Anantam IASHindi Note · 5 October 2026

झारभूमि: खतियान, रजिस्टर 2, ऑनलाइन दाखिल-खारिज और लगान की पूरी जानकारी

झारभूमि आसान भाषा में: खाता और रजिस्टर 2 कैसे देखें, दाखिल-खारिज का आवेदन कैसे करें, ऑनलाइन लगान कैसे भरें और मुफ्त स्क्रीन कॉपी क्या साबित नहीं करती।

झारभूमि झारखंड सरकार का ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड पोर्टल है। इसे राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग चलाता है और इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने बनाया है। इसका पता jharbhoomi.jharkhand.gov.in है और यह राज्य के सभी 24 जिलों को कवर करता है। ज्यादातर लोग इसे तीन कामों के लिए खोलते हैं: किसी प्लॉट का खतियान या खाता देखने के लिए, रजिस्टर-II की वह प्रविष्टि पढ़ने के लिए जो बताती है कि आज जमीन किसके नाम है, और जमीन खरीदने या विरासत में मिलने के बाद दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) का आवेदन करने के लिए। मुफ्त खोज के लिए लॉगिन नहीं चाहिए। अगर आपको अंचल, मौजा और खाता नंबर पता है, तो यह काम कुछ ही मिनटों में हो जाता है।

लोगों का पैसा जिस उलझन में डूबता है, वह यह है कि स्क्रीन जो दिखाती है और जो साबित करती है, उन दोनों में फर्क है। पोर्टल की अपनी शर्तें कहती हैं कि इसका डेटा सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। इसलिए प्रिंटआउट जांच का जरिया है, प्रमाणित रिकॉर्ड नहीं। दूसरा जाल यह है कि लोग खतियान और रजिस्टर-II को एक ही दस्तावेज मान लेते हैं। खतियान सर्वे का रिकॉर्ड है। रजिस्टर-II चालू खाता-बही है, जो हर दाखिल-खारिज और हर लगान भुगतान के साथ बदलती है। इन दोनों को अलग-अलग समझ लीजिए, तो झारभूमि का बाकी हिस्सा अपने आप समझ में आने लगता है।

झारभूमि एक नजर में क्या दिखाता है

झारभूमि ज्यादातर देखने-पढ़ने वाला पोर्टल है। इसमें लेन-देन का एक ही दरवाजा है: दाखिल-खारिज और उससे जुड़ी सेवाओं का ऑनलाइन आवेदन। झारखंड भूमि रिकॉर्ड की बुनियादी बातें नीचे की तालिका में हैं, और हर बात सीधे लाइव पोर्टल से ली गई है।

तथ्यविवरण
किसका पोर्टलराजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, झारखंड सरकार
किसने बनाया और कहां होस्ट हैराष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), झारखंड
पताjharbhoomi.jharkhand.gov.in (पुराने संदर्भों में jharbhoomi.nic.in लिखा मिलता है)
मुफ्त सेवाएंखाता (खतियान) देखना, रजिस्टर-II देखना, खेसरा-वार विवरण, भू-नक्शा का लिंक, भूमि बैंक
लॉगिन वाली सेवाएंऑनलाइन दाखिल-खारिज, DCLR अपील, जमीन की मापी, कोर्ट आदेश अपलोड करना
लगान भुगतानअलग पोर्टल, jharbhulagan.jharkhand.gov.in
कवरेज24 जिले; खोज जिला, अंचल, हल्का और मौजा चुनकर होती है
पोर्टल पर दिया संपर्क0651-2446066, dolrjh[at]gmail[dot]com
स्क्रीन के डेटा की कानूनी हैसियतसिर्फ सामान्य जानकारी के लिए, जैसा पोर्टल की शर्तों में लिखा है

झारभूमि राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (NLRMP) से निकला है। पोर्टल का About पेज इस कार्यक्रम की शुरुआत अगस्त 2008 बताता है। अब यही कार्यक्रम डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) कहलाता है। हर राज्य अपने रजिस्टर डिजिटल क्यों बना रहा है, इसकी बड़ी तस्वीर हमारे नोट भारत में भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन में है।

