Anantam IASHindi Note · 24 August 2026

राजीव गांधी करियर पोर्टल लॉगिन: बच्चों के लिए पूरी गाइड

राजस्थान के स्कूली बच्चे स्कूल से मिली ID से राजीव गांधी करियर पोर्टल (rajcareerportal.com) पर कैसे लॉगिन करें, अंदर क्या मिलता है, और साइट की मौजूदा हालत क्या है।

राजीव गांधी करियर पोर्टल राजस्थान के स्कूली बच्चों के लिए बनी सरकारी करियर-मार्गदर्शन वेबसाइट है, जिसे राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने UNICEF की मदद से शुरू किया था। कक्षा 9 से 12 तक के बच्चे स्कूल से मिली एक अलग ID से लॉगिन करते हैं और एक ही जगह पर करियर, कॉलेज, कोर्स, छात्रवृत्ति और प्रवेश परीक्षाओं की जानकारी देख सकते हैं। इसका आधिकारिक पता rajcareerportal.com है — हालाँकि जुलाई 2026 के आख़िर तक साइट बीच-बीच में खुल नहीं रही थी, इसलिए इस गाइड में यह भी बताया गया है कि साइट न खुले तो क्या करें।

राजीव गांधी करियर पोर्टल है क्या?

ज़्यादातर बच्चे स्ट्रीम और कोर्स सुनी-सुनाई बातों पर चुन लेते हैं — किसी भाई-बहन की सलाह, किसी पड़ोसी की राय। राजस्थान ने यह पोर्टल इसीलिए बनाया कि सुनी-सुनाई बात की जगह जानकारी आए। इसे 2019 में राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने UNICEF की तकनीकी मदद से शुरू किया था, और इसके साथ राजस्थान देश का पहला राज्य बन गया जिसने हर माध्यमिक स्कूल के बच्चे को अपना निजी करियर-मार्गदर्शन लॉगिन दिया।

यह पोर्टल एक पुस्तकालय है, आवेदन की खिड़की नहीं। इस पर आप किसी चीज़ के लिए आवेदन नहीं करते — न दाख़िला, न फ़ॉर्म, न पैसा। आप पढ़ते हैं, तुलना करते हैं और नाम छाँटते हैं। UNICEF ने इस मंच के बारे में जो छापा है, उसके मुताबिक़ निजी लॉगिन वाले बच्चे 560 से ज़्यादा करियर विकल्प (अंग्रेज़ी, हिंदी और आठ और भाषाओं में), क़रीब 25,000 कॉलेज और व्यावसायिक संस्थानों का ब्योरा जिनमें 3 लाख से ज़्यादा कोर्स आते हैं, लगभग 1,200 छात्रवृत्तियाँ और तक़रीबन 1,150 प्रवेश परीक्षाएँ देख सकते हैं।

इस पोर्टल को लोग सीधे राज करियर पोर्टल या राजस्थान करियर पोर्टल भी कहते हैं। बीच-बीच में अफ़वाहें उड़ती हैं, पर इसका नाम बदले जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है — दिसंबर 2025 तक की संग्रहित कॉपियों में यह अपने पुराने नाम से ही चलता दिखता है।

इसे कौन इस्तेमाल कर सकता है?

अगर आप राजस्थान के स्कूल में नहीं पढ़ते, तो आप ख़ुद अकाउंट नहीं बना सकते — यहाँ खुला साइनअप है ही नहीं। पहुँच स्कूल के रास्ते ही मिलती है।

लॉगिन कैसे करें: क़दम-दर-क़दम

पोर्टल का लॉगिन जान-बूझकर आसान रखा गया है, क्योंकि इसे उन बच्चों के लिए बनाया गया है जो शायद स्कूल की कंप्यूटर लैब में बैठकर इसे चलाएँगे।

  1. किसी भी ब्राउज़र में rajcareerportal.com खोलिए।
  2. छात्र लॉगिन वाले विकल्प पर क्लिक कीजिए।
  3. अपनी अलग ID डालिए। सरकारी स्कूल के बच्चों की यह ID राज्य के शिक्षा डेटाबेस में मौजूद स्कूल के रिकॉर्ड से बनती है — वही सिस्टम जिस पर शाला दर्पण पोर्टल चलता है — और उसमें आपके छात्र रजिस्ट्रेशन का ब्योरा जुड़ता है।
  4. पासवर्ड डालिए। ID बनते समय स्कूल एक आसान-सा डिफ़ॉल्ट पासवर्ड देता है; आपके कक्षा अध्यापक या स्कूल के शाला दर्पण प्रभारी उसे बता देंगे।
  5. साइन इन कीजिए, और अगर पासवर्ड बदलने का विकल्प मिले तो डिफ़ॉल्ट पासवर्ड बदल दीजिए — जो पासवर्ड सबको पता हो, वह पासवर्ड कहाँ रहा।

अपनी ID का अंदाज़ा लगाने की कोशिश मत कीजिए। वह स्कूल की तरफ़ से बनती है, और कक्षा अध्यापक उसे मिनटों में निकालकर बता सकते हैं। स्कूल बदला हो तो अपने मौजूदा स्कूल से पूछिए — ID आपके चालू दाख़िले के रिकॉर्ड के साथ चलती है।

लॉगिन से पहले क्या चाहिए

पोर्टल पर कोई दस्तावेज़ नहीं चढ़ाना होता, इसलिए सूची छोटी है:

अंदर क्या-क्या मिलेगा

लॉगिन करते ही सामग्री कुछ बड़े हिस्सों में बँटी दिखती है:

