Anantam IASHindi Note · 13 September 2026

UPSC राजनीति विज्ञान (PSIR) वैकल्पिक प्रश्न-पत्र 2026: पेपर I और पेपर II, सभी सवाल

UPSC PSIR वैकल्पिक 2026 के पेपर I और पेपर II के सभी सवाल, नंबर, सिलेबस यूनिट और यूनिट-वार बँटवारे के साथ, हर सवाल का मॉडल उत्तर लिंक।

2026 के UPSC PSIR (राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध) वैकल्पिक के दोनों पेपर नीचे पूरे हैं: पेपर I (राजनीतिक सिद्धांत और भारतीय राजनीति) और पेपर II (तुलनात्मक राजनीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध और भारत व विश्व), हर सवाल के नंबर और सिलेबस यूनिट के साथ। हर पेपर में 8 सवाल छपते हैं, कुल 400 नंबर के; आपको तीन घंटे में 5 सवाल करने होते हैं, 250 नंबर के लिए। सवाल 1 और 5 अनिवार्य हैं, और बाकी तीन में हर खंड से कम से कम एक सवाल होना चाहिए।

हर सवाल के साथ उसके मॉडल उत्तर का लिंक है (अंग्रेज़ी में), ताकि आप घड़ी लगाकर उत्तर लिखें और तुरंत अपना ढाँचा मिला लें। सवाल वैसे ही हैं जैसे UPSC ने छापे थे; हर पेपर की शुरुआत में डाउनलोड लिंक है और आख़िर में यूनिट के हिसाब से नंबरों का बँटवारा।

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध (PSIR) वैकल्पिक 2026 पेपर I

आधिकारिक प्रश्न-पत्र: राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध (PSIR) वैकल्पिक 2026 पेपर I (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।

खंड A विचारकों पर टिका रहा। भारतीय और पाश्चात्य राजनीतिक चिंतन मिलाकर 80 नंबर ले गए, अंबेडकर, गांधी, कौटिल्य, मैकियावेली और मिल के ज़रिए, और विचारधाराओं वाली यूनिट में वोलस्टोनक्राफ्ट और मार्क्यूज़ से 25 नंबर और आए। खंड B के 200 नंबर आठ यूनिटों में बँटे; सबसे आगे संविधान और उसके अंग रहे, 40 नंबर (प्रस्तावना से पहले की धर्मनिरपेक्षता, कार्यपालिका पर अंकुश, दो दशकों की संसद), फिर संघवाद और दल व चुनावी राजनीति, 35-35 नंबर।

