पंखुड़ी पोर्टल: रजिस्ट्रेशन, वस्तु रूप में योगदान और प्रस्ताव की ट्रैकिंग
पंखुड़ी पोर्टल की पूरी जानकारी: कौन रजिस्टर कर सकता है, किसे कौन-सी ID चाहिए, पोर्टल पैसा क्यों नहीं लेता और प्रस्ताव और डिलीवरी कैसे ट्रैक होती है।
पंखुड़ी पोर्टल (PANKHUDI) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सिंगल-विंडो वेबसाइट है। यहाँ आम लोग, NRI, NGO और कंपनियाँ आंगनवाड़ी केंद्रों, बाल देखरेख संस्थाओं और महिला आश्रय गृहों को मदद की पेशकश करते हैं। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इसे 8 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में लॉन्च किया। अब यही मंत्रालय का CSR और स्वैच्छिक साझेदारी का औपचारिक रास्ता है। इसलिए जो भी इन संस्थाओं में से किसी की मदद करना चाहता है, उससे उम्मीद की जाती है कि वह इसी पोर्टल से होकर आए।
इसे खोजने वाले ज्यादातर लोग सोचते हैं कि यह कोई दान का पेज होगा। ऐसा नहीं है। पोर्टल कोई पैसा नहीं लेता। हर योगदान वस्तु रूप में होता है, यानी सामान या सेवा के रूप में। और वह तभी आगे बढ़ता है जब जिले या राज्य का कोई अधिकारी उसे मंजूरी दे दे। NGO भी यहाँ देने वाले के तौर पर रजिस्टर होते हैं, अनुदान माँगने वाले के तौर पर नहीं। बस यह एक बात याद रखिए, फिर पोर्टल की हर स्क्रीन समझ में आने लगेगी।
पंखुड़ी पोर्टल क्या है?
पंखुड़ी जमीनी संस्थाओं की जरूरतों को उन चीजों से मिलाता है जो योगदानकर्ता दे सकते हैं। मंत्रालय के मिशनों के तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें जो संस्थाएँ चलाती हैं, वे अपनी जरूरतें पोर्टल पर डालती हैं। योगदानकर्ता इन्हें देखते हैं और सामान या सेवाएँ देने का वादा करते हैं। फिर हर कदम पर अधिकारी मंजूरी देते हैं, जब तक डिलीवरी दर्ज न हो जाए। इसे सरकार की बनाई एक विश-लिस्ट समझिए: देने वाला सामान भेजता है और अधिकारी उसकी पावती पर दस्तखत करता है।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| कौन चलाता है | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार |
| आधिकारिक वेबसाइट | pankhudi.wcd.gov.in |
| लॉन्च | 8 जनवरी 2026, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया; राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और सचिव अनिल मलिक मौजूद थे |
| कौन रजिस्टर कर सकता है | भारत के व्यक्ति, NRI, NGO/NPO और CSR संस्थाएँ |
| क्या दे सकते हैं | सिर्फ ऐसी मदद जिसमें पैसा न हो: सामान, परिसंपत्तियाँ, उपकरण, गतिविधियाँ और सेवाएँ |
| कौन-से मिशन शामिल हैं | मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति |
| फीस | कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं दिखाई गई है, और पोर्टल किसी भी तरह का पैसों का लेन-देन नहीं करता |
| रजिस्टर्ड योगदानकर्ता | 3 फरवरी 2026 तक 38, लोकसभा में मंत्री के जवाब के मुताबिक |
| मदद और संपर्क | पोर्टल के भीतर “Raise Your Query”; मंत्रालय में पंखुड़ी पोर्टल डेस्क, 011-23388715, जैसा पोर्टल पर दिया गया है |
