UPSC इतिहास वैकल्पिक प्रश्न-पत्र 2026: पेपर I और पेपर II, सभी सवाल
UPSC इतिहास वैकल्पिक 2026 के पेपर I और पेपर II के सभी सवाल, नंबर, सिलेबस यूनिट, मानचित्र के 20 संकेत और मॉडल उत्तरों के लिंक।
2026 के UPSC इतिहास वैकल्पिक के दोनों पेपर नीचे पूरे हैं: पेपर I (प्राचीन और मध्यकालीन भारत) और पेपर II (आधुनिक भारत और विश्व इतिहास), हर सवाल के नंबर और सिलेबस यूनिट के साथ। हर पेपर में 8 सवाल छपते हैं, कुल 400 नंबर के; आपको तीन घंटे में 5 सवाल करने होते हैं, 250 नंबर के लिए। दोनों पेपर में सवाल 1 और 5 अनिवार्य हैं, और बाकी तीन में हर खंड से कम से कम एक सवाल होना चाहिए।
लिखित सवालों के साथ उनके मॉडल उत्तर का लिंक है (अंग्रेज़ी में), ताकि आप घड़ी लगाकर लिखें और तुरंत अपना ढाँचा मिला लें। हर पेपर की शुरुआत में डाउनलोड लिंक है और आख़िर में यूनिट के हिसाब से नंबरों का बँटवारा। पेपर I का अनिवार्य मानचित्र वाला सवाल UPSC के 20 स्थान-संकेतों के साथ वैसा ही दिया गया है जैसा पेपर में छपा था।
इतिहास वैकल्पिक 2026 पेपर I
आधिकारिक प्रश्न-पत्र: इतिहास वैकल्पिक 2026 पेपर I (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।
मानचित्र वाला सवाल 50 अनिवार्य नंबर का है, और UPSC ने 20 में से हर जगह के लिए सिर्फ़ एक स्थान-संकेत छापा था, जो यहाँ वैसे ही दिया गया है। लिखित सवालों में 750 से 1200 तक के भारत से 50 नंबर आए, जिनके तीन में से दो हिस्से (चोल और राजपूतों की उत्पत्ति) खंड B में छपे, और अठारहवीं सदी से 35 नंबर, ‘अंधकार युग’ की बहस और मराठा राज्य-व्यवस्था के ज़रिए। स्रोतों की परख पूरे पेपर में दिखी: यूनानी, चीनी और अरब लेखक (2c), बरनी (6c) और डोमिंगो पेस (7a) मिलाकर 50 नंबर गवाह को परखने के थे।
खंड A
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट | उत्तर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | आपको दिए गए मानचित्र पर अंकित निम्नलिखित स्थानों की पहचान कीजिए एवं अपनी प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका में उनमें से प्रत्येक पर लगभग 30 शब्दों की संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। मानचित्र पर अंकित प्रत्येक स्थान के लिए स्थान-निर्धारण संकेत क्रमानुसार नीचे दिए गए हैं : (i) हड़प्पीय शवाधान स्थल; (ii) विकर्णीय नगर योजना वाला हड़प्पीय स्थल; (iii) जैन गुफा चित्रकला; (iv) विशाल महापाषाणिक डोल्मेन समूह; (v) प्राचीन बंदरगाह; (vi) प्राचीन राजधानी; (vii) मध्यताम्रपाषाणिक स्थल; (viii) प्रारंभिक मध्यकालीन मंदिरों का समूह; (ix) प्राचीन राजधानी; (x) महापाषाणिक स्थल; (xi) नवपाषाणिक स्थल; (xii) पकी मिट्टी के छल्लेदार (वलय) कूप; (xiii) मौर्यकालीन किला; (xiv) प्राचीन बौद्ध स्थल; (xv) मध्यपाषाणिक स्थल; (xvi) महापाषाणिक शवाधान स्थल; (xvii) नवपाषाणिक राख-टीला स्थल; (xviii) मठ, स्तूप एवं शिव मंदिर के प्रमाण वाला स्थल; (xix) पाँच व्यावसायिक चरणों वाला ताम्रपाषाणिक एवं प्रारंभिक ऐतिहासिक स्थल; (xx) बौद्ध स्थल | 50 | मानचित्र पर स्थान पहचान | |
| 2(a) | भारत में प्रागैतिहासिक समुदायों की बसावट और आवागमन को आकार देने में भू-भाग, जलवायु और वनस्पति की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। | 15 | प्रागैतिहास और सिंधु घाटी सभ्यता | उत्तर देखें |
| 2(b) | ”हड़प्पीय स्थापत्य कला पर्यावरणीय अनुकूलन, तकनीकी तर्कसंगतता और शहरी सौंदर्यबोध के एक एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाती है, जो उपयोगिता से कहीं आगे है।” कथन का परीक्षण कीजिए। | 15 | प्रागैतिहास और सिंधु घाटी सभ्यता | उत्तर देखें |