खंड A

प्र.सवालअंकयूनिटउत्तर
1(a)राजनीतिक सिद्धांत का पुनरुत्थान10राजनीतिक सिद्धांत और राज्यउत्तर देखें
1(b)राज्य का उत्तर-औपनिवेशिक सिद्धांत10राजनीतिक सिद्धांत और राज्यउत्तर देखें
1(c)पाइक मछली की स्वतन्त्रता छोटी मछलियों की मृत्यु के समान है।10न्याय, समानता, अधिकार और स्वतंत्रताउत्तर देखें
1(d)वैधता हमेशा एक ‘सामाजिक रचना’ होती है।10लोकतंत्र, शक्ति और वैधताउत्तर देखें
1(e)हर्बर्ट मार्क्यूज़ ने अपने आलोचनात्मक सिद्धांत में फ्रायडवाद को पूरी तरह बदल दिया।10राजनीतिक विचारधाराएँउत्तर देखें
2(a)”व्यक्ति के अधिकार राज्य से पृथक् और स्वतन्त्र होते हैं।” लास्की के दृष्टिकोण का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए।20न्याय, समानता, अधिकार और स्वतंत्रताउत्तर देखें
2(b)”भाग्य बहादुर का साथ देता है।” इस कथन के आलोक में मैकियावेली की ‘सद्गुण’ एवं ‘भाग्य’ अवधारणाओं की विवेचना कीजिए।15पाश्चात्य राजनीतिक चिंतनउत्तर देखें
2(c)लोकतंत्र तथा राज्य समाजवाद पर बी० आर० अंबेडकर के विचारों की विवेचना कीजिए।15भारतीय राजनीतिक चिंतनउत्तर देखें
3(a)मिल का लेखन उदारवाद के विकास के लिए महत्त्वपूर्ण था, क्योंकि इसने शास्त्रीय और आधुनिक सिद्धांत के बीच की खाई को पाटा। विश्लेषण कीजिए।20पाश्चात्य राजनीतिक चिंतनउत्तर देखें
3(b)वोलस्टोनक्राफ्ट ने पहली बार व्यवस्थित नारीवादी आलोचना विकसित की। उनके प्रमुख विचारों की चर्चा कीजिए।15राजनीतिक विचारधाराएँउत्तर देखें
3(c)न्यासिता के संबंध में सम्पत्ति के प्रति गाँधी के दृष्टिकोण की विवेचना कीजिए।15भारतीय राजनीतिक चिंतनउत्तर देखें
4(a)”प्रतिनिधि लोकतंत्र कोई निरपेक्ष सिद्धांत नहीं है, बल्कि यह समय, स्थान और परिस्थितियों का विषय है।” इस कथन का विश्लेषण कीजिए। प्रतिनिधि लोकतंत्र की मुख्य चुनौतियों के बारे में बताइए।20लोकतंत्र, शक्ति और वैधताउत्तर देखें
4(b)सामर्थ्य उपागम से आप क्या समझते हैं? समानता के सामर्थ्य सिद्धांत के विशेष लक्षणों को विस्तारपूर्वक वर्णित कीजिए।15न्याय, समानता, अधिकार और स्वतंत्रताउत्तर देखें
4(c)कौटिल्य के सप्तांग सिद्धांत का विश्लेषण कीजिए। समकालीन राजनीति में आप इसके महत्त्व को कैसे समझाएँगे?15भारतीय राजनीतिक चिंतनउत्तर देखें

खंड B

प्र.सवालअंकयूनिटउत्तर
5(a)स्वदेशी की भावना स्वराज की माँग में कैसे परिवर्तित हुई?10भारतीय राष्ट्रवादउत्तर देखें
5(b)भारत का संविधान प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द जोड़े जाने से पहले भी धर्मनिरपेक्ष था। टिप्पणी कीजिए।10संविधान और सरकार के अंगउत्तर देखें
5(c)भारत की आधुनिक राजनीति में पहचान एक अहम विषय बन गई है। विवेचना कीजिए।10जाति, धर्म और नृजातीयताउत्तर देखें
5(d)पंचायती राज में परोक्ष नेतृत्व का अंत करना वास्तविक आधारिक लोकतंत्र की दिशा में एक आवश्यक कदम है। टिप्पणी कीजिए।10जमीनी लोकतंत्रउत्तर देखें
5(e)भारत में कृषि क्षेत्र पर उदारीकरण के प्रभाव की विवेचना कीजिए।10नियोजन और आर्थिक विकासउत्तर देखें
6(a)निष्क्रिय प्रतिरोधियों से लेकर सशस्त्र क्रान्तिकारियों तक, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिला स्वतंत्रता सेनानियों की गहरी छाप है। प्रकाश डालिए।20भारतीय राष्ट्रवादउत्तर देखें
6(b)जब सत्ता में कई हितधारक शामिल होते हैं, तो संवाद और सहमति शासन के स्वाभाविक तत्त्व बन जाते हैं। गठबंधन राजनीति के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।15दल व्यवस्था और चुनावी राजनीतिउत्तर देखें
6(c)अनुच्छेद 293 के संदर्भ में केन्द्र-राज्य सम्बन्ध का मूल्यांकन करते हुए भारतीय संघवादी ढाँचे पर उसके प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।15संघवादउत्तर देखें
7(a)समकालीन भारत में मतदान व्यवहार की प्रमुख प्रवृत्तियों को स्पष्ट कीजिए, और विवेचन कीजिए कि एस्ट्रोटर्फिंग इस परिदृश्य को कैसे प्रभावित करती है।20दल व्यवस्था और चुनावी राजनीतिउत्तर देखें
7(b)कार्यपालिका की शक्तियों पर अंकुश लगाने वाले किन्हीं पाँच संवैधानिक उपबन्धों को रेखांकित करते हुए वर्तमान समय में उनकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।15संविधान और सरकार के अंगउत्तर देखें
7(c)21वीं सदी के भारत में उभरे विभिन्न प्रकार के नृजातीय संघर्षों को रेखांकित कीजिए।15जाति, धर्म और नृजातीयताउत्तर देखें
8(a)भारत में अंतर-राज्यीय जल विवादों के कारणों एवं परिणामों की विवेचना कीजिए।20संघवादउत्तर देखें
8(b)पिछले दो दशकों में भारतीय संसद की कार्यप्रणाली में आए बदलावों पर आलोचनात्मक टिप्पणी कीजिए।15संविधान और सरकार के अंगउत्तर देखें
8(c)”पर्यावरणीय अवक्रमण को रोकने में राजनीतिक इच्छाशक्ति में कमी भारत के समक्ष मौजूद बड़ी चुनौतियों में से एक है।” टिप्पणी कीजिए।15सामाजिक आंदोलनउत्तर देखें