खतियान, रजिस्टर-II और बाकी रिकॉर्ड

झारभूमि का हर रिकॉर्ड एक अलग सवाल का जवाब देता है, और पोर्टल इन सबके नाम हिंदी में देता है। पहले ये छह शब्द समझ लीजिए, तो बहुत-सी गलत खोजों से बच जाएंगे।

नीचे की तालिका बताती है कि कौन-सा रिकॉर्ड क्या साबित करता है और पोर्टल पर वह कहां मिलता है।

रिकॉर्डयह आपको क्या बताता हैझारभूमि पर कहां
खाता देखनाएक खाते में धारकों के नाम, प्लॉट और रकबाअपना खाता देखें
रजिस्टर-IIमौजूदा धारक, भाग और पृष्ठ, लगान का आधाररजिस्टर-II देखें
खाता और रजिस्टर-II साथ मेंएक ही खोज में दोनों रिकॉर्डखाता एवं रजिस्टर-II देखें
खेसरा-वार रजिस्टर-IIरजिस्टर-II में एक प्लॉट का पूरा इतिहासपंजी -II – खेसरा वार विवरण
खेसरा का पूरा विवरणएक प्लॉट के सामने दर्ज हर बातखेसरा का सम्पूर्ण विवरण देखें
नक्शा (भू-नक्शा)प्लॉट का आकार और उसके पड़ोसी प्लॉटभू-नक्शा, जो jharbhunaksha.jharkhand.gov.in खोलता है
लगान का बकाया और रसीदेंकितना बकाया है और कितना भरा गयाjharbhulagan.jharkhand.gov.in

खरीदार को खतियान और मौजूदा रजिस्टर-II, दोनों चाहिए। खतियान बताता है कि सर्वे में क्या दर्ज हुआ था। रजिस्टर-II बताता है कि आज खाता-बही में बेचने वाले का ही नाम है या नहीं।

झारभूमि पर अपना खाता कैसे देखें

लोग जिसे “अपना खाता झारखंड” लिखकर खोजते हैं, वह यही सेवा है। खाता खोजना मुफ्त है और यह झारखंड के एक क्लिक करने लायक नक्शे से शुरू होता है। नीचे के लेबल ठीक वैसे ही हैं जैसे पोर्टल पर दिखते हैं।

  1. झारभूमि खोलिए और साइड मेन्यू में “अपना खाता देखें” पर क्लिक कीजिए।
  2. राज्य के नक्शे पर अपने जिले पर क्लिक कीजिए, फिर जिले के नक्शे पर अपने अंचल पर क्लिक कीजिए।
  3. खोज फॉर्म पर देख लीजिए कि “जिला” और “अंचल” भरे हुए हैं। “मौजा का नाम चुने” के नीचे अपने गांव के नाम का पहला हिंदी अक्षर क्लिक कीजिए, ताकि सूची छोटी हो जाए। या फिर हर गांव देखने के लिए “समस्त गाँव देखें” पर क्लिक कीजिए।
  4. हल्का, जमीन की किस्म (“किस्म जमीन”) और मौजा चुनिए। पोर्टल का अपना नोट कहता है कि खाता खोजने से पहले ये तीनों चुनना जरूरी है।
  5. खोजने का एक विकल्प चुनिए: “मौजा के समस्त खातों को नामानुसार देखें” (नाम के हिसाब से सारे खाते), “मौजा के समस्त खातों को खेसरा संख्या के अनुसार देखें” (प्लॉट नंबर के हिसाब से सारे खाते), “खाता संख्या से देखें” (खाता नंबर से) या “खाताधारी के नाम से देखें” (धारक के नाम से)।
  6. “सुरक्षा कोड” (कैप्चा) डालिए और “खाता खोजें” पर क्लिक कीजिए।

धारक के नाम वाली खोज में सिर्फ अक्षर और खाली जगह चलती है। पुराने रिकॉर्ड में नाम अक्सर आधार से अलग वर्तनी में लिखे होते हैं। अगर नाम से खोज नाकाम हो, तो खाता नंबर से खोजिए, या मौजा के सारे खातों की सूची खोलकर उसमें ढूंढिए।

