ई डिस्ट्रिक्ट यूपी: आय, जाति और अधिवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी आसान भाषा में: ई-साथी लॉगिन, आय, जाति और अधिवास प्रमाण पत्र के स्टेप, दस्तावेज, 15 और 30 रुपये का शुल्क, स्थिति और सत्यापन।
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी उत्तर प्रदेश सरकार का ऑनलाइन काउंटर है, जहां प्रमाण पत्र और जिला स्तर की दूसरी सेवाएं मिलती हैं। इसका पता edistrict.up.gov.in है। ज्यादातर लोग यह पोर्टल तीन कामों के लिए खोलते हैं: आय, जाति या अधिवास प्रमाण पत्र का आवेदन करने के लिए, यह देखने के लिए कि आवेदन कहां तक पहुंचा, या किसी के दिए प्रमाण पत्र को जांचने के लिए। यह पोर्टल राज्य के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का है, और इसे NIC के उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ ने बनाया है।
उलझन लॉगिन स्क्रीन से ही शुरू हो जाती है। ई डिस्ट्रिक्ट के मुख्य पेज पर दो लॉगिन हैं, और उनमें से सिर्फ एक आपके लिए है। “ई-डिस्ट्रिक्ट लॉगिन” अधिकारियों और जन सेवा केंद्र के ऑपरेटरों के लिए है। नागरिक “सिटिजन लॉगिन (ई-साथी)” से आवेदन करते हैं, जो ई-साथी नाम का नागरिक पोर्टल है। सही दरवाजा चुनिए, ई-KYC के लिए अपना आधार पास रखिए, फिर बाकी प्रक्रिया छोटी है।
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी एक नजर में
ई-डिस्ट्रिक्ट राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के तहत एक स्टेट मिशन मोड प्रोजेक्ट है। यूपी में इसमें प्रमाण पत्र, शिकायतें, राशन से जुड़ी सेवाएं, पेंशन, खतौनी की नकल, राजस्व के मुकदमे और रोजगार पंजीकरण आते हैं। नीचे पोर्टल और उसके शासनादेशों से ली गई बुनियादी बातें हैं।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल | edistrict.up.gov.in (नागरिकों के आवेदन esathi.up.gov.in पर) |
| मालिक विभाग | आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार |
| किसने बनाया | NIC उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ |
| मुख्य प्रमाण पत्र | आय, जाति, अधिवास, हैसियत, जन्म और मृत्यु, दिव्यांग |
| शुल्क, अगर खुद आवेदन करें | ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से हर सेवा के 15 रुपये |
| शुल्क, जन सेवा केंद्र पर | CSC 3.0 के तहत हर सेवा के 30 रुपये, 16 नवंबर 2020 से |
| समय-सीमा (आय, जाति, अधिवास) | 20 दिन, विभाग के प्रक्रिया वाले दस्तावेजों के मुताबिक |
| लागू कानून | उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम, 2011 |
| हेल्पलाइन | 0522-2304706, सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक; [email protected] |
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी पोर्टल क्या करता है
तहसील से जारी होने वाले लगभग हर प्रमाण पत्र का पिछला दफ्तर यही पोर्टल है। ऑनलाइन या जन सेवा केंद्र पर भरा गया आवेदन तहसीलदार के पास पहुंचता है। फिर उस पर लेखपाल (गांव का राजस्व कर्मचारी) मौके की रिपोर्ट देता है, और आखिर में आवेदन डिजिटल दस्तखत वाले प्रमाण पत्र के रूप में लौटता है।