| 2(c) | ”यूनानी लेखकों ने भारत को मुख्य रूप से राजनीतिक दृष्टिकोण से, चीनी यात्रियों ने धार्मिक दृष्टिकोण से, और अरब विद्वानों ने वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक दृष्टिकोण से देखा।” टिप्पणी कीजिए। | 20 | स्रोत | उत्तर देखें |
| 3(a) | ”ईरानी और मेसीडोनियाई आक्रमणों ने प्रशासनिक प्रभाव, राजनीतिक परिवर्तन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से प्राचीन भारत को नया रूप दिया।” समीक्षा कीजिए। | 15 | महाजनपद और मौर्य साम्राज्य | उत्तर देखें |
| 3(b) | मौर्य साम्राज्य के पतन के पश्चात् शुंग एवं कण्व राजवंशों के शासनकाल में उत्तरी भारत में हुए राजनीतिक तथा सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तनों का मूल्यांकन कीजिए। | 15 | महाजनपद और मौर्य साम्राज्य | उत्तर देखें |
| 3(c) | ”राजकीय संरक्षण और धार्मिक संस्थाओं ने नालंदा, विक्रमशिला और वल्लभी को शिक्षा के प्रमुख केन्द्रों के रूप में विकसित करने में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।” प्रकाश डालिए। | 20 | गुप्त, वाकाटक और वर्धन | उत्तर देखें |
| 4(a) | ”होयसल मंदिर स्थापत्य, दक्षिण भारतीय कला और स्थापत्य के विकास में एक विशिष्ट और अभिनव चरण को चिह्नित करता है।” सोदाहरण समझाइए। | 20 | भारत, 750-1200: राजनीति और संस्कृति | उत्तर देखें |
| 4(b) | प्राचीन भारत की सामाजिक संस्थाओं, धार्मिक विचारों और बौद्धिक परंपराओं को आकार देने में वैदिक युग के महत्त्व का विश्लेषण कीजिए। | 15 | आर्य और वैदिक काल | उत्तर देखें |
| 4(c) | ”सातवाहनों ने दक्कन क्षेत्र को न केवल उत्तर एवं दक्षिण भारत के मध्य संपर्क सूत्र बनाया, बल्कि व्यापार, नगरीकरण और सांस्कृतिक समन्वय की प्रक्रियाओं को भी सुदृढ़ किया।” समीक्षा कीजिए। | 15 | दक्कन और दक्षिण भारत के शुरुआती राज्य | उत्तर देखें |
खंड B
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट | उत्तर |
|---|---|---|---|---|
| 5(a) | मेहरौली स्थित कुतुब संकुल को दिल्ली सल्तनत के अन्तर्गत स्थापत्य कला के विकास के अध्ययन हेतु एक आदर्श उदाहरण के रूप में किस सीमा तक माना जा सकता है? विश्लेषण कीजिए। | 10 | दिल्ली सल्तनत: राज्य, समाज और संस्कृति | उत्तर देखें |
| 5(b) | ”चोलों की साम्राज्यवादी शक्ति के रूप में सफलता केवल उनकी प्रशासनिक दक्षता पर ही नहीं, बल्कि उनकी सुदृढ़ थलसेना एवं शक्तिशाली नौसेना पर भी आधारित थी।” मूल्यांकन कीजिए। | 10 | भारत, 750-1200: राजनीति और संस्कृति | उत्तर देखें |
| 5(c) | मुगल चित्रकला शैली में यूरोपीय चित्रकला की किन विशेषताओं को शामिल किया गया था? क्या इससे मुगल चित्रों पर से पारंपरिक फारसी प्रभाव समाप्त हो गया था? मूल्यांकन कीजिए। | 10 | मुगल काल की संस्कृति | उत्तर देखें |
| 5(d) | ”सूफ़ियों ने एक ऐसा वातावरण पैदा किया जिसमें विभिन्न संप्रदायों और धर्मों से जुड़े लोग शांति और सद्भाव के साथ रह सकें।” चर्चा कीजिए। | 10 | दिल्ली सल्तनत: राज्य, समाज और संस्कृति | उत्तर देखें |
| 5(e) | ”मुहम्मद-बिन-तुगलक की सांकेतिक मुद्रा योजना मध्यकालीन भारत में एक अभिनव आर्थिक प्रयोग थी, किंतु इसकी विफलता ने मध्यकालीन अर्थव्यवस्था में राज्य के नियन्त्रण की सीमाओं को उजागर कर दिया।” मूल्यांकन कीजिए। | 10 | दिल्ली सल्तनत: राज्य, समाज और संस्कृति | उत्तर देखें |