रजिस्टर-II और प्लॉट का इतिहास कैसे देखें

रजिस्टर-II की अपनी अलग खोज है, जो “रजिस्टर-II देखें” के तहत मिलती है। वहां तक भी आप उसी तरह जिले और अंचल के नक्शे से पहुंचते हैं। फॉर्म पहले हल्का और मौजा मांगता है, फिर खोजने के पांच रास्ते देता है: “भाग बर्तमान” के साथ “पृष्ट संख्या बर्तमान” (मौजूदा भाग और पृष्ठ), “रैयत नाम से खोजे” (रैयत का नाम), “प्लाट नंबर से खोजे” (प्लॉट नंबर), “खाता नंबर से खोजे” (खाता नंबर) या पूरे रजिस्टर को नाम के हिसाब से देखने वाला विकल्प, जिसमें पोर्टल पंजी-2 लिखता है। कैप्चा डालिए और Search (खोजें) पर क्लिक कीजिए। “Print पंजी-II” बटन से वह प्रविष्टि आपकी फाइल के लिए छप जाती है।

किसी एक प्लॉट की कहानी जाननी हो, तो “पंजी -II – खेसरा वार विवरण” पेज खोलिए। यह जिला, अंचल, हल्का, मौजा, खाता नंबर और खेसरा नंबर लेता है और उस प्लॉट की रजिस्टर-II वाली सारी प्रविष्टियां दिखा देता है। जिस दाखिल-खारिज का वादा किया गया था, वह खाता-बही तक पहुंचा या नहीं, यह जांचने का यही सबसे तेज तरीका है।

भाग और पृष्ठ से खोज सबसे सटीक होती है। अगर आपके पास लगान की कोई पुरानी रसीद है, तो उस पर लिखा भाग और पृष्ठ नंबर आपको सीधे सही रजिस्टर-II प्रविष्टि तक ले जाता है। इससे नाम की वर्तनी वाली दिक्कत ही खत्म हो जाती है।

ऑनलाइन दाखिल-खारिज का आवेदन कैसे करें

दाखिल-खारिज (जिसे नामांतरण भी कहते हैं) वह कदम है जो बिक्री, दान, विरासत, बंटवारे या वसीयत के बाद रजिस्टर-II में नए धारक का नाम चढ़ाता है। झारभूमि पर यह “ऑनलाइन आवेदन” से होता है। विभाग की अपनी ऑनलाइन दाखिल-खारिज पुस्तिका (मैनुअल) ये स्टेप बताती है।

  1. “ऑनलाइन आवेदन” पर क्लिक कीजिए। अगर आपका अकाउंट नहीं है, तो पहले Registration पर क्लिक करके अकाउंट बनाइए।
  2. अपनी ईमेल ID, पासवर्ड और सुरक्षा कोड से लॉगिन कीजिए। फिर रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP डालिए और Verify OTP पर क्लिक कीजिए।
  3. जिला, अंचल और सत्र (Session) चुनिए, फिर Apply New Mutation पर क्लिक कीजिए। सेव किया हुआ आवेदन View Draft/Applied Application से खुलता है।
  4. बिक्री के मामले में डीड का विवरण भरिए: जिला, SRO (अवर निबंधन कार्यालय), डीड नंबर, डीड की तारीख और डीड का मूल्य। फिर Validate पर क्लिक कीजिए। आगे बढ़ने देने से पहले पोर्टल इन बातों को निबंधन (रजिस्ट्रेशन) के डेटाबेस से मिलाता है।
  5. फॉर्म भरिए और Save as Draft & Next पर क्लिक कीजिए। खरीदार वाला टैब (Buyers) खरीदार का नाम और उसके अभिभावक का नाम डीड से मिलाता है। फिर विक्रेता वाला टैब (Sellers) विक्रेता का विवरण मिलाता है।
  6. प्लॉट विवरण वाले टैब (Plot Details) में खाता नंबर, प्लॉट नंबर और डिसमिल में रकबा भरिए। ये सब डीड से मेल खाने चाहिए।
  7. दस्तावेज अपलोड वाले टैब (Upload Document) में दस्तावेज अपलोड कीजिए, कैप्चा डालिए और Final Save पर क्लिक कीजिए।
  8. हरी पट्टी में दिखा रजिस्ट्रेशन नंबर लिख लीजिए। स्थिति की हर जांच में आपको इसी की जरूरत पड़ेगी।