सेवाओं वाला पेज प्रमाण पत्रों और कल्याण योजनाओं के आवेदनों को विभाग के हिसाब से बांटता है। ज्यादातर परिवारों को इनमें से ये सेवाएं चाहिए होती हैं:
| सेवा | शुल्क (जन सेवा केंद्र / ऑनलाइन) | पोर्टल पर बताए गए मुख्य दस्तावेज |
|---|---|---|
| जाति प्रमाणपत्र | 30 रुपये / 15 रुपये | फोटो, स्वघोषणा पत्र, जाति से जुड़ा दस्तावेज, निवास और पहचान का सबूत |
| आय प्रमाणपत्र | 30 रुपये / 15 रुपये | स्वघोषणा पत्र, राशन कार्ड की कॉपी, नौकरी करते हों तो ताजा वेतन पर्ची |
| अधिवास प्रमाणपत्र | 30 रुपये / 15 रुपये | स्वघोषणा पत्र, राशन कार्ड या बिजली का बिल, वोटर आईडी, पढ़ाई कर रहे हों तो शैक्षिक प्रमाण पत्र |
| हैसियत प्रमाण पत्र (सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट) | 120 रुपये / 105 रुपये | पैन, पते का सबूत, प्रमाणित खतौनी या संपत्ति का कोई दूसरा सबूत, मूल्यांकन प्रमाण पत्र |
| जन्म/मृत्यु प्रमाणपत्र | 30 रुपये / 15 रुपये | अस्पताल का प्रमाण पत्र, या ग्राम प्रधान, पार्षद, सांसद या किसी MBBS डॉक्टर का प्रमाण पत्र |
| दिव्यांग प्रमाणपत्र | 30 रुपये / 15 रुपये | फोटो, स्वघोषणा पत्र |
इसी पेज पर कल्याण योजनाओं के दर्जनों आवेदन भी हैं, शादी के अनुदान से लेकर किसान दुर्घटना सहायता तक। साथ में दूसरे विभागों की “इंटीग्रेटेड” सेवाएं भी हैं, जो इन्हीं जन सेवा केंद्रों से चलती हैं। मुख्य पेज की सूचनाएं समय-समय पर नए विभाग जुड़ने की खबर देती हैं। मिसाल के लिए, कृषि विभाग की सेवाएं मई 2025 में जोड़ी गईं।
हर प्रमाण पत्र असल में क्या साबित करता है और कहां माना जाता है, यह समझना हो, तो जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अधिवास प्रमाण पत्र पर हमारी गाइड पढ़िए। उनमें राष्ट्रीय स्तर के नियम दिए गए हैं।
ई-साथी पर रजिस्ट्रेशन और लॉगिन कैसे करें
नागरिकों के खाते ई-साथी पर बनते हैं, जो ई डिस्ट्रिक्ट के मुख्य पेज से जुड़ा नागरिक पोर्टल है। रजिस्ट्रेशन एक ही बार करना होता है, और फिर हर सेवा के लिए वही खाता चलता है।
- edistrict.up.gov.in खोलिए और “सिटिजन लॉगिन (ई-साथी)” पर क्लिक कीजिए।
- ई-साथी वाले पेज पर “नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण?” पर क्लिक कीजिए, यानी नए यूजर का रजिस्ट्रेशन।
- फॉर्म भरिए: लॉगिन आईडी, नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, जिला, पिन कोड, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और सुरक्षा कोड।
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक OTP आता है। अपनी यूजर आईडी, OTP और सुरक्षा कोड से लॉगिन कीजिए।
- पोर्टल कहे तो अपना पासवर्ड बदलिए, और फिर नए पासवर्ड से दोबारा लॉगिन कीजिए।
लॉगिन बॉक्स में तीन चीजें मांगी जाती हैं: “लॉगिन आई.डी.”, “पासवर्ड/ओ.टी.पी” और “सुरक्षा कोड”। अगर खाता खुलना बंद हो जाए, तो इसी पेज पर “Forgot password ?” और “Forgot User Id ?” वाले लिंक हैं। पासवर्ड OTP के जरिए दोबारा सेट होता है।
आय, जाति या अधिवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करें