2026 पेपर I: नंबर कहाँ रहे

यूनिटअंकपेपर में हिस्सा
भारतीय राजनीतिक चिंतन4511.2%
न्याय, समानता, अधिकार और स्वतंत्रता4511.2%
संविधान और सरकार के अंग4010.0%
संघवाद358.8%
दल व्यवस्था और चुनावी राजनीति358.8%
पाश्चात्य राजनीतिक चिंतन358.8%
लोकतंत्र, शक्ति और वैधता307.5%
भारतीय राष्ट्रवाद307.5%
जाति, धर्म और नृजातीयता256.2%
राजनीतिक विचारधाराएँ256.2%
राजनीतिक सिद्धांत और राज्य205.0%
सामाजिक आंदोलन153.8%
जमीनी लोकतंत्र102.5%
नियोजन और आर्थिक विकास102.5%

राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध (PSIR) वैकल्पिक 2026 पेपर II

आधिकारिक प्रश्न-पत्र: राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध (PSIR) वैकल्पिक 2026 पेपर II (UPSC PDF)। समय तीन घंटे, अधिकतम अंक 250।

खंड B के 200 में से 90 नंबर भारत और दक्षिण एशिया से आए: छह हिस्से, पाकिस्तान-अफ़गानिस्तान तनाव, भूमि सीमा समझौता, क्षेत्र में चीन, मालदीव, अवैध सीमा-पार प्रवासन और कच्चातिवु पर। खंड A अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की ओर झुका रहा: अपने ही सबसे बड़े सदस्य के दबाव में नाटो और अमेरिका-चीन संबंधों में सत्ता हस्तांतरण, मिलाकर 35 नंबर। CMEA और UNCLOS सीधे सिलेबस से 15-15 नंबर के सवाल बनकर आए।