दान, उत्तराधिकार, बंटवारे और वसीयत वाले आवेदन पुराने फॉर्म से होते हैं, जिसमें डीड मिलाने वाला कदम नहीं है। जिस दाखिल-खारिज का आवेदन पहले ही हो चुका है, उसके लिए पोर्टल दूसरा आवेदन नहीं लेता। इसलिए दोबारा शुरू करने से पहले View Draft/Applied Application में देख लीजिए।

डीड मिलाने वाले नियम की वजह से अब ज्यादातर आवेदन महीनों बाद नहीं, बल्कि स्क्रीन पर ही रुक जाते हैं। खरीदार के अभिभावक के नाम में या डिसमिल वाले रकबे में जरा-सा भी फर्क हो, तो फॉर्म आगे नहीं बढ़ता। यह झुंझलाने वाली बात है, लेकिन मैदानी जांच के बाद आने वाले नामंजूरी आदेश से कहीं बेहतर है।

झारभूमि सेवाओं के लिए दस्तावेज और शुल्क

खाता, रजिस्टर-II या नक्शा देखने में न कोई पैसा लगता है, न कोई दस्तावेज चाहिए। ऑनलाइन दाखिल-खारिज के लिए पुस्तिका बताती है कि फॉर्म किन बातों की जांच करता है, इसलिए ये चीजें तैयार रखिए:

झारभूमि अपने सार्वजनिक पेजों पर दाखिल-खारिज का कोई शुल्क या सेवा की समय-सीमा नहीं छापता। पोर्टल अपने मेन्यू से सेवा के अधिकार की गारंटी (Right to Service guarantee) वाली एक SOP का लिंक देता है। लेकिन आपके आवेदन के लिए कितने दिन मिलते हैं, यह आपके अंचल कार्यालय से या आपको मिली पावती से ही पता करना चाहिए। लगान, यानी जमीन का सालाना किराया, अलग से लगान पोर्टल पर भरा जाता है, जहां भुगतान से पहले बकाया रकम दिख जाती है।

ऑनलाइन लगान कैसे भरें

झारखंड में जमीन का लगान jharbhulagan.jharkhand.gov.in पर भरा जाता है। झारभूमि इसका लिंक ऑनलाइन लगान (Online Lagan) नाम से देता है। इसकी मुख्य स्क्रीन पर पांच विकल्प हैं: “रजिस्टर-IIदेखें”, “बकाया देंखे” (बकाया देखिए), “पिछली भुगतान देखें” (पिछले भुगतान), “ऑनलाइन भुगतान करें” (ऑनलाइन भुगतान) और “भुगतान की स्थिति देखें” (भुगतान की स्थिति)।

  1. “ऑनलाइन भुगतान करें” पर क्लिक कीजिए।
  2. जिला, अंचल (“अचंल नाम”), हल्का और मौजा चुनिए।
  3. अपनी रजिस्टर-II प्रविष्टि भाग और पृष्ठ, रैयत के नाम, प्लॉट नंबर या खाता नंबर से खोजिए। कैप्चा डालिए और “खोजे” पर क्लिक कीजिए।
  4. प्रविष्टि के सामने दिखा बकाया जांचिए और ऑनलाइन भुगतान कीजिए।
  5. लगान की रसीद डाउनलोड कर लीजिए।

पोर्टल पर एक सीधी चेतावनी लिखी है, जिसे दोहराना जरूरी है। अगर खाते से पैसा कट गया लेकिन रसीद नहीं आई, तो दोबारा भुगतान मत कीजिए। पहले “भुगतान की स्थिति देखें” खोलिए, Transaction ID डालिए और Verify दबाइए।

