Anantam IASHindi Note · 4 September 2026

जन धन योजना: वित्तीय समावेशन की योजना

प्रधानमंत्री जन धन योजना क्या है, ज़ीरो-बैलेंस खाता कैसे खुलता है, RuPay कार्ड और ओवरड्राफ्ट में क्या मिलता है, और JAM तिकड़ी में इसकी भूमिका क्या है — पूरी जानकारी।

प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन (financial inclusion) कार्यक्रम है। यह 28 अगस्त 2014 को शुरू हुई थी, ताकि भारत के हर उस परिवार तक बैंक खाता, कर्ज़, बीमा और पेंशन पहुँचे जिसका अब तक कोई बैंक खाता नहीं था। 2026 तक 53 करोड़ से ज़्यादा जन धन खाते खुल चुके हैं और इनमें जमा रकम 2.3 लाख करोड़ रुपये से ऊपर है। यही योजना JAM (जन धन–आधार–मोबाइल) तिकड़ी की बुनियाद है, जिस पर भारत का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer) ढाँचा टिका हुआ है।

प्रधानमंत्री जन धन योजना क्या है?

PMJDY का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2014 पर लाल क़िले की प्राचीर से किया था और योजना 28 अगस्त 2014 को शुरू हुई। इसे वित्त मंत्रालय के अधीन वित्तीय सेवाएँ विभाग चलाता है। मक़सद एक ही है — बैंकिंग सबकी पहुँच में आए और हर परिवार के पास कम से कम एक बुनियादी बैंक खाता हो।

PMJDY के छह स्तंभ

  1. बैंकिंग सबकी पहुँच में: शाखाओं और बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के ज़रिए वाजिब दूरी के भीतर बैंकिंग सेवा
  2. बुनियादी बचत और जमा खाते: ज़ीरो-बैलेंस BSBD (बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट) खाते
  3. वित्तीय साक्षरता: बचत, कर्ज़ और बीमा को लेकर जागरूकता के कार्यक्रम
  4. क्रेडिट गारंटी फंड: पात्र खाताधारकों के लिए ओवरड्राफ्ट की सुविधा
  5. माइक्रो-इंश्योरेंस: दुर्घटना बीमा (PMSBY) और जीवन बीमा (PMJJBY) का कवर
  6. पेंशन: असंगठित क्षेत्र के लिए खातों को अटल पेंशन योजना से जोड़ना

एक नज़र में ख़ास बातें

बातब्योरा
खाते का प्रकारबेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाता (BSBD)
न्यूनतम बैलेंसशून्य (कोई न्यूनतम बैलेंस रखना ज़रूरी नहीं)
RuPay डेबिट कार्डमुफ़्त, 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा के साथ
ओवरड्राफ्ट सुविधा10,000 रुपये तक (पात्र खातों के लिए)
जीवन बीमा30,000 रुपये (26 जनवरी 2015 से पहले खुले खातों के लिए)
जमा पर ब्याजआम बचत खाते जितना
मोबाइल बैंकिंगUSSD वाली सुविधा (*99#) से मिलती है

जन धन खाते कैसे काम करते हैं

जन धन खाता आम बचत खाते की तरह ही चलता है, बस साथ में कुछ और फ़ायदे मिलते हैं। खाता खुलवाना आसान है और काग़ज़ भी कम लगते हैं।

जन धन खाता कैसे खुलवाएँ

  1. किसी भी बैंक शाखा या बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) पॉइंट पर जाइए
  2. खाता खोलने का आसान फ़ॉर्म भरिए
  3. आधिकारिक तौर पर मान्य दस्तावेज़ों (OVD) में से कोई एक दीजिए: आधार, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, PAN, NREGA जॉब कार्ड या पासपोर्ट
  4. अगर इनमें से कोई दस्तावेज़ न हो, तो "स्मॉल अकाउंट" खुल सकता है — इसके लिए अपनी फ़ोटो, जिस पर आपने ख़ुद दस्तख़त किए हों, और दस्तख़त या अंगूठे का निशान काफ़ी है (यह खाता 12 महीने चलता है और 24 महीने तक बढ़ाया जा सकता है)
  5. RuPay डेबिट कार्ड और पासबुक ले लीजिए

RuPay डेबिट कार्ड के फ़ायदे

हर जन धन खाताधारक को मुफ़्त RuPay डेबिट कार्ड मिलता है। इस कार्ड से यह सब होता है:

ओवरड्राफ्ट की सुविधा

पात्र जन धन खाताधारक 10,000 रुपये तक का ओवरड्राफ्ट ले सकते हैं। इसकी शर्तें ये हैं:

PMJDY के आँकड़े

आँकड़े ख़ुद बता देते हैं कि वित्तीय समावेशन में कितना बड़ा बदलाव आया है।

पैमानाआँकड़ा (2025-26 तक)
कुल खुले खाते53+ करोड़
ग्रामीण/अर्ध-शहरी खातेकुल का ~59%
महिला खाताधारककुल का ~56%
जारी हुए RuPay कार्ड36+ करोड़
ज़ीरो-बैलेंस खाते~16% (शुरुआत में 77% थे)
कुल जमा2.3+ लाख करोड़ रुपये
हर खाते में औसत जमा~4,300 रुपये
तैनात बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट30+ लाख

