NITI आयोग क्या है — स्थापना, संरचना, कार्य और PC से अंतर
NITI आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 (Cabinet प्रस्ताव) में योजना आयोग के स्थान पर हुई; PM अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सुमन बेरी, CEO B V R Subrahmanyam — सहकारी संघवाद का इंजन। पूर्ण UPSC नोट्स।
NITI आयोग (NITI = National Institution for Transforming India — “भारत परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय संस्थान”) भारत सरकार का सर्वोच्च नीति-थिंकटैंक (think-tank) है। इसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) के प्रस्ताव के माध्यम से हुई थी। यह सांविधिक (statutory) निकाय नहीं है — न ही संविधान में, न किसी संसदीय अधिनियम में इसका उल्लेख है; यह एक कार्यकारी (executive) निकाय है। NITI आयोग ने योजना आयोग (Planning Commission, 1950–2014) का स्थान लिया। आयोग का अध्यक्ष (Chairperson) प्रधानमंत्री होता है; 2026 में उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson) सुमन बेरी (Suman Bery) हैं और CEO B V R Subrahmanyam हैं। इसका मुख्यालय NITI Aayog Bhawan, संसद मार्ग, New Delhi में है। NITI आयोग का प्रमुख दर्शन है — सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) और प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive Federalism) — यानी केंद्र-राज्य साझेदारी और राज्यों के बीच रचनात्मक प्रतिस्पर्धा।
परिचय (Introduction)

स्वतंत्रता के बाद भारत ने योजना आयोग (Planning Commission) के माध्यम से नियोजित विकास का मॉडल अपनाया। यह 15 मार्च 1950 को मंत्रिमंडल प्रस्ताव से बना था और इसने 12 पंचवर्षीय योजनाएँ (Five-Year Plans) दीं। पर 1991 के आर्थिक सुधारों, बाज़ार-उदारीकरण, GST 2017, और राज्यों की बदलती राजकोषीय भूमिका ने एक केंद्रीकृत “टॉप-डाउन” योजना ढाँचे की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े किए।
15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग के पुनर्गठन की घोषणा की। 1 जनवरी 2015 को मंत्रिमंडल प्रस्ताव से NITI आयोग बना — एक “नीति-संवादक संस्था” (policy advisory body), न कि ऊपर से योजना थोपने वाली एजेंसी। 2025 में इसके 10 वर्ष पूरे हुए और 2026 की समीक्षा रिपोर्टों ने इसके सहकारी-संघवाद, SDG India Index, Aspirational Districts और Atal Innovation Mission जैसे पहलों को नज़दीक से देखा है।
मुख्य तथ्य एक नज़र में (Quick Facts at a Glance)
- पूर्ण नाम: National Institution for Transforming India
- हिंदी पूर्ण रूप: भारत परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय संस्थान
- संक्षेप: NITI Aayog (नीति आयोग — संक्षिप्त “नीति” शब्द से भी)
- स्थापना: 1 जनवरी 2015
- स्थापना का तरीका: केंद्रीय मंत्रिमंडल का प्रस्ताव (Union Cabinet Resolution) — सांविधिक निकाय नहीं
- पूर्ववर्ती संस्था: योजना आयोग (Planning Commission), 1950-2014
- मुख्यालय: NITI Aayog Bhawan, संसद मार्ग, New Delhi
- अध्यक्ष (Chairperson): प्रधानमंत्री (पदेन)
- उपाध्यक्ष (2026): सुमन बेरी (Suman Bery) — मई 2022 से
- CEO (2026): B V R Subrahmanyam — फरवरी 2023 से
- पूर्व उपाध्यक्ष: अरविंद पनगढ़िया (2015-17), राजीव कुमार (2017-22)
- पूर्व CEO: सिंधुश्री खुल्लर, अमिताभ कांत (2016-22), परमेश्वरन अय्यर
- बजट 2026-27: लगभग ₹500 करोड़ (अनुमानित)
- प्रमुख प्रकाशन: SDG India Index, India Innovation Index, Export Preparedness Index, Aspirational Districts data dashboards
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Background)
योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को मंत्रिमंडल प्रस्ताव से हुई थी। पंडित जवाहरलाल नेहरू पहले अध्यक्ष थे। यह संविधानेतर (extra-constitutional) निकाय था पर राज्य सूची के विषयों पर भी हस्तक्षेप करता था — पंचवर्षीय योजनाओं में राज्यों को संसाधन-आवंटन उसी से होता था। आलोचक इसे “अति-केंद्रीकरण का प्रतीक” मानते थे।