खंड A

प्र.सवालअंकयूनिटउत्तर
1(a)तुलनात्मक राजनीतिक वेश्लेषण में संस्थागत दृष्टिकोण की आलोचनाएँ क्रमिक चरणों में सामने आई हैं। टिप्पणी कीजिए।10तुलनात्मक राजनीति और उसके उपागमउत्तर देखें
1(b)निष्कर्षण पूँजीवाद10तुलनात्मक राजनीति और उसके उपागमउत्तर देखें
1(c)शक्ति संतुलन की विभिन्न विधियों पर चर्चा कीजिए।10अंतरराष्ट्रीय संबंधों की मुख्य अवधारणाएँउत्तर देखें
1(d)सेवार्थीवाद10प्रतिनिधित्व और भागीदारी की राजनीतिउत्तर देखें
1(e)रक्षात्मक यथार्थवाद की अवधारणा में पहचान और प्रौद्योगिकी की क्या भूमिका है ?10अंतरराष्ट्रीय संबंधों के उपागमउत्तर देखें
2(a)समकालीन औद्योगिक समाजों में राज्यों की बदलती प्रकृति हेतु उत्तरदायी कारकों की चर्चा कीजिये तथा इसके प्रभाव समझाइए।20तुलनात्मक नज़र से राज्यउत्तर देखें
2(b)अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरचनाएं राष्ट्रों के बीच की राजनीति के बंधक बन चुके हैं। टिप्पणी कीजिए।15संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मुद्देउत्तर देखें
2(c)कूटनीति हमेशा से दो स्तंभों पर टिकी रहती है : संस्थागत स्मृति और व्यक्तिगत कौशल। विस्तार से व्याख्या कीजिए।15अंतरराष्ट्रीय संबंधों की मुख्य अवधारणाएँउत्तर देखें
3(a)नाटो, जो सबसे पुराना जीवित सामूहिक सुरक्षा तंत्र है, अपने ही सबसे बड़े सदस्य से सौदेबाजी के दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे हालातों में नाटो का भविष्य क्या है ?20बदलती अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्थाउत्तर देखें
3(b)अन्तर्राष्ट्रीय संबंधों के सिद्धान्त जो निष्पक्षता का दावा करते हैं, उनमें अनिवार्य रूप से व्यक्तिपरक पूर्वाग्रह होते हैं। स्पष्ट कीजिए।15अंतरराष्ट्रीय संबंधों के उपागमउत्तर देखें
3(c)क्या सत्ता हस्तांतरण का सिद्धांत अमेरिका-चीन संबंधों की गतिशीलता को प्रतिबिंबित करता है ?15बदलती अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्थाउत्तर देखें
4(a)वर्तमान चुनौतियों का सामना करने के लिये, क्वॉड को शिखर सम्मेलन-केन्द्रित व्यवस्था से अधिक ठोस ढांचे की आवश्यकता है। विस्तार से व्याख्या कीजिए।20विश्व राजनीति का क्षेत्रीयकरणउत्तर देखें
4(b)पारस्परिक आर्थिक सहायता परिषद (सी एम ई ए) किस प्रकार से शीत युद्ध के दौरान भू-राजनीतिक विभाजन को प्रतिबिंबित करता है ?15अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का विकासउत्तर देखें
4(c)UNCLOS क्या है ? इसकी प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।15संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मुद्देउत्तर देखें

खंड B

प्र.सवालअंकयूनिटउत्तर
5(a)विश्व व्यापार संगठन में कृषि वार्ता पर भारत की आपत्तियाँ का वर्णन कीजिए।10भारत और ग्लोबल साउथउत्तर देखें
5(b)पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव के जवाब में भारत किन रणनीतिक विकल्पों का उपयोग कर सकता है ?10भारत और दक्षिण एशियाउत्तर देखें
5(c)भारत एवं इजरायल के बीच सुरक्षा सहयोग के तीन क्षेत्रों पर चर्चा कीजिए।10भारत की विदेश नीति में हाल के बदलावउत्तर देखें
5(d)भारत और बाँग्लादेश के बीच भूमि सीमा समझौते की मुख्य विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।10भारत और दक्षिण एशियाउत्तर देखें
5(e)भारत-ब्राजिल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में आर्थिक सहयोग की प्रासंगिकता का विश्लेषण कीजिए।10भारत और ग्लोबल साउथउत्तर देखें
6(a)दक्षिण एशिया में चीनी प्रभाव का तेजी से विस्तार हो रहा है, जो इस क्षेत्र के भू-राजनीतिक परिदृश्य को मौलिक रूप से बदल रहा है। यह भारत के लिए एक बड़ी विदेश नीति चुनौती है। विश्लेषण कीजिए।20भारत और दक्षिण एशियाउत्तर देखें
6(b)भारत-मालदीव राजनयिक संबंध के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, दोनों देशों के संबंधों के महत्त्वपूर्ण कारकों का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।15भारत और दक्षिण एशियाउत्तर देखें
6(c)“दी मदर ऑफ ऑल डील्स” भारत-EU व्यापार संबंधों में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी की विस्तार से व्याख्या कीजिए।15भारत और बड़ी शक्तियाँउत्तर देखें
7(a)अवैध सीमा-पार प्रवासन, भारत की सुरक्षा के लिए किस प्रकार की चुनौतियों को खड़ी करता है ? सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए गए कदमों और उनकी प्रभावशीलता पर चर्चा कीजिए।20भारत और दक्षिण एशियाउत्तर देखें
7(b)कच्चातिबु द्वीप भारत-श्रीलंका संबंध में एक अनसुलझा मुद्दा बना हुआ है। टिप्पणी कीजिए।15भारत और दक्षिण एशियाउत्तर देखें
7(c)भारत ने अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में अपने मूल मूल्यों और हितों की पूर्ति के लिए बहुगठबंधन नीति अपनाई है। चर्चा कीजिए।15भारत की विदेश नीतिउत्तर देखें
8(a)21वीं सदी में भारत-रूस संबंधों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करें। हाल के समय में दोनों देशों ने अपने संबंधों में अमरीका की दखलंदाजी पर कैसी प्रतिक्रिया दी है ?20भारत और बड़ी शक्तियाँउत्तर देखें
8(b)भारत ने यह पहचान लिया है कि पश्चिम एशिया एक एकल संघर्ष नहीं बल्कि प्रतिद्वंद्विता, सौदेबाजी और उत्कंठाओं का एक जटिल जाल है। टिप्पणी कीजिए।15भारत की विदेश नीति में हाल के बदलावउत्तर देखें
8(c)द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों के माध्यम से भारत और दक्षिण अफ्रीका के सहयोग का परीक्षण करें।15भारत और ग्लोबल साउथउत्तर देखें