राजस्व विभाग के ये तीनों प्रमाण पत्र एक ही तरीके से बनते हैं। नीचे के स्टेप विभाग के प्रक्रिया वाले दस्तावेजों और ई-साथी की नागरिक पुस्तिका, दोनों को मिलाकर लिखे गए हैं।
- शुरू करने से पहले अपने दस्तावेज स्कैन कर लीजिए। फोटो JPEG में होनी चाहिए और 50 KB या उससे कम की होनी चाहिए। बाकी हर दस्तावेज 100 KB या उससे कम का होना चाहिए। फाइलें बड़ी हों, तो पोर्टल ने इमेज छोटी करने और काटने वाले अपने टूल का लिंक दिया है।
- ई-साथी में लॉगिन कीजिए और “E-SATHI INTEGRATED SERVICES” वाला विकल्प चुनिए।
- राजस्व विभाग के नीचे वह प्रमाण पत्र चुनिए जो आपको चाहिए।
- उस सेवा के लिए अपनी प्रोफाइल बनाइए: जिला चुनिए और अपनी जन्मतिथि और मोबाइल नंबर भरिए।
- आधार ई-KYC पूरा कीजिए। सेवाओं वाला पेज साफ कहता है कि जाति, आय और अधिवास प्रमाण पत्र आधार ई-KYC की जांच के बाद ही मिलते हैं।
- फॉर्म भरिए, स्वघोषणा पत्र और बाकी दस्तावेज अपलोड कीजिए, और जमा कीजिए। पोर्टल आपको एक अलग आवेदन संख्या देता है।
- “सेवा शुल्क भुगतान” से डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए 15 रुपये का यूजर चार्ज चुकाइए। आपको बैंक की ट्रांजैक्शन आईडी मिलती है।
- “Generate Acknowledgement” पर क्लिक कीजिए और पावती की पर्ची सेव कर लीजिए।
एक नियम पर लोग अक्सर अटक जाते हैं। ई-साथी की पुस्तिका कहती है कि फॉर्म जमा करने के 24 घंटे के भीतर शुल्क चुकाना होगा, वरना आवेदन पूरा नहीं माना जाता। अगर भुगतान फेल हो जाए, तो “सेवा शुल्क भुगतान” पर लौटिए, अपनी आवेदन संख्या चुनिए और दोबारा जमा कीजिए।
जमा करने से पहले हर अपलोड को जांच लीजिए। पोर्टल का FAQ इस पर बिल्कुल साफ है: एक बार दस्तावेज अपलोड हो गया, तो उसे न बदला जा सकता है, न हटाया जा सकता है, न उसकी जगह दूसरा लगाया जा सकता है।
कौन-से दस्तावेज चाहिए
ई-KYC के लिए आधार के अलावा ये चीजें तैयार रखिए:
- स्वप्रमाणित घोषणा पत्र: तीनों प्रमाण पत्रों के लिए जरूरी है। इसका फॉर्मेट ई डिस्ट्रिक्ट के मुख्य पेज पर डाउनलोड वाले हिस्से में मिलता है।
- जाति प्रमाण पत्र: जाति से जुड़ा कोई दस्तावेज, निवास और पहचान का सबूत और एक फोटो। प्रक्रिया वाला दस्तावेज वार्ड पार्षद या ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र भी गिनाता है।
- आय प्रमाण पत्र: राशन कार्ड की कॉपी, और अगर आप नौकरी करते हैं तो अपनी ताजा वेतन पर्ची।
- अधिवास प्रमाण पत्र: राशन कार्ड की कॉपी या बिजली का बिल, वोटर आईडी की कॉपी, और अगर आप पढ़ाई कर रहे हैं तो शैक्षिक प्रमाण पत्र।
FAQ यह भी बताता है कि अगर आप ऑनलाइन की जगह काउंटर पर जाते हैं, तो भरा हुआ फॉर्म, पासपोर्ट साइज फोटो, स्वघोषणा पत्र और सहायक दस्तावेजों की कॉपियां जमा करनी होती हैं।
आपके आवेदन पर फैसला कौन करता है
यह कड़ी पता हो, तो आप जानते हैं कि किसके पीछे लगना है। जाति और आय प्रमाण पत्र में तहसीलदार आवेदन की जांच करके उसे लेखपाल के पास भेजता है। लेखपाल मौके पर जांच करके रिपोर्ट लौटाता है। फिर तहसीलदार मंजूरी देकर प्रमाण पत्र जारी करता है। अधिवास प्रमाण पत्र एक स्तर ऊपर जाता है: SDM उसे जांच के लिए तहसीलदार और लेखपाल के पास भेजता है, और उनकी रिपोर्ट पर मंजूरी देता है।
