UPSC भूगोल वैकल्पिक प्रश्न-पत्र 2016 से 2026: टॉपिक-वार वेटेज के साथ
UPSC भूगोल वैकल्पिक के 2016 से 2026 तक के सभी पेपर, पेपर I और पेपर II, आधिकारिक UPSC PDF और 605 सवालों से बनी टॉपिक-वार वेटेज टेबल के साथ।
UPSC भूगोल वैकल्पिक विषय के 2016 से 2026 तक के सारे पेपर यहाँ हैं, पेपर I और पेपर II दोनों, हर एक की आधिकारिक UPSC PDF के साथ। पेपर की सूची के नीचे वो चीज़ है जो PDF में नहीं मिलती: टॉपिक-वार वेटेज की टेबल, जो इन ग्यारह सालों में असल में पूछे गए सभी 605 सवालों को सिलेबस से मिलाकर बनाई गई है। इससे साफ़ दिखता है कि किस यूनिट में नंबर हैं और आप कहाँ ज़रूरत से ज़्यादा मेहनत कर रहे हैं।
यहाँ गिनती छपे हुए सवालों की है, अटेम्प्ट किए गए सवालों की नहीं। हर पेपर में 8 सवाल छपते हैं, कुल 400 नंबर के; आपको 5 करने होते हैं, 250 नंबर के लिए।
मुफ़्त डाउनलोड: UPSC भूगोल वैकल्पिक टॉपिक-वार प्रश्न संकलन 2016–2026 (PDF, 51 पन्ने)। नीचे दिए 22 पेपरों के सभी 605 सवाल, हर सवाल अपनी सिलेबस यूनिट में, नंबर और साल के साथ। कोई साइन-अप नहीं।
भूगोल वैकल्पिक के पेपर 2016 से 2026 तक (आधिकारिक PDF)
ऊपर की हर PDF उसी पेपर का साफ़, खोजी जा सकने वाला संस्करण है जो संघ लोक सेवा आयोग ने प्रकाशित किया, बस इस तरह दोबारा टाइपसेट किया गया कि फ़ोन पर पढ़ा जा सके और कीवर्ड से खोजा जा सके। मूल स्कैन सिर्फ़ तस्वीरें हैं। UPSC 2016 से पहले के भूगोल वैकल्पिक पेपर प्रकाशित नहीं करता, इसलिए ये ग्यारह साल पूरी सूची है।
पेपर I में नंबर असल में कहाँ हैं
ग्यारह सालों में पेपर I में 308 सवाल छपे, कुल 4400 नंबर के। नंबरों के हिसाब से, सिलेबस के क्रम से नहीं:
| यूनिट | सवाल | नंबर | हिस्सा |
|---|---|---|---|
| जलवायु विज्ञान | 45 | 685 | 15.6% |
| जनसंख्या और अधिवास भूगोल | 41 | 610 | 13.9% |
| भू-आकृति विज्ञान | 34 | 485 | 11.0% |
| पर्यावरण भूगोल | 35 | 475 | 10.8% |
| प्रादेशिक नियोजन | 31 | 445 | 10.1% |
| आर्थिक भूगोल | 32 | 435 | 9.9% |
| जैव भूगोल | 27 | 365 | 8.3% |
| मानव भूगोल के दृष्टिकोण | 24 | 335 | 7.6% |
| समुद्र विज्ञान | 20 | 285 | 6.5% |
| मॉडल, सिद्धांत और नियम | 19 | 280 | 6.4% |
तीन बातें साफ़ हैं। जलवायु विज्ञान सबसे भारी यूनिट है और बड़े अंतर से। जनसंख्या और अधिवास भूगोल भू-आकृति विज्ञान से आगे है, जबकि ज़्यादातर बुकलिस्ट भू-आकृति को ही पेपर I की रीढ़ मानती हैं। और थ्योरी वाली यूनिटें मिलाकर पेपर का लगभग एक चौथाई ले जाती हैं, जितना ज़्यादातर छात्र इन्हें देते नहीं।
पेपर II में नंबर असल में कहाँ हैं
| यूनिट | सवाल | नंबर | हिस्सा |
|---|---|---|---|
| भौतिक स्वरूप | 73 | 1085 | 24.7% |
| सांस्कृतिक स्वरूप | 35 | 510 | 11.6% |
| कृषि | 33 | 495 | 11.2% |
| उद्योग | 28 | 435 | 9.9% |
| अधिवास | 28 | 420 | 9.5% |
| संसाधन | 27 | 395 | 9.0% |
| परिवहन, संचार और व्यापार | 21 | 320 | 7.3% |
| राजनीतिक पक्ष | 22 | 295 | 6.7% |