2026 पेपर II: नंबर कहाँ रहे

यूनिटअंकपेपर में हिस्सा
भारत और दक्षिण एशिया9022.5%
बदलती अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्था358.8%
भारत और ग्लोबल साउथ358.8%
भारत और बड़ी शक्तियाँ358.8%
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मुद्दे307.5%
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के उपागम256.2%
अंतरराष्ट्रीय संबंधों की मुख्य अवधारणाएँ256.2%
भारत की विदेश नीति में हाल के बदलाव256.2%
तुलनात्मक राजनीति और उसके उपागम205.0%
विश्व राजनीति का क्षेत्रीयकरण205.0%
तुलनात्मक नज़र से राज्य205.0%
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का विकास153.8%
भारत की विदेश नीति153.8%
प्रतिनिधित्व और भागीदारी की राजनीति102.5%

2026 के पेपर पिछले सालों के मुकाबले कैसे रहे

हमारा <a href=”/psir-optional-pyq-analysis-paper-1/”>PSIR पेपर I PYQ विश्लेषण</a> (अंग्रेज़ी में) न्याय, ख़ासकर रॉल्स, को खंड A का सबसे नियमित विषय मानता है। 2026 में रॉल्स पर सीधा सवाल नहीं आया। न्याय वाले हिस्से के नंबर लास्की के अधिकार (2a), समानता के सामर्थ्य सिद्धांत (4b) और पाइक मछली वाली स्वतंत्रता (1c) पर गए, कुल 45 नंबर, तो जिसने सिर्फ़ रॉल्स, नोज़िक और सेन तक तैयारी की थी, उसे खिंचना पड़ता। संघवाद, जिसे वही विश्लेषण खंड B की रीढ़ कहता है, अनुच्छेद 293 और अंतर-राज्यीय जल विवादों के ज़रिए अपनी जगह पर रहा।

<a href=”/psir-optional-pyq-analysis-paper-2/”>PSIR पेपर II PYQ विश्लेषण</a> (अंग्रेज़ी में) चीन को हर साल लौटने वाला विषय बताता है। 2026 में भी चीन आया, पर भारत-चीन के सीधे सवाल की तरह नहीं: 6(a) दक्षिण एशिया में चीनी असर पर है और 3(c) अमेरिका-चीन संबंधों पर सत्ता हस्तांतरण सिद्धांत को परखता है। यथार्थवाद सिर्फ़ रक्षात्मक यथार्थवाद पर 10 नंबर के हिस्से (1e) में आया। बड़ा बदलाव खंड B में पड़ोस का हिस्सा रहा, और नाटो, क्वॉड और भारत-EU समझौते वाले सवाल दिखाते हैं कि पेपर II ख़बरों के साथ चलता है।

