हुए In Re Article 370 मामले में संविधान पीठ ने इस फ़ैसले को सही ठहराया। उसने माना कि अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था और विलय के बाद जम्मू-कश्मीर के पास आंतरिक संप्रभुता का कोई अंश नहीं बचा था। पीठ ने जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने और चुनाव कराने का निर्देश भी दिया।

अभ्यास प्रश्न

प्रीलिम्स MCQ

1. अनुच्छेद 35A संविधान में किस रास्ते से जोड़ा गया था?

उत्तर: (b) 1954 के एक राष्ट्रपति आदेश से

2. अनुच्छेद 35A को संविधान के किस भाग में रखा गया था?

उत्तर: (a) भाग 3

3. अनुच्छेद 35A कब ख़त्म हुआ?

उत्तर: (b) 5 अगस्त 2019

4. जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 ने क्या बनाया?

उत्तर: (c) दो केंद्र शासित प्रदेश, एक में विधानसभा

5. अनुच्छेद 370 हटाने को सही ठहराने वाला सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला कब आया?

उत्तर: (c) दिसंबर 2023

मुख्य परीक्षा प्रश्न