| 6(a) | राजपूतों की उत्पत्ति से संबंधित सिद्धांतों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। देशज साक्ष्य यूरोपीय सिद्धांतकारों के मतों का खंडन किस प्रकार करते हैं? | 20 | भारत, 750-1200: राजनीति और संस्कृति | उत्तर देखें |
| 6(b) | अलाउद्दीन आलम शाह द्वारा बहलोल लोदी के पक्ष में सत्ता का हस्तांतरण लोदी वंश की स्थापना में क्यों परिणत नहीं हुआ? स्पष्ट कीजिए। | 15 | पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी की शुरुआत | उत्तर देखें |
| 6(c) | बरनी की तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए तथा उसके विवरण में मौजूद कमियों की पहचान कीजिए। | 15 | दिल्ली सल्तनत: राज्य, समाज और संस्कृति | उत्तर देखें |
| 7(a) | पुर्तगाली व्यापारी डोमिंगो पेस द्वारा कृष्णदेवराय के शासनकाल के वर्णन के आधार पर, विजयनगर साम्राज्य की सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक विशिष्टता का आकलन कीजिए। | 15 | पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी की शुरुआत | उत्तर देखें |
| 7(b) | अकबर से औरंगज़ेब तक मुगल साम्राज्य की सत्ता के गठन को रेखांकित कीजिए। मुगल राजशाही के निर्माण में फारसी राजत्व-संबंधी विचारों के प्रभावों को स्पष्ट कीजिए। | 20 | अकबर और मुगल साम्राज्य | उत्तर देखें |
| 7(c) | ”एशिया से लेकर यूरोप तक, सिर से लेकर पाँव तक, हर कोई भारतीय वस्त्रों को ही पहने हुए था।” वस्त्रों के विशेष संदर्भ में, भारत के विदेशी व्यापार का एक आलोचनात्मक विवरण प्रस्तुत करते हुए इस कथन की पुष्टि कीजिए। | 15 | अर्थव्यवस्था और समाज, 16वीं-17वीं सदी | उत्तर देखें |
| 8(a) | मुगलकाल में स्थापत्य कला और चित्रकला के विकास पर फारसी परम्पराओं के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए। इन कलारूपों में भारतीय और फारसी सांस्कृतिक तत्त्वों के समन्वय की किस सीमा तक अभिव्यक्ति हुई? विवेचना कीजिए। | 15 | मुगल काल की संस्कृति | उत्तर देखें |
| 8(b) | क्या आप भारत में अठारहवीं सदी को ‘अंधकार युग’ मानेंगे, या आर्थिक विकास का काल? स्पष्ट कीजिए। | 20 | अठारहवीं सदी | उत्तर देखें |
| 8(c) | शिवाजी से लेकर पेशवा बालाजी बाजीराव तक मराठा राजव्यवस्था के विकासक्रम को रेखांकित कीजिए। पानीपत के तीसरे युद्ध (1761) का मराठा राज्य पर क्या प्रभाव पड़ा? विश्लेषित कीजिए। | 15 | अठारहवीं सदी | उत्तर देखें |
2026 पेपर I: नंबर कहाँ रहे
| यूनिट | अंक | पेपर में हिस्सा |
|---|---|---|
| भारत, 750-1200: राजनीति और संस्कृति | 50 | 12.5% |
| मानचित्र पर स्थान पहचान | 50 | 12.5% |
| दिल्ली सल्तनत: राज्य, समाज और संस्कृति | 45 | 11.2% |
| अठारहवीं सदी | 35 | 8.8% |
| महाजनपद और मौर्य साम्राज्य | 30 | 7.5% |
| प्रागैतिहास और सिंधु घाटी सभ्यता | 30 | 7.5% |
| पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी की शुरुआत | 30 | 7.5% |
| मुगल काल की संस्कृति | 25 | 6.2% |
| अकबर और मुगल साम्राज्य | 20 | 5.0% |
| गुप्त, वाकाटक और वर्धन | 20 | 5.0% |
| स्रोत | 20 | 5.0% |
| आर्य और वैदिक काल | 15 | 3.8% |
| दक्कन और दक्षिण भारत के शुरुआती राज्य | 15 | 3.8% |
| अर्थव्यवस्था और समाज, 16वीं-17वीं सदी | 15 | 3.8% |
इतिहास वैकल्पिक 2026 पेपर II
आधिकारिक प्रश्न-पत्र: इतिहास वैकल्पिक 2026 पेपर II (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।