पंखुड़ी पोर्टल किसके लिए है
यह पोर्टल दो पक्षों के काम आता है। एक तरफ वे संस्थाएँ हैं जिन्हें चीजों की जरूरत है। दूसरी तरफ वे लोग और संगठन हैं जो ये चीजें देने को तैयार हैं।
लॉन्च की प्रेस रिलीज में उन संस्थाओं के नाम हैं जिन्हें यह पोर्टल मजबूत करना चाहता है:
- 14 लाख से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्र;
- लगभग 5,000 बाल देखरेख संस्थाएँ;
- करीब 800 वन स्टॉप सेंटर;
- 500 से ज्यादा सखी निवास (कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल);
- 400 से ज्यादा शक्ति सदन (मुश्किल में फँसी महिलाओं के लिए राहत और पुनर्वास गृह)।
आंगनवाड़ी ICDS और आंगनवाड़ी व्यवस्था के गाँव-स्तर के केंद्र हैं। यहाँ छोटे बच्चों को पूरक आहार, स्वास्थ्य जाँच और प्री-स्कूल की पढ़ाई मिलती है। इसीलिए मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत आने वाली जरूरतें ज्यादातर पोषण और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा से जुड़ी होती हैं। पोषण वाले पहलू को पोषण अभियान वाला नोट पूरे विस्तार से समझाता है।
ये जरूरतें असल में बिल्कुल ठोस होती हैं। 14 सितंबर 2026 को पोर्टल के होम पेज पर जरूरतों की श्रेणियाँ सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर से शुरू होती थीं, और उसमें ऐसी चीजें थीं:
- अतिरिक्त कमरे;
- लड़कियों, लड़कों, दिव्यांग बच्चों और स्टाफ के लिए शौचालय;
- पीने का पानी और ओवरहेड टंकियाँ;
- खेल के मैदान और रैंप;
- रसोई, खाना खाने की जगह और वर्षा जल संचयन।
योगदान देने वालों की तरफ, मंत्रालय ने पोर्टल को एक बड़े दायरे के सामने रखा: आम लोग, NRI, NGO और CSR का पैसा खर्च करने वाली कंपनियाँ। पुणे का कोई रिटायर्ड शिक्षक, जो एक खेल का मैदान बनवाना चाहता है, और CSR बजट वाली कोई कंपनी, दोनों एक ही स्क्रीन और मंजूरी की एक ही कड़ी से गुजरते हैं।
कौन रजिस्टर कर सकता है और किसे क्या चाहिए
चार श्रेणियाँ रजिस्टर कर सकती हैं, और हर एक का अपना फॉर्म है। रजिस्ट्रेशन में पहचान नंबर माँगे जाते हैं, स्कैन किए दस्तावेज नहीं। इसलिए शुरू करने से पहले सही नंबर तैयार रखिए।
| श्रेणी | “Register” स्क्रीन पर टैब | मुख्य ID जो माँगी जाती है | OTP से सत्यापन |
|---|---|---|---|
| व्यक्ति | Individual (From India) | PAN नंबर, साथ में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और जिला/क्षेत्र | ईमेल और मोबाइल |
| NRI | NRI | PAN, निवास का देश और पते का ब्योरा | ईमेल |
| NGO या NPO | NGO/NPO | NGO दर्पण ID, जो नीति आयोग जारी करता है | ईमेल |
| कंपनी या CSR संस्था | CSR | CSR रजिस्ट्रेशन नंबर, जो कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय जारी करता है | ईमेल |