लगान की ताजा रसीद सिर्फ किराए तक सीमित नहीं है। यह दिखाती है कि जमीन खाता-बही में आपके नाम पर दर्ज है। इसीलिए कृषि ऋण के लिए किसी होल्डिंग की जांच करने वाले बैंक अक्सर रजिस्टर-II की प्रविष्टि के साथ यह रसीद भी मांगते हैं।

झारभूमि नक्शा: प्लॉट का नक्शा कैसे देखें

नक्शा एक अलग पोर्टल पर है, जिसका नाम भू-नक्शा झारखंड है और जो “भू-नक्शा” लिंक से खुलता है। बाईं तरफ के पैनल से जिला, अंचल, हल्का और मौजा चुनिए, फिर ऊपर Plot No. वाले बॉक्स में प्लॉट नंबर लिखिए। झारभूमि नक्शा गांव के नक्शे पर उस प्लॉट को हाईलाइट कर देता है, और Plot Info में उसका विवरण दिखता है।

भू-नक्शा कैडस्ट्रल (सर्वे वाला) नक्शा दिखाता है, यानी प्लॉट का आकार और उसके पड़ोसी प्लॉट। यह जमीन पर की गई नाप नहीं है। अगर जमीन पर सीमा को लेकर झगड़ा है, तो उपाय जमीन की मापी (“जमीन मापी”) का आवेदन है। झारभूमि यह आवेदन उसी लॉगिन से ऑनलाइन लेता है, जिससे दाखिल-खारिज होता है।

मुफ्त स्क्रीन कॉपी या प्रमाणित कॉपी

झारभूमि की स्क्रीन जांच के लिए है, कुछ साबित करने के लिए नहीं। पोर्टल की उपयोग की शर्तें कहती हैं कि डेटा सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है और कोई भी गड़बड़ी विभाग को बतानी चाहिए। प्रिंटआउट से आप विक्रेता के दावे की जांच कर सकते हैं या कोई गलती पकड़ सकते हैं। लेकिन बैंक, अदालत या निबंधन कार्यालय आम तौर पर उसी दफ्तर की प्रमाणित कॉपी मांगते हैं, जो रिकॉर्ड रखता है।

खतियान या रजिस्टर-II की प्रमाणित कॉपी के लिए अपने अंचल कार्यालय में आवेदन कीजिए। झारभूमि प्रमाणित कॉपी का कोई शुल्क या समय-सीमा नहीं छापता। इसलिए अंचल कार्यालय से शुल्क पूछिए और उसकी रसीद लीजिए। निबंधन (रजिस्ट्री) का इतिहास एक अलग रास्ता है। पोर्टल के Useful Links मौजूदा डीड के लिए राष्ट्रीय NGDRS पोर्टल की ओर और पुराने लेन-देन के लिए राज्य की एक पुरानी निबंधन साइट की ओर ले जाते हैं।

झारखंड की जमीन खरीदते समय एक और जांच जरूरी है। आदिवासी जमीन के हस्तांतरण पर छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 और संथाल परगना काश्तकारी कानूनों के तहत रोक है। इसलिए साफ रजिस्टर-II प्रविष्टि ही अकेला सवाल नहीं है। हमारा करंट अफेयर्स नोट CNT और SPT अधिनियमों के तहत आदिवासी जमीन के विवाद बताता है कि ये कानून किन चीजों पर रोक लगाते हैं।

झारभूमि की आम गलतियां और उनका हल

ज्यादातर नाकामी सर्वर की वजह से नहीं, बल्कि चुनने के क्रम में हुई गलती से होती है। ये आम गलतियां हैं:

झारभूमि के रिकॉर्ड की शिकायत कहां करें

भूमि रिकॉर्ड की गलती उसी दफ्तर में ठीक होती है जो वह रिकॉर्ड रखता है, यानी अंचल कार्यालय में। खाता, प्लॉट और रजिस्टर-II का विवरण और गलत प्रविष्टि का प्रिंटआउट साथ ले जाइए।

झारभूमि काफी हद तक उत्तर प्रदेश के UP भूलेख की तरह काम करता है: मुफ्त देखना, प्रमाणित कॉपी का अलग रास्ता और दाखिल-खारिज का पूरा सिलसिला। जिन किसानों को पीएम-किसान के लिए अपनी जमीन जुड़वानी (सीडिंग) है, उन्हें पता चलेगा कि सबसे पहले रजिस्टर-II की प्रविष्टि ही सही होनी चाहिए। शुरू करने से पहले लगान की पुरानी रसीद से अंचल, मौजा और खाता नंबर निकाल लीजिए, बाकी काम पोर्टल कर देता है।

सामान्य प्रश्न

झारभूमि किस काम आता है?