औपनिवेशिक शासन की आर्थिक आलोचना से खंड A में 40 नंबर आए, गांधी और राष्ट्रीय आंदोलन की दूसरी धाराओं के बराबर, और खंड B में 7(a) ने इंग्लैंड की औद्योगिक क्रांति के ज़रिए वही अनौद्योगीकरण वाला तर्क फिर पूछा, यानी भारतीय हस्तशिल्प के पतन से ही पूरे पेपर में 40 नंबर। खंड B में नंबर बराबर बँटे: क्रांति और प्रतिक्रांति, औद्योगीकरण, और प्रबोधन व फ्रांसीसी क्रांति के दौर से 40-40, राष्ट्र-राज्य व्यवस्था और यूरोप के एकीकरण से 30-30। 1947 के बाद के भारत पर सिर्फ़ एक 10 नंबर का सवाल आया, सामुदायिक विकास कार्यक्रम और पंचायती राज पर।
खंड A
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट | उत्तर |
|---|---|---|---|---|
| 1(a) | “उच्च समुद्री शक्ति इंग्लैंड का औपनिवेशिक श्रेष्ठता की संघर्ष में सबसे शक्तिशाली हथियार साबित हुई, विशेष रूप से कर्नाटिक युद्धों में।” | 10 | यूरोपीय प्रवेश और शुरुआती ब्रिटिश राज | उत्तर देखें |
| 1(b) | “कोई भी शिक्षित भारतीय इलबर्ट बिल का सबक कभी नहीं भूला है।” | 10 | भारतीय राष्ट्रवाद का उदय | उत्तर देखें |
| 1(c) | “स्थायी बंदोबस्त नीति का परिणाम लगान के अनुचित वितरण के रूप में सामने आया, विशेषकर तब जब कोई सर्वेक्षण नहीं हुआ था।” | 10 | ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक असर | उत्तर देखें |
| 1(d) | “भारत की गरीबी न तो भूगोल की देन थी और न ही प्राकृतिक संसाधनों की कमी के कारण, बल्कि यह मूलतः विगत दो शताब्दियों के इतिहास की उपज थी।” | 10 | ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक असर | उत्तर देखें |
| 1(e) | भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की स्थापना को प्रोत्साहित करने में अॅलन ह्यूम का अंतिम उद्येश्य बढ़ते हुये भारतीय असंतोष के निर्गमन हेतु एक ‘सुरक्षा कवच’ उपलब्ध कराना था। | 10 | भारतीय राष्ट्रवाद का उदय | उत्तर देखें |
| 2(a) | 19 वीं शताब्दी के दौरान भारतीय कुटीर उद्योगों के पतन के विभिन्न कारकों को रेखांकित कीजिए। | 20 | ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक असर | उत्तर देखें |
| 2(b) | क्या मालाबार में मोपला विद्रोह जमींदार-विरोधी और विदेशी-विरोधी असंतोष की अभिव्यक्ति था ? विवेचना कीजिए। | 20 | ब्रिटिश शासन पर भारतीय प्रतिक्रिया | उत्तर देखें |
| 2(c) | “मेरे विश्वास में काँग्रेस अपने पतन की ओर बढ़ रही है और भारत में इसका शांतिपूर्ण समापन करने में मदद करना, मेरी सबसे बड़ी अभिलाषाओं में से एक है।” टिप्पणी कीजिए। | 10 | भारतीय राष्ट्रवाद का उदय | उत्तर देखें |
| 3(a) | ‘राजा राममोहन राय इतिहास में उस सजीव सेतु के रूप में खड़े हैं जिसके ऊपर से होकर भारत अपने अपरिमेय अतीत से अपने अगणनीय भविष्य की ओर अग्रसर होता है।’ व्याख्या कीजिए। | 20 | सामाजिक-सांस्कृतिक बदलाव और सुधार आंदोलन | उत्तर देखें |
| 3(b) | ‘1942 का भारत छोड़ो आन्दोलन भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम का एक निर्णायक चरण था, जिसकी पृष्ठभूमि द्वितीय विश्वयुद्ध की परिस्थितियों, औपनिवेशिक नीतियों तथा भारतीय राष्ट्रवाद के उभार में निहित थी।’ विश्लेषित कीजिए। | 20 | गांधी और राष्ट्रीय आंदोलन की दूसरी धाराएँ | उत्तर देखें |
| 3(c) | ’19 वीं शताब्दी का ओरिएंटलिस्ट-एंग्लिसिस्ट विवाद भारत में औपनिवेशिक नीति के स्वरूप को निर्धारित करने वाला एक महत्वपूर्ण मोड़ था।’ परीक्षण कीजिए। | 10 | सामाजिक-सांस्कृतिक बदलाव और सुधार आंदोलन | उत्तर देखें |
| 4(a) | 1858 में ब्रिटिश राजसत्ता ने भारतीय सरकार पर सीधा नियंत्रण क्यों संभाला ? नई प्रशासनिक प्रबंधों का उल्लेख करें। | 20 | यूरोपीय प्रवेश और शुरुआती ब्रिटिश राज | उत्तर देखें |