शुल्क और समय-सीमा
शुल्क दो हैं, और फर्क इस बात से पड़ता है कि फॉर्म कौन भरता है। 3 दिसंबर 2020 के एक शासनादेश ने CSC 3.0 की व्यवस्था के तहत जन सेवा केंद्रों पर हर सेवा का यूजर चार्ज 30 रुपये तय किया, जो 16 नवंबर 2020 से लागू हुआ। इसी आदेश ने कहा कि अगर नागरिक केंद्र पर गए बिना सीधे ऑनलाइन आवेदन करे, तो चार्ज 15 रुपये होगा। सेवाओं वाले पेज पर दोनों रकम लिखी हैं।
विभाग के प्रक्रिया वाले दस्तावेज जाति, आय और अधिवास प्रमाण पत्र के लिए 20 दिन का सर्विस लेवल बताते हैं। अगर आपका आवेदन बताई गई मियाद से ज्यादा पड़ा रहे, तो पोर्टल का FAQ आपसे अपने जिले के मंजूरी देने वाले अधिकारी से संपर्क करने को कहता है।
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी पर आवेदन की स्थिति कैसे देखें
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी स्टेटस देखने के लिए आपको बस अपनी पावती पर लिखी आवेदन संख्या चाहिए।
- ई डिस्ट्रिक्ट के मुख्य पेज पर “आवेदन की स्थिति” पर क्लिक कीजिए।
- आवेदन संख्या भरिए और Search पर क्लिक कीजिए।
- आवेदन की मौजूदा स्थिति पढ़िए।
ई-साथी के लॉगिन पेज पर भी यही जांच Track Status में मिलती है, जहां आप आवेदन संख्या या रेफरेंस नंबर भरते हैं। अपने खाते के अंदर “आवेदन की सूची/View Application” में आपके भरे सारे आवेदन दिखते हैं, और “रसीद की प्रतिलिपि” से आपको रसीद की दूसरी कॉपी मिल जाती है।
प्रमाण पत्र कैसे डाउनलोड करें और कैसे जांचें
मंजूरी के बाद प्रमाण पत्र आपके ई-साथी खाते में आ जाता है। लॉगिन कीजिए और “निस्तारित आवेदन” (निपटाए गए आवेदन) खोलकर डिजिटल दस्तखत वाली कॉपी डाउनलोड कीजिए। प्रमाण पत्र जारी होने पर पोर्टल एक SMS भी भेजता है। अपने ब्राउजर में पॉप-अप की इजाजत दे दीजिए, क्योंकि प्रमाण पत्र नई विंडो में खुलता है। प्रक्रिया वाले दस्तावेज डाउनलोड के एक और रास्ते के रूप में डिजिलॉकर का नाम भी लेते हैं।
सत्यापन वह काम है जो कॉलेज, नियोक्ता या बैंक आपके प्रमाण पत्र के साथ करते हैं, और इसे कोई भी कर सकता है:
- ई डिस्ट्रिक्ट के मुख्य पेज पर “प्रमाण पत्र का सत्यापन” पर क्लिक कीजिए।
- प्रमाण पत्र पर छपी आवेदन संख्या और प्रमाण पत्र आईडी भरिए।
- Search पर क्लिक कीजिए और स्क्रीन पर दिखे विवरण को कागजी कॉपी से मिलाइए।
UPOnline से जारी पुराने प्रमाण पत्रों के लिए सत्यापन वाले बॉक्स में एक अलग लिंक है। अगर कोई असली प्रमाण पत्र ऑनलाइन जांच में न खुले, तो FAQ कहता है कि मूल प्रति लेकर जिला प्रशासन या मंजूरी देने वाले अधिकारी के पास जाइए।
आम गलतियां और उनका हल
edistrict up gov in पर ज्यादातर दिक्कतें बार-बार वही होती हैं, और हर एक का हल है:
- गलत दरवाजे से लॉगिन किया। “ई-डिस्ट्रिक्ट लॉगिन” ऑपरेटरों और अधिकारियों के लिए है। नागरिक “सिटिजन लॉगिन (ई-साथी)” इस्तेमाल करते हैं।
- अपलोड नहीं हुआ। फोटो 50 KB से बड़ी है या कोई दस्तावेज 100 KB से बड़ा है। पोर्टल के अपने टूल से फाइल छोटी कीजिए और फिर कोशिश कीजिए।