इनमें से दो नंबर दूसरे सरकारी सिस्टम से आते हैं, और पोर्टल इन्हें आपके लिए जारी नहीं करेगा। NGO दर्पण ID वह यूनिक ID है जो किसी NGO को नीति आयोग के दर्पण प्लेटफॉर्म पर साइन-अप करने से मिलती है। यह प्लेटफॉर्म नीति आयोग चलाता है। CSR रजिस्ट्रेशन नंबर कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय तब बनाता है जब कोई संस्था फॉर्म CSR-1 भरती है। यह फॉर्म MCA पोर्टल पर भरा जाता है। CSR का काम जमीन पर करने वाली एजेंसियों का केंद्र सरकार के पास रजिस्ट्रेशन 1 अप्रैल 2021 से अनिवार्य है।
रजिस्ट्रेशन स्क्रीन पर पासपोर्ट नंबर का एक खाना भी है, साथ में यह नोट कि पासपोर्ट विदेश मंत्रालय जारी करता है। अगर आप विदेश से रजिस्टर कर रहे हैं, तो अपना पासपोर्ट पास रखिए।
पंखुड़ी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें
अगर आपका ID नंबर तैयार है और ईमेल और मोबाइल चालू हैं, तो पंखुड़ी पोर्टल रजिस्ट्रेशन में कुछ ही मिनट लगते हैं। नीचे के कदम उन्हीं लेबलों के हिसाब से लिखे गए हैं जो पोर्टल स्क्रीन पर दिखाता है।
- आधिकारिक साइट pankhudi.wcd.gov.in खोलिए और “Register” पर क्लिक कीजिए।
- अपना टैब चुनिए: “Individual (From India)”, “NRI”, “NGO/NPO” या “CSR”।
- फॉर्म भरिए। व्यक्ति को नाम, ईमेल, मोबाइल, PAN, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश और जिला/क्षेत्र भरना होता है। संगठन को अपना नाम, संगठन का प्रकार, रजिस्टर्ड पता और अपना दर्पण ID या CSR रजिस्ट्रेशन नंबर भरना होता है।
- ऐसा पासवर्ड बनाइए जिसमें कम से कम 1 बड़ा अक्षर (uppercase), 1 अंक और 1 विशेष चिह्न हो।
- “Validate Registration” पर क्लिक कीजिए। आपके ईमेल पर (और व्यक्तियों के लिए मोबाइल पर भी) जो OTP आता है, उसे 5 मिनट के भीतर डालिए।
- शर्तें स्वीकार कीजिए और “Submit” पर क्लिक कीजिए। लॉगिन की जानकारी आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर आ जाती है।
OTP की समय-सीमा ही वह कदम है जहाँ लोग सबसे ज्यादा अटकते हैं। अगर ईमेल स्पैम में चला जाए, तो पाँच मिनट बहुत कम पड़ते हैं। इसलिए “Validate Registration” पर क्लिक करने से पहले ही अपना इनबॉक्स खोलकर रखिए।
लॉगिन कैसे करें और पासवर्ड कैसे रीसेट करें
योगदानकर्ता अधिकारियों से अलग बटन से लॉगिन करते हैं, और सबसे पहले यही बात सही होनी चाहिए।
- होम पेज पर “Login” पर क्लिक कीजिए और “Individual/NRI/CSR/NGO Login” चुनिए। दूसरा विकल्प, “Administrator/Ministry/State/District Login”, सिर्फ अधिकारियों के लिए है।
- अपना रजिस्टर्ड ईमेल डालिए, या “Mobile Login” टैब पर जाकर अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन कीजिए।
- पासवर्ड और CAPTCHA डालिए, फिर “Login” पर क्लिक कीजिए।
अगर पासवर्ड भूल गए हैं, तो “Forgot Password” पर क्लिक कीजिए। फिर रजिस्टर्ड ईमेल और CAPTCHA डालकर “Submit” पर क्लिक कीजिए। नया पासवर्ड ईमेल पर आता है। पंखुड़ी पोर्टल लॉगिन के बाद इसे अपनी प्रोफाइल से बदल लीजिए, क्योंकि ईमेल से आया पासवर्ड इस्तेमाल में बने रहना ठीक नहीं।
किसी लाइव प्रोजेक्ट में योगदान कैसे दें
लाइव प्रोजेक्ट वह जरूरत है जिसे कोई अधिकारी पहले ही बनाकर मंजूर कर चुका है। योगदान देने का मतलब है उस जरूरत का कुछ हिस्सा या पूरा हिस्सा देने का वादा करना।