एक समझदारी भरा घंटा ऐसा बिताइए: दो ऐसे करियर चुनिए जिनके बारे में जानने का मन है, दोनों का ब्योरा पढ़िए, उनके ज़रूरी कोर्स लिख लीजिए, फिर देखिए कि आसपास के कौन-से कॉलेज वे कोर्स कराते हैं और कौन-सी छात्रवृत्ति मिल सकती है। सिर्फ़ यही एक काम आपको स्ट्रीम चुनने की ज़्यादातर बहसों से आगे खड़ा कर देता है।

पोर्टल न खुले तो: मौजूदा हालत और उपाय

सीधी बात यह है। जुलाई 2026 के आख़िर तक rajcareerportal.com सर्वर की गड़बड़ी दिखा रहा था — साइट एक सुरक्षा परत के पीछे रखी है और उसके पीछे का सर्वर कई बार जवाब नहीं दे रहा था। संग्रहित कॉपियों से पक्का होता है कि दिसंबर 2025 में पोर्टल चालू और सामान्य था, और इसे बंद किए जाने या नाम बदले जाने की कोई सरकारी घोषणा नहीं है। इन रुकावटों को तकनीकी मानिए, अंत नहीं, और थोड़ी देर बाद फिर कोशिश कीजिए।

तब तक, या दिक़्क़त बनी रहे तो:

ख़र्च और तारीख़ें एक नज़र में

बातब्योरा
पोर्टल का लॉगिन और इस्तेमालमुफ़्त — ID स्कूलों के ज़रिए बिना पैसे के मिलती है, और पोर्टल की किसी सेवा में भुगतान नहीं होता
लॉगिन कौन देता हैआपका स्कूल, राज्य के उसी शिक्षा डेटाबेस से जिस पर शाला दर्पण चलता है
चलाने वालास्कूल शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार, UNICEF की मदद से
शुरुआत2019 — UNICEF के मुताबिक़ भारत में अपनी तरह का पहला राज्य करियर-मार्गदर्शन पोर्टल
कितनी सामग्री560+ करियर, ~25,000 कॉलेज और संस्थान, 3 लाख+ कोर्स, ~1,200 छात्रवृत्तियाँ, ~1,150 प्रवेश परीक्षाएँ (UNICEF के आँकड़े)
भाषाएँUNICEF के मुताबिक़ अंग्रेज़ी, हिंदी और आठ और भाषाएँ
मौजूदा हालतआधिकारिक पता rajcareerportal.com; जुलाई 2026 तक साइट बीच-बीच में नहीं खुल रही, आख़िरी बार दिसंबर 2025 में चालू हालत में संग्रहित

सामान्य प्रश्न

राजीव गांधी करियर पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?

आधिकारिक पता rajcareerportal.com है। पोर्टल का नाम बदले जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है, हालाँकि 2026 में साइट कई बार बंद रही है। न खुले तो थोड़ी देर बाद कोशिश कीजिए और अपने स्कूल से मौजूदा हालत पूछ लीजिए।

राजीव गांधी करियर पोर्टल की लॉगिन ID कैसे मिलेगी?

अपने स्कूल से। यह अलग ID राज्य के स्कूल रिकॉर्ड सिस्टम से बनती है, और आपके कक्षा अध्यापक या स्कूल के रिकॉर्ड प्रभारी आपको आपकी ID और पहला पासवर्ड बता सकते हैं। पोर्टल पर ख़ुद रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा नहीं है।

क्या पोर्टल इस्तेमाल करने का कोई शुल्क है?

नहीं। लॉगिन स्कूल के ज़रिए मुफ़्त मिलता है, और अंदर की हर चीज़ — करियर के ब्योरे, कॉलेजों की सूची, छात्रवृत्ति और प्रवेश परीक्षा की जानकारी — मुफ़्त में पढ़ी जा सकती है। इस पोर्टल पर “रजिस्ट्रेशन” के नाम पर जो भी पैसे माँगे, वह आपको गुमराह कर रहा है।

यह पोर्टल किन कक्षाओं के लिए है?

यह राजस्थान की कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए बना है। कक्षा 9-10 के बच्चे इसे ज़्यादातर स्ट्रीम चुनने के लिए इस्तेमाल करते हैं, जबकि कक्षा 11-12 के बच्चे कॉलेज, कोर्स, छात्रवृत्ति और प्रवेश परीक्षा वाले हिस्से देखते हैं।

क्या मैं पोर्टल से सीधे कॉलेज या छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकता हूँ?

नहीं। यह जानकारी और मार्गदर्शन का मंच है, आवेदन का पोर्टल नहीं। इससे विकल्प छाँटिए, फिर संबंधित कॉलेज, छात्रवृत्ति देने वाली संस्था या दाख़िला संस्था की अपनी वेबसाइट से आवेदन कीजिए।

क्या सामग्री हिंदी में मिलती है?

हाँ। UNICEF के मुताबिक़ मंच पर करियर की सामग्री अंग्रेज़ी, हिंदी और आठ और भाषाओं में मौजूद है, और यही एक वजह है कि राजस्थान भर के स्कूल इसे आम कक्षाओं में चला पाते हैं।

लॉगिन का पासवर्ड न चले तो क्या करूँ?

स्कूल से कहिए कि देख लें, डिफ़ॉल्ट पासवर्ड बदला या दोबारा सेट तो नहीं हुआ। ID स्कूल के हाथ में रहती हैं, इसलिए कक्षा अध्यापक से दो मिनट की बात से लॉगिन की ज़्यादातर दिक़्क़तें हल हो जाती हैं — ग़ैर-सरकारी वेबसाइटों पर मिलते-जुलते नाम वाले अकाउंट मत बनाइए।