प्रथम पंचवर्षीय योजना 1951–56 (कृषि-केंद्रित), द्वितीय 1956–61 (Mahalanobis Model, भारी उद्योग), 11वीं 2007–12, और 12वीं पंचवर्षीय योजना 2012–17 अंतिम थी।
योजना आयोग की कमज़ोरियाँ — आलोचकों के अनुसार — थीं:
- राज्यों को बराबर साझेदार न मानना (top-down approach)
- “एक-आकार-सबको-फ़िट” (one-size-fits-all) योजनाएँ
- 1991 के बाज़ार-सुधारों के बाद प्रासंगिकता का संकट
- कार्यान्वयन-निगरानी की कमज़ोर व्यवस्था
15 अगस्त 2014 के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में पुनर्गठन की घोषणा हुई। 1 जनवरी 2015 को मंत्रिमंडल प्रस्ताव से NITI आयोग बना — एक policy advocacy + cooperative federalism ढाँचे के साथ।
संदर्भ — भारत में नियोजन का विकास — पंचवर्षीय योजनाओं से NITI आयोग तक और योजना आयोग का विघटन — भारत NITI आयोग की ओर क्यों बढ़ा।
NITI आयोग की संरचना (Structure)

NITI आयोग की संरचना मूलतः सात स्तरों पर है:
| स्तर | सदस्य | भूमिका |
|---|---|---|
| Chairperson | प्रधानमंत्री | पदेन अध्यक्ष |
| Vice-Chairperson | सुमन बेरी (2026) | पूर्णकालिक संचालन-प्रमुख; कैबिनेट-रैंक |
| पूर्णकालिक सदस्य (Full-time Members) | 4-5 | विषय-विशेषज्ञ |
| पदेन सदस्य (Ex-officio) | 4 केंद्रीय मंत्री | वित्त, गृह, रक्षा, कृषि (बदलते रहते हैं) |
| विशेष आमंत्रित | केंद्रीय मंत्री | विशिष्ट क्षेत्रों से |
| CEO | B V R Subrahmanyam (2026) | सचिव-स्तर के अधिकारी |
| Governing Council | सभी राज्यों के CMs + UTs के LGs/Administrators | वर्ष में कम-से-कम एक बार बैठक |
इसके अलावा Regional Councils (विशिष्ट क्षेत्रीय समस्याओं के लिए, अध्यक्ष PM, सदस्य संबंधित CMs) और विशेषज्ञ सलाहकार समूह हैं।
NITI आयोग दो “हब्स” (Hubs) में बँटा है:
- Team India Hub: केंद्र-राज्य समन्वय, संयुक्त परियोजनाएँ
- Knowledge & Innovation Hub: अनुसंधान, डेटा-विश्लेषण, सूचकांक
NITI आयोग के प्रमुख कार्य (Functions)
- रणनीतिक एवं दीर्घकालिक नीति-निर्माण: Vision India@2047, 15-year Vision Document, 7-year Strategy, 3-year Action Agenda
- सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism): Governing Council, क्षेत्रीय परिषदें, राज्य-नीति-बैंक
- प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive Federalism): सूचकांक — SDG India Index, Innovation Index, Export Preparedness Index, Health Index, School Education Quality Index — राज्यों की रैंकिंग प्रकाशित करना
- डेटा-संचालित नीति-निर्माण: राष्ट्रीय डेटा एवं विश्लेषण मंच (NDAP), Data Dashboards
- विशेष कार्यक्रमों का संचालन:
- Aspirational Districts Programme (ADP) — जनवरी 2018 से, 112 पिछड़े जिलों में 5 क्षेत्रों (स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन, बुनियादी ढाँचा) में परिवर्तन
- Aspirational Blocks Programme (ABP) — जनवरी 2023, 500 ब्लॉक
- Atal Innovation Mission (AIM) — Atal Tinkering Labs, Atal Incubation Centres, ANIC
- विशेषज्ञ सलाह: मंत्रालयों को नीतिगत सलाह, समीक्षा रिपोर्टें
- अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव: SDG, OECD, G20 इनपुट
NITI आयोग बनाम योजना आयोग (NITI vs Planning Commission)
| पहलू | योजना आयोग (1950-2014) | NITI आयोग (2015-) |
|---|---|---|
| स्थापना | मंत्रिमंडल प्रस्ताव, 15 मार्च 1950 | मंत्रिमंडल प्रस्ताव, 1 जनवरी 2015 |
| दर्शन | केंद्रीकृत, टॉप-डाउन योजना | विकेंद्रीकृत, सहकारी संघवाद |
| राज्यों की भूमिका | संसाधन-प्राप्तकर्ता | समान साझेदार |
| संसाधन-आवंटन | राज्यों को धन आवंटन शक्ति | केवल नीतिगत सलाह; धन वित्त मंत्रालय आवंटित करता है |
| योजना-दृष्टि | 5-वर्षीय योजनाएँ | 15-यर Vision, 7-yr Strategy, 3-yr Action |
| अध्यक्ष | PM | PM |
| उपाध्यक्ष | कैबिनेट-रैंक | कैबिनेट-रैंक |
| राज्य-संबंध | National Development Council | Governing Council |