- गलत दस्तावेज अपलोड हो गया। अपलोड के बाद उसे बदला नहीं जा सकता। अगर आवेदन खारिज हो जाए, तो सही कागजों के साथ दोबारा आवेदन कीजिए।
- आवेदन खारिज हो गया। FAQ कहता है कि खारिज आवेदन पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हो सकती। दस्तावेज पूरे करके नया आवेदन भरना होगा। पहले मंजूरी देने वाले अधिकारी से वजह पूछ लीजिए।
- पैसा कट गया लेकिन आवेदन अधूरा है। “सेवा शुल्क भुगतान” में जाइए, आवेदन संख्या चुनिए और दोबारा जमा कीजिए। पोर्टल या तो आपको गेटवे पर भेजेगा, या पहले से मौजूद ट्रांजैक्शन आईडी दिखा देगा।
- पेज नहीं खुलता या टूटा हुआ दिखता है। FAQ इसकी वजह पुराना ब्राउजर या धीमा इंटरनेट बताता है, और ब्राउजर का नया वर्जन इस्तेमाल करने की सलाह देता है। हिंदी टाइपिंग के लिए पोर्टल यूनिकोड मंगल फॉन्ट और गूगल इनपुट टूल्स को सपोर्ट करता है।
शिकायत कहां करें और अपील कैसे करें
देरी हो या फैसले पर विवाद, पहला संपर्क आपके जिले का मंजूरी देने वाला अधिकारी है। राजस्व वाले प्रमाण पत्रों में यह तहसीलदार या SDM होता है। पोर्टल की तकनीकी खराबी के लिए 0522-2304706 पर फोन कीजिए (सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक, सरकारी छुट्टियों को छोड़कर) या [email protected] पर लिखिए।
कानूनी सहारा उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम, 2011 है, जो राज्य का सेवा के अधिकार वाला कानून है। इसके तहत जिसका आवेदन खारिज हो जाए या तय समय-सीमा में सेवा न मिले, वह तीस दिन के भीतर प्रथम अपील अधिकारी के पास अपील कर सकता है। पहली अपील के फैसले के 60 दिन के भीतर दूसरी अपील की जा सकती है। ई डिस्ट्रिक्ट की आदेश सूची में जनहित गारंटी अधिनियम के दायरे में आने वाली राजस्व विभाग की सेवाओं पर एक अलग आदेश भी है।
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी आज
पोर्टल पर दर्ज हाल के आदेश बताते हैं कि यह किस तरफ बढ़ रहा है। 23 जनवरी 2024 के एक आदेश ने आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में आधार सत्यापन जोड़ दिया। इसी वजह से इन तीनों के लिए ई-KYC अब जरूरी है। 20 जुलाई 2022 के एक आदेश ने यही राजस्व सेवाएं उमंग ऐप पर भी उपलब्ध करा दीं। सबसे नया आदेश 17 सितंबर 2026 का है, और यह ई डिस्ट्रिक्ट के जरिए EWS प्रमाण पत्र (आय और संपत्ति प्रमाण पत्र) ऑनलाइन जारी करने के बारे में है।
इन सबके पीछे का विचार पोर्टल से पुराना है। तय समय में मिलने वाली और ट्रैक की जा सकने वाली सेवाएं नागरिक चार्टर से निकलीं, जिन्होंने मानक तो तय किए लेकिन उनके टूटने पर कोई उपाय नहीं दिया। आज ये ई-गवर्नेंस सुधार की एक जानी-मानी मिसाल हैं। बिहार यही मॉडल अपने पोर्टल से चलाता है, जिसके बारे में हमारी आरटीपीएस बिहार गाइड में पढ़ सकते हैं। ई डिस्ट्रिक्ट से बना आय प्रमाण पत्र यूपी स्कॉलरशिप के आवेदनों में सबसे ज्यादा मांगा जाने वाला दस्तावेज भी है, इसलिए एक वैध आय प्रमाण पत्र हमेशा अपने पास रखना फायदे का सौदा है।
सामान्य प्रश्न
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी क्या है?