- लॉगिन के बाद बाईं साइडबार से “Live Projects” खोलिए (यह “Project Search” या “Explore Projects” नाम से भी दिख सकता है)।
- मिशन, श्रेणी, राज्य, जिला, प्रोजेक्ट का शीर्षक, प्रोजेक्ट UID या विवरण से फिल्टर कीजिए, फिर “Search” पर क्लिक कीजिए।
- किसी प्रोजेक्ट कार्ड पर “View Details” पर क्लिक कीजिए। इस पेज पर प्रोजेक्ट के उद्देश्य, जरूरी मदद, जगह और उसकी स्थिति दिखती है।
- “Contribute” पर क्लिक कीजिए। “Contribution Form” में प्रोजेक्ट की हर मद (line item) की सूची होती है।
- हर मद के लिए अपनी मात्रा और टिप्पणी डालिए, फिर “Submit” पर क्लिक कीजिए। बाद में पूरा करना हो, तो “Draft” चुनिए।
कुछ प्रोजेक्ट पर “Open for partial contribution?” का निशान दिखता है। इसे पहले देख लेना फायदेमंद है। अगर आंशिक योगदान की छूट है, तो 10 शौचालय बनवा सकने वाली कंपनी को 200 शौचालय माँगने वाला पूरा प्रोजेक्ट अपने सिर नहीं लेना पड़ता।
प्रस्ताव अनुरोध कैसे भेजें
जब आप कुछ देना चाहते हैं, लेकिन उसके लिए अभी कोई प्रोजेक्ट बना ही नहीं है, तब प्रस्ताव अनुरोध (“Proposal Request”) काम आता है। आप उसका प्रस्ताव रखते हैं, और सरकार की तरफ से तय होता है कि उसे लिया जाए या नहीं।
- लॉगिन कीजिए, “My Proposals” खोलिए और “Add Proposal Request” पर क्लिक कीजिए।
- जरूरी खाने भरिए: मिशन, योजना, राज्य, जिस अधिकारी (User) को प्रस्ताव जाना है, और विवरण। जहाँ लागू हो, वहाँ जिला भी चुनिए।
- किसी खास संस्था की मदद करनी है, तो पहले संस्थाओं वाले टैब में उसे खोजिए और विवरण में उसका नाम लिखिए। स्क्रीन पर खुद यही सलाह दी गई है।
- सहेजने के लिए “Draft” पर क्लिक कीजिए, या समीक्षा के लिए भेजने को “Submit” पर।
हर प्रस्ताव को दो स्तरों की मंजूरी से गुजरना होता है। एक जिले वाला प्रस्ताव जिला यूजर से जिला समीक्षक के पास जाता है। राज्य-स्तर का या कई जिलों वाला प्रस्ताव राज्य यूजर से राज्य समीक्षक के पास जाता है। पोर्टल इन भूमिकाओं को “Maker” और “Checker” कहता है। यानी एक अधिकारी फैसला तैयार करता है और दूसरा उसकी जाँच करता है, ठीक वैसे ही जैसे बैंक का कोई चेक दो दस्तखत माँगता है। लेकिन यह मिसाल दस्तखत तक ही ठीक बैठती है, क्योंकि दोनों में से कोई भी स्तर प्रस्ताव को सवालों के साथ वापस भी भेज सकता है।
“Submit” पर क्लिक करने से पहले दो नियमों पर ध्यान दीजिए। प्रस्ताव तभी तक डिलीट हो सकता है जब तक वह “Draft” में है। और अंतिम मंजूरी को पोर्टल से पलटा नहीं जा सकता, इसलिए विवरण दो बार पढ़ लीजिए।
स्थिति कैसे ट्रैक करें और डिलीवरी कैसे अपडेट करें
आप जो भी देने का वादा करते हैं, वह “My Contributions” में दिखता है, और जो भी प्रस्ताव रखते हैं, वह “My Proposals” में। हर चीज के साथ उसकी स्थिति (status) लिखी होती है, और हर बदलाव पर आपको ईमेल आता है।
| आप क्या ट्रैक कर रहे हैं | पोर्टल पर दिखने वाली स्थितियाँ |
|---|---|