पेपर I में चार सालों में सबसे ज़्यादा नंबर संविधान और सरकार के अंग से आए, कुल 240: 2023 से 2025 तक 65, 75 और 60, पर 2026 के 40 नंबर इसका सबसे कम आँकड़ा है। खंड B में संघवाद सबसे ज़्यादा ऊपर-नीचे हुआ: 2024 में एक भी नंबर नहीं, फिर 2025 में 45 और 2026 में 35। दल व्यवस्था और चुनावी राजनीति लगातार तीन साल 15 नंबर पर रही और 2026 में 35 तक पहुँची। खंड A में राजनीतिक सिद्धांत और राज्य 2025 के 50 से 2026 में 20 पर आ गया, जबकि उसी साल भारतीय राजनीतिक चिंतन 15 से 45 पर और न्याय, समानता, अधिकार और स्वतंत्रता 25 से 45 पर पहुँचे।

पेपर II में सबसे बड़ा बदलाव भारत की अपनी विदेश नीति और पड़ोस के बीच दिखता है। भारत की विदेश नीति से 2023 से 2025 तक 70, 50 और 75 नंबर आए और 2026 में सिर्फ़ 15, जबकि भारत और दक्षिण एशिया 2023 के 20 से 55, 25 और फिर 90 पर पहुँचा। चार सालों में ये दोनों अब भी सबसे बड़ी यूनिटें हैं, 210 और 190 नंबर के साथ। भारत और बड़ी शक्तियाँ हर साल 30 से 45 नंबर के बीच रहीं। खंड A में विश्व राजनीति का क्षेत्रीयकरण 15 से 30 और 50 तक चढ़कर 2026 में 20 पर आ गया, IR की मुख्य अवधारणाएँ 2023 और 2024 में नहीं पूछी गईं और फिर 40 और 25 नंबर ले गईं, और बदलती अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्था बाकी तीनों साल 35-35 नंबर लेकर 2025 में खाली रही।

पेपर I: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026

यूनिट2023202420252026
राजनीतिक सिद्धांत और राज्य50405020
न्याय, समानता, अधिकार और स्वतंत्रता40352545
लोकतंत्र, शक्ति और वैधता30453530
राजनीतिक विचारधाराएँ20252525
भारतीय राजनीतिक चिंतन35301545
पाश्चात्य राजनीतिक चिंतन25255035
भारतीय राष्ट्रवाद10202030
संविधान और सरकार के अंग65756040
जमीनी लोकतंत्र30152010
संघवाद2004535
नियोजन और आर्थिक विकास15302510
जाति, धर्म और नृजातीयता20151525
दल व्यवस्था और चुनावी राजनीति15151535
सामाजिक आंदोलन2530015

पेपर II: यूनिट के हिसाब से अंक, 2023 से 2026

यूनिट2023202420252026
तुलनात्मक राजनीति और उसके उपागम20102020
तुलनात्मक नज़र से राज्य015020
प्रतिनिधित्व और भागीदारी की राजनीति10353010
अंतरराष्ट्रीय संबंधों के उपागम30401025
अंतरराष्ट्रीय संबंधों की मुख्य अवधारणाएँ004025
बदलती अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यवस्था3535035
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था का विकास20353015
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मुद्दे65103530
विश्व राजनीति का क्षेत्रीयकरण15305020
भारत की विदेश नीति70507515
भारत और दक्षिण एशिया20552590
भारत और ग्लोबल साउथ35251535
भारत और बड़ी शक्तियाँ35304535
भारत की विदेश नीति में हाल के बदलाव45302525

दोनों तालिकाओं का हर सवाल अपने मॉडल उत्तर से जुड़ा है, और पूरे सेट <a href=”/mains-practice-questions/psir-optional-paper-1/”>PSIR पेपर I मॉडल उत्तर</a> और <a href=”/mains-practice-questions/psir-optional-paper-2/”>PSIR पेपर II मॉडल उत्तर</a> पर हैं (अंग्रेज़ी में)। हर उत्तर में पहले रूपरेखा और मुख्य बिंदु हैं, फिर पूरा उत्तर।