ई डिस्ट्रिक्ट यूपी उत्तर प्रदेश सरकार का प्रमाण पत्रों और जिला सेवाओं वाला पोर्टल है, जो edistrict.up.gov.in पर चलता है। यह आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का है और इसे NIC ने बनाया है। नागरिक इसके ई-साथी पोर्टल से या किसी जन सेवा केंद्र पर आवेदन करते हैं।
नागरिक के तौर पर ई डिस्ट्रिक्ट यूपी में लॉगिन कैसे करें?
मुख्य पेज पर ‘सिटिजन लॉगिन (ई-साथी)’ पर क्लिक कीजिए, ऑपरेटरों वाले ई-डिस्ट्रिक्ट लॉगिन पर नहीं। अपने विवरण और मोबाइल नंबर से एक बार रजिस्ट्रेशन कीजिए। फिर अपनी लॉगिन आईडी, पासवर्ड या OTP और सुरक्षा कोड से लॉगिन कीजिए।
यूपी में आय प्रमाण पत्र का शुल्क कितना है?
अगर आप ई-साथी पर खुद ऑनलाइन आवेदन करते हैं, तो यूजर चार्ज 15 रुपये है। जन सेवा केंद्र पर यह 30 रुपये है। ये दरें 3 दिसंबर 2020 के एक शासनादेश ने CSC 3.0 की व्यवस्था के तहत तय कीं।
आय, जाति या अधिवास प्रमाण पत्र बनने में कितने दिन लगते हैं?
राजस्व विभाग के प्रक्रिया वाले दस्तावेज तीनों के लिए 20 दिन का सर्विस लेवल बताते हैं। अगर आवेदन इससे ज्यादा समय तक पड़ा रहे, तो अपने जिले के मंजूरी देने वाले अधिकारी से संपर्क कीजिए।
क्या यूपी में जाति प्रमाण पत्र के लिए आधार जरूरी है?
हां। सेवाओं वाला पेज कहता है कि जाति, आय और अधिवास प्रमाण पत्र की सेवाएं आधार ई-KYC की जांच के बाद ही मिलती हैं। 2024 के एक शासनादेश ने इन तीनों सेवाओं में आधार सत्यापन जोड़ा।
अपने ई डिस्ट्रिक्ट यूपी आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
ई डिस्ट्रिक्ट के मुख्य पेज पर ‘आवेदन की स्थिति’ पर क्लिक कीजिए और अपनी आवेदन संख्या भरिए। ई-साथी के लॉगिन पेज पर यही जांच Track Status में भी मिलती है।
यूपी का आय या जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन कैसे जांचें?
ई डिस्ट्रिक्ट के मुख्य पेज पर ‘प्रमाण पत्र का सत्यापन’ पर क्लिक कीजिए, और प्रमाण पत्र पर छपी आवेदन संख्या और प्रमाण पत्र आईडी भरिए। अगर कोई असली प्रमाण पत्र जांच में न खुले, तो मूल प्रति लेकर मंजूरी देने वाले अधिकारी के पास जाइए।
अगर आवेदन खारिज हो जाए तो क्या करें?
खारिज आवेदन दोबारा नहीं खुलता, इसलिए छूटे हुए दस्तावेजों के साथ नया आवेदन भरिए। पहले मंजूरी देने वाले अधिकारी से वजह पूछ लीजिए। और याद रखिए कि जनहित गारंटी अधिनियम तीस दिन के भीतर पहली अपील की इजाजत देता है।