झारभूमि झारखंड सरकार का भूमि रिकॉर्ड पोर्टल है। इस पर कोई भी व्यक्ति खाता, रजिस्टर-II की खाता-बही और प्लॉट-वार विवरण मुफ्त देख सकता है। यह दाखिल-खारिज, DCLR अपील और जमीन की मापी के ऑनलाइन आवेदन भी लेता है। लगान एक जुड़े हुए पोर्टल पर भरा जाता है।

क्या jharbhoomi.nic.in और jharbhoomi.jharkhand.gov.in एक ही हैं?

हां, jharbhoomi.nic.in पुराना पता है, जो पुरानी गाइडों में और पोर्टल के अपने About पेज पर अब भी दिखता है। पोर्टल अब jharbhoomi.jharkhand.gov.in पर चलता है, और बुकमार्क इसी पते को कीजिए।

खतियान और रजिस्टर-II में क्या फर्क है?

खतियान सर्वे सेटलमेंट के दौरान बना अधिकार-अभिलेख है। रजिस्टर-II अंचल कार्यालय में रखी जाने वाली मौजूदा होल्डिंग की खाता-बही है, जो हर दाखिल-खारिज के बाद अपडेट होती है और लगान के लिए इस्तेमाल होती है। खरीदार को दोनों की जांच करनी चाहिए।

झारभूमि पर रजिस्टर 2 ऑनलाइन कैसे देखें?

"रजिस्टर-II देखें" खोलिए, अपने जिले और अंचल पर क्लिक कीजिए, हल्का और मौजा चुनिए। फिर भाग और पृष्ठ, रैयत के नाम, प्लॉट नंबर या खाता नंबर से खोजिए। कैप्चा डालिए और Search पर क्लिक कीजिए।

क्या झारभूमि का प्रिंटआउट बैंक लोन या अदालत के लिए मान्य है?

नहीं, प्रमाणित रिकॉर्ड के तौर पर नहीं। पोर्टल खुद कहता है कि उसका डेटा सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। बैंक, अदालत या निबंधन कार्यालय के लिए अपने अंचल कार्यालय से प्रमाणित कॉपी लीजिए।

झारभूमि पर लगान कैसे भरें?

लगान jharbhulagan.jharkhand.gov.in पर भरा जाता है। "ऑनलाइन भुगतान करें" चुनिए, जिला, अंचल, हल्का और मौजा चुनिए, अपनी रजिस्टर-II प्रविष्टि खोजिए, बकाया जांचिए और भुगतान कीजिए। अगर पैसा कट गया और रसीद नहीं आई, तो दोबारा भुगतान करने से पहले Transaction ID से सत्यापन कीजिए।

अपने प्लॉट का झारभूमि नक्शा कैसे देखें?

झारभूमि पर "भू-नक्शा" पर क्लिक कीजिए, जिससे भू-नक्शा झारखंड खुलता है। जिला, अंचल, हल्का और मौजा चुनिए, फिर "Plot No." वाले बॉक्स में प्लॉट नंबर लिखिए। गांव के नक्शे पर आपका प्लॉट हाईलाइट हो जाएगा।

मेरा ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन शुरू में ही क्यों नामंजूर हो जाता है?

दाखिल-खारिज का नया फॉर्म डीड को निबंधन के डेटा से मिलाता है। इसमें खरीदार और विक्रेता के नाम, अभिभावकों के नाम, खाता नंबर, प्लॉट नंबर और डिसमिल में रकबा, सब शामिल हैं। कहीं भी फर्क हो, तो फॉर्म रुक जाता है। हर विवरण रजिस्टर्ड डीड से हूबहू उतारिए।