| 4(b) | ‘सुभाष चन्द्र बोस और आजाद हिन्द फौज ने भारतीय सेना तथा जनसामान्य के मध्य राष्ट्रीय चेतना को अभूतपूर्व रूप से जागृत किया।’ मूल्यांकन कीजिए। | 20 | गांधी और राष्ट्रीय आंदोलन की दूसरी धाराएँ | उत्तर देखें |
| 4(c) | समुदाय विकास कार्यक्रम और पंचायतराज कार्यक्रम की शुरुआत ने ग्रामीण भारत के कल्याण को कैसे बढ़ावा दिया ? व्याख्या कीजिए। | 10 | 1947 के बाद का भारत | उत्तर देखें |
खंड B
| प्र. | सवाल | अंक | यूनिट | उत्तर |
|---|---|---|---|---|
| 5(a) | “इमैनुअल कांट राष्ट्रवाद और उदारवाद के समर्थक थे।” | 10 | प्रबोधन और आधुनिक राजनीति की शुरुआत | उत्तर देखें |
| 5(b) | “फ्रांस में कॉर्डेलियर क्लब का उत्कर्ष क्रांतिकारी संगठन के लिये महत्वपूर्ण था।” | 10 | प्रबोधन और आधुनिक राजनीति की शुरुआत | उत्तर देखें |
| 5(c) | “जापान के औद्योगिक इतिहास में मेइजी का राज्य-काल (1868-1912) एक युगान्तकारी घटना थी।” | 10 | औद्योगीकरण | उत्तर देखें |
| 5(d) | “वैश्वीकरण की प्रवृत्ति विशेषाधिकार प्राप्त सामाजिक वर्गों का पक्ष लेने और पहले से ही जो पिछड़े हुये हैं, उन्हें और अधिक हाशिये पर धकेलने की होती है।” | 10 | औद्योगीकरण | उत्तर देखें |
| 5(e) | ‘1830 की जुलाई क्रांति, फ्रांस के उदारवाद और संवैधानिक शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।’ विश्लेषित कीजिए। | 10 | राष्ट्र-राज्य व्यवस्था | उत्तर देखें |
| 6(a) | 1815 का वियना समझौता तीन प्रमुख सिद्धांतों पर आधारित था, पुनःस्थापना, वैधता तथा क्षतिपूर्ति। स्पष्ट कीजिए। | 20 | राष्ट्र-राज्य व्यवस्था | उत्तर देखें |
| 6(b) | नेपोलियन के विजय अभियान अल्पकालिक थे लेकिन उनका असैनिक कार्य ग्रेनाइट सदृश स्थायी था। व्याख्या कीजिए। | 20 | प्रबोधन और आधुनिक राजनीति की शुरुआत | उत्तर देखें |
| 6(c) | उन्नीसवीं सदी में उपनिवेशवाद के पुनरुत्थान के संदर्भ में नव-साम्राज्यवाद की विशेषताओं की समीक्षा कीजिए। | 10 | साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद | उत्तर देखें |
| 7(a) | ‘इंग्लैण्ड की औद्योगिक क्रांति ने भारत के पारम्परिक हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों के अवनयन की प्रक्रिया की गति प्रदान की।’ इस संदर्भ में भारतीय उद्योगों के पतन के कारणों एवं भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। | 20 | औद्योगीकरण | उत्तर देखें |
| 7(b) | लेनिन समाजवादी क्रांति के शानदार रणनीतिकार थे। प्रमाणित कीजिए। | 20 | क्रांति और प्रतिक्रांति | उत्तर देखें |
| 7(c) | ‘राष्ट्रसंघ अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सका।’ 1919-1946 के बीच इसकी विफलता के प्रमुख कारणों का विश्लेषण कीजिए। | 10 | विश्व युद्ध | उत्तर देखें |
| 8(a) | ‘एसर्बो कानून ने इटली में लोकतान्त्रिक संस्थाओं को कमजोर करते हुये मुसोलिनी की सत्ता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’ परीक्षण कीजिए। | 20 | क्रांति और प्रतिक्रांति | उत्तर देखें |
| 8(b) | यूरोपीय संघ ने ‘सीमाओं के बिना एक यूरोप’ बनाने का प्रयास किया। सविस्तार वर्णन कीजिए। | 20 | यूरोप का एकीकरण | उत्तर देखें |
| 8(c) | उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन के मूल सिद्धांतों एवं महत्व की विवेचना कीजिए। | 10 | यूरोप का एकीकरण | उत्तर देखें |
2026 पेपर II: नंबर कहाँ रहे
| यूनिट | अंक | पेपर में हिस्सा |
|---|---|---|
| ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक असर | 40 | 10.0% |
| प्रबोधन और आधुनिक राजनीति की शुरुआत | 40 | 10.0% |
| गांधी और राष्ट्रीय आंदोलन की दूसरी धाराएँ | 40 | 10.0% |
| औद्योगीकरण | 40 | 10.0% |
| क्रांति और प्रतिक्रांति | 40 | 10.0% |
| भारतीय राष्ट्रवाद का उदय | 30 | 7.5% |
| यूरोपीय प्रवेश और शुरुआती ब्रिटिश राज | 30 | 7.5% |
| राष्ट्र-राज्य व्यवस्था | 30 | 7.5% |
| सामाजिक-सांस्कृतिक बदलाव और सुधार आंदोलन | 30 | 7.5% |
| यूरोप का एकीकरण | 30 | 7.5% |
| ब्रिटिश शासन पर भारतीय प्रतिक्रिया | 20 | 5.0% |
| साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद | 10 | 2.5% |
| 1947 के बाद का भारत | 10 | 2.5% |
| विश्व युद्ध | 10 | 2.5% |
2026 के पेपर पिछले सालों के मुकाबले कैसे रहे
हमारा <a href=”/hindi-notes/itihas-opshanal-pyq-vishleshan-paper-1-kis-yunit-ka-kitana-vajan-aur-maip-vala-saval/”>इतिहास ऑप्शनल PYQ विश्लेषण पेपर 1</a>, जो 2023 से 2026 तक का हर सवाल गिनता है, अठारहवीं सदी को लिखित यूनिटों में सबसे ऊपर रखता है, और इसकी एक वजह 2026 ही है: ‘अंधकार युग’ वाला सवाल और मराठा राज्य-व्यवस्था वाला सवाल एक ही पेपर में, 35 नंबर के। वही विश्लेषण 750 से 1200 के दौर को पेपर I की धुरी कहता है क्योंकि यह दोनों खंडों से पूछा जाता है, और इस साल भी इसके तीन में से दो हिस्से खंड B में छपे। मानचित्र पर 20 में से आठ संकेत पाषाण युग या आद्य-ऐतिहासिक स्थलों की ओर थे, और एक भी संकेत किसी अभिलेख या सिक्के की ओर नहीं था, जो UPSC के अभी उपलब्ध चार पेपरों में पहली बार हुआ।
<a href=”/hindi-notes/itihas-vaikalpik-pyq-vishleshan-paper-2-adhunik-bharat-aur-vishv-itihas-ka-vetej/”>इतिहास वैकल्पिक PYQ विश्लेषण पेपर 2</a> उन्हीं चार सालों में ब्रिटिश शासन के आर्थिक असर को सबसे बड़ी यूनिट बताता है, और 2026 ने इस पर ख़ूब ज़ोर दिया: अनिवार्य सवाल 1 में दो कथन, कुटीर उद्योगों पर 20 नंबर का सवाल, और खंड B में फिर वही तर्क। आज़ादी के बाद का भारत 10 नंबर का ही विषय रहा, चार पेपरों में उसके लगभग 5 प्रतिशत हिस्से के मुताबिक, और ‘सुरक्षा वाल्व’ सिद्धांत 2025 की तरह फिर सवाल 1 के कथन में आया। 2023 से हर पेपर II की तरह इस बार भी सिर्फ़ 10 और 20 नंबर के हिस्से थे।
नीचे की तालिका इस पेज की बड़ी यूनिटों पर बनी है, इसलिए इसका क्रम हमारे PYQ विश्लेषण पेजों से अलग दिख सकता है, जो सिलेबस को छोटी यूनिटों में बाँटकर अलग-अलग गिनते हैं। दोनों गिनती सही हैं, बस सवाल अलग हैं। पेपर I में मानचित्र वाला सवाल हर साल 50 नंबर का ही रहता है, इसलिए असली उतार-चढ़ाव लिखित यूनिटों में है। 750 से 1200 तक का भारत सबसे भरोसेमंद बड़ी यूनिट रहा: 2023 से 2026 तक 45, 45, 35 और 50 नंबर, कुल 175, जो किसी भी लिखित यूनिट से ज़्यादा है। महाजनपद और मौर्य साम्राज्य वाली यूनिट 2023 में 15 नंबर से बढ़कर 2024 में 50 और 2025 में 70 तक गई, फिर 2026 में 30 पर लौट आई। अठारहवीं सदी उल्टी दिशा में चली: 2023 में 65, फिर 45 और 20, और 2026 में 35। पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी की शुरुआत से 2023 में कुछ नहीं पूछा गया, लेकिन उसके बाद 30, 35 और 30 नंबर आए, और स्रोत वाली यूनिट 2024 और 2025 में खाली रहकर 2026 में 20 नंबर ले गई।