| प्रस्ताव | Under Review, Forwarded by (L1), Clarification Sought, Approved |
| योगदान | Under Review, Clarification Asked, Forwarded (L1/L2/L3), Approved, Rejected |
| डिलीवरी | Yet Not Started, Saved as Draft, Approved |
योगदान मंजूर हो जाने के बाद भी काम खत्म नहीं होता। आपको सामान पहुँचाना है और डिलीवरी दर्ज करनी है:
- “My Contributions” खोलिए, मंजूर हुआ योगदान ढूँढ़िए और “Action” कॉलम में “Delivery Update” पर क्लिक कीजिए।
- हर मद के लिए पहुँचाई गई मात्रा, डिलीवरी की तारीख और टिप्पणी डालिए।
- “Submit” पर क्लिक कीजिए। अगर अभी कुछ ही सामान संस्था तक पहुँचा है, तो “Save as Draft” चुनिए।
- कोई अधिकारी “Delivery Status” टैब देखकर डिलीवरी मंजूर करता है। फिर योगदान पर “Delivery Approved” लिख जाता है और आपको ईमेल मिलता है।
डिलीवरी के बाद “Delivery View” पेज पर “Feedback” बटन से आप 500 अक्षरों तक की राय और एक तस्वीर भेज सकते हैं। एडमिनिस्ट्रेटर इसे मुख्य साइट के “Success Story” सेक्शन में छाप सकता है।
दस्तावेज, फीस और समय-सीमा
योगदानकर्ता की तरफ कागजी काम हल्का है। रजिस्ट्रेशन में सिर्फ ऊपर की तालिका वाले ID नंबर चाहिए। जहाँ पोर्टल फाइलें माँगता है, जैसे किसी गतिविधि या प्रोजेक्ट के साथ लगे दस्तावेज, वहाँ सीमा हर फाइल 3 MB है। फाइल PDF, Word (DOC/DOCX) या JPG और PNG जैसे इमेज फॉर्मेट में होनी चाहिए।
पोर्टल पर कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं दिखाई गई है। उसमें कहीं कोई पेमेंट स्क्रीन भी नहीं है, क्योंकि पोर्टल पैसे का काम करता ही नहीं।
मंजूरी के लिए कोई तय समय-सीमा भी नहीं है। पोर्टल का अपना FAQ कहता है कि मंजूरी का समय इस पर निर्भर है कि आपके योगदान की समीक्षा कितने स्तरों पर होती है, और कोई समीक्षक स्पष्टीकरण माँगता है या नहीं। उसकी व्यावहारिक सलाह भी समझदारी भरी है: अपनी प्रोफाइल अपडेट रखिए, वादा करने से पहले प्रोजेक्ट का ब्योरा पढ़िए और रसीदें और पावतियाँ सँभालकर रखिए, क्योंकि कंपनी को अपने CSR रिकॉर्ड के लिए इनकी जरूरत पड़ेगी।
आम गलतियाँ और उनका हल
ज्यादातर रजिस्ट्रेशन कुछ ऐसी गलतियों से अटकते हैं जिनसे आसानी से बचा जा सकता है।
| समस्या | क्या करें |
|---|---|
| FAQ में दिए लिंक से लॉगिन पेज नहीं खुलता | pankhudi.wcd.gov.in इस्तेमाल कीजिए। FAQ में pankhudi.mwcd.gov.in लिखा है, जो 14 सितंबर 2026 को जाँचने पर नहीं खुला |
| “Invalid PAN format” | ABCDE1234F के रूप में 10 अक्षर डालिए, सब कैपिटल में |
| मोबाइल नंबर स्वीकार नहीं हुआ | देश कोड के बिना सही 10 अंकों का नंबर डालिए |
| “This email is already registered” | उस ईमेल पर पहले से खाता है; दोबारा रजिस्टर करने के बजाय “Forgot Password” इस्तेमाल कीजिए |
| “Invalid Email OTP” या “Invalid Mobile OTP” | “Resend OTP” पर क्लिक कीजिए और नया कोड 5 मिनट के भीतर डालिए |
| CAPTCHA पढ़ा नहीं जा रहा | उसके बगल वाले रिफ्रेश आइकन पर तब तक क्लिक कीजिए जब तक साफ कोड न दिखे |
