नवाचार (Innovation) आधुनिक अर्थव्यवस्था की वृद्धि, रोजगार और प्रतिस्पर्धात्मकता का इंजन है। भारत विश्व नवाचार सूचकांक (GII) 2023 में 132 देशों में 40वें स्थान पर है — निम्न-मध्यम आय वाले देशों में अग्रणी, लेकिन विकसित देशों से काफी पीछे।
भारत की नवाचार स्थिति
- GII 2023 में 40वाँ स्थान; 2015 में 81वें से उल्लेखनीय सुधार।
- पेटेंट दाखिलों में तेजी — 2022-23 में 66,000+ से अधिक।
- भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम।
- IT और फार्मा में मजबूती; विनिर्माण और गहरी प्रौद्योगिकी में कमजोरी।
नवाचार की आवश्यकता क्यों?
- रोजगार सृजन — प्रौद्योगिकी-संचालित नए क्षेत्र।
- आर्थिक वृद्धि — TFP बढ़ाना।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा — “China+1” अवसर का लाभ।
- जलवायु चुनौतियाँ — हरित प्रौद्योगिकी।
- सार्वजनिक सेवा — GovTech, HealthTech।
चुनौतियाँ
- कम R&D निवेश — GDP का ~0.65-0.7% (चीन 2.4%, इज़राइल 5%)।
- उद्योग-अकादमी की खाई — शोध व्यावसायिक नहीं बनता।
- वित्तपोषण की कमी — गहरी प्रौद्योगिकी स्टार्टअप।
- नियामकीय बाधाएँ — प्रयोगात्मक व्यापार मॉडल के लिए अनुमतियाँ।
- प्रतिभा पलायन।
सरकारी नीतियाँ और पहलें
- राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF, 2023) — 50,000 करोड़ रुपये; उद्योग-अकादमी-सरकार सहयोग।
- स्टार्टअप इंडिया — कर छूट, त्वरित पंजीकरण।
- Atal Innovation Mission (AIM) — 10,000+ अटल टिंकरिंग लैब।
- PLI योजनाएँ — 14 क्षेत्रों में विनिर्माण नवाचार।
- DPIIT — IPR नीति, पेटेंट सुधार।
नवीनतम घटनाक्रम (2024-26)
- बजट 2025-26: R&D कर प्रोत्साहन बढ़ाए गए।
- India AI Mission — 10,372 करोड़ रुपये; AI इनोवेशन।
- Deep Tech Fund — सेमीकंडक्टर और क्वांटम।
यूपीएससी प्रासंगिकता
- GS-III: विज्ञान-प्रौद्योगिकी, आर्थिक वृद्धि, स्टार्टअप।
- प्रारंभिक: GII 2023 रैंकिंग, NRF, AIM।
- मुख्य: “भारत में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत उपाय सुझाएं।”
भारत की नवाचार यात्रा में NRF, स्टार्टअप इकोसिस्टम और India AI Mission महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं। R&D निवेश को GDP के 2% तक बढ़ाना और उद्योग-अकादमी सहयोग को गहरा करना भविष्य की प्राथमिकता है।