पेपर II में चार सालों में सबसे ज़्यादा नंबर प्रबोधन और आधुनिक राजनीति की शुरुआत से आए, कुल 190, हालाँकि यह 2023 के 70 से 2024 में 20 पर आ गया था। ब्रिटिश शासन का आर्थिक असर हर साल 20 से 40 नंबर के बीच रहा, और 2026 के 40 नंबर चार पेपरों में इसका सबसे ऊँचा आँकड़ा है। भारतीय राष्ट्रवाद का उदय 2023 में नहीं पूछा गया, पर उसके बाद हर साल 30 से 40 नंबर ले गया, और यूरोप का एकीकरण शून्य से 20, 20 और फिर 30 पर पहुँचा। साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद 2023, 2024 और 2025 में 40-40 नंबर पर टिका रहा, फिर 2026 में 10 पर आ गया, और 1947 के बाद का भारत 10 से 40 और फिर वापस 10 नंबर पर आया।
पेपर I: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026
| यूनिट | 2023 | 2024 | 2025 | 2026 |
|---|---|---|---|---|
| मानचित्र पर स्थान पहचान | 50 | 50 | 50 | 50 |
| स्रोत | 10 | 0 | 0 | 20 |
| प्रागैतिहास और सिंधु घाटी सभ्यता | 35 | 35 | 30 | 30 |
| आर्य और वैदिक काल | 15 | 15 | 0 | 15 |
| महाजनपद और मौर्य साम्राज्य | 15 | 50 | 70 | 30 |
| दक्कन और दक्षिण भारत के शुरुआती राज्य | 20 | 15 | 15 | 15 |
| गुप्त, वाकाटक और वर्धन | 30 | 20 | 0 | 20 |
| भारत, 750-1200: राजनीति और संस्कृति | 45 | 45 | 35 | 50 |
| दिल्ली सल्तनत: राज्य, समाज और संस्कृति | 45 | 35 | 25 | 45 |
| पंद्रहवीं और सोलहवीं सदी की शुरुआत | 0 | 30 | 35 | 30 |
| अकबर और मुगल साम्राज्य | 35 | 35 | 55 | 20 |
| अर्थव्यवस्था और समाज, 16वीं-17वीं सदी | 0 | 15 | 30 | 15 |
| मुगल काल की संस्कृति | 35 | 10 | 35 | 25 |
| अठारहवीं सदी | 65 | 45 | 20 | 35 |
पेपर II: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026
| यूनिट | 2023 | 2024 | 2025 | 2026 |
|---|---|---|---|---|
| यूरोपीय प्रवेश और शुरुआती ब्रिटिश राज | 40 | 30 | 40 | 30 |
| ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक असर | 30 | 20 | 30 | 40 |
| सामाजिक-सांस्कृतिक बदलाव और सुधार आंदोलन | 30 | 10 | 40 | 30 |
| ब्रिटिश शासन पर भारतीय प्रतिक्रिया | 40 | 20 | 20 | 20 |
| भारतीय राष्ट्रवाद का उदय | 0 | 40 | 30 | 30 |
| गांधी और राष्ट्रीय आंदोलन की दूसरी धाराएँ | 50 | 40 | 20 | 40 |
| 1947 के बाद का भारत | 10 | 40 | 20 | 10 |
| प्रबोधन और आधुनिक राजनीति की शुरुआत | 70 | 20 | 60 | 40 |
| औद्योगीकरण | 20 | 30 | 10 | 40 |
| राष्ट्र-राज्य व्यवस्था | 30 | 10 | 20 | 30 |
| साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद | 40 | 40 | 40 | 10 |
| क्रांति और प्रतिक्रांति | 10 | 40 | 40 | 40 |
| विश्व युद्ध | 30 | 40 | 10 | 10 |
| यूरोप का एकीकरण | 0 | 20 | 20 | 30 |
दोनों तालिकाओं के सवाल मॉडल उत्तरों से जुड़े हैं, और पूरे सेट <a href=”/mains-practice-questions/history-optional-paper-1/”>इतिहास पेपर I मॉडल उत्तर</a> और <a href=”/mains-practice-questions/history-optional-paper-2/”>इतिहास पेपर II मॉडल उत्तर</a> पर हैं (अंग्रेज़ी में)। हर उत्तर में पहले रूपरेखा और मुख्य बिंदु हैं, फिर पूरा उत्तर।
यूनिटें आधिकारिक <a href=”/history-optional-syllabus/”>इतिहास वैकल्पिक सिलेबस</a> (अंग्रेज़ी में) के शीर्षकों पर हैं, और <a href=”/hindi-notes/upsc-ke-lie-itihas-opshanal-notes-paper-1-aur-paper-2-ki-muphat-pdf/”>इतिहास ऑप्शनल नोट्स</a> दोनों पेपर यूनिट-दर-यूनिट कवर करते हैं। विषय अभी तय नहीं किया है तो <a href=”/hindi-notes/upsc-itihas-vaikalpik-vishay-puri-guide/”>इतिहास वैकल्पिक की पूरी गाइड</a> पढ़िए।
सामान्य प्रश्न
UPSC इतिहास वैकल्पिक 2026 में क्या पूछा गया?