ज़ीरो-बैलेंस खातों का शुरुआत के 77% से घटकर क़रीब 16% रह जाना यह बताता है कि ये खाते काग़ज़ी नहीं रहे। इनमें अब सचमुच पैसे का लेनदेन होता है।

जन धन योजना का असर

PMJDY ने भारत में वित्तीय समावेशन की तस्वीर बदल दी। डिजिटल भुगतान और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए ज़रूरी बुनियादी ढाँचा भी इसी ने खड़ा किया।

वित्तीय समावेशन में क्या हासिल हुआ

प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) में भूमिका

भारत की पूरी DBT व्यवस्था PMJDY खातों की रीढ़ पर खड़ी है। सरकारी सब्सिडी और कल्याणकारी भुगतान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जाते हैं, जिससे ये चीज़ें घटती हैं:

JAM तिकड़ी (जन धन + आधार + मोबाइल) को भारत का सबसे बड़ा शासन सुधार कहा गया है। COVID-19 के दौरान सरकार ने PM ग़रीब कल्याण योजना के तहत जन धन खाता रखने वाली महिलाओं को हर महीने सीधे 500 रुपये भेजे और कुछ ही दिनों में 20 करोड़ महिलाओं तक पहुँच गई।

आलोचना और चुनौतियाँ

जन धन योजना बनाम दूसरी वित्तीय समावेशन योजनाएँ

बातPMJDY (भारत)M-Pesa (केन्या)Bolsa Familia (ब्राज़ील)
तरीक़ासबके लिए बैंक खातामोबाइल से पैसाशर्त वाला नक़द हस्तांतरण
पहुँच53+ करोड़ खाते5.1 करोड़ उपयोगकर्ता1.39 करोड़ परिवार
तकनीकबैंक + आधार + मोबाइलSIM आधारित मोबाइल वॉलेटकार्ड वाली व्यवस्था
बीमासाथ में ही (RuPay कार्ड)अलग उत्पादशामिल नहीं
सरकार की भूमिकायोजना की मालिक और पैसा देने वालीनियमन में मददयोजना की मालिक
शुरुआत का साल201420072003

भारत का तरीक़ा इस मायने में अलग है कि यहाँ सबके लिए बैंक खाता, बायोमेट्रिक पहचान (आधार) और मोबाइल — तीनों को जोड़कर वित्तीय समावेशन का पूरा मंच बनाया गया।

PMJDY की UPSC में अहमियत

जन धन योजना UPSC में बार-बार आने वाला विषय है — प्रीलिम्स, मेन्स (GS पेपर II और III) और निबंध, तीनों में।

पढ़ाई के अहम बिंदु

जुड़ी हुई योजनाएँ

PMJDY को अकेले नहीं, वित्तीय समावेशन की पूरी कड़ी के हिस्से के तौर पर समझना चाहिए:

इससे जुड़ा: अटल पेंशन योजना — फ़ायदे और आवेदन का तरीक़ा

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सामान्य प्रश्न

जन धन खाते में कम से कम कितना बैलेंस रखना पड़ता है?

जन धन खाते ज़ीरो-बैलेंस खाते हैं। इन्हें खुलवाने या चलाते रहने के लिए कोई न्यूनतम बैलेंस रखना ज़रूरी नहीं है। इसी वजह से बैंकिंग उन सबसे ग़रीब परिवारों तक भी पहुँच पाती है, जो आम बचत खाते की न्यूनतम बैलेंस की शर्त पूरी नहीं कर सकते।

क्या हर जन धन खाताधारक को RuPay डेबिट कार्ड मिलता है?

हाँ, हर जन धन खाताधारक को मुफ़्त RuPay डेबिट कार्ड दिया जाता है। इस कार्ड के साथ 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर भी आता है। इस कार्ड को ATM, POS मशीन और ऑनलाइन लेनदेन में पूरे RuPay नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या जन धन खाताधारकों को कर्ज़ मिल सकता है?

जिन जन धन खाताधारकों का खाता कम से कम 6 महीने से ठीक-ठाक चल रहा है, वे 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा ले सकते हैं। यह औपचारिक कर्ज़ नहीं, कर्ज़ की एक सुविधा है। इससे बड़ी रकम की ज़रूरत हो तो खाताधारक उसी बैंक से मुद्रा योजना का कर्ज़ ले सकते हैं।

JAM तिकड़ी क्या है और जन धन इसका हिस्सा कैसे है?

JAM का मतलब है जन धन–आधार–मोबाइल। यह तिकड़ी बैंक खाते (जन धन), बायोमेट्रिक पहचान (आधार) और मोबाइल फ़ोन को जोड़कर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए डिजिटल ढाँचा बनाती है। इसी JAM व्यवस्था के ज़रिए सरकार कल्याणकारी भुगतान सीधे लाभार्थियों तक भेज पाती है।