| “No user has been assigned to handle this proposal request” | उस मिशन और इलाके के लिए अभी कोई अधिकारी जोड़ा नहीं गया है; मंत्रालय से संपर्क कीजिए |
| आप पैसा भेजना चाहते हैं | पोर्टल पैसा नहीं ले सकता; उसकी जगह उतनी ही कीमत का सामान या सेवाएँ देने की पेशकश कीजिए |
शिकायत कहाँ करें या मदद कहाँ माँगें
किसी खास प्रोजेक्ट से जुड़ी समस्या “Raise Your Query” से भेजी जाती है। यह बटन प्रोजेक्ट के ब्योरे वाले पेज पर नीचे दाईं तरफ होता है।
- “Query” या “Complaint” चुनिए।
- किसे भेजना है, यह चुनिए: जिला नोडल अधिकारी या राज्य नोडल अधिकारी।
- विषय और 1,500 अक्षरों तक का संदेश लिखिए, फिर “Send” पर क्लिक कीजिए।
- जवाब अपने डैशबोर्ड पर “My Complaints/Queries” में ट्रैक कीजिए। वहाँ स्थिति (“Open” या “Close”), मामला कितने दिन से लंबित है और जवाब की तारीख दिखती है।
पोर्टल से जुड़ी समस्याओं के लिए संपर्क पेज पर मंत्रालय में पंखुड़ी पोर्टल डेस्क का नंबर 011-23388715 दिया गया है। मंत्रालय का डाक पता है: शास्त्री भवन, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली 110001।
पोर्टल तीन राष्ट्रीय हेल्पलाइन भी दिखाता है: महिलाओं के लिए 181, बच्चों के लिए 1098, और पोषण व PMMVY के लिए 1515। ये उन लोगों के लिए हैं जिन्हें मदद चाहिए, पोर्टल की गड़बड़ियों के लिए नहीं। इसलिए इनसे यह उम्मीद मत कीजिए कि ये OTP न आने की समस्या सुलझा देंगी।
पंखुड़ी पोर्टल क्या नहीं करता
लॉन्च की खबरों से जितना लगता है, पोर्टल उससे कहीं ज्यादा सीमित है। पाठक पाँच जगह गलत समझ बैठते हैं।
- यह पैसा नहीं लेता। न नकद, न ऑनलाइन पेमेंट, न बैंक ट्रांसफर, कुछ भी इससे होकर नहीं गुजरता।
- यह NGO को पैसा नहीं देता। NGO यहाँ मदद देने वाले योगदानकर्ता के रूप में रजिस्टर होता है, अनुदान के आवेदक के रूप में नहीं। कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुँचाने में नागरिक समाज और NGO की भूमिका इस एक रास्ते से कहीं बड़ी है।
- यह दर्पण ID या CSR नंबर जारी नहीं करता। ये पहले नीति आयोग और MCA से लेने होते हैं।
- यह किसी कंपनी का CSR पालन तय नहीं करता। वह कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 135 से तय होता है।
- इसके मैनुअल में नमूना डेटा है। FAQ में साफ लिखा है कि यूजर मैनुअल के स्क्रीनशॉट सिर्फ दिखाने के लिए हैं।
CSR वाली बात के पीछे कानून की एक पंक्ति जरूरी है। धारा 135 उस कंपनी पर लागू होती है जिसकी नेट वर्थ 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा हो, टर्नओवर 1,000 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा हो, या शुद्ध लाभ 5 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा हो। ऐसी कंपनी को पिछले 3 साल के औसत शुद्ध लाभ का कम से कम 2 प्रतिशत अनुसूची VII में दी गई गतिविधियों पर खर्च करना होता है। यह नियम 1 अप्रैल 2014 से लागू है। CSR आज भी बोर्ड के फैसलों और खुलासे (disclosure) पर चलने वाली व्यवस्था है, जिसकी रिपोर्ट MCA को जाती है। पूरा ढाँचा CSR वाले नोट में है। कोई खास वस्तु रूप में योगदान कंपनी के 2 प्रतिशत में गिना जाएगा या नहीं, यह इन्हीं नियमों के तहत उसका बोर्ड तय करता है। पोर्टल के पेज इस बारे में कुछ नहीं कहते।
