UPSC CSE 2026 Essay Paper Discussion

भारत में बहुउद्देशीय बाँध: लाभ, चिंताएँ और यूपीएससी नोट्स (यूपीएससी पर्यावरण)

भारत के प्रमुख बहुउद्देशीय बाँधों का विश्लेषण — उनके लाभ, पर्यावरणीय और सामाजिक चिंताएँ, और यूपीएससी के लिए प्रमुख तथ्य।

Multipurpose Dams in India: Benefits, Concerns and UPSC Notes (UPSC Environment) — UPSC featured image

बाँध भारत के विकास की कहानी के अभिन्न अंग रहे हैं। पंडित नेहरू ने उन्हें “आधुनिक भारत के मंदिर” कहा था। परंतु आज बड़े बाँधों के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर गंभीर बहस चल रही है। यूपीएससी में यह विषय भूगोल, पर्यावरण और समाज तीनों दृष्टिकोणों से पूछा जाता है।

बहुउद्देशीय बाँध क्या हैं?

बहुउद्देशीय बाँध (Multipurpose Dams) वे बाँध हैं जो एक साथ अनेक उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं — जैसे सिंचाई, पेयजल, जलविद्युत, बाढ़ नियंत्रण, नौपरिवहन और पर्यटन।

भारत के प्रमुख बहुउद्देशीय बाँध

बाँधनदीराज्यविशेषता
भाखड़ा-नांगलसतलुजहिमाचल/पंजाबएशिया का सबसे ऊँचा गुरुत्व बाँध
हीराकुडमहानदीओडिशाविश्व का सबसे लंबा मिट्टी का बाँध
नागार्जुनसागरकृष्णातेलंगानाविश्व का सबसे बड़ा चिनाई बाँध
इंदिरा सागरनर्मदामध्य प्रदेशभारत का सबसे बड़ा जलाशय
सरदार सरोवरनर्मदागुजरातबड़े विरोध का केंद्र
तेहरी बाँधभागीरथीउत्तराखंडभारत का सबसे ऊँचा बाँध

बाँधों के लाभ

  • सिंचाई: हरित क्रांति में महत्त्वपूर्ण भूमिका।
  • जलविद्युत: स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा।
  • बाढ़ नियंत्रण: निचले क्षेत्रों की सुरक्षा।
  • पेयजल आपूर्ति: शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को।
  • मत्स्यपालन और पर्यटन

बाँधों की चिंताएँ

विस्थापन

भारत में बड़े बाँधों के कारण 4–5 करोड़ लोग विस्थापित हुए हैं। इनमें अधिकांश आदिवासी और गरीब हैं। पर्याप्त पुनर्वास अभी भी एक बड़ी समस्या है।

पारिस्थितिक क्षति

जलाशयों में जैव विविधता का नुकसान, मछलियों के प्रवासन में बाधा, तलछट जमाव और नदी के प्रवाह में बदलाव।

भूकंप जोखिम

बड़े जलाशयों का भार भूकंपीय गतिविधि को प्रेरित कर सकता है — इसे जलाशय-प्रेरित भूकंपीयता (Reservoir Induced Seismicity) कहते हैं।

जलभराव और लवणता

अत्यधिक सिंचाई से मिट्टी में जलभराव और लवणता बढ़ती है जो उर्वरता नष्ट करती है।

विश्व बाँध आयोग की रिपोर्ट (2000)

इस रिपोर्ट ने माना कि बड़े बाँधों के लाभ वास्तविक हैं, परंतु उनकी सामाजिक और पर्यावरणीय कीमत अनुमान से अधिक रही है। इसने विस्थापितों के पुनर्वास, पर्यावरणीय प्रवाह और सहभागी निर्णय की सिफारिश की।

यूपीएससी के लिए महत्त्वपूर्ण बिंदु

  • बहुउद्देशीय = सिंचाई + जलविद्युत + बाढ़ नियंत्रण + पेयजल।
  • प्रमुख बाँध: भाखड़ा-नांगल, हीराकुड, नागार्जुनसागर, तेहरी, सरदार सरोवर।
  • चिंताएँ: विस्थापन, पारिस्थितिकी, भूकंप, लवणता।
  • विश्व बाँध आयोग 2000 की सिफारिशें।
  • नर्मदा बचाओ आंदोलन: पर्यावरण आंदोलन का महत्त्वपूर्ण उदाहरण।

सामान्य प्रश्न

बहुउद्देशीय बाँध क्या होते हैं?

बहुउद्देशीय बाँध एक साथ अनेक उद्देश्य पूरे करते हैं — सिंचाई, जलविद्युत, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल और पर्यटन।

भारत के बाँधों से प्रमुख चिंताएँ क्या हैं?

विशाल विस्थापन, जैव विविधता की हानि, जलाशय-प्रेरित भूकंपीयता और मिट्टी में जलभराव एवं लवणता भारत के बड़े बाँधों की प्रमुख समस्याएँ हैं।

Share this

PDF

Gaurav Tiwari

Written by

Gaurav Tiwari

UPSC Content Team Head · Web Developer & Designer · AnantamIAS

Recognized as one of India’s best content marketers, Gaurav Tiwari is an SEO strategist, WordPress developer, and founder of Gatilab. He builds websites that load in under a second, creates content that ranks on Google’s first page, and develops WordPress plugins and tools used on thousands of live sites.

Specialises in · Writing, web development, design — UPSC prep tooling Experience · 16+ years Visit website ↗

UPSC की तैयारी हिंदी माध्यम में — एक निशुल्क डेमो क्लास

न कोई सेल्स कॉल, न कोई ब्रोशर। सोमवार सुबह की असली GS क्लास देखिए — हमारे अनुभवी शिक्षकों के साथ।