| थिंक-टैंक भूमिका | सीमित | प्रमुख |
| डेटा-केंद्रीयता | कम | उच्च (NDAP, dashboards) |
| सूचकांक प्रकाशन | नहीं | SDG India Index आदि |
सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद (Cooperative & Competitive Federalism)
सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) — केंद्र और राज्य सरकारें राष्ट्रीय लक्ष्यों के लिए साझेदार के रूप में काम करती हैं। NITI आयोग का Governing Council, क्षेत्रीय परिषदें, और विशेष कार्य-समूह इसी का तंत्र हैं। उदाहरण — कृषि सुधार, COVID-19 प्रबंधन, GST Council के साथ समन्वय।
प्रतिस्पर्धी संघवाद (Competitive Federalism) — राज्यों के बीच निवेश, नवाचार, मानव-विकास और शासन-सूचकांकों पर रचनात्मक प्रतिस्पर्धा। NITI के विभिन्न Index — SDG India Index, India Innovation Index, Export Preparedness Index, Health Index — इसी सोच के औज़ार हैं।
संबंधित — भारत में राजकोषीय संघवाद और राज्य वित्त।
NITI आयोग के प्रमुख कार्यक्रम (Flagship Programmes)
- Aspirational Districts Programme (ADP): जनवरी 2018, 112 जिले — 5 क्षेत्रों, 49 KPIs पर मासिक रैंकिंग
- Aspirational Blocks Programme (ABP): जनवरी 2023, 500 ब्लॉक
- Atal Innovation Mission (AIM): AIM 2.0 की 2024 में लॉन्च — स्कूलों में Atal Tinkering Labs, इनक्यूबेशन सेंटर, ANIC
- SDG India Index: UN-SDGs पर राज्यों की रैंकिंग, 2018 से वार्षिक
- NITI for States: राज्य-नीति-बैंक डिजिटल मंच
- Vision India@2047: “Viksit Bharat 2047” का दीर्घकालिक रोडमैप
- Methanol Economy, Hydrogen Mission Roadmap, Niti for States, NITI Frontier Tech Hub
संबंधित — भारत में नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता।
NITI आयोग के 10 वर्ष — समीक्षा (10-Year Retrospective, 2025-26)
जनवरी 2025 में NITI आयोग ने अपने 10 वर्ष पूरे किए। 2025-26 की समीक्षा रिपोर्टों में निम्न प्रमुख बातें रहीं:
- उपलब्धियाँ: Aspirational Districts मॉडल को UNDP-मान्यता, SDG रैंकिंग का राजकीय स्तर पर अपनाव, India Innovation Index का संस्थागतकरण, COVID-19 प्रबंधन में डेटा समर्थन
- आलोचनाएँ: सांविधिक अधिकार-शून्यता, सीमित कार्यान्वयन-शक्ति, राज्यों की चुनिंदा भागीदारी, बजट-आवंटन में सीमित भूमिका
- 2026-27 की दिशा: Frontier Tech Hub (AI/Quantum/Semiconductor), Climate Action Cells, राज्य-स्तर Capacity Building
चुनौतियाँ और आलोचना (Challenges and Criticism)
- सांविधिक दर्जे का अभाव: एक मात्र मंत्रिमंडल प्रस्ताव पर निर्भर — कोई भी सरकार बदल सकती है
- कार्यान्वयन शक्ति सीमित: योजना आयोग की तरह बजट-आवंटन शक्ति नहीं
- CMs की उपस्थिति में गिरावट: Governing Council की कुछ बैठकों में मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति
- राज्य-केंद्र विवाद: दक्षिणी राज्यों ने सूचकांक-कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए
- डेटा-गुणवत्ता: राज्य-स्तर पर असमान डेटा संग्रह
- थिंक-टैंक बनाम कार्यकारी: स्पष्ट सीमा-रेखा का अभाव
UPSC के लिए प्रासंगिकता (UPSC Relevance)
- Prelims: NITI आयोग की स्थापना (1 जनवरी 2015), पूर्ण नाम (National Institution for Transforming India), यह सांविधिक नहीं — मंत्रिमंडल प्रस्ताव से बना, अध्यक्ष PM, उपाध्यक्ष Suman Bery, CEO B V R Subrahmanyam, ADP की शुरुआत 2018, SDG India Index।
- Mains GS-2: सहकारी संघवाद, NITI vs Planning Commission, संघीय ढाँचे में नीति-निर्माण, Governing Council की भूमिका।
- Mains GS-3: आर्थिक नियोजन का विकास, Aspirational Districts मॉडल का मूल्यांकन, India Innovation Index, Export Preparedness, Vision India@2047।
मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न (Mains Practice Questions)
- NITI आयोग और योजना आयोग के बीच मुख्य संरचनात्मक और दार्शनिक अंतरों की चर्चा कीजिए। (150 शब्द)