पंखुड़ी पोर्टल आज कहाँ खड़ा है
पोर्टल अभी नया है, और शुरुआती आँकड़े छोटे हैं। लॉन्च के एक महीने से भी कम समय में, 3 फरवरी 2026 तक, 38 योगदानकर्ता रजिस्टर हुए थे। यह बात मंत्री ने 6 फरवरी 2026 को लोकसभा में बताई। पैमाना समझने के लिए: एक तरफ 38 योगदानकर्ता हैं, और दूसरी तरफ 14 लाख से ज्यादा आंगनवाड़ी केंद्र, जिनकी सेवा के लिए पोर्टल बना है।
अब तक मंत्रालय की मेहनत सिर्फ जनता पर नहीं, अधिकारियों पर भी लगी है। उसने राज्य और जिला स्तर के कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और हाथ पकड़कर सिखाने वाले सत्र चलाए हैं। राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठकें की हैं। और सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान के मुख्य कोर्सों में पंखुड़ी का एक मॉड्यूल जोड़ा है। यह मंत्रालय का ट्रेनिंग संस्थान है, जिसका नाम समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले के नाम पर रखा गया है।
यह क्रम समझ में आता है। किसी योगदानकर्ता का वादा तब तक कहीं नहीं पहुँचता जब तक जिले का कोई अधिकारी जरूरत पोस्ट न करे और उसे मंजूर करने के लिए मौजूद न हो। “No user has been assigned” वाला संदेश दिखाता है कि वह अधिकारी न हो तो क्या होता है। योगदानकर्ताओं के लिए सबक यह है: एक जिले और एक संस्था से शुरुआत कीजिए, और अपने बोर्ड से कोई वादा करने से पहले जाँच लीजिए कि उस संस्था की जरूरत पोर्टल पर लाइव है। जो कंपनियाँ सोच रही हैं कि अपना CSR पैसा कहाँ लगाएँ, उनके लिए CSR फाइलिंग के रुझान दिखाते हैं कि स्वास्थ्य और शिक्षा में पहले से कितनी भीड़ है। पंखुड़ी पोर्टल मंत्रालय की कोशिश है कि उस मदद का ज्यादा हिस्सा महिलाओं और बच्चों की तरफ मुड़े।
सामान्य प्रश्न
पंखुड़ी पोर्टल क्या है?
पंखुड़ी पोर्टल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की सिंगल-विंडो वेबसाइट है, जिसका पता pankhudi.wcd.gov.in है। इसके जरिए आम लोग, NRI, NGO और CSR संस्थाएँ मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति के तहत आने वाली संस्थाओं को वस्तु रूप में मदद दे सकते हैं। योगदानकर्ता रजिस्टर करते हैं, कोई लाइव प्रोजेक्ट चुनते हैं या नया प्रस्ताव रखते हैं, और फिर मंजूरी और डिलीवरी को ऑनलाइन ट्रैक करते हैं।
पंखुड़ी पोर्टल किसने और कब लॉन्च किया?
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने 8 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में पंखुड़ी पोर्टल लॉन्च किया। लॉन्च के समय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और सचिव अनिल मलिक मौजूद थे। मंत्रालय ने इसे CSR और साझेदारी को आसान बनाने वाला एक एकीकृत पोर्टल बताया।
क्या पंखुड़ी पोर्टल पर पैसा दान किया जा सकता है?