यूनिटों के पीछे का सिलेबस <a href=”/psir-optional-syllabus/”>PSIR वैकल्पिक सिलेबस</a> पेज पर है और टॉपिक-वार तैयारी के लिए <a href=”/political-science-optional-notes/”>राजनीति विज्ञान वैकल्पिक नोट्स</a>, दोनों अंग्रेज़ी में। विषय अभी तय नहीं किया है तो <a href=”/hindi-notes/rajaniti-vigyan-aur-antararashtriy-sanbandh-vaikalpik-vishay-puri-guide/”>राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध वैकल्पिक विषय की पूरी गाइड</a> पढ़िए।

सामान्य प्रश्न

UPSC PSIR वैकल्पिक 2026 में क्या पूछा गया?

पेपर I में कौटिल्य, मैकियावेली और मिल से लेकर अंबेडकर, गांधी, वोलस्टोनक्राफ्ट और मार्क्यूज़ तक के विचारक, साथ में अधिकार, समानता, लोकतंत्र और वैधता आए, और खंड B में संघवाद, संसद, गठबंधन राजनीति, मतदान व्यवहार और नृजातीय संघर्ष। पेपर II के खंड A में IR सिद्धांत, नाटो, क्वॉड, CMEA और UNCLOS आए, और खंड B दक्षिण एशिया पर भारी रहा, साथ में भारत-रूस, भारत-EU, पश्चिम एशिया और ग्लोबल साउथ भी पूछे गए।

PSIR के हर पेपर में कितने सवाल और कितने नंबर होते हैं?

हर पेपर में दो खंडों में 8 सवाल होते हैं, हर सवाल 50 नंबर का, और आपको तीन घंटे में 5 सवाल करने होते हैं, 250 नंबर के लिए। सवाल 1 और 5 अनिवार्य हैं और दोनों में 10-10 नंबर के पाँच हिस्से होते हैं; बाकी सवाल 20, 15 और 15 नंबर के हिस्सों में बँटे होते हैं, और हर खंड से कम से कम एक चुनना होता है।

2026 के आधिकारिक PSIR प्रश्न-पत्र कहाँ से डाउनलोड करें?

UPSC अपनी वेबसाइट upsc.gov.in के previous question papers पेज पर मुख्य परीक्षा के आधिकारिक प्रश्न-पत्र PDF में डालता है, और 2026 के दोनों PSIR पेपर वहीं हैं। इस पेज पर भी हर पेपर की शुरुआत में डाउनलोड लिंक है।

2026 के पेपर से तैयारी में कैसे मदद लें?

पहले घड़ी लगाकर एक सवाल लिखिए, फिर उसका मॉडल उत्तर खोलकर तथ्यों से पहले ढाँचा मिलाइए। कुछ सवाल हो जाएँ तो यूनिट वाले बँटवारे से देखिए कि 2026 ने आपके नोट्स के किन हिस्सों को परखा और किन्हें छोड़ा।

2026 का PSIR पेपर पिछले सालों से कैसे अलग रहा?

हमारे PYQ विश्लेषण के मुकाबले, 2026 में रॉल्स पर सीधा सवाल नहीं आया, पर संघवाद और चीन बने रहे, चीन भारत-चीन के सीधे सवाल की जगह दक्षिण एशिया और अमेरिका-चीन सत्ता हस्तांतरण के ज़रिए। पेपर II के खंड B में दक्षिण एशिया के 90 नंबर इस साल का सबसे साफ़ झुकाव रहे।

2026 के PSIR सवालों के मॉडल उत्तर कहाँ मिलेंगे?

इस पेज का हर सवाल अपने मॉडल उत्तर से जुड़ा है, और पूरे सेट Mains practice questions में PSIR पेपर I और PSIR पेपर II के मॉडल उत्तर पेजों पर हैं। हर उत्तर में पहले रूपरेखा और मुख्य बिंदु हैं, फिर पूरा उत्तर।