- “NITI आयोग ने भारत में सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को संस्थागत किया है।” 10 वर्ष की समीक्षा के संदर्भ में मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द)
- Aspirational Districts Programme को विकास-मॉडल के रूप में परखिए — सफलताएँ, सीमाएँ और आगे की राह। (250 शब्द)
निष्कर्ष (Conclusion)
NITI आयोग ने पिछले एक दशक में भारत के नीति-निर्माण के अंदाज़ को बदला है — योजना-थोपने वाली संस्था से नीति-संवादक थिंक-टैंक तक की यात्रा। पंचवर्षीय योजनाओं की जगह 15-वर्षीय Vision, 7-वर्षीय Strategy और 3-वर्षीय Action Agenda लाई गई। Aspirational Districts और Aspirational Blocks जैसे ज़मीनी कार्यक्रमों ने जिला/ब्लॉक स्तर पर डेटा-संचालित प्रशासन की संस्कृति बनाई। फिर भी सांविधिक दर्जे का अभाव, सीमित कार्यान्वयन-शक्ति, और राज्यों के साथ असमान संबंध NITI के सामने अनसुलझी चुनौतियाँ हैं। 2047 तक “विकसित भारत” की दिशा में NITI को अब केवल थिंक-टैंक नहीं — एक साझा नीति-निर्माण मंच बनना होगा। UPSC उम्मीदवारों के लिए यह विषय राज्यव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और शासन — तीनों पेपरों में लौटता रहता है, इसलिए स्थापना, संरचना, NITI vs PC तालिका, और प्रमुख कार्यक्रमों — सबको तैयार रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
NITI आयोग की स्थापना कब हुई थी?
NITI आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव के माध्यम से हुई थी। यह योजना आयोग (1950-2014) का स्थान लेने वाली संस्था है।
NITI आयोग का पूरा नाम क्या है?
NITI आयोग का पूरा नाम National Institution for Transforming India (हिंदी में — भारत परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय संस्थान) है। हिंदी में संक्षिप्त रूप “नीति आयोग” भी लोकप्रिय है।
क्या NITI आयोग एक सांविधिक निकाय है?
नहीं। NITI आयोग सांविधिक (statutory) निकाय नहीं है — न संविधान में, न किसी संसदीय अधिनियम में इसका उल्लेख है। यह केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव से बना कार्यकारी (executive) निकाय है।
NITI आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?
NITI आयोग के पदेन (ex-officio) अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। 2026 में अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
NITI आयोग के उपाध्यक्ष कौन हैं?
2026 में NITI आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी (Suman Bery) हैं — उन्होंने मई 2022 में राजीव कुमार के बाद कार्यभार ग्रहण किया। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है।
NITI आयोग के CEO कौन हैं?
2026 में NITI आयोग के CEO B V R Subrahmanyam हैं। उन्होंने फरवरी 2023 में परमेश्वरन अय्यर के बाद कार्यभार ग्रहण किया। पहले अमिताभ कांत (2016-22) इस पद पर थे।
NITI आयोग और योजना आयोग में क्या अंतर है?
मुख्य अंतर — योजना आयोग (1950-2014) ने राज्यों को संसाधन आवंटित करने वाला केंद्रीकृत निकाय था, जबकि NITI आयोग एक नीति-थिंकटैंक है जिसमें राज्य समान साझेदार हैं। योजना आयोग 5-यर योजनाएँ बनाता था; NITI 15-yr Vision, 7-yr Strategy, 3-yr Action Agenda बनाता है।
Aspirational Districts Programme क्या है?
Aspirational Districts Programme (ADP) जनवरी 2018 में NITI आयोग द्वारा शुरू किया गया, जो भारत के 112 सबसे पिछड़े जिलों में 5 प्रमुख क्षेत्रों (स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन, बुनियादी ढाँचा) पर 49 KPIs के आधार पर मासिक रैंकिंग करता है।
Governing Council में कौन शामिल होते हैं?
NITI आयोग की Governing Council में अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल/प्रशासक, NITI के पूर्णकालिक सदस्य और चयनित केंद्रीय मंत्री शामिल होते हैं। यह वर्ष में कम-से-कम एक बार मिलती है।
NITI आयोग के दो हब कौन-से हैं?
NITI आयोग दो हब्स में बँटा है — Team India Hub (केंद्र-राज्य समन्वय, साझा परियोजनाएँ) और Knowledge & Innovation Hub (अनुसंधान, डेटा-विश्लेषण, सूचकांक प्रकाशन)।