| प्रादेशिक विकास और नियोजन | 17 | 255 | 5.8% |
| समकालीन मुद्दे | 13 | 190 | 4.3% |
भारत का भौतिक स्वरूप अकेले पेपर II का लगभग एक चौथाई ले जाता है, और इसमें वो 20 नंबर वाला नक़्शा सवाल भी शामिल है जो 2016 से हर पेपर में Q1(a) पर आता है। भारतीय भू-आकृति कमज़ोर है तो पेपर शुरू होने से पहले ही एक चौथाई कमज़ोर है।
नक़्शा सवाल हर साल आता है, बिना नागा
पेपर II का Q1(a) ग्यारहों पेपर में 20 नंबर का नक़्शा सवाल है: दस जगहें, हर एक को आउटलाइन मैप पर अंकित कीजिए, फिर हर एक का महत्व 30 शब्दों से ज़्यादा में नहीं। यानी हर जगह के 2 नंबर, और इस पूरे दौर में 220 नंबर सिर्फ़ नक़्शे के।
इस लिस्ट को चेकलिस्ट की तरह मत पढ़िए, पैटर्न की तरह पढ़िए। हर साल एक नदी, एक श्रेणी या दर्रा, एक संरक्षित क्षेत्र, एक बंदरगाह या औद्योगिक बिंदु, एक विरासत स्थल और एक रणनीतिक जगह मिलती है। जगहें लगभग कभी दोहराई नहीं जातीं, इसलिए श्रेणियाँ तैयार कीजिए, जगहें रट्टा मत मारिए।
इन पेपरों का इस्तेमाल कैसे करें
- वेटेज टेबल किताब पढ़ने से पहले देखिए, बाद में नहीं। यही बताती है कि कहाँ धीरे चलना है।
- हर पेपर के Q1 और Q5 पहले हल कीजिए। ये अनिवार्य हैं, 400 में से 100 नंबर के हैं, और इन्हें छोड़ा नहीं जा सकता।
- 20 नंबर वाले सवाल अलग से ट्रैक कीजिए। इनमें ढाँचे और डायग्राम का फ़ायदा 10 नंबर वालों से कहीं ज़्यादा है।
- पेपर II के लिए नक़्शे को ड्रिल बनाइए: दस जगहें दस मिनट में, हर एक पर 30 शब्द, रोज़ एक महीने तक।
- पेपर साल के क्रम में मत हल कीजिए। पहले यूनिट-वार, फिर आख़िरी आठ हफ़्ते पूरे पेपर।
साथ में पढ़िए: UPSC भूगोल वैकल्पिक विषय की पूरी गाइड और अंग्रेज़ी में सिलेबस यूनिट-दर-यूनिट।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भूगोल वैकल्पिक के कितने साल के पेपर उपलब्ध हैं?
ग्यारह साल, 2016 से 2026 तक, पेपर I और पेपर II दोनों। UPSC के सार्वजनिक आर्काइव में 2016 से पहले के भूगोल वैकल्पिक पेपर नहीं हैं।
भूगोल वैकल्पिक पेपर में कितने सवाल आते हैं?
दो खंडों में आठ सवाल, कुल 400 नंबर के। सवाल 1 और 5 अनिवार्य हैं। बाकी छह में से तीन करने होते हैं, हर खंड से कम-से-कम एक। यानी कुल पाँच सवाल, 250 नंबर के।
पेपर I में सबसे ज़्यादा नंबर किस टॉपिक के हैं?
जलवायु विज्ञान, 2016 से 2026 तक छपे नंबरों का 15.6%, जनसंख्या और अधिवास भूगोल तथा भू-आकृति विज्ञान से आगे।
क्या भूगोल वैकल्पिक में नक़्शा सवाल आता है?
हाँ, पेपर II में। Q1(a) 20 नंबर का अनिवार्य नक़्शा सवाल है जिसमें दस जगहें अंकित करनी होती हैं और हर एक का महत्व 30 शब्दों में लिखना होता है। 2016 से 2026 तक हर पेपर में आया है।
क्या भूगोल वैकल्पिक के सवाल दोहराए जाते हैं?
थीम लगातार दोहराई जाती हैं, सवाल हूबहू शायद ही। वॉन थ्यूनेन, क्रिस्टालर, हार्टलैंड थ्योरी, जनांकिकी संक्रमण, भारतीय मानसून और भारतीय मृदाएँ 2016 से चार या उससे ज़्यादा बार आ चुकी हैं, पर लगभग हर बार नए कोण से।