पेपर I अनिवार्य 20 जगहों वाले मानचित्र सवाल से शुरू हुआ, फिर प्रागैतिहास, हड़प्पा स्थापत्य, यूनानी, चीनी और अरब लेखकों के विवरण, नालंदा और विक्रमशिला, होयसल मंदिर, चोल, कुतुब परिसर, बरनी, विजयनगर, मुगल चित्रकला और अठारहवीं सदी पूछे गए। पेपर II के खंड A में कर्नाटक युद्ध, स्थायी बंदोबस्त, सुरक्षा वाल्व सिद्धांत, राममोहन राय, भारत छोड़ो और आज़ाद हिंद फौज आए, और खंड B में कांट, नेपोलियन, वियना समझौता, मेइजी जापान, लेनिन, एसर्बो कानून, राष्ट्रसंघ, यूरोपीय संघ और नाटो।
इतिहास के हर पेपर में कितने सवाल और कितने नंबर होते हैं?
हर पेपर में दो खंडों में 8 सवाल होते हैं, हर सवाल 50 नंबर का, और आपको तीन घंटे में 5 सवाल करने होते हैं, 250 नंबर के लिए। सवाल 1 और 5 अनिवार्य हैं: पेपर I में इसका मतलब 50 नंबर का मानचित्र सवाल और मध्यकालीन भारत पर 10-10 नंबर के पाँच सवाल, और पेपर II में 10-10 नंबर के पाँच-पाँच कथनों के दो सेट, जिनका समालोचनात्मक परीक्षण करना है।
2026 के आधिकारिक इतिहास प्रश्न-पत्र कहाँ से डाउनलोड करें?
UPSC अपनी वेबसाइट upsc.gov.in के previous question papers पेज पर मुख्य परीक्षा के आधिकारिक प्रश्न-पत्र PDF में डालता है, और 2026 के दोनों इतिहास पेपर वहीं हैं। इस पेज पर भी हर पेपर की शुरुआत में डाउनलोड लिंक है।
2026 के पेपर से तैयारी में कैसे मदद लें?
मानचित्र वाले सवाल को अभ्यास की तरह लीजिए: सिर्फ़ छपे संकेतों से काम कीजिए, फिर हर जगह को किसी साइट एटलस से मिलाइए और 30 शब्दों का नोट लिखिए। लिखित सवालों में पहले घड़ी लगाकर एक सवाल लिखिए, फिर उसका मॉडल उत्तर खोलकर तथ्यों से पहले ढाँचा मिलाइए।
2026 का इतिहास पेपर पिछले सालों से कैसा रहा?
पेपर I में अठारहवीं सदी और पेपर II में औपनिवेशिक शासन की आर्थिक आलोचना, हमारी 2023 से 2026 की गिनती की दो सबसे बड़ी लिखित यूनिटें, 2026 में भी भारी नंबर ले गईं। पेपर II में फिर सिर्फ़ 10 और 20 नंबर के हिस्से थे, और 1947 के बाद के भारत पर फिर एक ही छोटा सवाल आया।
2026 के इतिहास सवालों के मॉडल उत्तर कहाँ मिलेंगे?
इस पेज के सवाल अपने मॉडल उत्तरों से जुड़े हैं, और पूरे सेट Mains practice questions में इतिहास पेपर I और पेपर II के मॉडल उत्तर पेजों पर हैं। हर उत्तर में पहले रूपरेखा और मुख्य बिंदु हैं, फिर पूरा उत्तर।