नहीं। पंखुड़ी पोर्टल किसी भी तरह का नकद या पैसों वाला योगदान नहीं लेता। मदद सिर्फ वस्तु रूप में दी जाती है, यानी सामान, परिसंपत्तियाँ, उपकरण, गतिविधियाँ या सेवाएँ। मंजूरी मिलने के बाद योगदानकर्ता इसे सीधे संस्था तक पहुँचाता है।
पंखुड़ी पोर्टल पर कौन रजिस्टर कर सकता है?
चार श्रेणियाँ रजिस्टर कर सकती हैं: "Individual (from India)", "NRI", "NGO/NPO" और "CSR"। "Register" स्क्रीन पर हर श्रेणी का अपना टैब है, जिसमें उसके अपने खाने हैं। सरकारी अधिकारी एक अलग प्रशासनिक लॉगिन इस्तेमाल करते हैं।
पंखुड़ी पोर्टल रजिस्ट्रेशन के लिए कौन-सी जानकारी चाहिए?
व्यक्ति को PAN, ईमेल, मोबाइल नंबर और अपना राज्य और जिला चाहिए। NRI को PAN और निवास का देश चाहिए। NGO को नीति आयोग से मिला NGO दर्पण ID चाहिए, और कंपनी को कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय से मिला CSR रजिस्ट्रेशन नंबर। सत्यापन OTP से होता है, जिसे 5 मिनट के भीतर डालना होता है।
पंखुड़ी पोर्टल में लॉगिन कैसे करें?
pankhudi.wcd.gov.in खोलिए, "Login" पर क्लिक कीजिए और "Individual/NRI/CSR/NGO Login" विकल्प चुनिए। अपना रजिस्टर्ड ईमेल डालिए या "Mobile Login" टैब पर जाइए, फिर पासवर्ड और CAPTCHA डालिए। अगर पासवर्ड भूल गए हैं, तो "Forgot Password" लिंक आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर नया पासवर्ड भेज देता है।
पंखुड़ी पोर्टल पर अपना योगदान या प्रस्ताव कैसे ट्रैक करें?
योगदानकर्ता के डैशबोर्ड पर योगदान "My Contributions" में और प्रस्ताव "My Proposals" में दिखते हैं। हर एक के साथ "Under Review", "Clarification Sought", "Forwarded" या "Approved" जैसी स्थिति दिखती है, और हर कदम पर पोर्टल ईमेल भेजता है। डिलीवरी अलग से ट्रैक होती है। जब कोई अधिकारी उसकी जाँच कर लेता है, तो उस पर "Delivery Approved" लिख जाता है।
क्या कोई NGO पंखुड़ी पोर्टल से फंडिंग पा सकता है?
नहीं। NGO पंखुड़ी पोर्टल पर ऐसे योगदानकर्ता के रूप में रजिस्टर होता है जो सामान या सेवाएँ देता है, अनुदान के आवेदक के रूप में नहीं। पोर्टल से कोई पैसा नहीं गुजरता, इसलिए कोई NGO अपने कार्यक्रमों के लिए पैसा जुटाने में इसका इस्तेमाल नहीं कर सकता।
पंखुड़ी पोर्टल की किसी समस्या की शिकायत कहाँ करें?
प्रोजेक्ट के ब्योरे वाले पेज पर "Raise Your Query" बटन इस्तेमाल कीजिए। "Query" या "Complaint" चुनिए और इसे जिला या राज्य नोडल अधिकारी को भेजिए। जवाब आपके डैशबोर्ड पर "My Complaints/Queries" में दिखते हैं। पूरे पोर्टल से जुड़ी समस्याओं के लिए संपर्क पेज पर मंत्रालय की पंखुड़ी डेस्क का नंबर 011-23388715 दिया गया है।