भारत-आसियान संबंध भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) की आधारशिला है। आसियान (ASEAN — Association of Southeast Asian Nations) 10 देशों का संगठन है जो दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित है और इस क्षेत्र में भारत के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक भागीदारों में से एक है।
ऐतिहासिक विकास
- 1991: ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ — नरसिम्हा राव सरकार।
- 1992: आसियान का क्षेत्रीय भागीदार।
- 1996: वार्ता भागीदार (Dialogue Partner)।
- 2002: आसियान-भारत शिखर सम्मेलन।
- 2012: रणनीतिक भागीदारी (Strategic Partnership)।
- 2014: ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ — मोदी सरकार।
- 2022: व्यापक रणनीतिक भागीदारी (Comprehensive Strategic Partnership)।
आर्थिक संबंध
- ASEAN-India FTA (AIFTA, 2010): वस्तुओं में मुक्त व्यापार।
- द्विपक्षीय व्यापार: $131 बिलियन (2022-23)।
- भारत का आसियान से व्यापार घाटा — FTA की समीक्षा की माँग।
- आसियान-भारत में 8% FDI।
रणनीतिक और रक्षा सहयोग
- समुद्री सुरक्षा — हिंद महासागर और दक्षिण चीन सागर।
- साझा चिंता: चीन की बढ़ती आक्रामकता।
- HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सहयोग।
- भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक।
संपर्क परियोजनाएँ
- भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग।
- कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट।
- BIMSTEC: बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, भूटान।
चुनौतियाँ
- व्यापार घाटा — FTA का असंतुलित लाभ।
- संपर्क की धीमी गति — म्यांमार संकट।
- RCEP से भारत का बाहर निकलना (2019) — संबंधों पर असर।
- आसियान केंद्रीयता बनाम भारत की प्राथमिकताएँ।
यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु
- एक्ट ईस्ट पॉलिसी: 2014 (मोदी) — लुक ईस्ट (1991, राव) का उत्तराधिकारी।
- AIFTA 2010: वस्तु व्यापार।
- 2022: व्यापक रणनीतिक भागीदारी।
- व्यापार: $131 बिलियन (2022-23)।
- चुनौती: व्यापार घाटा, RCEP, संपर्क।
- आसियान के 10 देश: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार, कंबोडिया।
सामान्य प्रश्न
भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी क्या है?
2014 में PM मोदी द्वारा घोषित एक्ट ईस्ट पॉलिसी 1991 की लुक ईस्ट पॉलिसी का अधिक सक्रिय संस्करण है — जो दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को गहरा करती है।
आसियान-भारत FTA क्या है?
ASEAN-India Free Trade Agreement (AIFTA, 2010) वस्तुओं में मुक्त व्यापार का समझौता है। परंतु भारत का आसियान के साथ व्यापार घाटा बना हुआ है।